हिंदू विवाह के सात वचन जो कि हर कन्या अपने पति से मांगती है

‌‌‌हिंदू विवाह को एक पवित्र रिश्ता माना गया है। हिंदुओं के अंदर विवाह एक करार नहीं होता है।उसे किसी भी हालत मे तोड़ा नहीं जा सकता है।किंतु दूसरें धर्म के अंदर विवाह एक करार होता है जिसको आवश्यकता पड़ने पर खत्म किया जा  ‌‌‌सकता है।
‌‌‌आपकों एक बात हम बतादें की हिंदू धर्म के अनूसार स्ति्रयों की स्थिति पुरूष के बाएं भाग के अंदर मानी जाती है। इसलिए पुरूष स्ति्री को अपने वामांन या बाएं भाग मे आने को कहता है।

‌‌‌हममें से बहुत से लोग ऐसे हैं जिनको विवाह के समय कन्या द्वारा लिए गए सात वचनों के बारे मे जानकारी नहीं होती है। मुझे भी पता नहीं था । लेकिन एक लेख को पढ़ने के बाद पता चला तो सोचा अपने पाठकों को भी इस बारे मे बतादूं।

 

‌‌‌                      पहला वचन

कन्या वर से कहती है कि यदि आप तीर्थ स्थान पर जाएं या कोई धार्मिक कार्य करें तो मुझे अपने बाएं भाग के अंदर रखें । यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग मे आना स्वीकार करती हूं ।

‌‌‌                                दूसरा वचन

दूसरे वचन के अंदर कन्या वर मांगती है कि जिस प्रकार आप अपने माता पिता का सम्मान करते हैं उसी प्रकार मेरे माता पिता का भी सम्मान करें । परिवार की मर्यादा के अनुसार धार्मिक कार्य करते हुए जीवन यापन करें ।यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग के अंदर आना स्वीकार करती हूं

‌‌‌                              तीसरा वचन

यदि आप जीवन के तीनों अवस्थाओं व्रद्व अवस्था प्रोढ अवस्था और युवा अवस्था के अंदर मेरा पालन करने का वचन देते हैं तो मे आपके वामांग मे आना स्वीकार करती हूं

‌‌‌                                   चौथावचन

यदि आप परिवार का पालन पोषण करने और परिवार के प्रति सारे दाईत्वों का निर्वाहन करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग मे आना स्वीकार करती हूं ।

‌‌‌                                   पांचवावचन

इस वचन मे कन्या वर से कहती है कि आप अपने घर के कामों के अंदर और दूसरे कार्यों के अंदर मेरी भी सलाह लेने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामन मे आना स्वीकार करती हूं।

‌‌‌                             छठा वचन

इस वचन मे कन्या कहती है कि यदि मैं अपनी सखियों के बीच बैठी हूं तो आप मेरा अपमान नहीं करेंगे और  आप जुआ व अन्य बुरी आदतों से दूर रहेंगे । यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग मैं आना स्वीकार करती हूं।

‌‌‌                  सातवां वचन

‌‌‌सातवें वचन मे कन्या वर से कहती है कि आप पराई स्ति्रयों को माता के समान समझेंगे और अपने और मेरे बीच किसी को नहीं आने देंगे । यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग मे आना स्वीकार करती हूं ।

 

‌‌‌यह थे दोस्तों वो सात वचन जोकि कन्या वर से शादी के समय मांगती है। आपको कैसा लगा हमारा यह प्रयास कमेंट कर बताएं

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