अकाल मृत्यु से बचने के कुछ बेहतरीन उपाय के बारे मे जानें

अकाल मृत्यु से बचने के उपाय akal mot se bache ke upay  अकाल मृत्यु के नाम से हर कोई डर जाता है। हम सभी लोग अपने जीवन से बहुत अधिक प्यार करते हैं। और मौत के नाम से ही सब को डर लगता है। दोस्तों अकाल मृत्यु का नाम तो आपने सुना ही होगा । और आपके आस पास भी कई लोगों की अकाल मृत्यु हुई भी होगी ।अकाल मृत्यु को काफी दुख दाई माना जाता है। हम सभी लोगों का यह ‌‌‌है कि इंसान को पूरी उम्र लेकर मरना चाहिए लेकिन आजकल पूरी उम्र लेकर बहुत ही कम लोग मरते हैं। अधिकतर लोग अपनी उम्र की आधी अवस्था के अंदर ही चले जाते हैं। इस तरह के लोगों को देखकर दुख होता है।

वैसे देखा जाए तो अकाल मृत्यु का जो कारण होता है वह उसके पूर्व जन्म के कर्म ही होते हैं। और कर्मों से ‌‌‌ही सब कुछ होता है। कर्म किस तरह से इंसान की आयु का निर्धारण करते हैं इसके बारे मे कुछ कहा नहीं जा सकता है।

लेकिन कई योगियों को यह कहते हुए सुना है कि इंसान को अपने शरीर की चिंता करने की कोई भी आवश्यकता नहीं है। इसका कारण यह है कि प्रारब्ध कर्म शरीर की अपने आप ही रक्षा करते हैं। और जब यह ‌‌‌प्रारब्ध कर्म समाप्त हो जाते हैं तो उसके बाद इंसान की मौत हो जाती है। प्रारब्ध कर्म का मतलब होता है पीछले जन्म मे हमने जो किया है वह सब हमारे पास संचित होता है। दोस्तों अकाल मृत्यु किस तरह से

आती है यह अलग अलग हो सकता है। जैसे कुछ लोग बीमारी से मर जाते हैं तो कुछ एक्सीडेंट से मर जाते हैं।

अकाल मृत्यु जिन लोगों की आती है वे बहुत ही कम केस के अंदर बिस्तर पर पड़े रहते हैं वे तुरंत ही मर जाते हैं आपने देखा कोरोना काल के अंदर लाखों लोगों की मौत हो गई उनमे से अधिकतर लोगों की मौत अकाल मृत्यु की वजह से ही हुई ।

‌‌‌इंसान की मौत तो निश्चित होती है और जो इस धरित पर आया है उसको मरना ही होगा इसके अंदर कोई भी शक नहीं है। लेकिन इस धरती पर कुछ लोग होते हैं जो मौत को भी जीतने की क्षमता रखते हैं। इस तरह के योगी लोग दुर्लभ होते हैं जिनको अपनी मौत का भी किस तरह का भय नहीं होता है।

‌‌‌क्योंकि उनको पता होता है कि मौत सिर्फ शरीर की होने वाली है जिवात्मा की मौत हो ही नहीं सकती है। आत्मा तो अजर अमर होती है। एक बार जब वह अपना शरीर छोड़ देती है तो उसके बाद वह दूसरे शरीर की तलास करने लग जाती है। और इसके अंदर कई बार हजारों सालों का समय भी लग जाता है।

‌‌‌कई बार पुर्न्जन्म की ऐसी घटाएं आती हैं कि किसी ने हजार साल बाद जन्म लिया तो दोस्तों हम अपनी वासनाओं को पूरा करने के लिए बार बार जन्म लेते हैं। उसके बाद भी हमे पता होता है कि जन्म मे कुछ रखा नहीं है। लेकिन उसके बाद भी हम जन्म लेते हैं।और मर जाते हैं न जाने कितने वर्षों से हम यही करते ‌‌‌ आए हैं। दोस्तों अब आपके सामने प्रश्न यह उठता है कि हम कैसे जान सकते हैं कि किसी की अकाल मृत्यु होगी तो इसका एक सरल सा तरीका है। और वो यह है कि आप उस इंसान की कुंडली को लेकर किसी ज्योतिषी के पास जाएं तो वह आपको बतादेंगा कि अमुक इंसान की कुंडली के अंदर अकाल मृत्यु योग है। इसके लिए ‌‌‌ आपको समय पर उचित कदम उठाने होंगे। यदि आप उचित कदम उठाने मे सफल नहीं हो पाए तो आप उस इंसान को खो सकते हैं।

अकाल मृत्यु से बचने के उपाय यदि आप करना चाहते हैं तो हम आपको कुछ उपायों के बारे मे बता रहे हैं जिनके उपर आप अमल कर सकते हैं और किसी ज्योतिषी से इस बारे मे परामर्श कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे मे ।

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‌‌‌अकाल मृत्यु को रोकने के उपाय शनिदेव की पूजा

दोस्तों यदि आप अकाल मृत्यु को रोकना चाहते हैं तो आपको शनिदेव की पूजा करनी चाहिए । शनिदेव न्याय के देवता हैं और वे आपकी अकाल मृत्यु से भी रक्षा करते हैं। इसके लिए आपको हर शनिवार शनिदेव के मंदिर मे जाकर पूजा करनी चाहिए और शनि चालिसा ‌‌‌सरसों का तेल ,काले वस्त्र और जुत्ते आदि का दान करना चाहिए । ‌‌‌ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और अकाल मृत्यु का योग टल जाता है।

‌‌‌पुराणों के अंदर शनिदेव के बारे मे दिलचस्प कथा मिलती है। आप शनिदेव का व्रत करते हैं तो आप इस तरह की कथा सुनते भी होंगें। कहा जाता है कि बचपन मे शनिदेव बहुत अधिक सुंदर हुआ करते थे तो गंधर्व पुत्री कांकली का विवाह शनिदेव से करवा दिया । लेकिन शनि सुंदर होने की वजह से इंद्र की सभा मे ‌‌‌अप्सरा शनि को देखने जाया करती थी और यह बात कांकली को अच्छी नहीं लगी तो उन्होंने शनिदेव को शाप देदिया और कहा कि आज के बाद तुम बदसूरत हो जाओगी ।और आज के बाद तुम्हारी द्रष्टि नीची ही रहेगी और जिसके उपर तुम अपनी द्रष्टि को सीधा करोगे उसको साढ़ेसाती लग जाएगी और उसके बाद शनि देव ने भगवान ‌‌‌शिव का घोर तप किया तब शि प्रसन्न हुए और बोले वरदान मांगों तब शनि देव ने कहा कि आप मुझे द्रष्टि सीधी करने का वर दें। तब भगवान शिव ने कहा कि जो शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे तेल चढ़ाएगा उसके लिए तुम्हारी द्रष्टि शुभ होगी । और उसके बाद से ही ‌‌‌ शनिवार के दिन पीपले के पेड़ के नीचे शनिदेव की पूजा होती है।

‌‌‌चील और कोआ को खिलाएं

दोस्तों अकाल मृत्यु से बचने के लिए अनेक टोटके समाज के अंदर प्रचलित हैं वे कितना काम करते हैं उसके बारे मे कुछ कहा नहीं जा सकता है लेकिन यदि आप उपाय करके देखते हैं तो हो सकता है कि कुछ फायदा हो जाए । तो इसी तरह का एक उपाय यह भी है।

‌‌‌इस उपाय के अंदर आपको करना यह होता है कि आटे का गुलगला बनाना होता है। गुलगला के बारे मे तो आप अच्छी तरह से जानते ही हैं। उनको बनाने के  बाद जिसकी अकाल मृत्यु का भय बना रहता है उसके सिर पर से यह उतारें और उसके बाद उनको कौआ को खिलादें ।

‌‌‌आप चील को भी खिला सकते हैं लेकिन आज के समय मे चील बहुत ही कम देखने को मिलती हैं उनकी आबादी कम हो गई है तो आप कौआ को चुन सकते हैं।

‌‌‌आप यह उपाय मंगलवार या शनिवार को कर सकते हैं और कम से कम 21 मंगलवार या शनिवार आपको यह उपाय करना चाहिए । दोस्तों कौआ तो आपके घर के आस पास आसानी से मिल ही जाएंगे। यदि आपके घर के आस पास नहीं मिलते हैं तो आपको गुलगुले बनाकर उस स्थान पर डाल आना है जिस स्थान पर कौआ आते हैं।

‌‌‌अकाल मृत्यु से बचने का यह एक प्रभावशाली उपाय साबित हो सकता है और आपको यह उपाय एक बार करके देखना चाहिए शायद काम कर जाए ।

‌‌‌अकाल मृत्यु से बचने का उपाय गुड़ और तेल

दोस्तों अकाल मृत्यु से बचने का यह भी एक टोटका है जिसको आप आजमा सकते हैं। यह एक बहुत ही अच्छा टोटका है और काफी आसान भी है।आप इस उपाय को किसी भी मंगलवार या शनिवार को कर सकते हैं और इसके लिए आपको करना यह होगा कि ‌‌‌तिल और जौ का आटा लेकर आएं यदि घर के अंदर नहीं है तो आप इनको पीस कर खुद बना सकते हैं। यह उपाय करने के लिए उसके बाद इसको गूंथे फिर इसके अंदर गुड़ और तेल को मिलालें और एक रोटी बनाएं । उसके बाद इस रोटी को किसी भी काली भैंस को खिला दें । ऐसा करने से माना जाता है कि अकाल मौत का जो भय होता है वह ‌‌‌समाप्त हो जाता है। लेकिन भैंस को रोटी खिलाने से पहले उसके सर से रोटी को 7 बार उतार लेना चाहिए और उसके बाद ही रोटी को खिलाना चाहिए ।

‌‌‌दोस्तों यह भी एक तरह का टोटका है जिसको आप कर सकते हैं। और हो सकता है कि इससे आपको फायदा मिल जाए तो करने मे कोई बुराई नहीं है।

‌‌‌महादेव टाल सकते हैं अकाल मृत्यु को

दोस्तों महादेव की शक्ति के बारे मे आप जान सकते हैं वे काल से भी परे हैं। काल भी उनका कुछ नहीं बिगाड सकता है।भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधार आदि नामों से महादेव को ही जाना जाता है और तंत्र के अंदर उनको भैरव नाम से भी जाना जाता है।

‌‌‌यदि कोई अकाल मृत्यु से बचना चाहता है तो जल के अंदर तिल और शहद मिलाएं और किसी भी शिवलिंग ‌‌‌पर चढ़ा दें आपके आस पास कोई शिव मंदिर होगा उसके अंदर आप जा सकते हैं और यह काम कर सकते हैं।

‌‌‌इस उपाय को करने के लिए आपके मन मे आस्था और श्रद्धा होना बहुत ही जरूरी होता है। क्योंकि यदि आपके मन मे आस्था और श्रद्धा नहीं होगी तो आपका कोई भी उपाय ठीक से काम नहीं करेगा ।‌‌‌इसके अलावा आप ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

‌‌‌दोस्तों शिव की पूजा शिवलिंग और मूर्ति के रूप मे की जाती है। और कई मंदिरों के अंदर केवल शिवलिंग ही होता है। यदि शिव की मूर्ति की बात करें तो वे बस एक योगी के रूप मे नजर आते हैं। शिव को सौम्य और रौद्ररूप दोनों के अंदर ही दिखाया जाता है और सृष्टी के संहारक और सृजन करने वाले शिव ही ‌‌‌ माने गए हैं।रावण, शनि, कश्यप ऋषि  आदि शिव के भगत भी हुए हैं।ब्रह्माण्ड का जिस तरह से ना कोई आदि है और ना ही कोई अंत है उसी प्रकार से शिव भी अनादि हैं उनका कोई ना अंत है । और सब कुछ शिव के अंदर ही घटित होता है।

‌‌‌धनतेरस पर दीपदान से होती है अकाल मृत्यु की रक्षा

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन तेरस मनाया जाता है और इस दिन धवंतरी और कुबरे व यमराज की पूजा की जाती है।जिस घर के सदस्यों की अकाल मृत्यु होती है उनको धनतेरस के दिन यमराज के नाम का एक दीपक जलाना चाहिए ।

‌‌‌दीपक जलाने का तरीका कुछ इस प्रकार से हैं।

  • सबसे पहले आपको एक मिट्टी का बड़ा दीपक लेना होगा । उसके बाद उस दीपक को अच्छी तरह से धो लें और उसको सूखा लेना है। अब आपको दो रूई की बत्ती बनानी हैं ध्यान दें यह बड़ी होनी चाहिए क्योंकि चार बत्ती का आपको दीपक जलाना होगा ।
  • ‌‌‌उसके बाद दीपक के अंदर तिल का तेल भरें और काले तिल को भी डाल देना चाहिए फिर रोली और चावल और फलों से आपको इसकी पूजा करनी चाहिए । इसके बाद गेंहू की खलल डालें और दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके दीपक को रखें और मंत्र बोलें ।मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन च मया सह। त्रयोदश्यां दीपदनात् सूर्यज: प्रीयतामिति।।
  • ‌‌‌उसके बाद हाथ के अंदर फूल लेकर यमराज को नमस्कार करें ऊं यमदेवाय नम:। नमस्कारं समर्पयामि।।
  • फिर फूल को दीपक के पास अर्पित करें और हाथ मे मिठाई लेकर मंत्र बोलें ऊं यमदेवाय नम:। नैवेद्यं निवेदयामि।।उसके बाद मिठाई को दीपक के पास अर्पित कर देना चाहिए ।
  • ऊं यमदेवाय नम:। आचमनार्थे जलं समर्पयामि। मंत्र बोलते हुए हाथ मे जल लें और फिर दीपक के पास डालदें ।

‌‌‌इस संबंध मे एक कहानी का उल्लेख भी मिलता है तो उसके बारे मे भी हम जिक्र कर लेते हैं तो कहा जाता है कि एक बार यमराज दूतों से बोले की उनका प्राण हरण करने मे तुमको दया भय नहीं आता तो एक बार तो दूत कुछ नहीं बोले दूबारा पूछने पर दूतों ने बताया कि एक बार एक ऐसी घटना घटी जिसकी वजह से हमारा हर्ट कांप ‌‌‌ गया वह घटना कुछ इस प्रकार से थी।हेम नामक राजा के एक पुत्र उत्पन्न हुआ और तब ज्योतिषी ने गणना कर बताया कि यह जब भी विवाह करेगा उसके 4 दिन बाद ही इसकी मौत हो जाएगी तो पुत्र को ब्रह्रमचारी के रूप मे बड़ा किया गया । उसके बाद एक दिन राजा हंस की युवा पुत्री यमुना के तट पर घूम रही थी तो वह उसके ‌‌‌उपर मोहित हो गया और उससे गंधर्व विवाह कर लिया । लेकिन उसके चार दिन बात ही उसकी मौत हो गई।अपने पति की मौत को देखकर उसकी युवा पत्नी काफी रो रही थी। और उस राजकुमार के प्राण हरण करते समय हमारा हर्ट भी कांप गया था।

‌‌‌उसके बाद यमदूत ने पूछा कि क्या अकाल मृत्यु को रोकने का कोई उपाय हो सकता है तो उसके बाद यमराज ने बताया कि धनतेरस के दिन यमराज की पूजा और दीपदान विधि पूर्वक करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता है।

‌‌‌अकाल मौत के लक्षण या मौत के लक्षण

दोस्तों हम यह आसानी से पता नहीं लगा पाते हैं कि किस इंसान की अकाल मौत होगी और यही कारण है कि हम उस इंसान को खो देते हैं। वैसे भी हमारे समय मे कौन कुंडली को बनाने जाता था और कौन उसको दिखाता था तो इस तरह से अकाल मौत का पता नहीं लगाया जा सकता है।‌‌‌फिर भी कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जिसकी मदद से आप अकाल मौत के बारे मे कुछ जान सकते हैं। या फिर यह  फिर अकाल मौत के लक्षण होते हैं।

‌‌‌अकाल मौत से पहले होती है बैचेनी और घबराहट

दोस्तों यह बात सौ फीसदी सच होती है कि अकाल मौत यदि किसी को आने वाली होती है तो उसे कुछ समय पहले से ही बैचेनी और घबराहट होने लग जाती है। और उसका मन किसी भी चीज के अंदर नहीं लग पाता है। ऐसी स्थिति के अंदर आपको सावधान रहना चाहिए । यदि शरीर की ‌‌‌ बीमारी की वजह से यह हो रहा है तो कुछ नहीं हो सकता है। लेकिन इस स्थिति के अंदर यदि आप कहीं पर जा रहे हैं तो तुंरत ही जाने का विचार त्याग देना चाहिए । क्योंकि यह आपके लिए घातक हो सकता है।

‌‌‌इसी तरह की एक घटना अमल के साथ हुई । हालांकि उसकी अकाल मौत टल गई । वह रात को किसी स्थान पर जागरण देखने के लिए जा रहा था तो उसके मन मे बैचेनी हुई। और विचार आया कि नहीं जाना चाहिए । लेकिन उसके बाद उसके घर वालों ने भी उसको मना किया लेकिन वह चला गया । कुछ दूरी पर जाते ही उसकी बाइक का जोरदार ‌‌‌एक्सीडेंट हुआ कि उसका एक पैर कटकर अलग हो गया लेकिन वह जिंदा रहा और बच गया ।

‌‌‌शुभ अशुभ संकेतों को ना करे नजर अंदाज

दोस्तों भले ही आप इन सब चीजों को नहीं मानते हैं लेकिन यह काम करते हैं। आज भी हमारे सामने ऐसे अनेक उदाहरण है जिनके अंदर किसी भी अनहोनी होने से पहले कोई ना कोई अशुभ घटित हुआ था। जैसे अमल ने बताया कि जब वह बाइक लेकर रात को जा रहा था तो बकरी ने कान फड़फड़ाए ‌‌‌लेकिन उसने इसके उपर ध्यान नहीं दिया था।और उसके बाद उसके साथ यह हादसा हो गया तो आप समझ सकते हैं कि शुभ अशुभ संकेत मायेने रखते हैं। इसी तरह से एक ना करना भी अशुभ संकेत माना जाता है। हमारे यहां पर एक बार एक बारात आई हुई थी। उसके अंदर कुछ बाराती कार के अंदर ‌‌‌चढ़कर रवाना हुए तो जल्दी के चक्कर मे एक लड़के ने भी उस कार मे बैठने की कोशिश की लेकिन सब लोगों ने उसको मना कर दिया । पर वह नहीं माना लेकिन कुछ दूर चलने के बाद वह कार पल्ट गई और उस लड़के की मौत हो गई।

‌‌‌इसलिए आपको चाहिए कि आप कभी भी शुभ अशुभ संकेतों को नजर अंदाज नहीं करें । क्योंकि यदि हम कभी अशुभ संकेत को देखकर रूक जाते हैं तो मौत का समय या फिर दुर्घटना का समय टल सकता है।

‌‌‌मृत्यु गंध का आना

‌‌‌मृत्यु गंध एक प्रकार की गंध होती है जोकि मानव शरीर के अंदर आती है। दोस्तों कहा जाता है कि इंसान की जब मौत होने वाली होती है तो कुछ दिन पहले ही इस तरह की गंध आने लग जाती है। हालांकि हमको इसका एहसास नहीं होता है। लेकिन हकीकत मे ऐसा होता है। कुत्ते और बिल्ली की घ्राण क्षमता अच्छी होने की ‌‌‌वजह से वे इस गंध को बहुत ही आसानी से सूंघ सकते हैं लेकिन हम लोग इसको नहीं सूंघ सकते हैं।मृत्यु बाहरी शरीर के अंदर बाद मे घटित होती है लेकिन सूक्ष्म शरीर पर यह पहले ही घटित हो जाती है। जिससे देवताओं आदि को यह पता चल जाता है कि इंसान की मौत हो सकती है।

मृत्यु गंध के बारे मे कई तरह के वैज्ञानिक रिसर्च भी हुए हैं जिसके बारे मे आप उपर लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं। दोस्तों इस मौत की गंध का कारण शायद यह होता है कि मौत से पहले ही शरीर की कोशिकाएं मरने लग जाती हैं।

मृत्यु गंध किस तरह की होती है। इसके बारे मे हमे जानकारी नहीं है। लेकिन यह होती है। बाकि आप इसके बारे मे इंटरनेट पर सर्च करके भी पढ़ सकते हैं।

‌‌‌सपने के संकेतों को ना करें नजर अंदाज

दोस्तों अकाल मौत से पहले हो सकता है कि आपको कोई सपना आ जाए । या कुछ ऐसा संकेत मिले जिसके अंदर आपको यह दिखता हो कि अमुक इंसान के साथ बुरा होने वाला है। हालांकि यह किस तरह से होता है। मुझे इसके बारे मे जानकारी नहीं है। लेकिन यह होता जरूर है।

‌‌‌जैसे मेरी एक बड़ी बहन हुआ करती थी जिसका नाम तुलसी हुआ करता था। वह मुझसे 6 साल बड़ी थी। वह एक बार काफी बीमार थी । उसकी मौत से कुछ दिन पहले पिताजी को रात मे सपना आया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। और मेरे पिताजी उस चीज को ऐसे ही समझ कर भूल गए लेकिन कुछ ही दिनों के अंदर वह सचमुच घटित हो गया।

‌‌‌इसी तरीके से यदि आपको रोजाना किसी ना किसी के मरने के सपने आते हैं तो आपके लिए इन सपनों का सच होना नामुमकिन है। लेकिन आपके सपने कभी कभी आते हैं तो फिर सच होने के चांस बहुत अधिक होते हैं और जल्दी से जल्दी अकाल मृत्यु से बचने के लिए आपको कुछ उपाय करने की जरूरत है।

‌‌‌लेकिन अधिकतर लोग यही बड़ी गलती करते हैं कि इस तरह के सपने को वे नजर अंदाज कर देते हैं और उसके बाद अपने परिवार के सदस्य को वे आसानी से खो देते हैं। जोकि वाकाई मे काफी घातक है। ‌‌‌यदि आपको इस तरह का सपना आता है तो जल्दी से जल्दी किसी ज्योतिषी से जाकर परामर्श करें और उनको उपाय करने को कहें ।

‌‌‌पितरों के संकेत को ना करे नजर अंदाज

दोस्तों पितर वे होते हैं जोकि आपके पूर्वज होते हैं।अकाल मृत्यु पर वे भी आपको संकेत भेज सकते हैं। इसका उदाहरण मैं ही आपको देता हूं। जब मेरी बहन की मौत हुई तो मेरे बाबा जिनकी मौत बहुत ही पहले हो चुकी थी। वे मम्मी के सपने मे आये और मम्मी ने देखा की घर के ‌‌‌आगे अर्थी जल रही है। और वे भाग कर उसके पास आ रहे हैं। हालांकि मम्मी ने भी इस सपने को नजर अंदाज कर दिया जब मेरी बहन की मौत हो गई तो उसके बाद हम सब लोगों को सारे सपने याद आने लग गए । लेकिन उसके बाद समय जा चुका था और फिर हो भी क्या सकता था।

‌‌‌कुत्ते और बिल्ली भाग जाते हैं

दोस्तों यदि आप नोटिस करते हैं तो कुत्तों को मौत और आत्मा का आभास हो जाता है। इस बात को मैं खुद नोटिस कर चुका हूं । मुझे नहीं पता कुत्ते किस तरह से आत्मा को देख सकते हैं लेकिन यह होता है।

‌‌‌एक बार हमारे पड़ोस के अंदर एक इंसान की मौत होने वाली थी तो मौत के एक से दो दिन पहले ही उनके कुत्ते ने अजीब हरकते करना शूरू कर दिया । और जब इंसान की मौत हो गई तो वह वहां से डर कर भाग गया ।

‌‌‌इसी तरह की एक घटना और हुई जिसके अंदर हमारे यहां पर एक व्यक्ति रात के अंदर सो रहा था उसकी मौत सोते सोते ही हो गई । तो वहां पर बैठा कुत्ता जोर जोर से उछलने लगा और उसके बाद उस कुत्ते की वजह से सारे घरवालों को जाग आई तो देखा मौत हो गई ।

‌‌‌तो दोस्तों कुत्ते और बिल्ली जो होते हैं उनको यह पता चल जाता है कि अब मौत होने वाली है। और उसके बाद यह काफी डर भी जाते हैं। हालांकि संभव है कि कुछ आत्माएं उनको लेने के लिए आती हैं और मरने वाले इंसान और उन आत्माओं को देखकर भी  कुत्ते बिल्ली डर जाते हों ।

‌‌‌मौत से पहले आस पास कोई होने का एहसास होना

दोस्तों यदि किसी इंसान को मरे हुए लोग दिख जाते हैं तो उसके बाद समझ ही लेना चाहिए कि अब उसका समय निकट आ सकता है। इसके मेरे पास कई रियल उदाहरण मौजूद हैं। मरने वाले इंसान को यह आभास हो जाता है कि उसके पूर्वज उसके पास आएं हैं और कह रहे हैं कि ‌‌‌उसके साथ चलना है।

  • ‌‌‌जब दुर्गाराम नामक एक व्यक्ति की मौत हुई तो उसने 4 महिने पहले ही बताया कि उसके बाप और दूसरे कुछ लोग उसे लेने के लिए आए थे लेकिन उसने जाने से मना कर दिया । इसके बाद 4 महिने बीते तो फिर उसे मरे हुए लोग दिखाई दिए । कुछ दिन बात उसकी मौत हो गई ।
  • ‌‌‌इसी तरीके से सुखराम नामक एक बूढ़ा व्यक्ति था जिसकी भी मौत निकट थी उसको भी मरे हुए लोग दिखाई दिए । उसने कहा कि सारे मरे हुए लोग काम कर रहे हैं और वह भी काम करना चाहता है। इसके 2 महिने बाद ही उसकी मौत हो गई ।
  • ‌‌‌मेरे दोस्त के दादे की मौत तो पहले ही हो चुकी थी। इसके कुछ दिन बाद दादी की मौत का समय आया तो दादी ने एक दिन पहले कहा कि उसके दादा रात को आए थे और कह रहे थे कि चल चलते हैं और इसके कुछ समय बाद ही दादी की मौत हो गई ।

‌‌‌दोस्तों आपको मरे हुए प्रेत और आम जीवात्मा मे अंतर समझ लेना चाहिए । प्रेत यदि किसी को दिखाई देते हैं तो वे मौत के संकेत नहीं होते हैं। लेकिन वे लोग आपको लेने आते हैं जोकि प्रेत योनी मे नहीं हैं तो इसका मतलब शायद यही है कि आपका समय पूरा हो चुका है अब आपको जाना ही होगा ।

मक्खियां का घेरना

दोस्तों मौत से पहले आमतौर पर मक्खियां  आपके आस पास ही मंडराने लग जाती हैं। यदि किसी की मौत होने वाली होती है तो अचानक से उसके आस पास मक्खियों की संख्या बहुत ही तेजी से बढ़ जाती है। यदि आपको यकीन नहीं आता है तो आप किसी इंसान की मौत को आप देख सकते हैं। ‌‌‌लेकिन यह स्थिति अकाल मृत्यु के अंदर हो यह आवश्यक नहीं होता है। मक्खियों को शायद यह पता चल जाता है कि अमुक इंसान की मौत होने वाली है जिसके बाद वे आस पास ही मंडराने लग जाती हैं। और यह हो सकता है कि इंसान की शरीर की गंध की वजह से भी होता होगा ।

‌‌‌व्यक्ति अचानक से पतला हो जाए शरीर सूख जाए

दोस्तों यदि किसी इंसान का शरीर अचानक से सूख जाता है तो इसका मतलब यह है कि उसकी मौत होने वाली है। और उसका बचना बहुत ही कठिन है। यह खास कर बीमार लोगों के साथ होता है। आपने कई बार देखा होता है कि कोई इंसान अचानक से बीमार पड़ता है और उसके बाद उसका ‌‌‌शरीर अचानक से सूख जाता है। यदि इस प्रकार की स्थिति दिखाई देती है तो इसका मतलब यह है कि इंसान की बहुत ही जल्दी मौत होने वाली है।

‌‌‌नाक का उपरी भाग देखने मे असमर्थ हो जाना

दोस्तों जिस इंसान की मौत होती है वह नाक का उपरी भाग देखने मे असमर्थ हो जाता है। इसका कारण यह होता है कि उसकी आंखे धीरे धीरे उपर की तरफ मुड़ने लग जाती हैं और नाक नीचे की तरफ मुड़ने लग जाती है। यदि किसी के साथ ऐसा हो रहा है तो इसका मतलब यह है कि उसकी ‌‌‌ मौत काफी निकट है।

‌‌‌अपनी परछाई का नहीं दिखना

दोस्तों ऐसा माना जाता है कि जिस इंसान की मौत का 6 माह शेष रहता है वह पानी के अंदर या फिर आईने के अंदर अपनी परछाई नहीं देख पाता है। या फिर वह अपनी परछाई को काफी विकृत करके देखता है। यदि किसी के साथ ऐसा हो रहा है तो इसका मतलब यह है कि उसके बस कुछ माह ही शेष हैं

‌‌‌आंखों मे कमजोरी

दोस्तों यहां पर आंखों मे कमजोरी का मतलब होता है जिस इंसान की मौत होने लग जाती है उसकी आंखों के अंदर कमजोरी आ जाती है। मतलब यह है कि वह किसी को भी सही तरीके से पहचान नहीं पाता है। उसे एक चेहरे से दूसरे चेहरे के अंदर अंतर समझ नहीं आता है। यदि ऐसा हो रहा है तो इसका मतलब यह है कि ‌‌‌जल्दी ही इंसान की मौत होने वाली है। और यदि आपने भी देखा होगा कि जो लोग बूढे होकर मरते हैं वे अंत समय मे चेहरा पहचानने से भी इंकार कर देते हैं।

‌‌‌प्रतिदिन कोई कुत्ता आपके पीछे चले

दोस्तों यह माना जाता है कि जिस इंसान की मौत आने वाली होती है उसके पीछे कोई कुत्ता चलने लग जाता है । इसका मतलब यह है कि जब भी आप अपने घर से बाहर निकलते हैं तो क्या आपके पीछे कोई कुत्ता तो नहीं चल रहा है? यदि आपके पीछे रोज कोई कुत्ता चलता है तो इसका ‌‌‌ मतलब आपकी मौत होने वाली है। दोस्तों घर के अंदर पाले गए कुत्ते तो आपके पीछे जाते ही हैं। यह कभी भी अशुभ स्थिति नहीं होती है। हम यहां पर बात कर रहे हैं दूसरे कुत्ते की ।

‌‌‌अपने बांया हाथ का फड़कना

दोस्तों आपको पता ही होगा कि शरीर के अंग फड़कते हैं और अंग फड़कने की वजह और इनका मतलब अलग अलग होता है। उसी तरीके से यदि आपका बांया हाथ लगातार फड़क रहा है तो इसका मतलब यह है कि आपकी मौत काफी निकट आ चुकी है और आपको मौत की तैयारी कर लेनी चाहिए।

‌‌‌आवाज सुनाई देना बंद हो जाए

दोस्तों आमतौर पर होता यह है कि हम जब काम बंद करते हैं तो हमको कुछ ना कुछ आवाज सुनाई देती है। लेकिन जिस इंसान की मौत होती है वह यदि कान बंद करता है तो उसे किस तरह की आवाज नीं सुनाई देती है। इसका मतलब यह है कि उस इंसान की जल्दी ही मौत होने वाली है।

‌‌‌यदि बाल बिना दर्द के उखड़ जाएं

दोस्तों जिस इंसान की आयु पूर्ण हो चुकी है। उसके बाल यदि कोई खींचता है तो दर्द नहीं होता है। यदि इस तरह की स्थिति है तो इसका मतलब यह है कि व्यक्ति की आयु पूर्ण हो चुकी है। और व्यक्ति को अब जाना ही होगा ।

‌‌‌छाया को अलग देखना

दोस्तों छाया के बारे मे हम जानते ही हैं। असल मे छाया हमारे शरीर की बनती है। और वह सब सूर्य की वजह से या फिर किसी प्रकाश स्त्रोत की वजह से होता है। जिस इंसान की मौत काफी नजदिग होती है वह अपनी छाया को देखता है लेकिन वह अपने से इसे अलग देखने लग जाता है । जबकि  ‌‌‌कई बार उसे ऐसा भी दिखाई दे जाता है जैसे कि छाया के धड़ नहीं है।

‌‌‌मुंह से सांस लेने वाला

दोस्तों यह भी माना गया है कि यदि कोई एक सप्ताह तक मुंह से सांस ले रहा है तो उसकी मौत आने वाली है। हालांकि यदि रोगी को कोई बीमारी है। और उसके बाद वह मुंह से सांस ले रहा है तो उन लोगों पर यह लागू नहीं होता है।

‌‌‌अकाल मृत्यु को पहचानने के संकेत क्या हैं ?

दोस्तों आकाल मृत्यु के समय हमे कुछ ना कुछ संकेत मिलते हैं। इसके अंदर कोई भी शक नहीं है। यह ऐसे संकेत होते हैं कि जिनके बारे मे हम गौर नहीं करते हैं। लेकिन किसी भी तरह की अकाल मृत्यु से पहले यह सब जरूर ही घटित होते हैं। ‌‌‌यदि आप इन अशुभ संकेतों को ठीक से समझ लेते हैं तो आप सावधानी बरत सकते हैं। और दुर्घटना आदि से होने वाली मौत को टाल सकते हैं। तो आइए जानते हैं। इसी तरह के कुछ अशुभ संकेत के बारे मे ।

  • ‌‌‌किसी का टोकना भी अशुभ संकेत है। यदि आप कहीं पर जा रहे हैं और आपको किसी ने टोक दिया तो यह भी एक अशुभ संकेत है। तो इसके बाद आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
  • ‌‌‌यदि आप कहीं पर जा रहे हैं और काली बिल्ली आपका रस्ता काट कर चली गई तो आपको वहां पर कुछ समय के लिए रूकना होगा और उसके बाद आप जा सकते हैं लेकिन सावधानी से जाएं तो कुछ भी नहीं होगा ।
  • ‌‌‌मन मे अजीब सा महसूस होता है जैसे कि बैचेनी आदि । यदि आपक हीं जा रहे हैं और अचानक से यह स्थिति महससू हो रही है तो सावधानी आपको बरतने की आवश्यकता है। और यदि बाइक या कार चला रहे हैं तो फिर आपको एक स्थान पर उसे खड़ी कर देनी चाहिए । और खुद को सामान्य होने का प्रयास करना चाहिए ।
  • ‌‌‌किसी जानवर का कान फड़फड़ाना भी एक बुरा संकेत माना जाता है। यदि आप घर से निकल रहे हैं और बिल्ली या कुत्ते ने या फिर आपकी ही बकरी ने कान फड़फड़ाए तो आपको फिर रूक जाना चाहिए और नहीं जाना चाहिए । कम से कम 2 घंटे बाद ही आपको जाना चाहिए ।
  • ‌‌‌नाट होने का मतलब होता है कई बार हम कहीं पर जाते हैं तो हमारे घर के सदस्य यह कहते हैं कि आपको नहीं जाना चाहिए लेकिन उसके बाद भी यदि आप जाते हैं तो अनहोने के चांस बढ़ जाते हैं। इसी तरह की कई घटनाएं हैं। एक टैंपू ड्राइवर था जोकि रात को किसी वजह से एक गेड़ा लेकर जा रहा था लेकिन उसकी पत्नी ने ‌‌‌उसको जाने से मना किया लेकिन वह नहीं माना और चला गया बाद मे पता नहीं रस्ते मे ही उसकी किस तरह से मौत हो गई ।
  • ‌‌‌भगवान की पूजा करें और उनको प्रणाम करके ही जाएं । दोस्तों यदि आप घर से निकल रहे हैं तो आपको भगवान की पूजा करनी चाहिए और आप उनके आगे हाथ जोड़कर निकल सकते हैं। ऐसा करने का फायदा यह होगा कि आपकी भगवान रक्षा करेंगे ।
  • ‌‌‌जानवरों को दाना डालना भी एक फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि जो कर्म हम करते हैं उसका फल ही तो यह जीवन होता है। यदि हम अच्छे कर्म करते हैं तो हमे अच्छा ही प्राप्त होता है। हो सकता है कि आपका कर्म आपके जीवन को बचाने मे भी सहायक हो । तो दोस्तों जानवरों की हत्या ना करके आप उनको दाना डालें ।
  • ‌‌‌सपने के संकेत को समझना भी काफी जरूरी होता है। यदि आप अपने सपने मे कुछ भी बुरा होते देखते हैं किसी भी इंसान के साथ तो आपको समझ जाना चाहिए और उस इंसान के लिए आप कोई उपाय कर सकते हैं। बेहतर यही होगा कि आप उसके लिए कुछ उपाय करें ताकि उसके साथ बुरा होना कम हो जाए । ‌‌‌इन उपायों के अंदर आप किसी ज्योतिषी की मदद ले सकते हैं। तो वह आपको बेहतर उपायों के बारे मे बतादेंगे ।

अकाल मृत्यु से बचने के उपाय लेख के अंदर हमने आपको अकाल मृत्यु से बचने के उपाय के बारे मे विस्तार से बताया और इसके संकेतों के बारे मे भी बताया उम्मीद करते हैं कि आपको यह पसंद आएगा । यदि आपको पसंद आता है तो नीचे कमेंट करके बताएं ।

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This post was last modified on January 23, 2022

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