चंद्रप्रभा वटी के 18  फायदे chandraprabha vati ke fayde hindi mein

chandraprabha vati ke fayde , चंद्रप्रभा वटी के फायदे chandraprabha vati ke fayde hindi mein चंद्रप्रभा वटी पतंजलि के द्धारा बनाई गई एक आयुर्वेदिक दवाई है जोकि कई तरह की समस्याओं के अंदर काम आती है। जिसके बारे मे हम आपको नीचे बताने वाले हैं। तो आप समझ सकते हैं।

 चंद्रप्रभा वटी आमतौर पर शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए खासतौर पर प्रयोग की जाती है। यदि आप यह दवा लेना चाहते हैं तो इस ‌‌‌दवा के ,खुराक के बारे मे अपने डॉक्टर से संपर्क करें ।और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए । और डॉक्टर जब तक ना कहे तब तक आपको इस दवा को छोड़ना नहीं चाहिए । इसके अलावा आप यह भी कर सकते हैं कि इस दवा के साथ यदि कोई अन्य दवा आप ले रहे हैं तो उसके बारे मे भी आपको ‌‌‌एक बार अपने डॉक्टर से बात करनी होगी आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

चंद्रप्रभा वटी के अधिक सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं तो आपको यह दवा थोड़ी सोच समझ कर लेनी चाहिए । हम तो आपको यही कहेंगे कि आप बिना डॉक्टर के परामर्श के दवा लेते हैं तो नुकसान होने की जिम्मेदारी आपकी होगी । हालांकि आयुर्वेदिक दवाओं के अंदर नुकसान का खतरा उतना अधिक नहीं होता है।

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1.चंद्रप्रभा वटी के फायदे मधुमेह में chandraprabha vati ke fayde

‌‌‌चंद्रप्रभा वटी के बारे मे यह कहा गया है कि यह मधुमेह के अंदर काफी फायदेमंद है। इस बारे मे आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी चीज है।

डायबिटीज (शुगर) एक प्रकार का मधुमेह ही है जिसके अंदर होता है यह है कि शरीर के अंदर ग्लूकोस का स्तर काफी अधिक बढ़ जाता है। बार-बार पेशाब आना, तेज प्यास व भूख लगना, वजन बढ़ना या असामान्य कम होना, थकान, कट या घाव लगने पर उनका जल्दी ठीक न हो पाना आदि लक्षण मधुमेह वाले रोगियों के अंदर देखने को मिल ‌‌‌ जाते हैं।

‌‌‌और यदि जल्दी ही इसको कंट्रोल नहीं किया गया तो खून मे बहुत अधिक ग्लूकोस हो जाने की वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे कि आपकी आंखें और किडनी खराब हो सकती है।और कई बार किसी हाथ या पैर को निकालने की आवश्यकता पड़ सकती हैं। यह गम्भीर मामलों मे होता है।

इन्सुलिन का नाम तो आपने सुना ही होगा इंसुलिन एक प्रकार का हार्मोन होता है। और जो हम खाना खाते हैं वह पेट मे जाकर ग्लूकोस के अंदर बदल जाता है। उसके बाद बिना इंसुलिन के ग्लूकोज़ कोशिकाओ में प्रवेश नहीं कर सकता है और रक्त वाहिकाओं में एकत्रित हो जाता है। और इस तरह के व्यक्ति को शक्ति नहीं मिल ‌‌‌पाती है। इस तरह से आप समझ सकते हैं कि इंसूलीन किस तरह से काम करता है।

शुगर या मधुमेह के प्रकार की बात करें तो यह कई प्रकार का हो सकता है। जिसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । इसके प्रकार के आधार पर ही इसका ईलाज किया जाता है आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

टाइप 1 डायबिटीज के अंदर होता यह है कि आपका शरीर इंसुलीन नहीं बना पाता है और प्रतिरक्षा प्रणाली उन कोशिकाओं को खत्म कर देती हैं जो इंसूलीन पैदा करती हैं। यह समस्या आमतौर पर बच्चों और व्यस्कों के अंदर काफी अधिक देखी जाती है।

टाइप 2 डायबिटीज के अंदर या तो इंसुलीन बनती ही नहीं है या फिर इसका सही से उपयोग नहीं किया जाता है आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। इस प्रकार का जो मधुमेह है वह सभी उम्र के लोगों के अंदर देखने को मिल सकता है तो आप समझ सकते हैं।

जेस्टेशनल डायबिटीज आमतौर पर जो महिलाएं गर्भवति होती हैं उनको होने का खतरा काफी अधिक हो जाता है। आप बात को समझ सकते हैं। इसलिए यदि किसी को इस तरह के लक्षण दिखते हैं तो जल्दी से जल्दी अपने डॉक्टर को संपर्क करना जरूरी है।

chandraprabha vati ke fayde

‌‌‌मधुमेह के लक्षणों की बात करें तो इसके कई सारे लक्षण हो सकते हैं जिसकी मदद से यह पता चलता है कि आपको मधुमेह हुआ है या फिर नहीं हुआ है तो आइए जानते हैं इन लक्षणों के बारे मे पूरे विस्तार से ।

  • ज्यादा प्यास लगना
  • ज्यादा भूख लगना
  • पहले से अधिक पेशाब आना
  • त्वचा मे खुजली
  • थकान होना
  • मतली आना
  • वजन का बढ़ना
  • शरीर मे पानी की कमी ।।

‌‌‌जब शरीर के अंदर काफी अधिक शुगर हो जाता है तो फिर गुर्दे अधिक काम करते हैं और शरीर से काफी अधिक शुगर को बाहर निकाल देते हैं और बार बार पेशाब इसीलिए ही आता है।

पसीना आना

उलझन

बेचैनी व कमजोरी महसूस करना

धुंधला दिखना

यह सभी लो ब्लड शुगर के लक्षण होते हैं। यदि किसी के अंदर इस प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसको एक बार अपने डॉक्टर को दिखाएं ।

‌‌‌यदि हम मधुमेह के कारणों की बात करें तो अभी तक वैज्ञानिक यह नहीं समझ पाएं हैं कि  मधुमेह का ठीक कारण कौनसा है ? क्या कारण है कि प्रतिरक्षा प्रणाली सैल्स को खत्म कर देती है। इसके बारे मे अभी भी कोई जानकारी नहीं है आप इस बात को समझ सकते हैं।

‌‌‌अब आपके दिमाग मे यह भी आता है कि अब आप इन सब समस्याओं से किस तरह से दूर जाएंगे । लेकिन आप दूर नहीं जा सकते हैं। एक ना एक दिन तो शरीर नष्ट होना ही है। इसमे कोई शक नहीं है। चिंता ना करें आराम से रहें ।

हाई ब्लड शुगर जो होता है वह आपके शरीर के उत्तकों को नुकसान पहुंचा सकता है। और इसके अंदर जितनी अधिक देर लगेगी उतना ही अधिक खतरा होगा । तो आपको समझ जाना चाहिए कि हाई ब्लड शुगर काफी नुकसानदायी होगा ।

  • ‌‌‌जैसे हाथों को नुकसान हो सकता है
  • किड़नी को नुकसान हो सकता है
  • बहरापन आ सकता है।
  • घाव भरना बंद हो सकता है।
  • स्ट्रोक आ सकता है।

2.चंद्रप्रभा वटी के फायदे chandraprabha vati ke fayde ‌‌‌किड़नी रोगों मे

‌‌‌दोस्तों आपको इसके बारे मे पता ही होगा कि आपके शरीर के अंदर दो किड़नी होती हैं।यूरिया, क्रिएटिनिन, एसिड, आदि जैसे नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट पदार्थों को रक्त से अलग करने के लिए किड़नी काम करती है।और किडनी रोग का पता लगाना भी उतना आसान काम नहीं होता है । आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए ।‌‌‌किडनी रोग आमतौर पर साइलेंट किलर होता है। और अधिकांश लोगों को इसका पता तब चलता है जब यह काफी डेंजर हालत के अंदर पहुंच जाता है। आप इसको अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

‌‌‌यदि हम किडनी रोग के लक्षणों की बात करें तो इसके कई सारे लक्षण हो सकते हैं जिसकी मदद से आप इस रोग को आसानी से पहचान सकते हैं। और यदि आप समय पर इसका उपचार कर पाते हैं तो बहुत ही अच्छी बात है वरना बाद मे आपकी पूरी किडनी खराब हो जाने के बाद कुछ भी नहीं किया जा सकता है। आप समझ सकते हैं।

  • ‌‌‌जैसे ही किडनी अपना काम करना बंद कर देती है वैसे ही शरीर के अंदर अधिक नमक जमा होने लग जाता है और एडी के आस पास सूजन आना शूरू हो जाता है।यदि किसी को इस प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं तो अपने डॉक्टर को संपर्क करना चाहिए यह काफी फायदेमंद होता है।
  • ‌‌‌इसके अलावा किडनी के खराब होने का एक लक्षण यह भी होता है कि व्यक्ति काफी अधिक थक जाता है आप समझ सकते हैं।इसका कारण यह होता है कि शरीर के अंदर काफी अधिक मात्रा के अंदर विषाक्त पदार्थ एकत्रित हो जाते हैं जिसकी वजह से काफी अधिक थकावट महसूस होती है और इंसान को काफी अधिक आराम करने की ‌‌‌जरूरत होती है। आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।
  • यूरिया, क्रिएटिनिन, एसिड जैसे विषाक्त पदार्थों के जमा होने से रोगी को भूख कम लगने लग जाती है। और मुंह का स्वाद भी काफी अधिक बदल जाता है। पेट भरा भरा महसूस होता है। यदि किसी को इस तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उसे किडनी की जांच करवानी चाहिए हो सकता है कि किडनी ही खराब हो ।
  • ‌‌‌दोस्तों आपको यह बतादें कि यदि किसी की किडनी आदि खराब होती है तो इसकी वजह से कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। जैसे कि मतली और उल्टी काफी अधिक होती है। और यह खास कर सुबह के समय काफी बढ़ जाती है। यदि ऐसा है तो एक बार अपने डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए ।
  • एनीमिया भी किडनी की बीमारी का एक संकेत होता है। इसकी वजह से शरीर पीला दिखने लग जाता है।और इसकी वजह से कमजोरी और थकान भी हो सकती है। यदि आपको इस प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसके बाद आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए यही जरूरी भी है।
  • ‌‌‌किडनी की कार्य प्रणाली के सही नहीं होने की वजह से भी उच्चरक्तचाप हो सकता है। आपको इसके बारे मे अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।जब किडनी की कार्य प्रणाली सही तरीके से काम नहीं करती है तो इसकी वजह से शरीर के अंदर काफी अधिक नमक जमा होने लग जाता है। आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए ।सिरदर्द, पेट में दर्द, अँधेरा छाना आदि उच्च रक्तचाप के लक्षण हो सकते हैं। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए आप इस बात को समझ सकते हैं।
  • ‌‌‌इसके अलावा यदि किडनी के अंदर किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो इसकी वजह से आपकी बाहरी त्वचा काफी सूख जाती है और त्वचा पर कई बार खुजली भी होने लग जाती है। आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।क्योंकि इसका कारण यह है कि शरीर के अंदर विषाक्त पदार्थों का जमाव होता है जिसकी वजह से ऐसा ‌‌‌होता है। आप बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।
  • ‌‌‌इसके अलावा यदि किसी की किडनी काफी कमजोर हो जाती है तो इसके कई लक्षण प्रकट होने लग सकते हैं। यदि मूत्र के अंदर झाग आता है तो यह किड़नी की समस्या का संकेत देता है।यह आमतौर पर किडनी का फिल्टरिंग सिस्टम के खराब होने की वजह से ऐसा होता है। आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।
  • मूत्र में रक्त ट्यूमर, गुर्दे की पथरी या किसी भी तरह के संक्रमण भी इस बात का संकेत दे सकता है कि आपको किडनी की समस्या है। आप एक बार अपने डॉक्टर से बात करें और आपके डॉक्टर आपको जो निर्देश देते हैं आपको उनका अच्छी तरह से पालन करना जरूरी हो जाता है।

‌‌‌यदि आप किडनी की समस्या से बचना चाहते हैं तो आप कई उपाय कर सकते हैं जोकि आपकी किडनी की समस्या को दूर करने मे काफी अधिक मदद करते हैं आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

  • इसके लिए आपको खूब पानी पीना चाहिए । यदि आप अधिक पानी पीते हैं तो आपकी किडनी के लिए विषाक्त पदार्थों को निकालना ‌‌‌काफी अधिक आसान हो जाएगा आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।
  • इसके अलावा कुछ लोगों की अधिक नमक खाने की आदत होती है। यदि आप किडनी की समस्याओं से दूर रहना चाहते हैं तो नमक कम खाएं और खारा करके नहीं खाएं । ऐसा करने से किड़नी पर भार कम होता है।
  • ‌‌‌इसके अलावा यदि आपके शरीर का वजन अधिक है तो उसे कम करने का प्रयास करें । इस तरह का भोजन ना खाएं या फिर कम खाएं जोकि अधिक मोटापे को बढ़ाने का काम करते हैं। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित रूप से जांच करें और उसके बाद यदि कुछ भी गड़बड़ मिलती है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें और वह ‌‌‌जो निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए  यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी चीज है आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।
  • ‌‌‌इसके अलावा यदि आप धुम्रपान करते हैं तो वह भी आपको बंद कर देना चाहिए यह जरूरी है। क्योंकि यदि आप एक सिगरेट भी पीते हैं तो उसकी वजह से आपकी किडनी को काफी भयंकर नुकसान होता है। इसलिए आपको सिगरेट और दूसरा किसी भी तरह का धुम्रपान बंद कर देना चाहिए ।‌‌‌इस तरह से यदि आपको यह लगता है कि आपकी किडनी के अंदर समस्या हो सकती है तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है। आपको उसका पालन करना चाहिए यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी है।

‌‌‌3,चंद्रप्रभा वटी के फायदे मूत्र रोग के लिए

दोस्तों चंद्रप्रभा वटी के फायदे मूत्र रोग के अंदर भी होते हैं। यह कई तरह से मूत्र रोगों मे फायदेमंद होती है। आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए । मूत्र रोग पुरूष और महिलाओं दोनों के अंदर हो सकते हैं।हमारा शरीर का गुर्दा अंग मूत्र बनाने का काम करता है। ‌‌‌इसके अलावा भी यह बहुत सारे काम करता है। इसके बारे मे भी आपको पता होना चाहिए । जैसे खून को शुद्ध करने का काम करता है पानी का संतुलन और क्षार का संतुलन आदि सभी तरह के यह काम करता है। हालांकि मूत्र रोग यदि किसी को होता है तो सही समय पर इसको पहचान लेना जरूरी हो जाता है।

‌‌‌यदि इसकी सही समय पर पहचान नहीं होती है तो उसके बाद यह रोग काफी भयंकर होता चला जाता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए । और आप इस बात को समझ सकते हैं। यदि हम मूत्र रोग के कारणों की बात करें तो वैसे तो इसके कई सारे कारण हो सकते हैं। लेकिन अधिकतर केस के अंदर जीवाणू और कवक ‌‌‌आदि की वजह से मूत्र पथ के अंदर संक्रमण हो सकता है जिसकी वजह से सूजन और लालिमा आ सकती है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

यदि हम मूत्र रोग के लक्षणों की बात करें तो इसकी वजह से कई सारे लक्षण प्रकट हो सकते हैं जोकि इस रोग के बारे मे बताते हैं तो आइए जानते हैं इन लक्षणों के ‌‌‌बारे मे पूरे विस्तार से आप समझ सकते हैं।

तीव्र गंध वाला पेशाब होना, पेशाब का रंग बदल जाना ,पेशाब मे जलन होना ।पेट मे पीड़ा का होना पेट मे बुखार होना भी मूत्र रोग के लक्षण हो सकते हैं। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।आपको बतादें कि पुरूषों की तुलना मे स्त्री के अंदर मूत्र रोग अधिक देखने को मिलता है। आपको इसके बारे मे पता ‌‌‌होना चाहिए आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

‌‌‌यदि आपको किसी भी तरह का मूत्र विकार है तो आपको एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और आपका डॉक्टर आपको जो भी निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए । यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी होता है। आप भी इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

4.स्मरण शक्ति (memory) को बढ़ाने का काम करती है चंद्रप्रभा वटी

दोस्तों आजकल हर इंसान चाहता है कि उसकी यादाश्त तेज हो और वह अपनी यादाश्त को बेहतर बनाने के लिए काफी अच्छे तरीके से काम करती है। इसके लिए वह कई चीजों का यूज करता है। चंद्रप्रभावटी यादाश्त को बेहतर बनाने का काम करती है। इसके बारे मे ‌‌‌ आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए । आप इस बात को समझ सकते हैं। खैर जो भी हो यादाश्त को बेहतर बनाने के लिए आप एक बार चंद्रप्रभा वटी का यूज करके देख सकते हैं। और यदि आपको यह काफी फायदेमंद लगती है तो आप इसका यूज करना जारी रख सकते हैं। लेकिन आपको अपने डॉक्टर से एक बार इसके बारे मे परामर्श करना ‌‌‌ होगा और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है आपको उसका भी पालन करना होगा । यही आपके लिए काफी अधिक फायदेमंद हो जाता है आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

‌‌‌मैमोरी पॉवर को बढ़ाने के लिए और भी कई दवाएं और नुस्खे मार्केट के अंदर आते हैं लेकिन देशी नुस्खा काफी बेहतर होता है आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए  ।खैर जो भी है। मैमोरी पॉवर एक बहुत ही अच्छी चीज है। और उसको बढ़ाना भी जरूरी होता है। क्योंकि आज के समय मे हर चीज के अंदर बहुत अधिक

‌‌‌कम्पीटिशन बढ़ चुका है। और इसके अंदर वही इंसान काफी सफल होता है जोकि मैमोरी पॉवर वाला हो । जिनको याद नहीं रहता है उनका सफल होना बहुत ही कठिन है। यह बात अलग है कि वे जैक और चैक की मदद से सफल हो जाए।

‌‌‌असल मे चंद्रप्रभा वटी के अंदर खास प्रकार की चीजें यूज की जाती हैं जोकि आपके दिमाग को रिलेक्स करने का काम करती हैं। और आपके लिए बेहतर करती हैं। आप इस बात को समझ सकते हैं।

5.पतंजलि चंद्रप्रभा वटी से बढ़ाएं शारीरिक ताकत chandraprabha vati ke fayde

‌‌‌दोस्तों शारीरिक ताकत बढ़ाने के लिए भी चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। शरीर के अंदर उर्जा देने के लिए और स्फूर्ति के लिए चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए । आप समझ सकते हैं।

‌‌‌यदि आप शारीरिक बल से काम करते हैं एक किसान हैं या फिर एक मजदूर हैं तो शारीरिक ताकत का होना बहुत ही जरूरी हो जाता है। यदि शारीरिक ताकत नहीं है तो आप कोई भी काम ठीक तरह से नहीं कर पाएंगे और काम करते हुए थक जाएंगे । क्योंकि आपके पास एनर्जी नहीं होगी आप इस बात को अच्छी तरह से समझ जाएंगे।

‌‌‌चंद्रप्रभा वटी आमतौर पर शरीर को बल प्रदान करने का काम करती है। यह शरीर को उर्जा देने का काम करती है। जिससे कि आपका शरीर काफी ताकतवर बनता है। और आप इस ताकत के बलबूते पर आसानी से काम कर सकते हैं। और आपको जल्दी ही थकान नहीं होगी ।

‌‌‌यदि आप शरीरिक मेहनत का काम करते हैं तो फिर आपके लिए चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए । यह आपके शरीर की उर्जा को बढ़ाती है। जिससे कि जल्दी ही थकान होने की जो समस्या होती है वह हल हो जाती है।

‌‌‌6.चंद्रप्रभा वटी के लाभ गुप्त रोगों के अंदर

दोस्तों जब सफेद पदार्थ अधिक निकलने लगता है तो इसका असर शरीर के उपर भी पड़ने लग जाता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता ही होगा । और सफेद पदार्थ आमतौर पर संबंध अधिक बनाने से भी निकल सकता है या फिर किसी बीमारी की वजह से भी ऐसा हो सकता है। ‌‌‌इसकी वजह से शरीर के अंदर कई सारे लक्षण देखने को मिलते हैं। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए । लेकिन यह जो लक्षण होते हैं वह इस प्रकार से होते हैं। जैसे चेहरा काफी कमजोर दिखाई देता है। और भूख भी काफी कम लगती है। और आंखे अंदर धंस जाती हैं। चेहरे की कांति भी नष्ट हो जाती है।

‌‌‌यदि आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आप चंद्रप्रभा वटी का सेवन कर सकते हैं। और इसके लिए आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना होगा और आपके डॉक्टर आपको जो निर्देश देते हैं आपको उसकी का पालन करना होगा उम्मीद करते हैं कि आपको सब कुछ पसंद आएगा और आपको इसके अंदर काफी फायदा मिलेगा ।

‌‌‌7.स्त्री रोगों के अंदर चंद्रप्रभा वटी के फायदे

दोस्तों स्त्री रोगों के अंदर भी चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।स्त्री रोग वे होते हैं जोकि स्त्री से खास तौर पर जुड़े होते हैं। जैसे कि गर्भाश्य आदि से जुड़े रोग का होना गुप्त अंग से जुड़ रोगों का होना।

‌‌‌स्त्री रोग के अंदर यह काफी फायदेमंद होती है। स्त्री रोगों के अंदर से हम कुछ रोगों पर प्रकाश डालने का प्रयास करते हैं जिससे कि आपको पता चल जाएगा कि यह किस तरह से स्त्री रोगों के अंदर उपयोग होती है। आपको पता होना चाहिए ।

8.अनियमित पीरियड्स या मिस्ड पीरियड्स

‌‌‌दोस्तों अनियमित पिरियड का आना भी एक तरह से यह बताता है कि आपको स्त्री रोग की समस्या है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए । हालांकि अनियमित पिरियड का कारण महिलाओं का खान पान और तनाव हो सकता है। यदि वे सही से इन सब चीजों पर ध्यान देती हैं तो समस्या का हल निकाला जा सकता ‌‌‌ है।

यूटेरस में दर्द

-हाथ-पैर, कमर और स्तन में दर्द

-भूख कम लगना

-थकान महसूस होना

-कब्ज

आदि लक्षण इस दौरान प्रकट हो सकते हैं।

‌‌‌आमतौर पर अनियमित पिरियड का जो कारण होता है वह अधिकतर केस के अंदर हार्मोन के अंदर बदलाव ही होता है। शरीर के अंदर हार्मोन मे बदलाव की वजह से यह समस्या होती है। आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए ।

‌‌‌9.मूत्र पथ मे संक्रमण स्त्री रोग

दोस्तों मूत्र पथ के अंदर संक्रमण का होना पुरूष की तुलना मे स्त्री मे सबसे अधिक आम होता है। आपको इसके बारे मे अच्छी तरह से पता होना चाहिए । यदि मूत्र पथ के अंदर संक्रमण हुआ है तो यह आमतौर पर आंत के अंदर रहने वाले बैक्टिरिया की वजह से होता है। ‌‌‌और इस संक्रमण की वजह से कई सारे लक्षण प्रकट हो सकते हैं जिनको देखकर आप यह पता लगा सकते हैं कि मूत्र पथ मे संक्रमण हुआ है या फिर नहीं हुआ है ?

‌‌‌यदि हम इसके लक्षणों की बात करें तो इसके कई सारे लक्षण प्रकट हो सकते हैं। जैसे कि

बार बार मूत्र का आना

मूत्र पथ मे सूजन और दर्द

रक्त भी आ सकता है

जलन हो सकती है।

‌‌‌पेट के नीचले हिस्से के अंदर दर्द का होना भी मूत्र पथ मे संक्रमण को दर्शाता है।

अधिकांश यूरिन इन्फेक्शन / यूटीआई संक्रमण ई-कोलाई की वजह से होता है जोकि पाचन तंत्र के अंदर रहता है। जिसकी वजह से कई सारे लक्षण प्रकट हो सकते हैं। यदि आप मूत्र पथ के संक्रमण से बचना चाहते हैं तो फिर आपको चाहिए कि आप कुछ चीजों का ध्यान रखें जिससे कि आप संक्रमण से बहुत ही आसानी से बच जाएंगे । ‌‌‌इस तरह से आप बात को बहुत ही अच्छे तरीके से समझ सकते हैं।

  • ‌‌‌शुगर की समस्या को कम करने का प्रयास करें। इससे संक्रमण का खतरा काफी अधिक होता है।
  • अनजान लोगों के साथ शारीरिक संपर्क नहीं बनाना चाहिए । यह जरूरी है।
  • मूत्र का अवरुद्ध प्रवाह।
  • पथरी।
  • गर्भनिरोधक का उपयोग।
  • गर्भावस्था।
  • रजोनिवृत्ति।
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के होने से
  • अधिक एंटिबायोटिक दवा के ‌‌‌उपयोग से ।

‌‌‌यदि आप यूरीन इन्फेक्सन से बचाव करना चाहते हैं तो इसके लिए आप कई चीजों को कर सकते हैं।

  • आपको अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए । यदि आप अधिक पानी का सेवन करते हैं तो संक्रमण होने का खतरा भी काफी कम हो जाता है।
  • ‌‌‌यदि आप अधिक शराब और कैफीन जैसे चाय आदि का सेवन करते हैं तो यह संक्रमण के खतरे को बढ़ा देता है। इसलिए आपको इनका सेवन करना कम कर देना चाहिए यही आपके लिए जरूरी होगा ।
  • इसके अलावा काम करने के बाद पेशाब करना बहुत ही जरूरी होता है।
  • ‌‌‌अपने गुप्त अंगों को साफ रखना भी बहुत अधिक जरूरी होता है तो गुप्त अंगों को साफ रखें ।
  • ढीले कपड़ें पहनने से संक्रमण का खतरा भी काफी कम हो जाता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌यदि हम मूत्र पथ संक्रमण के ईलाज की बात करें तो पहले डॉक्टर यह जानने का प्रयास करते हैं कि यह संक्रमण किस वजह से हुआ है ? उसके बाद दवा देते हैं। बैक्टीरिया से भी यह संक्रमण हो सकता है। और इसके लिए दवाएं दी जा सकती हैं। जिससे कि संक्रमण ठीक हो जाए । इसके अंदर खासतौर पर एंटिबोयोटिक दवाएं काम ‌‌‌करती हैं। लेकिन डॉक्टर कि बिना अनुमति के इन दवाओं का सेवन नहीं किया जाना चाहिए वरना नुकसान हो सकता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।मूत्र मार्ग संक्रमण कवक की वजह से भी हो सकता है। इसके लिए एंटिफंगल दवाएं काफी अधिक कारगर होती हैं। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌वैसे तो यह संक्रमण काफी डेंजर नहीं होता है। लेकिन यदि इसका भी समय पर ईलाज नहीं करवाया जाता है तो उसके बाद यह डेंजर रूप को धारण कर लेता है और समस्याएं काफी अधिक बढ़ जाती हैं। यदि आपको संक्रमण का पता चलता है तो जल्दी से जल्दी अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश ‌‌‌देता है आपको उसका पालन करना चाहिए । आमतौर पर उपर दिये गए उपायों को फोलो किया जाना चाहिए । जिससे कि संक्रमण से बचा जा सकता है। नहीं तो संक्रमण होने का खतरा काफी अधिक बढ़ सकता है।

  • ‌‌‌इसके अलावा यदि आप गर्भवति हैं और आपको संक्रमण हो गया है तो आपको अस्पताल जाना होगा ।
  • यदि किसी को कैंसर है और संक्रमण हो गया है तो अस्पताल जाना होगा ।
  • यदि किसी महिला के अंदर बार बार संक्रमण हो रहा है तो उसको अस्पताल जाने की जरूरत हो सकती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌10.गर्भाश्य का आकार बढ़ना chandraprabha vati ke fayde

दोस्तों गर्भाश्य के आकार बढ़ने के अंदर भी चंद्रप्रभा वटी काफी फायदे मंद होती है। यदि किसी को इस तरह की समस्या है तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उसके बाद डॉक्टर जो भी निर्देश देता है उसका पालन किया जाना चाहिए ।

गर्भाशय के आकार बढ़ने के कारणों की ‌‌‌बात करें तो इसके कई सारे कारण हो सकते हैं। जिसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।युटेराइन फाइब्रॉइड और एडेनोमियोसिस ,एडेनोमियोसिस की वजह से गर्भाश्य का आकार मोटा हो जाता है जो गर्भाश्य की भीतरी परत होती है वह बाहर की तरफ चली जाती है। जिसकी वजह से यह काफी मोटा हो जाता है।

पेल्विक कंजेशन सिंड्रोम की वजह से भी गर्भाश्य का आकार बढ़ सकता है। इसके अलावा अधिक मात्रा मे यदि आप गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करते हैं या फिर गर्भाश्य के अंदर सूजन आ जाता है तो उसकी वजह से भी गर्भाश्य का आकार बढ़ जाता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

फाइब्रॉएड्स गर्भाशय एक प्रकार की स्थिति होती है इसके अंदर गर्भाश्य के अंदर एक प्रकार का टयूमर बन जाता है जोकि मटर के दाने से लेकर काफी बड़ा हो सकता है। हालांकि यह कैंसर नहीं होता है। लेकिन यदि समय पर इसका ईलाज नहीं किया जाता है

 तो उसके बाद यह कैंसर के अंदर विकसित हो जाता है। आप बात को समझ ‌‌‌सकते हैं।यह जो रोग होता है वह 30 से अधिक साल की महिलाओं के अंदर देखने को मिलता है।गर्भाशय का कैंसर की वजह से भी गर्भाश्य का आकार बढ़ने लग जाता है। शुरूआती के अंदर इस तरह के कैंसर के कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं। लेकिन यदि समय पर इसके उपर ध्यान नहीं दिया जाता है तो फिर यह आकार मे बड़ा टयूमर ‌‌‌बन जाता है और उसके बाद कई सारे लक्षण प्रकट होने लग जाते हैं। आप इस बात को समझ सकते हैं। उसके बाद पेशाब मे दर्द और खून आ सकता है। और दर्द अधिक हो सकता है। आप जांच की मदद से इस तरह के टयूमर का बहुत ही आसानी से पता लगा सकते हैं।

गर्भाशय को यदि आपको हेल्दी रखना है तो आपको नियमित रूप से अच्छी डाइट वाला खाना खाना होगा इससे आपका जो गर्भाश्य है वह काफी हेल्दी रहेगा और नियमित रूप से व्यायाम करना भी बहुत ही जरूरी होता है। आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।सदैव पौष्टिक आहार लें और नियमित रूप से आपको व्यायाम करना ‌‌‌चाहिए । यह आपके लिए काफी अधिक जरूरी हो जाता है। आप भी इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं। यदि आपके भी गर्भाश्य के अंदर समस्या है तो फिर जल्दी से जल्दी अपने डॉक्टर से संपर्क करें ।

‌‌‌11.गर्भाश्य के कमजोर होने पर

‌‌‌गर्भाश्य के कमजोर होने पर  भी चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। गर्भाश्य महिला का एक यौन प्रजनन अंग है। यदि महिला बच्चा पैदा करना चाहती है तो उसका गर्भाश्य काफी सही स्थिति के अंदर और मजूबत होना बहुत ही जरूरी हो जाता है। यदि मजबूत नहीं है तो उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ ‌‌‌सकता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

‌‌‌जिन महिलाओं को गर्भधारण करने मे परेशानी आ रही है उनका गर्भाश्य काफी कमजोर हो सकता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।गर्भाशय की मांसपेशियां शरीर  के अंदर काफी अधिक मजबूत होती हैं । लेकिन सही खान पान नहीं करने की वजह से यह काफी कमजोर हो जाती हैं।

अगर बच्चेदानी कमजोर होगी, तो गर्भ नहीं ठहरेगा।

बार-बार मिसकैरेज हो जाएगा

कब्ज की समस्या रहेगी

अलग तरह की ब्लीडिंग और डिस्चार्ज होने लगेगा

12.यूरिन इन्फेक्सन का होना chandraprabha vati ke fayde hindi mein

यदि आपको यह सभी लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो यह एक तरह से कमजोर ‌‌‌गर्भाश्य की पहचान हैं आपको चाहिए कि आप किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाएं और अपना ईलाज करवाएं ।निषेचित डिंब का गर्भाशय के अंदर पोषण होता है। और बल्ड सैल्स की मदद से बच्चे को पोषण मिलता है। यदि गर्भाशय सही तरीके से काम नहीं कर पाता है तो उसके बाद कई तरह की समस्याएं होने लग जाती हैं। जैसे कि अनियमित मासिक धर्म, गर्भाशय फाइब्रॉइड ‌‌‌ आदि समस्याएं हो सकती हैं। और आप इस बात को समझ सकते हैं।

‌‌‌यदि आप अपनी बच्चेदानी को मजबूत करना चाहती हैं तो आप कई चीजों का सेवन कर सकती हैं। जिसके अंदर नटस और हरी पत्तेदार सब्जी का आप सेवन कर सकती हैं जोकि आपके लिए काफी फायदेमंद होती हैं। और आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

‌‌‌13.चंद्रप्रभा वटी दर्द निवारक भी है

दोस्तों आपको यह पता होना चाहिए कि चंद्रप्रभा वटी एक तरह से दर्द निवारक भी होती है। आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए ।जोड़ों के दर्द, गठिया वात के दर्द, जोड़ों के सूजन  आदि को समाप्त कर सकती है। इस तरह से यह दर्द को कम करने या उसे समाप्त करने के पीछे भी ‌‌‌काम करती है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

‌‌‌दर्द एक प्रकार की समस्या होती है। जिसके अंदर हमारे दिमाग को बुरा अनुभव होता है। दर्द कई कारणों से हो सकता है। जैसे कि शरीर के उत्तकों को नुकसान होता है तो उसकी वजह से भी दर्द हो सकता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

‌‌‌आपको बतादें कि दर्द का वैसे कोई लक्षण नहीं होता है। क्योंकि यह अपने आप मे ही एक लक्षण है जिसका एहसास किसी को भी हो सकता है। और हर इंसान अपने जीवन के अंदर कम से कम एक बार तो दर्द का अनुभव करता ही है। आप भी इस बात को समझ सकते हैं।

‌‌‌दर्द होने के कई सारे कारण हो सकते हैं। यह आमतौर पर बाहरी कारणों की वजह से हो सकता है या फिर किसी अंदरूनी कारणों की वजह से भी हो सकता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌जैसे कि आपको किसी तरह की चोट लग सकती है तो उसकी वजह से भी दर्द हो सकता है। चोट कमर या हड्डी के अंदर कहीं पर भी लग सकती है। सिर के अंदर भी चोट लग सकती है। जिसकी वजह से दिमाग दर्द का अनुभव करता है।

और यदि हम बात करें दर्द के ईलाज की तो यह कई तरह से किया जा सकता है। मार्केट के अंदर कई सारी ‌‌‌पैनकिलर दवाएं हैं उन दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। दर्द का ईलाज करने के लिए आपको पता होना चाहिए ।सिटामिनोफेन, ओपिओइड्स और नॉनस्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं भी इसके लिए मौजूद हैं। इसके अलावा कई तरह की त्वचा पर लगाई जाने वाली क्रीम भी मौजूद हैं जिसकी मदद से दर्द का ईलाज किया जा सकता ‌‌‌ है।इसके अलावा यदि आप एक्सरसाइज करते हैं तो उसकी वजह से भी दर्द से राहत मिल सकती है।

जोड़ों के दर्द के अंदर खास तौर पर चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। जोड़ा का जो दर्द होता है वह सिर्फ जोड़ों को प्रभावित करता है। और इसकी वजह से कम या अधिक जोड़ों मे दर्द हो सकता है।जोड़ों के अंदर दर्द आमतौर पर संक्रमण या फिर किसी तरह के गठिया की वजह से हो सकता है। इसके बारे मे आपको पता ‌‌‌ होना चाहिए । और यही आपके लिए काफी अधिक सही होगा आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

‌‌‌जोड़ों के दर्द के लिए मार्केट के अंदर कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं उन दवाओं की मदद से जोड़ों के दर्द का ईलाज किया जा सकता है। इसके अलावा इससे सूजन कम होता है।बर्फ से भी सिकताव करना चाहिए।  आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

  • ‌‌‌दोस्तों आपको बतादें कि जोड़ों के अंदर दर्द के साथ यदि सूजन होता है तो वह गठिया का संकेत होता है। लेकिन यदि जोड़ों के अंदर दर्द है लेकिन सूजन नहीं है तो इसका मतलब यह है कि आपको गठिया नहीं है।
  • जलन, खुजली, सुन्न होना, दर्द या कोमलता, लाली, गर्माहट या सूजन आदि लक्षण जोड़ों के दर्द के अंदर ‌‌‌ आपको महसूस हो सकते हैं।
  • ‌‌‌आपको बतादें कि हर प्रकार का जोड़ों का दर्द गठिया की वजह से नहीं होता है। यह एक आम दर्द भी हो सकता है।

‌‌‌दोस्तों जोड़ों के दर्द की बात करें तो यह आमतौर पर कई सारे लक्षणों को प्रकट कर सकता है तो आइए जानते हैं इन लक्षणों को जिसकी मदद से आप आसानी से यह पहचान सकते हैं कि आपको जोड़ों के अंदर दर्द है।

  • अकड़न।
  • जोड़ों में दर्द।
  • लाली।
  • जोड़ों की गतिशीलता करने की क्षमता में कमी।

‌‌‌दोस्तों जोड़ों के दर्द की कारणों की बात करें तो इसके कई सारे कारण हो सकते हैं। जिससे कि जोड़ों का दर्द हो सकता है तो डॉक्टर आमतौर पर कारणों के आधार पर जोड़ों के दर्द का उपचार करने की कोशिश करते हैं तो आइए जानते हैं जोड़ों के दर्द के कारणों की ।

  • रूमेटीइड गठिया
  • जोड़ों की तरलयुक्त थैली मे सूजन होना ।
  • गाउट
  • वायरस के कारण संक्रमण।
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस
  • ऐंठन होना ।

‌‌‌जोड़ों का यदि दर्द है तो फिर खानपान के अंदर भी आपको परहेज करना होगा । यदि आप खानपान से परहेज नहीं करते हैं तो फिर जोड़ों के दर्द के अधिक होने के चांस काफी अधिक बढ़ जाते हैं तो आइए जानते हैं खानपान के अंदर आपको क्या करना होगा ।

  • तले हुए खाद्य पदार्थ।
  • चीनी।
  • शराब।
  • बाहर का खाना।
  • ट्रांस-संतृप्त फैट वाले पदार्थ।
  • कोक और पेप्सी जैसे सॉफ्ट ड्रिंक।

14.कमर दर्द में चंद्रप्रभा वटी के फायदे

दोस्तों आपको बतादें कि कमर दर्द एक बहुत ही आम समस्या होती है।और जीवन के अंदर कम से कम एक बार तो हर इंसान को कमर दर्द का सामना करना ही पड़ता है। आप इस बात को अच्छी तरह से समझ सकते हैं।कई बार यह अपने आप ही ठीक हो जाता है तो कई बार इसको ठीक होने मे काफी अधिक ‌‌‌समय लगता है। वैसे आपको यह बतादें कि कमर दर्द एक तरह की आम समस्या होती है। और चंद्रप्रभा वटी इसके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है। आप एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श करें और डॉक्टर आपको जो निर्देश देते हैं उसका पालन करें ।

‌‌‌कमर दर्द आमतौर पर कई कारणों की वजह से हो सकता है। जैसे कि अचानक क्रिया का होना चोट लगना । मांसपेशियों या फिर हडियों के अंदर भी दर्द हो सकता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌बार बार होने वाले कमर दर्द और पीठ दर्द को रोकने के लिए आप दवा की मदद ले सकते हैं। और दवा की मदद से आप उस दर्द को रोक सकते हैं जोकि आपको काफी अधिक परेशान कर रहा था।

‌‌‌कमर दर्द के कई सारे लक्षण हो सकते हैं।जिसके बारे मे आपको पता होना चाहिए आपको जो भी लक्षण महसूस होते हैं उसको आपको अपने डॉक्टर को बताया जाना चाहिए और आपका डॉक्टर आपसे इसके बारे मे पूछेगा भी ।कमर दर्द के अंदर कमर मे होने वाला दर्द होता है जोकि कभी भी पैरों तक भी पहुंच सकता है।

  • वजन घटना
  • शरीर का तापमान बढ़ना (बुखार)
  • कमर पर सूजन
  • कमर में लगातार दर्द होना, और लेटना या आराम करना मदद नहीं करता
  • दर्द का कमर से पैरों तक जाना
  • यूरिन का कंट्रोल खोना
  • कमर मे चोट लगना ।
  • पेशाब करने मे असयम
  • गुप्त पार्ट के आस पास सुन्न्ता ।
  • नितंबों के आसपास का स्थान सुन्न हो जाना ।
  • इसके अलावा कमर दर्द की वजह से आपको उठने बैठने मे समस्या हो सकती है।

‌‌‌यदि हम कमर दर्द के कारणों की बात करें तो कमर दर्द के कई सारे कारण होते हैं। जिसकी वजह से कमर दर्द हो सकता है तो आइए जानते हैं उन कारणों के बारे मे जिसकी वजह से कमर मे दर्द हो सकता है।

  • मांसपेशियों में खिंचाव
  • लिगामेंट में खिंचाव
  • मांसपेशी में ऐंठन
  • किसी वस्तु को अनुचित तरीके से उठाना
  • अधिक वजन का उठाना
  • पेट के अंदर अधिक गैस का बनना ।
  • विच्छेदित डिस्क  भी कमर दर्द पैदा कर सकती है। हमारे शरीर के अंदर रीढ़ की हड्डी के अंदर डिस्क होती है। यदि वह टूट जाती है तो कमर के अंदर दर्द हो सकता है।
  • स्लिप डिस्क भी एक प्रकार की समस्या होती है जोकि तंत्रिका पर काफी अधिक दबाव डालती है। जिसकी वजह से कमर मे दर्द हो सकता है।
  • ‌‌‌इसके अलावा यदि रीढ की हड्डी असामान्य रूप से ढेडी हो जाती है तो उसकी वजह से भी कमर मे दर्द हो सकता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

15.पीलीया मे चंद्रप्रभा वटी के फायदे chandraprabha vati ke fayde hindi mein

दोस्तों पीलिया के अंदर भी चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए । असल मे यदि किसी को पिलिया हो जाता है तो वह चंद्रप्रभा वटी का यूज कर सकता है। ‌‌‌पीलिया एक प्रकार की बीमारी होती है जोकि बिलीरुबिन  की मात्रा शरीर के अंदर अधिक होने से हो जाती है।जब लाल रक्त कोशिकाएं टूट जाती हैं तो फिर बिलीरुबिन  का निर्माण होता है। आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए ।इसकी वजह से आंख और नाखून के हिस्से पीले रंग के दिखाई देने लग जाते हैं। वैसे आपको ‌‌‌बतादें कि पिलिया छोटे बच्चों के अंदर अधिक होता है। हालांकि यह वयस्कों के अंदर भी हो सकता है।यदि इसका समय पर ईलाज किया जाता है तो फिर यह आसानी से खत्म भी हो जाता है।

यदि हम बात करें पीलिया के फैलने की तो यह रोगी के मल से फैलता है। जब रोगी अपने हाथों को सही तरीके से साफ नहीं करता है तो ‌‌‌यह दूसरे किसी के अंदर फैल सकता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । इसके अलावा खाने पीने की चीजों को सही ढंग से रखा जाना चाहिए साफ सफाई बहुत ही जरूरी होती है।

‌‌‌यदि हम बात करें पीलिया के लक्षणों की तो पिलिया के कई सारे लक्षण हो सकते हैं जिसकी मदद से आप इसको बहुत ही आसानी से पहचान सकते हैं। और पता लगा सकते हैं कि आपको पीलिया ही है। और आपके डॉक्टर भी इसके बारे मे आपकी मदद करते हैं तो आइए जानते हैं। इसके लक्षणों के बारे मे ।

  • सिर में दर्द होना
  • शरीर में जलन होना
  • हल्के रंग का मल होना
  • कब्ज की शिकायत होना
  • पेशाब का रंग गहरा होना
  • भूख ना लगना
  • कमजोरी होना
  • और वजन घटना
  • शरीर का पीला होना ।

‌‌‌यदि उपर दिये गए लक्षण किसी को भी अनुभव होते हैं तो उसे जल्दी से जल्दी अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर जो निर्देश देते हैं उनका पालन करना चाहिए । यह सबसे अधिक जरूरी है कि समय रहते पीलिया का उपचार करवाना चाहिए ।

मलेरिया थैलासीमिया गिल्बर्ट सिंड्रोम आदि की वजह से भी पीलिया हो सकता है।यदि किसी शिशु को पीलिया हो जाता है तो उसे जल्दी से जल्दी डॉक्टर के पास जाना चाहिए और डॉक्टर जो निर्देश देता है उसका पालन करना चाहिए । यह बहुत ही जरूरी है। पीलिया के लिए कुछ जांचे भी होती हैं। जो डॉक्टर आपको करवाने ‌‌‌के निर्देश दे सकता है।

‌‌‌यदि किसी को पीलिया हो चुका है तो उसे खाने पीने की चीजों पर भी ठीक से ध्यान देना चाहिए ।

  • फलों का जूस पीना चाहिए
  • दिन मे थोड़ा थोड़ा खाना खाना चाहिए ।
  • शुद्ध और ताजा भोजन करना चाहिए ।
  • दही
  • मूली
  • प्याज
  • और पपीता का सेवन करें ।

‌‌‌16.पथरी के अंदर चंद्रप्रभा वटी के फायदे

दोस्तों पथरी आजकल एक तरह से आम समस्या हो चुकी है। पित की पत्थरी और किडनी की पत्थरी यह सबसे आम हैं। यदि किसी को पत्थरी है तो उसको दवाओं से भी बाहर निकाला जा सकता है। और यदि दवाएं बेअसर साबित होती हैं तो फिर इसके लिए सर्जरी की जाती है। आपको बतादें ‌‌‌पत्थरी जब होती है तो इसकी वजह से असहनीय पीड़ा होती है। और काफी समस्याएं आती हैं। तेज पेट दर्द भी हो सकता है। यदि पत्थरी का समय रहते ईलाज नहीं किया जाता है तो फिर समस्याएं काफी अधिक बढ़ जाती हैं।

‌‌‌यदि हम बात करें पत्थरी के आकार की तो पत्थरी कई आकार के अंदर होती है। कुछ पत्थरी काफी छोटी होती है और यह आसानी से मूत्र मार्ग से बाहर निकल जाती है । लेकिन कुछ पत्थरी काफी बड़ी होती है तो इसको दूर करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा कुछ पत्थरी काफी खुरदरी होती है। जिसकी ‌‌‌वजह से यह काफी दर्द पैदा कर सकती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌अब आपके दिमाग के अंदर यह भी आता होगा कि पथरी किस कारण से होती है तो इसके कई सारे कारण हो सकते हैं। वैसे तो डॉक्टर भी पत्थरी के कारणों को ठीक से नहीं बता सकते हैं। लेकिन एक अनुमान लगाया जा सकता है।

  • ‌‌‌यदि आप कम पानी पीते हैं तो फिर आपको पत्थरी का सामना करना पड़ सकता है।
  • बार बार मूत्र मार्ग के अंदर संक्रमण होने की वजह से हो सकता है।
  • इसके अलावा वंशानुगत पत्थरी की समस्याएं हो सकती हैं।
  • विटामिन ‘सी’ या कैल्शियम आदि की कमी की वजह से पत्थरी हो सकती है।

‌‌‌आपको बतादें कि 30 से 40 साल के बीच मे पत्थरी होने की समस्या अधिक होती है। और पत्थरी जो होती है वह महिलओं की तुलना मे पुरूषों के अंदर अधिक देखने को मिलती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । ‌‌‌तो आइए जानते हैं पत्थरी के लक्षणों के बारे मे जिससे कि आपको इसके बारे मे ठीक से पता चल सके ।

  • पीठ और पेट में लगातार दर्द होता है
  • पेशाब मे जलन होना
  • पेशाब मे खून का आना ।
  • पेशाब अचानक बंद हो जाना
  • उबकाई का आना ।
  • ‌‌‌पथरी का जो दर्द होता है वह काफी भयंकर होता है जिसकी वजह से दिन मे तारे नजर आने लगते हैं।
  • किडनी की पत्थरी के अंदर कमर और आगे के पेडू मे दर्द होता है।
  • दर्द चलने या फिर उठने बैठने से काफी अधिक बढ़ जाता है।
  • ‌‌‌और यदि किसी को पत्थरी हो चुकी है तो मरीज को डॉक्टर के पास जाना पड़ता है और दर्द को कम करने का इंजेक्सन लगवाना पड़ता है।

‌‌‌आमतौर पर जो किडनी की पत्थरी होती है वह काफी अधिक चिकनी होती है। और यह लगभग दर्द नहीं करती है। यदि यह पेशाब मार्ग के अंदर आ जाती है तो फिर यह पेशाब को रोक सकती है। यदि समय पर इसका उपचार नहीं करवाया जाता है तो फिर किडनी काफी अधिक फूल जाती है और ‌‌‌फिर किडनी धीरे धीरे काम करना बंद कर देती है। बाद मे यदि पत्थरी को निकाल भी दिया जाए तो किसी भी तरह से कोई फायदा नहीं होगा क्याकि किडनी पहले जैसी काम नहीं कर पाएगी ।

सोनोग्राफी की मदद से पथरी की जांच की जा सकती है। सोनाग्राफी की मदद से आपको पता चल जाता है। और उसके बाद डॉक्टर यह डिसाइड करता है कि आपकी पथरी दवा से दूर की जा सकती है या फिर नहीं की जा सकती है। यदि पथरी काफी बड़ी हो सकती है तो उसके बाद सर्जरी करने की आवश्यकता होती है।

17.बवासीर के अंदर चंद्रप्रभा वटी के फायदे

बवासीर भी एक प्रकार का रोग होता है। जोकि काफी भयंकर रोग होता है। और इसके अंदर भी चंद्रप्रभा वटी काफी फायदेमंद होती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । बवासीर आमतौर पर दो प्रकार के होते हैं। एक बवासीर होता है बादी बवासीर और दूसरा होता है खूनी बवासीर ।

‌‌‌खूनी बवासीर के अंदर दर्द नहीं होता है। इसके अंदर सिर्फ खून आता है। और खून काफी अधिक आ सकता है। इसके अंदर मस्से अंदर होते हैं जो पहले पहले बाहर नहीं आते हैं। लेकिन उसके बाद लैट्रिन करते समय बाहर आने लग जाते हैं और आखरी स्टेज के अंदर यह बाहर ही लटकते रहते हैं और अंदर नहीं जाते हैं।

बादी बवासीर आमतौर पर पेट के खराब होने की वजह से होता है। जब बार बार पेट खराब होता है तो यह समस्या पैदा हो जाती है। और मल कड़ा होने की वजह से खून आने लग जाता है। और मस्सा अंदर होता है। और कड़ा मल अंदर की तरफ घाव पैदा कर देता है। यदि समय पर इसका ईलाज नहीं किया जाता है तो फिर यह और भयंकर रूप धारण ‌‌‌कर लेता है।

बवासीर बहुत पुराना होने पर भगन्दर हो जाता है। जिसे अँग्रेजी में फिस्टुला कहते हें। और यदि बवासीर का समय पर सही ईलाज नहीं किया जाता है तो यह आखरी स्टेज के अंदर कैंसर बन जाता है जोकि काफी भयंकर हो सकता है और रोगी की जान ले सकता है।

बवासीर के कारणों की बात करें तो यह कई सारे हो सकते हैं। लेकिन बवासीर होने का जो प्रमुख कारण होता है वह यह है कि आप आमतौर पर सही खान पान नहीं करते हैं अधिक तैलिय भोजन और मिर्च मसाला खाने की वजह से यह रोग हो सकता है।

‌‌‌इसके अलावा कुछ लोगों के अंदर यह रोग पीढी दर पीढी चलता रहता है। इसका कोई कारण समझ नहीं आता है।बस कंडक्टर, ट्रॉफिक पुलिस, पोस्टमैन आदि जो लोग घंटे तक खड़े रहते हैं उनको इस तरह की बीमारी से पिड़ित होने की संभावना काफी अधिक होती है।

‌‌‌आमतौर पर जिन लोगों को कब्ज होती हैं उनको बवासीर होने का खतरा काफी अधिक हो जाता है क्योंकि उनको मल के लिए काफी समय तक बैठा रहना पड़ता है और इससे नसों पर जोर पड़ता है और फिर नसों के अंदर सूजन आ जाता है। ‌‌‌इसके अलावा गुदा के कैंसर की वजह से भी यह हो सकता है।

‌‌‌वैसे यदि बवासीर कुछ दिनों के अंदर ठीक हो जाता है। लेकिन यदि यह कुछ दिनों के अंदर ठीक नहीं होता है तो उसके बाद इसके कई सारे लक्षण दिखने लग जाते हैं। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

  • ‌‌‌जैसे कि गुदा के आस पास गांठ जैसा महसूस हो सकता है। जिसके अंदर खून भी बह सकता है
  • शौच के बाद भी पेट साफ ना होने का आभास होना ।
  • गुदा के आस-पास खुजली, एवं लालीपन, व सूजन रहना।
  • शौच आने पर अधिक पीड़ा का होना ।
  • बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना

‌‌‌इन लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए वरना यह काफी अधिक घातक हो सकते हैं। और समस्या को बहुत ही अधिक बढ़ा सकते हैं। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

बवासीर और भगन्दर यह दो शब्द आपने काफी अधिक सुन रखे हैं लेकिन यह दोनों एक ही नहीं होते हैं बवासीर के अंदर होता यह है कि नीचे की रक्तवाहिनियों के अंदर सूजन आ जाता है। लेकिन भगंदर मे ऐसा नहीं होता है।असल मे भगंदर तब होता है जब गुदा मार्ग के अंदर फोड़ा होता है। ‌‌‌और उस फोड़े की वजह से रक्तवाहिनियां आपस मे जुड़ जाती हैं। और इसकी वजह से भंगदर हो जाता है। लेकिन आमतौर पर जब बवासीर का लंबे समय तक ईलाज नहीं किया जाता है तो यह भगंदर का रूप भी धारण कर लेता है। इसके बारे मे आपको अच्छे से पता होना चाहिए ।

‌‌‌यदि आपको भी बवासीर है तो यह पहली अवस्था मे है तो आप इसका आसानी से घर पर ही ईलाज कर सकते हैं और अपने खान पान के अंदर बदलाव करें। ऐसी चीजों का सेवन ना करें जोकि बवासीर मे उपयोगी नहीं हैं जैसे कि मिर्च मसाले और तेल । इसके अलावा छाछ और दूसरी ठंडी चीजों का सेवन आपको करना चाहिए ।

‌‌‌यदि आप ठंडी चीजों का सेवन करते हैं तो फिर समस्या ठीक हो सकती है। और बाद मे आपको अपने रूटीन को जारी रखना होगा हालांकि कभी कभी तैलिय भोजन करने से कुछ नहीं होता है। लेकिन यदि आप सिर्फ तैलिय ही भोजन कर रहे हैं छाछ दही जैसी चीजों का सेवन नहीं कर रहे हैं तो फिर ‌‌‌ आपको बवासीर होने का खतरा बना रहता है। यदि आप सामान्य नसों के सूजन के अंदर डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर आपको सूजन कम करने की दवा दे सकते हैं। इसके अलावा कब्ज को कम करने की दवा भी आपको दी जा सकती है। कुछ दिन यदि आप इस दवा का सेवन करते हैं तो सब कुछ ठीक हो जाएगा ।

‌‌‌आगे फिर आप अपना ध्यान रख सकते हैं और उसके बाद सारी समस्या धीरे धीरे ठीक हो जाएगी । लेकिन यदि आप अपने खाने पीने के अंदर किसी भी तरह का बदलाव नहीं करते हैं तो बवासीर आगे काफी बढ़ता ही जाता है और बाद मे ऑपरेशन के अलावा इसका कोई भी चारा नहीं होता है।

‌‌‌ऑपरेशन के बाद भी यह फिर से हो सकता है। इसलिए आपको चाहिए कि आप इस बारे मे अच्छे से ध्यान दें। ताकि सारी समस्याएं बहुत ही आसानी से सही हो जाएं । अपने खाने पीने की चीजों के अंदर बदलाव करें। यह बवासीर का ईलाज करने के लिए बहुत ही जरूरी है।

‌‌‌18.चंद्रप्रभा वटी के फायदे ल्यूकोरिया मे

ल्यूकोरिया महिलाओं के अंदर होने वाली एक आम बीमारी होती है। जिसके अंदर होता यह है कि महिला के गुप्त अंग के अंदर से सफेद बदबूदार पदार्थ गिरता रहता है। कई बार यह लाल रंग का भी होता है। ल्यूकोरिया  आमतौर पर अपने आप मे कोई बीमारी नहीं होती है। यह किसी ‌‌‌दूसरी बीमारी का संकेत हो सकता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।ल्यूकोरिया आमतौर पर कई कारणों से हो सकता है। यह जो महिलाएं अस्वस्थ आहार, अधिक नमकीन, खट्टे, चटपटे, प्रदाही, चिकने तथा मांस-मदिरा का अधिक सेवन करती हैं उनको होने के चांस काफी अधिक होते हैं। इसके बारे मे आपको अच्छी ‌‌‌तरह से पता होना चाहिए ।और कई बार यह होता है कि असुरक्षित संबंध से या टॉलेट का यूज करने से भी यह रोग हो सकता है। तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए ।

ल्यूकोरिया के अंदर गुप्त अंग के अंदर बहने वाला पानी जैसा चिकना पदार्थ होता है। हालांकि यह किसी तरह की सूजन की वजह से भी हो सकता है। अंदर यदि संक्रमण हुआ है तो फिर इसका उपचार करना जरूरी हो जाता है।

‌‌‌वैसे अधिकतर केस के अंदर यह अपने आप ही ठीक हो जाता है। इसको किसी भी तरह के उपचार की जरूरत नहीं होती है। बस आपको पोषण देना होता है।यदि हम इस बीमारी के लक्षणों की बात करें तो इसके कई सारे लक्षण हो सकते हैं। जिसकी मदद से इस बीमारी से निजात पाया जा सकता है। और लक्षणों की मदद से इसको आसानी से ‌‌‌पहचाना जा सकता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए तो आइए जानते हैं। इसके कुछ लक्षणों के बारे मे ।

  • ‌‌‌गुप्त मार्ग मे खुजली होना
  • कमर मे दर्द होना
  • बार बार पेशाब आना
  • ‌‌‌भूख ना लगना
  • मेहनत करने पर थक जाना ।
  • पिंडिलियों मे खींचाव होना
  • चिड़चिड़ापन का होना ।

‌‌‌यदि पिरियड के बाद साधारण रूप से कुछ समय के लिए सफेद पानी आता है तो यह चिंता की बात नहीं है। लेकिन यदि लगातार सफेद पानी बह रहा है तो फिर यह चिंता का विषय हो सकता है ल्यूकोरिया के अंदर अधिक मात्रा के अंदर पीला और नीला पदार्थ आता है। इसके कई सारे कारण हो सकते हैं। जिसके बारे मे आपको पता ‌‌‌होना जरूरी हो जाता है।

  • ‌‌‌महिला के अंदर पोषण की कमी से ऐसा हो सकता है।
  • महिलाओं के अंदर खून की कमी की वजह से ऐसा हो सकता है।
  • बार-बार एबॉर्शन होना या कराना
  • असुरक्षित संबंधों से
  • यदि महिला की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी कमजोर है।

चंद्रप्रभा वटी के नुकसान

‌‌‌वैसे तो चंद्रप्रभा वटी के किसी भी तरह के कोई नुकसान नहीं हैं। लेकिन यदि आप इसको अधिक मात्रा मे सेवन करते हैं तो पेट के अंदर अल्सर और पेट मे जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं तो आपको चाहिए कि आप इसको अधिक मात्रा मे सेवन ना करें। और अपने डॉक्टर से इसके बारे मे बात करें। आपका डॉक्टर आपको जो ‌‌‌निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए । यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी है। आप इसको अपनी मन मर्जी से नहीं लेना चाहिए ।

‌‌‌चंद्रप्रभा वटी का सेवन किस तरह से किया जाना चाहिए

दोस्तों आमतौर पर यह गोली के रूप मे आती है। और आपको चाहिए कि आप दो दो गोली सुबह शाम ले सकते हैं। इसके लिए आपको खाना खाने के बाद दूध के साथ यह गोली लेनी हैं। और आप एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं। और आपका डॉक्टर निर्देश देता है। ‌‌‌आपको उसका पालन करना चाहिए । यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी है। इस दवा के डोज के बारे मे आपका डॉक्टर आपको जो बताता है उसी का आपको पालन करना चाहिए यही आपके लिए सही होगा ।

चंद्रप्रभा वटी को कहां से खरीद सकते हैं ?

दोस्तों चंद्रप्रभा वटी को आप किसी भी पतंजली स्टोर से खरीद सकते हैं। और वहां पर यह आपको आसानी से मिल जाएगी । इसके अलावा यदि यह आपको वहां पर नहीं मिलती है तो उसके बाद आप ऑनलाइन पतंजली स्टोर से भी खरीद सकते हैं। लेकिन यहां पर खरीदने पर आपको अतिरिक्त ‌‌‌डिलिवरी चार्ज देना होगा क्योंकि वहां पर पैसा अधिक लग जाता है। आपके घर तक दवा के पहुंचने पर ।

चंद्रप्रभा वटी के लेने से पहले क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए

यदि आप चंद्रप्रभा वटी ले रहे हैं तो आपको कुछ सावधानियों को रखने की जरूरत है। क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो फिर आपको नुकसान हो सकता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

  • ‌‌‌यदि आप बच्चों को यह गोली दे रहे हैं तो आपको ऐसा करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए या फिर बच्चों को एक ही गोली दी जानी चाहिए ।
  • इसके अलावा यदि कोई महिला गर्भवति है तो उसे भी इस दवा की एक ही गोली दी जानी चाहिए । उसके लिए अधिक गोली देना सही नहीं होगा आप इस बात को अच्छी तरह ‌‌‌से समझ सकते हैं।
  • ‌‌‌यदि आपको इस दवा को लेने के बाद एलर्जी जैसा महसूस हो रहा है तो फिर आपको इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए । क्योंकि यह आपके लिए सही नहीं होगी और आपके लिए काफी बड़ी समस्या पैदा कर सकती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

चंद्रप्रभा वटी क्या गर्भवती महिला के लिए ठीक है ?

नहीं चंद्रप्रभा वटी को गर्भवति महिला को नहीं देने का सुझाव दिया जाता है। यदि आप एक गर्भवती महिला हैं तो आपको चाहिए कि आप इस दवा का सेवन ना करें। और यदि सेवन करती भी हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श करें आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश ‌‌‌देता है आपको उसका पालन करना चाहिए । वैसे भी यह दवा गर्भवती महिलाओं के लिए उतनी अधिक उपयोगी नहीं होती है।

चंद्रप्रभा वटी क्या स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है ?

इसके बारे मे हमे कोई जानकारी नहीं है। यदि आप इस संबंध मे जानकारी चाहते हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से परामर्श करें और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है आपको उसका पालन करना चाहिए । यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी है। ‌‌‌आप इस दवा के बारे मे अपने डॉक्टर से पूछें और डॉक्टर जो आपको बताता है आपको उसको फोलो करना बहुत अधिक जरूरी है।

चंद्रप्रभा वटी क्या किडनी के लिए सुरक्षित है ?

वैसे तो यह दवा किडनी पर किसी तरह का बुरा असर नहीं डालती है। लेकिन यदि आपको पहले से ही किडनी की समस्या है तो फिर आप एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है। आपको उसका पालन करना चाहिए । इसके अलावा आप जो किडनी ‌‌‌के लिए दवाएं ले रहे हैं उन दवाओं को भी आपको अपने डॉक्टर को बताना होगा ताकि सारी समस्या ही समाप्त हो जाए ।

चंद्रप्रभा वटी के सेवन करने से लिवर पर क्या असर पड़ता है ?

चंद्र प्रभा वटी के सेवन करने से लिवर पर किसी भी तरह का बुरा असर नहीं पड़ता है। आपको इसके बारे मे पता होना चाहिए ।लेकिन यदि आपको लिवर से जुड़ी पहले से ही किसी तरह की समस्या है तो आपको एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और आपके ‌‌‌डॉक्टर इस संबंध मे आपको जो निर्देश देते हैं आपको उसका पालन करना चाहिए यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी होगा ।

चंद्रप्रभा वटी के सेवन करने से क्या लत लग सकती है ?

नहीं चंद्रप्रभा वटी के सेवन करने से किसी भी तरह की लत नहीं लगती है। आपको इसके बारे मे अच्छी तरह से पता होना चाहिए । यह कोई शराब नहीं है कि इसके सेवन करने से लत लग जाए । यह आम दवा है ।

चंद्रप्रभा वटी के सेवन करने के बाद क्या शराब पी सकते हैं ?

यदि आप चंद्रप्रभा वटी के सेवन करने के बाद शराब पीते हैं तो यह काफी हानिकारक होता है। और यदि आप कुछ घंटों बाद पीते हैं तो यह हो सकता है। बाकि आप अपने डॉक्टर से सलाह लें शराब पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है। खास कर यदि आप किसी दवा ‌‌‌के समय शराब पीते हैं तो फिर आपकी सेहत के लिए काफी अधिक खतरा बढ़ जाता है। इसलिए दवा के समय शराब आपको नहीं पीना चाहिए आप दवा के बाद शराब पी सकते हैं। कोई समस्या नहीं होगी ।

चंद्रप्रभा वटी को खाने के बाद या खाने के पहले लें ?

यदि आप चंद्रप्रभा वटी का सेवन कर रहे हैं तो बेहतर यही होगा कि आप इस दवा का सेवन खाना खाने के बाद ही करें । खाने से पहले इस दवा को ना लें । वरना समस्या हो सकती है। जैसा कि उपर बताया गया है कि आप इस दवा का उपयोग दूध के साथ करें तो यह काफी बेहतर ‌‌‌साबित हो सकता है। बाकि आप खुद जानते हैं कि आपको क्या करना है और क्या नहीं करना है ?

चंद्रप्रभा वटी को किस तरह से स्टोर करना चाहिए

दोस्तों यदि आप चंद्रप्रभा वटी रखते हैं तो आपको इसको सही तरीके से स्टोर करना होगा यदि आप इसको तेज धूप के अंदर रख देते हैं तो उसके बाद यह खराब हो सकता है। इसलिए इसको तेज धूप के अंदर नहीं रखना चाहिए । इसके अलावा इस दवा को बच्चों की पहुंच से भी ‌‌‌बचाया जाना चाहिए । यह जरूरी भी हो जाता है। क्योंकि हो सकता है कि बच्चे इस दवा को निगल लें । और बाद मे समस्या का सामना करना पड़े तो आपको यह भी करना होगा ।

‌‌‌इसके अलावा दवा को फ्रीज के अंदर नहीं रखा जा सकता है। क्योंकि यदि ऐसा किया गया तो फिर दवा खराब हो सकती है। इस तरह से आप समझ ही गए होंगे कि इस दवा को आपको किस तरह से स्टोर करना होगा ।

चंद्रप्रभा वटी के ओवर डोज होने की दशा मे क्या करें ?

दोस्तों यदि चंद्रप्रभा वटी के ओवर डोज हो जाता है तो आपको कई तरह की समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। आपको एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश देता है। आपको उसका पालन करना चाहिए । यही आपके लिए सबसे अधिक ‌‌‌जरूरी है। यदि आपको ओवर डोज का प्रभाव दिखना शूरू हो गया है तो फिर आपको अमरजेंसी के अंदर संपर्क करना चाहिए । और दवा का ओवर डोज लेने से हमेशा बचें ।

चंद्रप्रभा वटी की खुराक छूट गई है क्या करें ?

दोस्तों यदि चंद्रप्रभा वटी की खुराक छूट गई है तो आपको चाहिए कि आप दूसरी खुराक को भी एक साथ ना लें। यदि दूसरी खुराक का समय हो चुका है तो पहली खुराक को भूल जाएं और नई खुराक लें। हालांकि आपको यदि समस्या से जल्दी ही छूटकारा पाना है तो फिर दवा की ‌‌‌खुराक को समय पर लेना होगा । यदि आप समय पर नहीं लेंगे तो फिर कोई फायदा नहीं होगा दवा लेने का ।

चंद्रप्रभा वटी का उपयोग क्या दिमाग के ईलाज के लिए किया जा सकता है ?

नहीं चंद्रप्रभा वटी का उपयोग दिमाग के ईलाज के लिए नहीं किया जा सकता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । यदि आपको किसी तरह की दिमागी समस्या है तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और आपका डॉक्टर आपको जो निर्देश ‌‌‌देता है आपको उसका पालन करना चाहिए यही आपके लिए सबसे अधिक जरूरी है।

चंद्रप्रभा वटी एक्सपायरी होने पर क्या करें ?

दोस्तों यदि चंद्रप्रभा वटी एक्सपायरी हो जाती है तो आपको इस दवा का उपयोग नहीं करना चाहिए । क्योंकि यह आपके लिए नुकसान कर सकती है। एक्सपायरी होने के बाद आपको इस दवा को बाहर फेंक देना होगा । क्योंकि यदि आप घर के अंदर भी इस तरह की दवा रखेंगे तो यह ‌‌‌नुकसान का सौदा हो सकता है। इसके बारे मे आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए ।

‌‌‌चंद्रप्रभा वटी के फायदे लेख आपको कैसा लगा उम्मीद करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा । यदि आपको यह लेख पसंद आया तो आप हमें कमेंट करके बताएं और यदि आपका इस संबंध मे कोई भी सवाल है तो आप हम से पूछ सकते हैं। हम उस सवाल का जवाब देने की कोशिश करेंगे । चंद्रप्रभा वटी के फायदे लेख मे हमने इसके फायदे के बारे मे और सावधानियों के बारे मे विस्तार से जाना । तो बने रहें हमारे साथ और भी हम इस ब्लॉग के अंदर बहुत कुछ लिखते हैं तो पढ़ते रहें।चंद्रप्रभा वटी के फायदे  के बारे मे हम आपको बता चुके हैं । चंद्रप्रभा वटी का यदि आप सेवन कर रहे हैं। तो इसके लिए आपको एक बार अपने डॉक्टर से तो कम से कम जरूर ही परामर्श करना चाहिए । यदि आप बिना डॉक्टर को परामर्श करे । इसका सेवन करते हैं , तो आपको नुकसान हो सकता है। कुछ लोग क्या करते हैं कि दवा को दुकान से खरीद कर लेकर आते हैं। और खुद ही लेना शूरू कर देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। आपको इस गलती को नहीं दौहराना चाहिए । वैसे आयुर्वेदिक दवाएं होती हैं। उनसे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है।

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arif khan

‌‌‌हैलो फ्रेंड मेरा नाम arif khan है और मुझे लिखना सबसे अधिक पसंद है। इस ब्लॉग पर मैं अपने विचार शैयर करता हूं । यदि आपको यह ब्लॉग अच्छा लगता है तो कमेंट करें और अपने फ्रेंड के साथ शैयर करें ।‌‌‌मैंने आज से लगभग 10 साल पहले लिखना शूरू किया था। अब रोजाना लिखता रहता हूं । ‌‌‌असल मे मैं अधिकतर जनरल विषयों पर लिखना पसंद करता हूं। और अधिकतर न्यूज और सामान्य विषयों के बारे मे लिखता हूं ।