लाल होठों पर  150 मस्त  शायरी lal hoth shayari 

lal hoth shayari  लाल होंठों पर शायरी के बारे मे हम आपको यहां पर बता रहे हैं। लाल होंठों पर मस्त शायरी की लिस्ट हम आपको दे रहे हैं। lal hoth shayari लाल होठों पर शायरी। लाल होंठों पर यहां पर कुछ शायरी दी गई हैं। यहां पर हम आपको ​नई शायरी दे रहे हैं।

तू दिवानी है नोटों की ,

और हम दिवाने हैं तेरे लाल होठों के ।

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बादल तो आज खूब बरसे हैं ,

मगर तेरे लाल होठों को चुमने ,

के लिए हम वर्षों से तरसे हैं।

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तेरे लाल होठों की लाली ,

दिल मे आग लगा देती है साली ।

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इतनी दूर चले आते हैं ,

देखने तेरे लाल होठों की मुस्कुराहट ,

क्या ही करें ,

यह है अपने कमीने दिल की चाहत ।

lal hoth shayari

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आंखें तेरी शराब कीसी ,

बातें तेरी बेताब की सी ,

मगर होठों की लाली

तेरी मेरे ख्वाब की सी ।

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लाल होठों का यह कमाल है ,

जब से तुझे से दिल लगाया है ,

ना गम ना खुशी ना किसी का मलाल है।

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तेरे लाल होठों को ,

देख देखकर हम हो गए शराबी ,

वरना हमें मे भी नहीं थी कोई खराबी ।

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हम तेरे लाल होठों का रस पीना चाहते हैं ,

तुम पूछ रही हो क्या चाहते हो ,

हम तो बस तेरे संग जीना चाहते हैं।

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तेरे लाल होठों को देखकर ,

जीने की फिर से आस जगी ,

और लोग कह रहे थे ,

अरे देखो एक लाश जगी ।

lal hont shayari

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जख्म दिल के ,

दिखाएं तो दिखाएं कैसे ,

हम तो पहले ही बेवफा था ,

अब लाल होठों वाली के संग

जाएं तो जाएं कैसे ।

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जो तेरे लाल होठों मे मिल जाए ,

वो नशा शराब मे कहां ,

रियल मे है , जो तेरे संग जीने का मजा ,

वो मजा ख्वाब मे ​कहां ।

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तेरे लाल होठों ने हमें बकाया था ,

वरना हम भी अच्छे भले इंसान थे ।

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तेरे लाल होठ हैं ,

और एक इश्क का दरिया है ,

जी करता है डूब कर मर जाएं ।

qalb shayari

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जब तेरे लाल होठ मेरे होंठों को छूते हैं,

तब सारे दर्द अपने आप दूर होते हैं।

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तेरे लाल होठों की मिठास ने दीवाना बना दिया,

और जमाने मे आशिक नाम से निशाना बना दिया ।

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तेरे होंठों को देखकर सांसे भी बहक जाती हैं ,

जब तरे यह लाल होठ मुस्कुराते हैं ,

तो गलियां भी चहक जाती हैं।

लाल होंठ पर शायरी sad

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हर शाम तेरे लाल होठों की ख्वाहिश रहती है ,

तू हर शाम मिले हमसे ,

बस खुदा से यही फरमाइश रहती है।

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लिख देंगे तेरे लाल होठों संग ,

अपनी मुहब्बत की कहानी ,

बस तुम एक बार करीब आ जाओ मेरी रानी ।

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तेरे लाल होठों का रस क्या पिया ,

जिदंगी मे सारे रंग बेरंग लगने लगे ।

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तेरे यह लाल होंठ मेरे इश्क की आहट है ,

मिलन है पहली बार जो इतनी घबराहट है।

लाल होंठ पर शायरी attitude

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तेेरे लाल होठों का क्या राज है ,

जब यह मुस्कुराते हैं ,

तो बहार आ जाती है ,

क्या यह तेरा अंदाज है।

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तेरे लाल होठों ने शरारत की है ,

मगर हम भी कोई कच्चे खिलाड़ी नहीं ,

हमने भी इश्क मे महारत की है।

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मधुर है तेरे लाल होठों की मुस्कान ,

मगर यह ले जाती है मेरी जान ,

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लाल होठ दिल जलाते हैं बेचारे कुंवारों का ,

मगर कुछ बूढ़े भी मजा लेते हैं इन नजारों का ।

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कुछ बादल बरसते हैं ,

फिर भी हम तो ,

तेरे लाल होठों को पाने के लिए तरसते हैं।

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आज सपने मे लाल होठों वाली से मुलाकात हुई ,

बोली कुछ भी नहीं ,

फिर भी चुपके से खूब बरसात हुई ।

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तेरे लाल होठें जमाने को पागल बनाया है ,

घटिया से घटिया काम ,

तेरे इन होठों ने करवाया है।

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पानी हैं हम बहते झरने का ,

पी ले हमें अपने लाल होठों से ,

बस इतना सा करने का ।

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तेरी राहों से जो गुजरते हैं ,

वो जिदंगी मे कभी नहीं सुधरते हैं।

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याद आ गई इश्क की वो पूरानी डायरी ,

जब लिखने बैठे तेरे लाल होठों पर शायरी ।

लाल होंठ पर शायरी

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तेरे लाल होठों का कमाल है ,

जो यह जग तेरा दिवाना है ,

मगर तेरा यार तो कल

भी विराना था , आज भी विराना है।

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तुम पास हो तो जिंदगी मे कोई गम नहीं ,

यू तो तेरे लाल होठों का रस भी कोई कम नहीं ।

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हमने सपने देखे थे एक दूजे के होने के ,

मगर तेरे लाल होठों ने गम दिये बस रोने के ।

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जब तेरे लाल लब मेरे लबों को छू जाएं ,

जब तेरी सांसें मेरी सांसों मे मिल जाएं ,

उस दिन जान लेना प्यार सच्चा था ,

जब हम एक दूसरे के हो जाएं ।

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तेरे लाल होठों का कमाल है ,

जो यह जग तेरा दिवाना है ,

मगर तेरा यार तो कल

भी विराना था , आज भी विराना है।

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तुम पास हो तो जिंदगी मे कोई गम नहीं ,

यू तो तेरे लाल होठों का रस भी कोई कम नहीं ।

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हमने सपने देखे थे एक दूजे के होने के ,

मगर तेरे लाल होठों ने गम दिये बस रोने के ।

लाल होंठ पर शायरी attitude

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जब तेरे लाल लब मेरे लबों को छू जाएं ,

जब तेरी सांसें मेरी सांसों मे मिल जाएं ,

उस दिन जान लेना प्यार सच्चा था ,

जब हम एक दूसरे के हो जाएं ।

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मेरी बांहों मे तू कुछ देर सोया कर ,

मेरी याद मे तू हद से ज्यादा ना रोया कर ,

वरना तेरे लाल होंठों का रंग उतर जाएगा ,

तू बस चैन की नींद सोया कर ।

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ऐ दिल तू शरहद पार ना कर ,

वो लाल होठों वाली हो चुकी है किसी और की ,

तू फालतू मे यह दिल बेकरार ना कर ।

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इस दुनिया से जाने से पहले एक बार ,

तेरे लाल होठों को चूम लेता ,

बस तेरी बांहों मे सोकर ,

एक बार जन्न्नत घूम लेता ।

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यूं तो सबकी होती है जीने की ख्वाहिश ,

मगर तेरे लाल होठों के संग जीने का मजा ही कुछ और है ,

आखिर पूरी हो जाती है हर फरमाइश ,

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तेरे लाल होठों ने जिदंगी को ,

शराब का प्याला बना दिया ,

जब से तू आई है जिदंगी मे हमारी

जीवन को मधुशाला बना दिया ।

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लाल होठों के लिए अपनी जिदंगी लूटा बैठे ,

हर तरफ से धोखा मिला था यूं तो ,

मगर फिर भी एक और धोखा खा बैठे ।

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दिल दे दिया है उस लाल होठों वाली को ,

अब मौत की परवाह नहीं है हमे ।

lal hont shayari

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दिल रोया था ,

मगर फिर भी हम  मुस्कुराए थे ,

दर्द ही भोग रहे हैं ,

जब से लाल होठों को चाहे थे ।

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बेवफा से हम वफा कर बैठे ,

लाल होठों के चक्कर मे सब कुछ लुटा बैठे ।

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सदियां बीत गई थी , उसके लाल होठों को देखे ,

आई भी वह तब , जब हम कब्र मे लेटे ।

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आँखों में गले लगाने की तलब ,

मगर होठों से आज भी वह गजब है।

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लेले हमें अपनी बाहों मे ,

तेरा होना चाहते हैं हम

तेरे लाल होठों के संग

एक रात सोना चाहते हैं हम ।

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वह सबूत दिखा रही है अपने प्यार का ,

और लाल होंठों से स्वागत कर रही संसार का ।

लाल होंठ पर शायरी

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नथनी तो थी ही कमाल की साहब ,

और लाल होठों का तो कहना ही क्या ।

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पायल ‌‌‌का सुहाना सौर था ,

हम भी लटटू हो गए थे तुझ पर ,

वो ‌‌‌तेरे लाल होठों का दौर था ,

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यूं तो सौ श्रंगार वह करती है ,

मगर जी तभी भरता है ,

जब अपने लाल होठों से प्यार वह करती है।

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देखी नहीं जाती है हमसे ,

तेरे लाल होठों की लाली ,

अब तू बन ही जा हमारी घरवाली ।

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आजा तेरे संग जिदंगी हसीन करलूं ,

तेरे लाल होठों के संग ,

अपने होंठ भी रंगीन करलूं ।

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हम तो तेरे नशीले लाल होठों का रस पिया करेंगे ,

तू कहती है बात छोड़ने की ,

हम तो बस तेरा नाम लेकर जिया करेंगे।

लाल होंठ पर शायरी attitude

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तेरे होंठ आज बहुत रसीले लग रहे हैं ,

लगता है , प्यार करने मे मूड मे हो ,

बोल भी बहुत सुरीले लग रहे हैं।

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तेरे लाल होठों को देखकर ,

यह दिल मरता न तो  क्या करता ,

तू है ही इतनी सुंदर ,

कि यह दिल तुझ से प्यार करता ,

न तो क्या करता ।

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तेरे लाल होठों का क्या गजब का स्वाद था ,

कब्र मे लेटने जा रहे थे ,

मगर फिर भी तुझे पाने को यह दिल बेताब था ।

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हमने कहा बड़ी तीखी मिर्ची हो  तुम ,

वह होंठो चुमकर बोली ,

अब कैसा लगा ?

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वह तो लाल होंठों वाली रानी है ,

कुछ भी हो मगर कमशिन उसकी जवानी है।

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तेरे होंठों को चूमने का दिल मे अरमान है ,

तेरे और मेरे इश्क से यह जमाना अंजान है।

जब तक तू है अपने दिल मे ,

तब तक ही बस इस शरीर मे जान है।

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जब होंठों से होंठ टकराते हैं ,

तो बादल भी कड़कड़ाते हैं।

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अपने प्यार को छुपाती रही वो ,

मगर अपने लाल होंठो से हमें बुलाती रही हो ,

हम आज तक नहीं समझ पाए ,

हमें क्यों इतना चाहती रही वो ।

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तेरी कातिलाना अदाओं ने ,

समंदर मे भी तूफान उठा दिये ,

मगर तेरी एक लाल होठों की

मुस्कुराहट ने मुर्दे भी जगा दिये।

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इश्क के दरिया मे डूब के मर जाना,

हम तुझ से और कुछ नहीं चाहते हैं ,

बस यह लाल होंठ हमारे नाम कर जाना ।

लाल होंठ पर शायरी

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तेरी गलियों मे घूमकर ,

तेरे लाल होठों को चूम कर ,

हमें भी जन्नत नशीब हो गई ।

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इश्क है तुझे फरारी से ,

हम लाचार हैं अपनी लाचारी से ,

हम क्या चीज हैं पगली ,

न जाने कितने मर गए इस लाल होठों की

बीमारी से ।

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जब से तेरे लाल होंठों को देखा है ,

खुद को भूला बैठें हैं ,

दिन रात ख्वाबों मे खुद को ,

बस तेरे संग सुला बैठें ।

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आज उसने अपने लाल होंठ

मेरे होंठों पर रख दिये ,

फिर बोली जिदंगी के अरमान

और भी  हैं तो पूरा करदूं ।

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आंधी आ  जाती है ,

उसके लाल होंठों की फूंक मारने से ,

मगर हम तो ठहरे आशिक ,

हमे तो लगता है , जैसे ,

हवा बह रही हो झरने से ।

laal hoth shayari

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गुस्सा तो अपना शेर जैसा ,

मगर जब देखते हैं तेरे लाल होंठों को ,

तो लगता है जीवन बेर जैसा है।

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हस्तियां मिटती नहीं किसी के मिटाने से ,

मुस्कुराती क्या हों अपने लाल होंठों से ,

चाहते छुपती नहीं हैं छुपाने से ।

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अगर वह लाल होंठों वाली

हमारी हो जाए ,

तो जीत भी हमारी होगी ,

और हार भी हमारी होगी ,

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उस लाल होंठों वाली के ,

प्यार मे हार जाएं तो कोई गम नहीं ,

मगर गुस्से से कोई हरा दे ,

इतना किसी मे दम नहीं ।

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उस लाल होठों वाली से ,

मैंने भी प्यार किया था ,

मगर आजकल सच्चे प्यार की कद्र

कहां पर है ,

फालतू मे यह दिल बेकरार किया था ।

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हजारों मिल जाएंगे तुझे तो मेरे जैसे ,

मगर जिस तरह से तुझे हम रखते हैं ,

पलकों पर बैठाकर कोई नहीं रख पाऐगा वैसे ।

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तेरे  लाल होंठों को चुमने का मन है ,

कुछ भी हो मगर ,

तेरा मेरा साथ देखकर यह जमाना दंग है।

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संग संग लाल होंठों पर मुस्कान है ,

कुछ भी कहो ,

मगर कितनी दिलचस्प मेरी जाना है।

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खूशबू तेरे होंठों की हवा उड़ा ले जाती है ,

और हम जैसे आशिक बस देखते रह जाते हैं।

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वर्षों बाद तेरे लाल होंठों संग हंसे हम ,

मत छोड़कर जाना हमें ,

तेरी मुहब्बत मे अंदर तक धंसे हम ।

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कसम से तेरे लाल होंठ तुझ पर कमाल लगते हैं ,

तुझे पाने वालों के पास कुछ ना भी हो ,

फिर भी माला माल लगते हैं।

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होंठ आपके  लाल हैं ,

गुलाबी आपके गाल हैं ,

कसम से आप तो बड़े कमाल हैं ।

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आजा हमारे पास ,

चूम चूम कर होंठ लाल करदेंगे ,

एक बार हमें अपना बनाले ,

जिदंगी भर तुझे माला माल कर देंगे।

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उठे जब तूफान दिल मे ,

याद कर लेना मेरे गुलाबी होंठों को ,

मिल जाएंगे वो तुझे हर महफिल मे ।

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होंठों का मिठास चुरा लेता है वो ,

उस कमीने से दिल मत लगाना कभी ,

लाल होंठों को देखकर चबा लेता है वो ।

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जब मैं रूठ जाउंगी ,

तो हर बार मुझे मना लेना ,

कहना कुछ नहीं ,

बस होंठों पर होंठ सटा लेना ।

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तेरे लाल होंठों मे हंसी की तलास कर रहे हैं ,

तुझे देखकर हम प्यार का एहसास कर रहे हैं ,

मगर न जाने क्यों वो हमें हताश कर रहे हैं।

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सच्ची मुहब्बत कभी मिटाई नहीं जाती ,

और लाल लिपस्टिक बिना प्रेमी के कभी हटाई नहीं जाती।

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लाल होंठों वाली गुल्फी ,

कभी बिखराई नहीं जाती ,

और जो कमाल की हो ,

वह जिदंगी मे कभी भुलाई नहीं जाती ।

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देखा था तेरे लाल होंठों को एक बार परछाई मे ,

तब से मर मर जी रहे हैं तन्हाई मे ।

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तेरे यह लाल होंठे बोलते हुए बहुत अच्छे लगते हैं ,

प्यार करते हैं ना तुम से ,

तू जो बोलती है सब सच्चे लगते हैं।

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वह लाल होंठों वाली ,

पता नहीं क्यों आज खामोश थी ,

लग रहा है जैसे ,

आज जैसे हमारी मुहब्बत बेहोश थी ।

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हम तो हो चुके हैं तेरे लाल होंठों के आदी ,

और तू पूछ रही हो कब करोगे शादी ।

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शराब को पीने वाले शराबी हो जाते हैं ,

लाल होंठों को पीने वाले ख्वाबी हो जाते हैं ।

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काश हम पानी होते ,

तो तेरे होंठों पर चिपक जाते ,

तू जंहा भी जाती ,

हर वक्त तेरे संग आते ।

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क्या गजब की है समझाइश तेरी ,

मेरे होठों को चूम कर आती हर फरमाइश  तेरी ।

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दिल के तार जुड़े हैं तेरे लाल होंठों के संग ,

तू नहीं मिली तो उम्र भर करते रहेंगे जंग ।

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कली हो गुलाब की ,

होंठे ऐसे जैसे प्याली हो शराब की ,

दिल मचल जाता है ,

हसीन शक्ल देखकर जनाब की ।

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प्यार मे यूं तो हजारों फंसाने होते हैं ,

मगर जब देखते हैं तेरे लाल होठों को ,

तो जिदंगी मे रंगीन अफसाने होते हैं।

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उसने अपने लाल होंठों को दांत मे दबाया ,

और बोली अब बता भी दो चाहते क्या हो ?

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जब से उसने हमारे होंठों पर अपने होंठ रख दिये हैं ,

ऐसा लगा जैसे हमनें आज असली रसपान किये हैं।

तेरे लाल होंठों के बिना जी नहीं सकते ,

यूं तो प्याला है तू शराब का ,

मगर प्यार किये बिना तुझे पी नहीं सकते ।

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सिर्फ तुझे चाहा है ,

उम्र भर तुझे ही चाहेंगे ,

तेरे लाल होंठों को ,

एक दिन अपना जरूर बनाएंगे ।

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इश्क से हमने कभी इनकार नहीं किया ,

मगर तेरे लाल होंठों से हमने कभी ,

जी भरकर प्यार नहीं किया ।

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हर बार पानी ही जरूरी नहीं होता ,

प्यार को बुझाने के लिए ,

कभी कभी तेरे लाल होंठों ,

का दीदार भी जरूरी है।

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तेरे लाल होंठों के संग बसेरा हो ,

तेरे आने से मेरी जिदंगी मे नया सवेरा हो ।

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मेरे दिल का चैन लूटा तेरे लाल ,

होंठों की खामोशी ने ,

हमें पागल और आवारा आशिक ,

बना दिया इस दिल की बेहोशी ने ।

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तुझे बांहों मे लेकर जीना चाहते हैं ,

तेरे लाल लाल होंठों का रस खूब पीना चाहते हैं ।

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जिस दिन तू किसी और की हुई ,

इस दिल ने तड़पना छोड़ दिया ,

अब हमारा पता पूछ रही हो ,

इस दिल ने कबका धड़कना छोड़ दिया ।

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मंजिल हर मुकाम पर है ,

पाने वाला चाहिए ,

यूं तो इश्क हर जुबान पर है ,

बस निभाने वाला चाहिए ।

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उम्र भर तुझे चाहते रहेंगे ,

एक बार पिला दों हमे ,

अपने लाल होंठों का रस ,

तेरे दर पर हमेंशा आते रहेंगे ।

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बरसात होती है बादल के छाने से ,

दिल की कलियां खिल जाती हैं ,

लाल होंठों वाली के आने से ।

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हम भले ही जमाने मे फकीर हैं ,

मगर वह लाल होंठों वाली ,

हमारी जिदंगी मे आ जाए ,

तो बदल जाएं हमारे तकदीर हैं।

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अगर दम है तो किसी से डरना नहीं ,

उस लाल होंठों वाली से इश्क कभी करना नहीं ।

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लाखों मे तुझे पाया है ,

तेरे लाल होंठों को देखकर ,

तुझे अपना बनाया है ,

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तेरे लाल होंठों को ,

छुकर गुजरती हवा हूं मैं ,

एक बार अपना ले हमें ,

तेरे हर मर्ज की दवा हूं मैं ।

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उसके लाल होंठों ने हमें फंसाया ,

ऐंठ कर पैसा ,

इस कदर उसने हमें उल्लू बनाया ।

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तेरे होंठों की आशकी नें हमें कंगाल बना दिया ,

जमाने नें हमें  सच्चा आशिक समझा ,

और गांव के बीच हमारा कंकाल बना दिया ।

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कुछ बातें हवाओं ने की ,

कुछ तेरी अदाओं ने की ,

कुछ भी हो मगर ,

मगर जिदंगी बरबाद तेरी राहों ने की ।

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खुदा करें मेरी मुहब्बत मे एक मुकाम आए ,

अगर मैं मर भी जाउं ,

तो उसके लाल होंठों पर बस मेरा ही नाम आए।

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आज बादल भी पानी बरसा न पाया ,

तेरे लाल होंठे भी प्यास बुझा न पाया ।

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चूमने का जी चाहता है तेरे लाल लंबों को ,

तेरे रस से जनून मिलेगा मेरी रगों को ।

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पास आओगी तो दूरियां मिट जाएंगी ,

लाल होंठों की कली ,

दिल मे समाओगी तो खुशियां बढ़ जाएंगी ।

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जिसकी आंखों से प्यार रिस्ता है ,

वह लाल होंठों की कली तो एक फरिश्ता है।

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पीना चाहते हैं तेरे लाल लबों का जाम ,

तू नहीं आती तो इंतजार मे बीत जाती है शाम ।

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यूं तो नशे की आदत कभी अच्छी नहीं होती ,

मगर हर लाल होंठों वाली की मुहब्बत सच्ची नहीं होती ।

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कुछ लोग नजरों से घायल करते हैं ,

और कुछ लोग अपने लाल होंठे से कायल करते हैं।

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तेरे होंठों की लाली मीठा जहर है ,

इसलिए ही यह बदनाम शहर है।

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तेरी मुहब्बत मे लुट गए हैं हजारों दिवाने ,

तेरे लाल होंठों को देखकर हम भी बन गए हैं परवाने ।

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अब तो सीने से लगाकर सोते हैं तेरी फोटो को ,

प्यार है तुम से इतना की ,

चूमने का मन करता है तेरे लाल होंठों

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वो रेश्मी जुल्फें ,

और वो लाल होंठ ,

आशिक आशकी न करता तो क्या करता ।

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जाम मे जाम पीये जा ,

भाई तू क्यों दुखी होता है ,

तू तो लाल होंठों वाली संग जीये जा ।

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बड़े नशीब वाले हैं वो ,

जिनको तेरे लाल होंठों का जाम मिला ,

बड़े दुखी हैं वो ,

जिनको तेरी बेवफाई का इनाम मिला ।

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आजा तेरी जिदंगी को रंगीला करदूं ,

यूं तो रसीले हैं ही तेरे यह लाल होंठ ,

आजा इनको और रसीला करदूं ।

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यूं तो किसे पसंद होती हैं ,

तेरे लाल होंठों से दूरियां ,

मगर अपनी भी होती हैं

कुछ मजबूरियां ।

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भले ही एक दूसरे के हो गए हम ,

मगर आज तक उसके होंठों का रस पी ना सके ,

शराब तो खूब पी हमने ,

मगर उसके संग दो पल जी ना सके ।

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आशिकों का दिवाना यह जमाना होता है ,

देखकर तेरे लाल होंठों हर कोई दिवाना होता है।

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खुदा करे  तेरी जिदंगी का गुलाब सदा खिलता रहे ,

और कुछ नहीं चाहिए मुझे जिदंगी से ,

बस उस लाल होंठों वाली का प्यार सदा मिलता रहे ।

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जब भी उदास हो तुम ,

पास हमारे आ जाना ,

करके अपने लाल होंठे

हमारे अंदर समा जाना ।

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अपनें लाल होंठों से होंठ मिला लिया करो ,

रहते हैं सदा पास तुम्हारें कभी तो बुला लिया करों ।

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अधूरी रह गई तुझ से प्यार करने की ख्वाहिश ,

मरने के बाद खुदा से कर रहे हैं ,

फिर से मिलाने की फरमाइश ,

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तेरे लाल होंठों को जबसे छूआ है ,

तुम से इश्क तभी से हमको हुआ है।

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यूं तो बहुत सारे रंग बिरंगे फूल होते हैं ,

मगर कुछ फूल तेरे लाल होंठों की तरह

कूल होते हैं।

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बहुत चलती हैं आंधियां जमीं पर ,

पर इस दिल की आंधी को किसने जाना है।

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फूल है मुहब्बत का मेरी जान आपके लिए ,

इसको चूम लिजिए एक बार अपने लाल होंठों से ,

इस जनाब के लिए ।

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तेरे लाल होंठों की तलब है ,

आजा हमारे पास एक बार तू ,

दूसरों के संग वक्त बिताने का क्या मतलब है ।

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हुनर है तेरे लाल होंठों मे मेरी प्यास बुझाने का ,

कुछ सिला तो दे तुझे चाहने का ।

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जब मैंने बोला प्यार की निशा तो देदे ,

वह मेरे होंठों को चूम कर बोली ,

अब इसको मिटना मत ।

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कब तक हम तुझ से छुप छुप कर मिलते रहेंगे ,

शादी करलो तुम हमसे ,

उम्र भर प्यार के गुल खिलते रहेंगे।

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तेरे लाल होंठें का असर है ,

कि हम पागलों की तरह घूम रहे हैं ,

जो भी मिलता है ,

उसे अपना प्यार समझ कर चूम रहे हैं।

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आज मालूम चला ,

शराब से ज्यादा नशा तो तेरे लाल होंठों मे है।

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आंखों की गहराई को हम समझ ना पाए ,

और वो अपने लाल होंठों से कुछ कह ना पाए ।

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मेरे मन की प्यास हो तुम ,

अपने लाल होंठों के लिए बहुत खास हो तुम ।

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वह आंखों से बता देती है हाल मौसम का ,

उसके लाल होंठों को देखकर ,

हिया जल जाता है अपनी पड़ोसन का ।

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दिल से तुमको पुकारा है हमने ,

तेरे लाल होंठों का रस खूब मारा है हमनें ।

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arif khan

‌‌‌हैलो फ्रेंड मेरा नाम arif khan है और मुझे लिखना सबसे अधिक पसंद है। इस ब्लॉग पर मैं अपने विचार शैयर करता हूं । यदि आपको यह ब्लॉग अच्छा लगता है तो कमेंट करें और अपने फ्रेंड के साथ शैयर करें ।‌‌‌मैंने आज से लगभग 10 साल पहले लिखना शूरू किया था। अब रोजाना लिखता रहता हूं । ‌‌‌असल मे मैं अधिकतर जनरल विषयों पर लिखना पसंद करता हूं। और अधिकतर न्यूज और सामान्य विषयों के बारे मे लिखता हूं ।