‌‌‌200 dosti todne ki shayari  दोस्ती तोड़ने वाली शायरी के बारे मे जाने

दोस्ती तोड़ने की शायरी ,dosti todne ki shayari यदि हम बात करें दोस्ती तोड़ने की तो दोस्ती कई बार टूट जाती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए। क्योंकि कई बार हमारे इस तरह के दोस्त बन जाते हैं।जोकि हमें पसंद नहीं आते हैं। ऐसी स्थिति के अंदर दोस्ती टूट जाती है। ‌‌‌और दोस्ती जब टूट जाती है तो कई बार काफी अधिक दुख होता है।इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और आप इस बात को समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा ।

‌‌‌हर जगह होता है कचरा

इस वजह से हो जाता है जिदंगी का रस्ता संकरा

हमारी दोस्ती तोड़ने के लिए

दुश्मन और दोस्तों के बीच कुछ पक रहा ।

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‌‌‌बच्चे के जन्मने के दर्द का एहसास नहीं

होता है मर्द को

सहन नहीं कर पा रहे हैं  हम दोस्ती टुटने के दर्द को ।

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‌‌‌भंवरे से एक कली निखर जाती है।

अच्छी दोस्ती टूट जाए तो जिंदगी बिखर जाती है।

मिले अच्छे अच्छे दोस्त तो जिदंगी निखर जाती है।

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‌‌‌जो दोस्त दुश्मनों से मिल जाए उसे फिदा कहते हैं

‌‌‌अंतिम बार हम तुमको अलविदा कहते हैं

और जो दोस्त दोस्त की बुराई करे उसे निंदा कहते है।

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‌‌‌हर किसी का झूठा अल्फाज नहीं होता

जिंदगी मे हर दोस्त दगाबाज नहीं होता ।

और हर दोस्त आपकी तरह हमारी आवाज नहीं होता ।

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‌‌‌वक्त के साथ मजबूत धागे भी टूट जाते हैं

वक्त के साथ अपने भी पीछे छूट जाते हैं

और वक्त के साथ पुराने दोस्त भी रूठ जाते हैं।

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‌‌‌दोस्ती तोड़ने की पहल आपने की थी

फिर भी हमारी जिदंगी सहल आपने की थी।

और कुछ कमीने दोस्तों ने हमारी जिंदगी बहल की थी।

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‌‌‌जिनके दिल मे दगाबाजी हो वो दगाबाज होंगे

जो दोस्त दुश्मन से मिले हैं उनके दिलों मे राज होगे ।

हम कभी नहीं तोड़ेंगे दोस्ती आपसे यही

हमारे अंतिम अल्फाज होंगे ।

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‌‌‌कर्म ऐसे करते ही क्यों हो की शर्म आ जाए

ऐसे वर्ड बोलते ही क्यों हो की बीच मे धर्म आ जाए ।

ऐसी दोस्ती करते ही क्यों हो जिसका मर्म आ जाए ।

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‌‌‌अगर दोस्ती टूट जाए तो अफासोस मत करना

अगर दुखी है दिल तो अपने पर खरोंच मत करना ।

दोस्त तो आते जाते रहते हैं यार ज्यादा सोच मत करना ।

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‌‌‌वक्त के साथ शरीर बदलता है

और वक्त के साथ तकदीर बदलता है।

और पुराने दोस्त दोस्ती तोड़दें

तो जिदंगी का नीर बदलता है।

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‌‌‌दोस्त पर मुश्बित आ जाए तो पीछे हटते नहीं हम

दोस्त ही हमसे कट जाते हैं लेकिन दोस्तों से कटते नहीं हम

 दोस्ती की है तो दोस्त रहेंगे  दुश्मनों मे बंटते नहीं हम ।

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‌‌‌टूटे हुए हार का कोई उपयोग नहीं होता ।

दोस्ती टूटना कोई संयोग नहीं होता ।

करना सच्ची दोस्ती यारो दोस्ती मे कोई रोग नहीं होता ।

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‌‌‌वक्त के साथ हर चीज का पतन होता है

‌‌‌टूटी दोस्ती को जोड़ने का व्यर्थ जतन होता है।

मरने वाले कब जिंदा होते हैं उनके उपर तो कफन होता है।

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‌‌‌अंधरे से डर लगता है शनम

इसलिए तो दिया जलाते हैं हम

आपने दोस्ती तोड़ दी

हमने तो साथ दिया था हरदम ।

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‌‌‌आपकी दोस्ती तोड़ने की वजह क्या है

जरा हमें भी एक बार बतादो ।

नहीं आएंगे फिर से आपकी जिदंगी मे

बस एक बार इस रहस्य से पर्दा हटा दो ।

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‌‌‌दूसरों के घरों मे आग बुझाते बुझाते

पता नहीं चला कब हमारे घर मे आग लग गया ।

टूट दोस्ती तो हमारे उपर भी झूठी

दोस्ती करने का दाग लग गया ।

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‌‌‌झूठ बोलने के बाद सच की ताकत को जाना

दोस्ती टूटने के बाद हमारी हिमाकत को जाना

दोस्तों के चक्रों मे कंगाल हो गए आज

उस लागत को जाना ।

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‌‌‌सच्ची दोस्ती टूटने का दर्द बहुत है

समझ ना पाए आपकी दोस्ती को यार

हमारी जिदंगी मे गर्द बहुत है।

आज दुखी है मन लगता है सर्द बहुत है।

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‌‌‌दोस्ती टूट जाने के बाद याद आती हैं वो पुरानी बातें ।

अब दिन तो कट जाता है लेकिन नहीं कटती हैं रातें ।

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‌‌‌हम कितने मूर्ख हैं यारो

‌‌‌खुद की दोस्ती मे खुद ही आग लगाई है

और कुछ नहीं किया हमनें

यह मूर्खता करके बस दुनिया हंसाई है।

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‌‌‌अगर झूठी दोस्ती टूट जाती है

तो आंख मे आंसू नहीं आता ।

मगर वही दोस्ती अगर सच्ची

तो तो खाना तक नहीं भाता ।

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‌‌‌कुछ दोस्तों ने हमारे दिल के

टुकड़े कर दिये ।

जो अब कभी मुस्कुरा ना सकेंगे

ऐसे मुखड़े कर दिये ।

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‌‌‌दुश्मनों ने मारा हथोड़ा

तो दोस्ती के टुकड़े हो गए ।

आज हम आपको बता नहीं

सकते ऐसे ऐसे दुखड़े हो गए ।

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‌‌‌हर पौधे का एक बीज होता है

हजारों दोस्तों मे एक बतमीज होता है

और वक्त आने पर दोस्ती जैसा

रिश्ता  भी फ्रिज होता है।

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‌‌‌दिल की तन्हाई को आवाज बना लेते हैं

अरे दोस्ती टूट गई तो क्या हुआ

शकुन के दो पल के लिए गा लेते हैं।

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तारों में चमक, फूलो में रंगत ना रहेगी

अरे कुछ भी नहीं रहेगा अगर आपकी दोस्ती नहीं रहेगी ।

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‌‌‌जो भाता है उसे अपना बना लेते हैं

और जो दोस्त रूठ कर जाता है उसे मना लेते हैं

दोस्तों का मन रखने के लिए दोस्ती निभा लेते हैं।

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‌‌‌दर्द जब हद से गुजर जाए तो कहना

बिन दोस्त के कठिन होता है रहना

टूट गई दोस्ती मगर उसका दर्द

तो बाकी है अभी सहना ।

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‌‌‌ऐसी दोस्ती ना करो यारो कि दोस्ती बदनाम हो जाए ।

दोस्ती करो ऐसी कि उसका खुदा से भी उंचा नाम हो जाए

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‌‌‌सच्चा दोस्त जहां मिलता है वहां सर झुका लेते हैं

जो बेचते हैं फेरीवाले आपकी दोस्ती , उन्हें रूका लेते हैं

और जब दोस्त तोड़ता है दोस्ती , तो

उसकी याद मे खुद को सुखा लेते हैं।

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हुस्न वालों में ये मशहूर आदत अपनी

हर किसी से कहाँ मिलती है तबीयत अपनी

की है दोस्ती आपसे तो तोड़ेंगे नहीं

सदा है दोस्तों के नाम की माला जपनी ।

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‌‌‌ऐ दोस्ती तोड़कर जाने वाले दोस्त सुन जरा

बैठ कर गम की तनहाईयों में, फिर तेरे बारे में सोचा करेंगे

नाम लिखकर हथेली पर , याद आने पर उसे नोचा करेंगे

अगर तू नही मिलेगा तो मां कसम आज कुछ ना कुछ लोचा करेंगे ।

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‌‌‌हे दोस्त हमने आपकी दोस्ती को खुदा माना

फिर भी तोड़दी आपने दोस्ती हमारी

चलो अच्छा हुआ आपकी दोस्ती को पहचाना ।

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‌‌‌कहते हैं एक बार भगवान सबको मिलता है।

कहते हैं जिदंगी मे सच्चा यार सबको मिलता है

कोई उसे पहचान लेता है और कोई नहीं पहचान पाता ।

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‌‌‌आपकी दोस्ती टूटने का दुख तो बहुत है

पर बताएंग किसे

अब उम्र भर याद आएंगे हमें

आपकी दोस्ती के किस्से ।

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‌‌‌खुद की पहचान है दोस्ती

दिल मे धड़कती जान है दोस्ती

जब से अलग हुए हैं आप

बहुत परेशान है दोस्ती ।

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‌‌‌कहते हैं खुदा की कोई पहचान नहीं होती

दोस्त हैं तो जिदंगी परेशान नहीं होती ।

आप जैसा दोस्त मिला हमें वरना

जिदंगी इतनी मेहरबान नहीं होती ।

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‌‌‌टूटी दोस्ती का दिल मे गम था

आंखों के आसूंओं से चेहरा नम था।

चलो इतने दिन दोस्ती निभादी आपने

यही क्या कम था।

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‌‌‌सुनकर शायरी हमारी कई फिदा हो गए

जो दोस्ती के रिश्ते टूट गए थे

वो फिर से जिंदा हो गए ।

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‌‌‌मयित मे फूलों की खुशबू का कोई काम नहीं होता ।

दोस्तों के कारनामों ने मारा है हमको

वरना हमपर भी बेवफाई का इल्जाम नहीं होता ।

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‌‌‌आपने तोड़ दी दोस्ती हमारी

आज सिद्ध हो गया

दोस्ती पर पड़ती है दुश्मनी भारी ।

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‌‌‌अब जिदंगी ही खत्म हो गई

तो दोस्ती का क्या करें

दोस्तों के सितम को अब

किस मुंह से दुनिया मे बयां करे ।

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‌‌‌आपकी दोस्ती मे सुख की तलास थी

आपकी दोस्ती कुछ पल की एहसास थी ।

पर पता नहीं वो हमारे दिल के लिए

इतनी क्यों खास थी।

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‌‌‌जो हमने कहा वो कर दिखाया

दुश्मनों से मिलकर दोस्ती

तोड़ने का वादा निभाया ।

लेकिन जरूरत पड़ने पर

कोई भी दुश्मन काम ना आया ।

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‌‌‌गदृार तो गदृार होता

उसे माफ नहीं किया जाता ।

जो दोस्त दुश्मनों के साथ मिल जाए

उसकी मौत पर विलाप नहीं किया जाता ।

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‌‌‌आपकी दोस्ती नें मुझे अपनी गलतियों

का एहसास करवा दिया ।

दोस्त तो दोस्त होते हैं यार

बिन पढ़े ही एग्जाम मे पास करवादिया ।

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‌‌‌अपने पीछे आने वालों के लिए

अपने पद छाप छोड़ जाते हैं

और दोस्ती तोड़कर आने वालों

के लिए एक पैग शराब छोड़ जाते हैं।

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‌‌‌आज तो मैं मंद मंद मुस्कुराता हूं

मिलने के लिए दोस्त जो आएंगे

मुझे क्या पता वो दोस्त तो

आज से  अपने नहीं पराये हैं ।

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‌‌‌तलास है एक सच्चे दोस्त की

उसको खोजने के लिए दुनिया घूमा हूं

नहीं है आत्मा से बढ़कर आपका दोस्त कोई

यही जानकर अपने आप को चूमा हूं ।

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‌‌‌वक्त के साथ हर चीज मिट जाती है

फिर दोस्ती किस खेत की मूली है

दुनिया तो किसी की नहीं होती

यह तो महान लोगों को भी भूली है।

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‌‌‌आपकी दोस्ती मे हम हद से आगे बढ़गए

और खुद को महान समझ कर पहाड़ पर चढ़गए

और जब गिरे तो पता चला

दोस्ती अपने कर्मों को हमपर मढ़ गए ।

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‌‌‌मुखोटे वाले चेहरों से अपने आपको छुपाते हैं

पता नहीं ऐसे दोस्त कहां पहुंचाते हैं

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‌‌‌कोयली की आवाज प्यारी होती है

सुंदर दोस्ती की दुनिया दिवानी सारी होती है।

जो दोस्ती टूट जाए वो दर्द की मारी होती है।

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‌‌‌मन के गुनगुनाने से अक्सर संगीत बनता है

स्कूल कॉलेजों मे अक्सर मीत बनता है।

जब टूटने लग दोस्ती तो यह  दुनिया का रीत बनता है।

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‌‌‌दिल मे कौआ की कांव कांव है

आस पास हवाओं की छांय छांय है

चलो आज से आप अपने रस्ते और

हम हमारे आज से बाय बाय है।

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‌‌‌कभी कभी दिल मे चुभने वाले भी सितार होते हैं

जो झूठी दोस्ती करते हैं अक्सर

वे दुश्मनों के पहले शिकार होते हैं।

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‌‌‌रिश्तों मे दरार का

प्यार मे तकरार का

दोस्ती मे हार का

कोई काम नहीं होता ।

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‌‌‌वक्त रिश्ते को मधुर बनाता है

और वही वक्त रिश्ते को कमजोर बनाता है

हमारे दोस्त तो वक्त से भी गये गुजरे हैं

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‌‌‌ऐ दिल आज तो कोई दुखभरी तान सुनादे

टूटी है दोस्ती हमारी सारा दर्द बह जाए

बस  एक बार इतना रूलादे ।

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आज तो टूटे सितारे हैं हम

आज दोस्ती मे हारे हैं हम

बहुत दुख है दोस्तों के जाने का

मगर क्या करें नदी नहीं किनारे हैं हम ।

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‌‌‌पेड़ों के कंधों पर सिर रखकर रोया हूं

आज भाई जैसे दोस्त को खोया हूं

इसिलिए बेसुध होकर यार सोया हूं ।

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‌‌‌कोई नहीं है दोस्त के बिना पूछने वाला

कोई नहीं है आज अपनी सोचने वाला ।

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‌‌‌आदमी हूं दरिंदा नहीं

उड़ सकता जो हवाओं मे वो परिंदा नहीं

दोस्ती टूट गई हमारी अब

जिंदा होकर भी जिंदा नहीं ।

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‌‌‌दुख के गीत आज अच्छे लगते हैं

झूठे दोस्तों से दुश्मन भी सच्चे लगते हैं

दोस्ती करने मे तो हम आज भी बच्चे लगते हैं।

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‌‌‌आंखे भी कभी कभी बादल बन जाती हैं

जिदंगी की तन्हाइयां आंखों का काजल बन जाती हैं ।

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‌‌‌जिदंगी की किताब मे कोई दोस्त नहीं आया नजर

दोस्ती को बचाने की कोशिश हमने की पर टूट गई मगर

जिसको पर नहीं कर सकते जिदंगी मे मिली ऐसी डगर ।

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‌‌‌आज उदास मन से खत लिखते हैं

विश्वास मत करना इस जमाने मे किसी पर

क्योंकि दोस्त भी दुश्मनों के हाथों बिकते हैं।

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‌‌‌इतनी बड़ी दुनिया मे

छोटी सी दुनिया बसाएं भी तो क्या

आज नहीं है दोस्त कोई

दुश्मनों को हसांए भी तो क्या ।

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‌‌‌वो हम नहीं समझ पाए

और हम उनको नहीं समझ पाए

सब कुछ खत्म हो गया इस गलफहमी की दीवार मे

और रह गए हम उनके आने के इंतजार मे ।

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‌‌‌दर्द जिदंगी मे पहले से क्या कम है

आज हमे दोस्ती टूटने का गम है

दोस्तों की याद मे आज हमारी आंखें नम है।

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‌‌‌आज ना यह दुश्मन को सितम होता

अगर हमारी दोस्ती मे भी दम होता ।

संभल जाते पहले तो ना जाज

यह दोस्ती का रिश्ता खत्म होता ।

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‌‌‌आपकी दोस्ती तोड़ना हमारी तकदीर थी

रोये दिल खोलकर आज

जिसके सामने वो आपकी तस्वीर थी।

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‌‌‌इस बड़ी सी दुनिया मे

दोस्तों की छोटी सी दुनिया को बसाया था

लेकिन तोड़ दोस्ती हमारी दोस्ती

यह दुनिया को रास न आया था।

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‌‌‌आप कभी समझ ना पाए हमारी दोस्ती को

लेकिन हम ने हर वक्त दोस्ती निभाई

उसके बाद भी हमें मिली दोस्ती मे बेवफाई ।

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‌‌‌जो समझे दोस्त का दर्द वही सच्चा दोस्त होता है

बाकी तो दोस्त होने का नाटक करते हैं।

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‌‌‌सब कुछ जुदा हो गया लेकिन गम जुदा होता  नहीं

दोस्ती है यार टूट गई तो टूट गई

क्योंकि दोस्त खुदा होता नहीं ।

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‌‌‌हुस्म मे मरने वाले दोस्त

दोस्ती के लिए कहां मरते हैं

दोस्तों ने धोखा दिया हमें

अब तो दोस्त नाम से भी डरते हैं।

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‌‌‌कफन से लिपटी हुई लाश हमारी थी

रो रही यह दुनिया सारी थी

लेकिन हंस रही जो दोस्ती हमारी थी।

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‌‌‌जिंदा ही कब्र मे लेट गए

और दोस्तों ने मरा हुआ समझ लिया

और दोस्त बोल रहे थे कमीना था यार

जिदंगी पर कर्ज लिया ।

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‌‌‌लोग कहते  हैं हम मर गए तो

धरती का बोझ हल्का हो जाएगा

जिन झूठे दोस्तों को तुम ढो रहे हो

उनको हटा दो जिदंगी का रोज हल्का हो जाएगा ।

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‌‌‌हमारी मूठी मे आज दोस्तों के नाम बंद थे

आज हम झूठे दोस्तों की दोस्ती तोड़ेंगे

घंटे हमारे पास बस चंद थे ।

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‌‌‌दोस्ती तोड़ने का शौर तो परींदों ने मचादिया

और दोस्ती मे आतंक कुछ दरींदों ने मचादिया ।

और रही कसर दुश्मनों ने जमाने को बतादिया ।

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‌‌‌टूटी दोस्ती है तो शांत कैसे हो जाएं

निकल जाओ धोखे बाजों हमारी जिदंगी से

इससे पहले की हम विक्रांत हो जाएं ।

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‌‌‌लगती है चोट तब दर्द होता है

जबान की कीमत वही समझता है जो मर्द होता है।

वरना तो दोस्ती मे भी जर्द होता है।

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‌‌‌आपकी दोस्ती तोड़ने से

चोट हमारे दिल पर लगी ।

कैसे बताएं आज हम आपको

जिदंगी हमारी गिल पर लगी ।

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‌‌‌बातें तो दोस्त बड़ी बड़ी किया करते थे

लेकिन उनके पास सिर्फ बातें ही थी ।

वैसे तो हर रात को रंगीन करने का

दावा करते थे लेकिन उनके पास बस सूखी रातें ही थी।

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‌‌‌झूठी दोस्ती के सफर मे

हमारी जिदंगी ही खो गई ।

और आप कहते हैं कि

आपकी दोस्ती की दुनिया दिवानी हो गई ।

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‌‌‌दोस्तों की दोस्ती निभाते निभाते

बहुत हम थक गए हैं ।

वो कहते थे निभाएंगे हम भी

दोस्ती एक दिन

सुनते सुनते हमारे कान पक गए ।

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‌‌‌माली परींदों से अपने

अमरूद बचाने को लगे

और हम टूटी दोस्ती मे

अपने वजूद बचाने को लगे ।

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‌‌‌वैसे तो दोस्ती एक अजूबा है

दोस्तों की दोस्ती मे यह दिल डूबा है

दिल संभल जा तू क्योंकि

दोस्तों का दोस्ती तोड़ने का मसूंबा है।

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‌‌‌एक प्यारी दोस्ती की तलास मे

रात मे नहीं दिल मे भी जलाया है चिराग

दोस्त कहते हैं नहीं रखेंगे साथ तुम्हें

क्योंकि दिल मे है तुम्हारे दाग ।

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‌‌‌आपकी दोस्ती टूट जाने

से बरस रही हमारी आंखें

आंखों के पानी के आगे बदाल भी शार्मा जाए

आंसू मिटाने को तरस रही हैं हमारी आंखें ।

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‌‌‌वो कहते हैं हम दोस्ती तोड़ेंगे

तुम कैसे अलग करोगे 

अरे रगों मे दौड़ते खून हैं हम

शांत हो जाएगी जिदंगी

क्योंकि जिदंगी का जनून हैं हम ।

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लक्ष्य ही गलत निकला तो हम क्या करें

‌‌‌निशाना तो हमारा सटीक था

दोस्तों ने दोस्ती तोड़कर अच्छा नहीं किया

इस दर्द से तो बिन दोस्ती ही ठीक था।

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‌‌‌चले तो हम अकेले थे

लेकिन लोग मिलते गए और दोस्त बनते गए

और जब बारी आई निभाने की दोस्ती

सब दोस्ती तोड़ निकलते गए ।

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‌‌‌न किसी के आंख के नूर हैं हम

न ही दुश्मनों से दूर हैं हम

दोस्ती के धोखे से

दोस्ती तोड़ने को मजबूर हैं हम ।

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‌‌‌काश हमे भी खुदा से प्यार हो जाए

मिले दोस्त ऐसे कि जिदंगी गुलजार हो जाए ।

जो हैं झूठे दोस्त वो हमारी जिदंगी से बाहर हो जाए ।

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‌‌‌चिराग तले अंधेरा होता है

कुछ दोस्तों के आने से जिदंगी मे सेवरा होता है।

वरना तो  दोस्तों का ठेके पर डेरा होता है।

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‌‌‌उजाला कभी रोशनी से जुदा हो नहीं सकता ।

और झूठा दोस्त आपकी तड़पक को देखकर रो नहीं सकता ।

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‌‌‌मर्द हो तो मर्द जैसे बनो

दोस्त हो तो कृष्ण सुदाम जैसे बनो

अगर दुश्मन हो तो राम और रावण जैसे बनो ।

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‌‌‌बुरी दुनिया का बुरा ही मंजर होता है।

संभल कर बनाना दोस्त यारों

क्योंकि कभी कभी दोस्त भी छुपा हुआ खंजर होता है।

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‌‌‌महफिल है दोस्तों आपकी

महफिल मे आइए जरा

पलके बिछाएं बैठे हैं

कुछ तो फरमाइए जरा

दिल लगाए बैठे हैं।

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‌‌‌यूं तो हैं लाखों कलियां

फिर भी सुना है यह चमन

दोस्ती के रूप मे दुश्मन थे

आज कर दिया है उनका दमन ।

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नादानियों पे मेरी,

करते हमेशा पर्दा तुम

दोस्ती तोड़ना है तो तोड़दो

बस आखरी बार खिलादो जर्दा तुम ।

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‌‌‌आपकी दोस्ती तोड़ने से

हमारा दिल बहुत रोया है ।

दर्द बहुत है सीने मे

आज हमने भाई जैसा दोस्त खोया है।

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‌‌‌कुछ बेईमान दोस्तों की वजह

से दोस्ती बदनाम है इस जमाने मे

यह दोस्त तो हमेशा लगे रहते हैं

अपने ही दोस्तों को फसाने मे ।

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‌‌‌अगर पत्थर टूट जाए तो बतादेना

अगर दिल भर जाए हमारी दोस्ती से

तो हमको भी अपनी जिदंगी से हटा देना ।

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‌‌‌आज इस कागज के टुकड़े को

कई बार मोड़ा है हमने

दोस्ती तोड़कर बेईमानों

का साथ सदा के लिए छोड़ा है हमने ।

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‌‌‌हर कर्म के निशान होते हैं

कुछ दोस्त बेईमान होते हैं

तो कुछ दोस्त दोस्ती

के लिए शान होते हैं।

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‌‌‌जिदंगी मे दोस्त बनाना हर किसी के लिए महौलत है

सच्चे दोस्त से बड़कर ना इस दुनिया मे कोई दौलत है।

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‌‌‌समय के साथ लोग बदल जाते हैं

वक्त के साथ शौक बदल जाते हैं

और जमाने के साथ

दोस्ती के भोग बदल जाते हैं।

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‌‌‌दोस्ती के लिए अपनों से बैर मोल लिया

दोस्तों का घर बसाने के लिए शैर मोल लिया ।

लेकिन दोस्तों ने दोस्ती तोड़दी

दोस्तों की खातिर यह कैसा गैर मोल लिया ।

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‌‌‌मुझे अब झूठे दोस्तों की जरूरत नहीं

जिसने तोड़ ही दी है हमारी दोस्ती

अब देखनी उसकी सूरत नहीं ।

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‌‌‌दुश्मनों ने मौका दिया

पर दोस्तों ने घोखा दिया ।

तोड़ दी दोस्ती हमारी

छेद वाली नौका दिया ।

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‌‌‌दोस्तों ने हमे बदनाम किया

दुनिया ने हमे जलील किया

और दोस्त तोड़कर दोस्ती

दुश्मन बन गए

दीवारों मे हमे शील किया ।

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‌‌‌हम तो उनको अपना समझते थे

मगर दोस्त हमारे तो पराये निकले

और जब आया बुरा वक्त

तो छोड़ कर अपने साये निकले

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‌‌‌जो दिल से नहीं होती वह दोस्ती नहीं

और बुरी दोस्ती कभी आपका

सही और गलत सोचती नहीं ।

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‌‌‌दोस्तों ने दोस्ती को खुद तोड़ दिया

और हमे बदनाम कर दिया

दोस्ती अच्छी होती है मगर

कुछ दोस्तों ने बुरा काम किया ।

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‌‌‌हम दोस्ती को बचाना

चाहते हैं इसलिए अक्सर चुप रहते हैं

दोस्त सितम बहुत करते हैं

लेकिन बस दोस्ती के नाम पर सहते हैं।

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‌‌‌अगर हमारे रहने से या ना रहने से

आपको कोई फर्क नहीं पड़ता तो हमारा

साथ रहने का क्या फायदा ।

अरे दोस्ती तो हर कोई तोड़ देता है

मगर सच्चा दोस्त वही होता है जो

जाने दोस्ती का कायदा ।

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‌‌‌हमे किससे दोस्ती रखनी है

हम आप से बेहतर जानते हैं

अरे आप दोस्ती निभाएं या तोड़दें

बस हम तो आपको दोस्त मानते हैं।

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‌‌‌अगर अब नहीं है आपका मन दोस्ती मे

तो आप सदा के लिए जा सकते हैं ।

अगर उठेगा दर्द दिल मे हमारे

तो उसे हम गा सकते हैं।

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‌‌‌जो दोस्त मुंह फेर लेते हैं

उनको धोखेबाज कहते हैं

और जो दोस्त बोलना

बंद कर देते हैं उन्हें नाराज कहते हैं।

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‌‌‌जो दोस्त जरूरत पूछते हैं उनसे दोस्ती रखें तो मजा ही कुछ और है

दिल से प्यारी दोस्ती अगर टूट जाए तो इसकी सजा ही कुछ और है।

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‌‌‌दोस्ती निभाने के नाम पर

दोस्ती तोड़ दिया क्या गजब के दोस्त मिले।

जो मानते ही नहीं दोस्ती को

ऐसे ही मजहब के दोस्त मिले ।

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‌‌‌कुछ दोस्त मतलब से बात करते हैं

तो कुछ तलब से साथ करते हैं

और कुछ तो दोस्ती तोड़ने के लिए

दंगा फसाद करते हैं।

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‌‌‌आज खत्म हो गई दोस्त हमारी

दोस्ती अब अंतिम अलविदा है।

आज सबको पता चलेगा

झूठी दोस्ती का हश्र क्या होता है

जिसके नाम पर दुनिया फिदा ।

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‌‌‌अब वो हमारा यार न रहा

अब उसे हमसे एतबार ना रहा ।

दोस्त तो था बस नाम का

उसे हमसे कोई सरोकार ना रहा ।

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‌‌‌दोस्त बनकर हमारी पीठ पर खंजर घोपा है

हमारे दुश्मन भी दयालू निकले ।

आज दुश्मनों ने हमारे ही दोस्त को रोका है

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‌‌‌जो दोस्त साथ देने की बात करते थे

वो आज दोस्ती तोड़कर चले गए ।

जो हमे साथ निभाने की सीख देते थे

आज मुंह मोड़ कर चले गए ।

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‌‌‌इस दोस्ती की बीमारी ने हमें लाइलाज कर दिया

मिले टूटे दोस्त तो नजर अंदाज कर दिया ।

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‌‌‌बुरे समय मे आज हम अकेले हैं

दोस्ती के नाम पर बहुत दुख दर्द झेले हैं

दोस्त तो दोस्ती तोड़कर चले गए

लेकिन जिदंगी के मैदान मे हम आज भी खेले हैं।

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‌‌‌किसी दोस्त मे वह बात नहीं

दोस्त है अनेक पर कोई साथ नहीं

आपने दोस्ती तोड़ी मगर

आपकी दोस्ती तो बादल है

बिन बादल हमारी जिदंगी मे बरसात नहीं ।

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‌‌‌दुश्मन को भूलाना मुश्किल होता है

गम को घुलाना मुश्किल होता है।

और टुटे दोस्त को दोस्त बुलाना मुश्किल होता है।

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‌‌‌पत्थर पर लिखें अक्सरों को मिटाना मुश्किल होता है

दिल से यादों को हटाना मुश्किल होता है।

टूट जाए दोस्ती एक बार तो उसे

फिर से बनाना मुश्किल होता है।

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‌‌‌हमने अपने दोस्तों की हर गलती को माफ किया

लेकिन फिर भी तोड़दी उन्होंने दोस्ती हमारी

फिर भी हमने विलाप किया ।

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‌‌‌दोस्ती तोड़कर दोस्तों ने हमे बेवकूफ बना दिया

और दूश्मनों ने दुनिया के सामने हमारा बुरा रूप बना दिया ।

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‌‌‌सूरज के आने से धरती पर धूप बनादिया ।

दोस्तों के आने से जिदंगी को सूप बना दिया ।

और जब दोस्त तोड़कर जाने लगे दोस्ती को

तो हमारी जिदंगी को कूप बना दिया ।

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‌‌‌दोस्ती तोड़कर दिखा दिया दोस्तों

ने आज अपना असली चेहरा

दोस्तों मे दम नहीं था

और दुश्मनों ने हमको घेरा ।

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‌‌‌जीवन मे सब लोग झूठे नायक नहीं होते

कुछ दोस्त दोस्ती के लायक नहीं होते

किसी काम के दोस्त ऐसे

जो हमारी जिदंगी मे सहायक नहीं होते ।

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‌‌‌जमाने ने हम पर जुल्म किया

और दोस्तों ने सितम किया

आज से चलो ऐसी

दोस्ती को हमने खत्म किया ।

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‌‌‌दोस्त ने धोखा देकर दोस्ती मिटा दी

चलो अच्छा ही हुआ

आज हमने एक झूठी दोस्ती हटा दी ।

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‌‌‌लोगों को अजनबी बनाकर रखना भी अच्छा होता है

मिलता कहां है दोस्त ऐसा जो सच्चा होता है।

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‌‌‌दोस्त आपकी दोस्ती तोड़ने के लिए शुक्रिया

अपना असली रंग छोड़ने के लिए शुक्रिया

आपका हमसे मुंह मोड़ने के लिए शुक्रिया ।

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‌‌‌दोस्त तो  दोस्ती तोड़कर गिरगिट निकला

दुश्मनों के साथ वह फिट निकला

जो चाहिए उसे था उसमे  हिट निकला ।

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‌‌‌जो देखते ही कभी भाई बोलता था

आज वह दोस्ती तोड़कर हंसता है

और जमाना जो हमारी दोस्ती पर नाज करता था

आज वह हमें देखकर तंज कसता है।

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‌‌‌वैसे तो दोस्त अनमोल खजाने होते हैं

मिलने ना आने के उनके कई बहाने होते हैं

पर शराब घर कमीनों के ठिकाने होते हैं।

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‌‌‌दोस्ती तोड़कर वो यार अब यार न रहा

अब हमारे बीच वो प्यार न रहा ।

दोस्त दोस्त दुश्मन बन गए

अब मनाने का कोई सार न रहा ।

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गोश्त है तो गोश्त तक रखो

‌‌‌दोस्त है तो दोस्ती तक रखो

पोस्त है तो पोस्त तक रखो

अगर दुश्मन है तो जोस्त तक रखो ।

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‌‌‌जो दोस्त तोड़ दे दोस्ती

उसके लिए आंसू क्या बहाना

जिदंगी मे आते रहते हैं दोस्त

उनके लिए खुद को क्या ढहाना ।

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‌‌‌दुश्मन की जलती है तो जलने दे

दोस्ती चलती है तो चलने दे

और जब टूट जाए दोस्ती

तो खलती है तो खलने दें ।

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‌‌‌टूटी दोस्ती को लेकर ज्यादा टेंशन ना लें यारों

दोस्ती तो आती जाती हवा है

कोई बात नहीं एक दोस्त गया तो और

दोस्त बना लेना अभी तो जिदंगी जवा है।

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‌‌‌दोस्त यदि दोस्ती तोड़कर जा रहा है तो जानेदें

दोस्त मुंह मोड़कर जा रहा है तो जाने दें

लेकिन जो दोस्त आपके जीवन को जोड़कर जा रहा है

वह बहुत याद आएगा ।

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‌‌‌दोस्ती तोड़ दी उसने

मैने तो रोकर माना भी छोड़ दिया ।

अरे आज से हम भी आपके दोस्त नहीं

यह भांड़ा जमाने भर मे फोड़ दिया।

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‌‌‌अगर झूठा दोस्त नाराज होता है तो होने दो

अगर दुश्मनों का इलाज होता है तो होने दो

अगर सच्ची दोस्ती टूट रही है तो उसे मत खोने दो ।

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‌‌‌जिदंगी कुछ वक्त का नाटक है

दोस्त भी जिदंगी का त्राटक है।

सच्चे दोस्त वो होते हैं जो खोल देते हैं

जिदंगी मे कामयाबियो का फाटक है।

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‌‌‌धोखा दिया आपने

और दोस्ती तोड़ी आपने

दुश्मनों से नाता जोड़ा आपने

फिर हम गुनाहगार कैसे हुए

——————

‌‌‌करते थे प्यार इतना की दोस्ती टूटने पर

काट डाला खुदको लोग सोच रहे थे आवाज निकले

जिसे भी हमने दोस्त बनाया वो साले

धोखे बाज निकले ।

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‌‌‌तुम क्या दोस्ती तोड़ोगे

हम तुमसे दोस्ती तोड़ते हैं

देना मत खुदा झूठे दोस्तों को

हमारी जिदंगी मे

हम आपके आगे हाथ जोड़ते हैं।

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बिन लकड़ी आग कब तक जलती है

‌‌‌झूठी दोस्ती कब तक चलती है

और जिस दोस्ती को गिरना ही था

वह कब तक संभलती है।

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‌‌‌हम दोस्ती को तोड़ेंगे यह हमारे अल्फाज नहीं

दोस्त तो हैं हमारे भी पर दगाबाज नहीं ।

बस ऐसे ही नहीं बोलते हैं दोस्तों से नाराज नहीं ।

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‌‌‌उस दोस्त ने तो दोस्ती तोड़कर

हमारे दिल को तोड़ दिया

इस बेरहम दुनिया के

अंदर अकेला छोड़ दिया ।

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‌‌‌सामने वो हमारे बहुत मीठे थे

लेकिन जब चले वो दोस्ती तोड़कर

तो पता चला हमारे ही उपर खून के छींटे थे ।

वो तो पाक साफ लैटे थे ।

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‌‌‌हमारे दुश्मन भी दोस्त से अच्छे निकले

उन्होंने दुश्मनी भी क्या खूब निभाई

लेकिन हमारे दोस्त तो कच्चे निकले

दोस्ती तोड़कर भाग गई नहीं रूके

बहुत दी उनको दुहाई ।

——————

‌‌‌आज वो हमको दोस्त कह गई

तो हम फूल ना समा रहे थे

जब निकले उधर से तो देखा

वो अपने दुश्मनों के साथ खा रहे थे ।

——————

‌‌‌जिसे नशा ही ना हो ऐसी

शराब हम  पिया नहीं करते ।

जिस दोस्ती का कोई भरोसा नहीं

ऐसी दोस्ती हम किया नहीं करते ।

——————

‌‌‌जिस दोस्ती का कोई ईमान नहीं

ऐसी दोस्ती का हमारी जिदंगी मे कोई काम नहीं

जो चला जाए सच्ची दोस्ती तोड़कर

वह सच्चा इंसान नहीं ।

——————

‌‌‌आपने दोस्ती तोड़ कर

हमसे दुश्मनी मोल लेकर अच्छा नहीं किया

हमारी दोस्ती तो बस एक दिखावा थी

दोस्ती को आपने सच्चा नहीं किया ।

——————

‌‌‌अगर करते हो कांटों से दोस्ती तो कांटे मिलेंगे

अगर करते हो बुरे लोगों से दोस्ती

तो राहों मे चांटे मिलेंगे ।

अगर तोड़ते हो सच्चे दोस्तों की दोस्ती

तो जिदंगी मे पेड़ सारे काटे मिलेंगे ।

——————

‌‌‌आपके दोस्ती तोड़ने पर

भी हमें अब तेरी कमी नहीं खलती ।

अगर बैठ जाएंगे दोस्त के लिए रोने धोने

तो ऐसे जिदंगी नहीं चलती

——————

‌‌‌सूरज अगर ना हो तो शाम नहीं ढलती

अगर हवा ना हो तो आंधी नहीं चलती

अगर लकड़ी ना हो तो आग नहीं जलती ।

अगर दोस्त ना हो तो जिदंगी नहीं पलती ।

——————

‌‌‌माना की तेरे हजार चाहने वाले हैं

लेकिन मेरी दोस्ती तोड़कर तू खुश नहीं रह सकेगा ।

दोस्त तो तुझे हर कोई कहेगा

लेकिन मेरी तरह भाई नहीं कह सकेगा ।

——————

‌‌‌जान है तो जहान है

दोस्त है तो जिदंगी महान है

इंसानियत है तो इंसान है

और बुरे दोस्तों से तो दुनिया परेशान है।

——————

‌‌‌एक बुरा दोस्त उस जोंक के समान होता है

जोकि छुपकर आपका खून चूस लेती है।

और आपको उसके बारे मे पता ही नहीं चलता ।

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‌‌‌ऐ दोस्त तोड़ दी दोस्ती आपकी हमने

तू सोचता है तेरी हरकतों का किसी को ज्ञान नहीं

पर भूल गया तू धोखा देना सच्चे दोस्त की पहचान नहीं ।

——————

‌‌‌जो आपकी पीठ पीछे बुराई करता है

वह आपका दोस्त नहीं दुश्मन होता है।

और जो अपने फायदे के लिए करता है दोस्ती

वह दोस्त नहीं घुन होता है।

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‌‌‌बुरा करने के लिए दुश्मन की जरूरत नहीं

तोड़ दोस्ती जाने वाले दोस्त ही काफी हैं

लगता है दोस्ती का बदला पूरा लेंगे वो

 बहुत से बदले अभी बाकि हैं।

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‌‌‌जमाने को नहीं पसंद है हमारा साथ रहना

‌‌‌ऐ दोस्त हमारी दोस्ती का कभी जिक्र ना करना

अगर हम रूठ जाएं तो भी आपके ही रहेंगे

दोस्ती तोड़ने की फिक्र ना करना ।

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‌‌‌जिसने आपको अपने दिल मे जगह दी

और उसमे ही आपके खंजर चलाया है।

चल नहीं रखते ऐसे दोस्त को हम

जिसने हमारे घर को जलाया है।

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‌‌‌अगर दोस्ती एक बार टूट गई तो न जुड़ सकेंगी

और जिदंगी बढ़ गई आगे दोस्तों को छोड़कर

तो फिर से न मुड़ सकेगी ।

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‌‌‌वो दोस्ती क्यों ना तोड़ते

उसने तो दोस्ती का नाटक किया था ।

हम उसकी दोस्ती को समझ बैठे सच्चा

उसने तो हमारे साथ नकली हाटक किया था।

——————

‌‌‌कभी कभी गलियों मे पड़ा बच्चा होता है

जो दोस्त तोड़ दे दोस्ती उनसे

दूर जाना ही अच्छा होता है।

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‌‌‌कभी मुश्बित मे साथ नहीं दिया

कभी खुल कर बात नहीं किया

जब जरूरत है तो चला आया

ऐसे दोस्त से दोस्ती तोड़ना ही अच्छा है।

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‌‌‌दोस्त ने तो हमे पराया समझा

जिदंगी ने हमें हराया समझा

और अपनों ने हम गमों का साया समझा

अब आप ही बताएं हम कहा जाएं ।

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‌‌‌मेरे बिना वो खुश रहता है

जरूरत होती है तो दोस्त कहता है

हम आज से तोड़ते हैं ऐसे दोस्त की दोस्ती

फालतू मे सीने मे दोस्त के नाम का दर्द रहता है।

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‌‌‌आज हम आपसे दोस्ती तोड़ रहे हैं

आज से आपको अपने हाल पर छोड़ रहें हैं

अब नहीं देखनी है शक्ल तुम्हारी

क्योंकि हम आपकी प्रतिमा फोड़ रहे हैं।

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‌‌‌आज तो दुश्मनों ने भी हमे हिट करदिया

और कुछ कमीने दोस्तों ने जलन के मारे

हमारा फोन नंबर ही डिलिट कर दिया ।

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‌‌‌दोस्त तो दोस्ती तोड़कर चले गए

आज से अकेले ही घूम रहे हैं

चलो अच्छा हुआ धोखेबाजों का पता चला

इसी बहाने खुदा की मूर्ति को चूम रहे हैं।

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‌‌‌जिसने दोस्ती नहीं देखी

वो दुश्मनी क्या जाने

दोस्त ने दिया दर्द दोस्ती तोड़कर

इतना की शनि क्या जाने ।

——————

‌‌‌दोस्ती तो आपने तोड़ी

मगर तकलीफ हमे हुई

चाही थी अच्छी दोस्ती

मगर बुरी दोस्ती नसीब हमे हुई ।

——————

‌‌‌सबसे अच्छे दोस्त मानते थे आपको

भाई जैसा जानते थे आपको

फिर भी आपने दोस्ती तोड़दी

पर कोन टाल सकता है बुरे लोगों के शाप को ।

——————

‌‌‌पल भर मे दोस्ती को तोड़ डाला

मगर दिल से कोई आवाज नहीं आई

अरे झूठी दी दोस्ती आपकी

इसलिए आपको दोस्ती की लिहाज नहीं आई ।

——————

‌‌‌आज दोस्ती टूट गई है तो

दिल से निकाल देंगे

अरे हम रखते थे सीने से

लगाकर तुम्हें वरना

दुश्मन तो तुम्हें  दुश्मनी

से ही निकाल देंगे ।

——————

‌‌‌जब से तुमने दोस्ती तोड़ी

तो दिल रोया बहुत था

आप ही हमारे अच्छे दोस्त थे

हमने आपकी खातिर खोया बहुत था।

——————

‌‌‌दोस्ती की शुरूआत तुमने की थी

खत्म हम करेंगे ।

ऐसे दोस्त किसी काम के जो

धोखा देते हैं। इससे बेहतर तो

दुश्मनी करेंगे ।

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‌‌‌वैसे तो हम दोस्ती तोड़ते नहीं

किसी अपने को अकेले छोड़ते नहीं

लेकिन अगर कोई हमसे तोड़े दोस्ती

तो उसका बदला लिए बिना छोड़ते नहीं ।

——————

‌‌‌कुछ लोग दोस्त मतलब के लिए बनाते हैं

तो कुछ लोग दिल से खेलने के लिए दोस्त बन जाते हैं

ऐसा दोस्त कहा मिलता है जो दोस्ती तोड़ने के बाद

भी आपकी दोस्ती को नहीं भूलता है।

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‌‌‌खुदा खुद भी पछताया होगा

जब उसने तुम जैसे दोस्ती

तोड़ने वाले दोस्त को बनाया होगा ।

पर क्या पता तू तो जबरदस्ती

दुनिया मे आया होगा ।

——————

‌‌‌दोस्ती टूटने पर दोस्त का मतलब पता चलता है

और दुश्मनी दोस्ती मे बदलने पर दुश्मनी का

मतलब पता चलता है।

——————

‌‌‌अच्छा हुआ आपने असली रंग दिखाया

हम तो आपको सपेरा समझे थे

पर आप तो नाग निकले

आज थी मुश्बित हमपर तो

अकेले छोड़ भाग निकले ।

——————

‌‌‌दोस्त जब धोखा देता है

तो दोस्ती से विश्वास उठ जाता है

जब प्यार मे धोखा मिलता है

तो प्यार से विश्वास उठ जाता है

सब कुछ समाप्त हो जाता है यारो

जिस दिन खुदा रूठ जाता है।

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‌‌‌बुरा समय तो गुजर जाएगा

नया जीवन फिर पाएगा

एक दोस्त दोस्ती तोड़कर गया तो

क्या हुआ दूसरा जरूर आएगा ।

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‌‌‌अगर तुम कामयाब हो तो हमेशा खुश रहो

अगर की है झूठी दोस्ती तो दोस्ती के लिए नुस रहो

——————

‌‌‌मुझे भी आपको खोने का डर है

कहीं आप तोड़ ना दें दोस्ती हमारी

यही हमें बस आज फिक्र है।

कहां मिलता है आप जैसा दोस्त

जिसका जमाने भार मे जिक्र है।

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‌‌‌हम तुम्हारी परवाह तो बहुत करते थे

और तुम्हारे लिए जमाने से लड़ते थे

अगर जाना है दोस्ती तोड़कर तो जाओ

आज पता चला हम व्यर्थ ही तुम्हारे लिए

आंहे भरते थे ।

——————

‌‌‌ऐ समंदर  आज से रिश्ता हम खत्म करते हैं आपसे

नहीं रखेंगे दोस्ती आपकी आज से यह

वचन करते हैं आपसे  ।

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‌‌‌तुम्हारे लिए आंखों को नम किया हमने

खुद की उम्र को कम किया हमने

अगर दोस्ती तोड़कर जाते हो तो जाओ

आज एहसास हुआ क्यों तुम्हारा संग किया हमने ।

——————

खरीदा जाता है सबकुछ जिससे उसका नाम दाम है।

‌‌‌दोस्ती मे झगड़ा आम है

दोस्ती हम नहीं तोड़ते यारो

दोस्ती तोड़ना तो हमारे लिए हराम है।

——————

‌‌‌आपके रूठने का अब कोई मतलब नहीं रहा

अब दोस्ती मे वो तलब नहीं रहा ।

दोस्ती अगर टूट गई एक बार

तो मिलना सुलभ नहीं रहा ।

——————

‌‌‌जो अक्सर साथ नहीं होते

वे साथ होने का दिखावा करते हैं

यह लोग दोस्ती तोड़कर

दोस्ती निभाने का झूठा दावा करते हैं।

——————

‌‌‌किस्मत से हम गरीब हैं

फिर भी हमारे अच्छे नसीब हैं

दोस्ती नहीं तोड़ने वाले

दोस्त आज हमारे करीब हैं।

——————

‌‌‌दोस्ती मे कोई अमीरी नहीं होती

दोस्ती मे कोई कश्मीरी नहीं होती

धोखेबाज सबकी दोस्ती होती है

यह बस मेरी नहीं होती ।

——————

‌‌‌अब हमने तेरे बारे मे बात करना छोड़ दिया

जब से तूने हमारे दोस्ती के रिश्ते को तोड़ दिया ।

‌‌‌जब हम दर्द मे होते हैं

तो होठों का रंग सूर्ख होता है

जो तोड़ दे दोस्ती सच्ची

वह इंसान नहीं मूर्ख होता है।

——————

‌‌‌हम मालूम है दोस्ती

तोड़ने वाले दोस्ती की चाल का ।

फिर भी भाव चुका रहे हैं उसकी दाल का

जो जलती ही नहीं क्या करें ऐसी मिशाल का ।

——————

‌‌‌आप हमारी दोस्ती के लायक नहीं

आप हमारी जिदंगी के नायक नहीं

किस काम का वह दोस्त

जो दोस्ती मे सहायक नहीं ।

——————

‌‌‌अरे तेरी औकात नहीं हमसे दोस्ती करने की

तू सोच रहा है करेगा हमसे दुश्मनी

लेकिन हम हैं फौलादी बात नहीं कोई डरने की ।

——————

‌‌‌तूने तोड़ी दोस्ती तो

आज हमारी आंखे नम हैं

तू क्या जाने दोस्ती तोड़ने

का हमें कितना गम है

तेरे से अच्छे दुश्मन हैं

जिनमे दुश्मनी का दम है।

——————

‌‌‌हमने आपकी दोस्ती की खातिर खुद को लुटादिया

और आपने हमारी दोस्ती को तोड़कर

जमाने भर मे झुठलादिया ।

——————

‌‌‌दोस्ती अगर कच्ची हो

तो अक्सर टूट जाती है

महोब्बत अगर कच्ची हो

तो छूट जाती है।

प्रेमिका अगर अच्छी हो

तो अक्सर रूठ जाती है।

——————

‌‌‌खूंट से बंधे बैल अच्छे

दोस्ती से बंधे रिश्ते सच्चे

तू मत कर यार दोस्ती हमसे

तोड़ देगा दोस्ती अब है तू बच्चे ।

——————

‌‌‌आपकी दोस्ती तो कोरा कागज थी

हमने पहला नाम उस पर लिखा

और आपने उस नाम को मिटा

कर हमारे दुश्मनों का नाम लिखा ।

——————

‌‌‌टूटा दोस्ती का दिल

मगर कोई आवाज नहीं आई

हमारे जाने से उनकी

जिदंगी मे आज तक कोई आंच नहीं आई ।

——————

‌‌‌कहते हैं सब्र का फल मीठा होता है

नहीं सुधरते फिर भी दोस्ती तोड़ने वाले लोग

क्योंकि जमाने ने उनको बहुत पीटा होता है।

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‌‌‌माना तेरे चाहने वाले हजार हैं

लेकिन हम आपसे दोस्ती तोड़ते हैं

क्योंकि हमे खूरापाती दोस्तों

से ना कोई सरोकार है।

This post was last modified on December 22, 2023

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