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    Home»entertainment»300 अकेलापन पर मस्त शायरी दिल को छू लेंने वाली
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    300 अकेलापन पर मस्त शायरी दिल को छू लेंने वाली

    arif khanBy arif khanNovember 1, 2023No Comments35 Mins Read
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    akelapan shayari alone shayari अकेलापन शायरी अकेलापन शायरी 2 Line  यहां पर हम आपको अकेलापन से जुड़ी कुछ फेमस शायरी दे रहे हैं। और उम्मीद करते हैं , कि आपको यह पसंद आएगा । यदि आपको यह पसंद आती हैं , तो आप हमें कमेंट करके बताने का प्रयास करें । अकेलापन शायरी काफी अच्छी शायरी हैं।

    छोड़ दिया उसने हमें हमारी गरबी देखकर ,

    हमने भी अपना लिया इस अकेले पन को ,

    अपनी बदनसीबी देखकर ।

    ————————-

    आंखों मे तेरा इंतजार आज भी बाकी है ,

    रहते हैं , अकेले हम तो यार ,

    तेरा वो प्यार आज भी बाकी है।

    ————————-

    प्यार किया तो बेवफाई मिली ,

    अपना बनाया तो रूसवाई मिली ,

    किसी को अपना बोला ,

    तो अकेलापन और तन्हाई मिली।

    ————————-

    जिदंगी मे आज भी तन्हाई है ,

    अकेलेपन ने जिदंगी तड़पाई है।

    ————————-

    यूं ही कट जाएगा अकेलेपन का सफर ,

    मगर आना जरूर ,

    जब तुझे लगे मेरी मौत की खबर ।

    ————————-

    तेरे आंखों मे आसूं हम देख नहीं सकते ,

    हम चले जा रहे हैं अकेलेपन की  दुनिया मे ,

    तुझे किसी और का होते हम देख नहीं सकते ।

    akelapan shayari shayari

    ————————-

    रात भर तेरी याद आई ,

    तो चैन से सो ना सका ,

    खेद है मुझे ,

    तूने गुजारी अकेलेपन मे रातें ,

    और मैं तेरा हो ना  सका ।

    ————————-

    पहले उसने प्यार किया ,

    फिर उसने दिल पर वार किया ,

    हम ही कमीने थे यार ,

    जो अकेला पन सह सहकर उसका इंतजार किया ।

    ————————-

    अकेलापन हमें भी पसंद नहीं था ,

    फिर भी अकेला रहना पड़ा ,

    तुझ से दूर होने का इरादा न था ,

    फिर भी तुझ से दूर रहना पड़ा ।

    ————————-

    पहचानते हैं हम तेरी खामोशियो को ,

    भले ही हम अकेले पड़ गए हैं ,

    मगर सजा जरूर देंगे दोषियों को ।

    ————————-

    सूनी जमी है ,

    सूना यह आसमान है ,

    तू कभी नहीं चूका पाएगी ,

    हमारा जो एहसान है।

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    ————————-

    तेरे दर्द को किसी से बांटा नहीं जाता ,

    अकेलापन यूं ही काटा नहीं जाता ।

    ————————-

    पहले प्यार ,

    फिर इंतजार ,

    और फिर इंकार ,

    यही लिखा है हमारी किस्मत मे यारो ।

    ————————-

    इस अकेलेपन मे थोड़ा थोड़ा जी लेते हैं ,

    पीतें नहीं यूं तो हम शराब ,

    मगर गम अधिक हो तो पी लेते हैं।

    akelapan shayari sad

    ————————-

    तू नहीं तो तेरी यादों के संग जी लेते हैं ,

    अकेलापन नहीं होता है अब बर्दाश्त ,

    इसलिए पी लेते हैं।

    ————————-

    जब से अकेलापन आया ,

    हमने हंसना भी छोड़ दिया ,

    जिदंगी मे फिर कुछ नहीं बचा ,

    जबसे तुमने रिश्ता तोड़ दिया ।

    ————————-

    मेरी तन्हाई अकेलापन देखकर ,

    उदासियां भी रोने लगी ,

    ऐसा लग रहा था ,

    लहरों मे जिदंगियां खोने लगी ।

    ————————-

    मुस्कुराने की वजह तुम थी ,

    इस अकेलापन को हटाने की वजह तुम थी ।

    ————————-

    हमारी मुहब्बत को अजमाया न कर ,

    पता नहीं कब दुनिया से चले जाएंगे हम ,

    यूं हमें अकेलापन महसूस करवाया न कर ।

    ————————-

    तेरे सिवाय कोई इस अकेलेपन को दूर कर न सका ,

    तेरे सिवाय फिर कभी किसी के गोद मे सर धर न सका ।

    shayari akelapan ki

    ————————-

    तुम्हारे और करीब हम आते गए ,

    तुझे दिल से अपना बनाते गए ,

    मगर जब पता चला तू किसी और की है ,

    अकेलेपन मे खुद को मिटाते गए ।

    ————————-

    कम नहीं है , यह इश्क भी जादू टोने से ,

    करते नहीं किसी से इश्क हम भी ,

    क्योंकि डर लगता है ,उसे खोन  से ।

    ————————-

    कोई दया नहीं करता ,

    बीच सड़क पर रोने से ,

    इसलिए डर लगता है जनाब ,

    हमें अकेले होने से ।

    ————————-

    अकेले आए हो ,

    अकेले जाओगे ,

    कुछ नहीं रखा संसार मे ,

    फिर क्या पाओगे ।

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    ————————-

    प्यार मे तन्हाइंया शिकार करती हैं ,

    पता नहीं कब वक्त बीत जाता है ,

    जब दो जिदंगियां प्यार करती हैं।

    ————————-

    बना.कर रख ले कैदी मुझे तू

    अपनी चाहत का ,

    बस मैं ही हूं एक मात्र

    इलाज तेरे दिल की राहत का ।

    ————————-

    जो पाया उसे खोना नहीं चाहते ,

    इश्क तो हम भी करलेते तुझ से ,

    पर अकेले होना नहीं चाहते ।

    ————————-

    दीवानों के लिए अकेलापन एक सजा है ,

    मगर अकेलेपन का अपना ही मजा है।

    ————————-

    दिल्लगी मे दिल लगा बैठे ,

    किसी कोयले को हीरा समझ अपना बना बैठे ,

    फिर मिला अकेलापन ,

    तो खुद को नुकसान पहुंचा बैठें ।

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    ————————-

    दिल मत लगाना कभी ,

    रात की रानी से ,

    वरना दिल टूट जाएगा ,

    उस विरानी से ।

    ————————-

    अब तन्हाइयों से मेरी पहचान लगती है ,

    हिलता हूं तो शरीर मे जान लगती है ,

    पहले तो छोड़ दिया उसने हमें ,

    आज वह भी खूब परेशान लगती है।

    ————————-

    एक दिन जरूर रोएगी वो मुझे पाने के लिए ,

    सात समंदर पार करके भी उसे आना पड़ेगा ,

    मुझे अपना बनाने के लिए ।

    ————————-

    किसी को एहसास दिलाने के लिए

    हम बिछड़ते नहीं ,

    जिन घरों की नींव मजबूत हो ,

    वो छोटी मोटी आंधियों मे उजड़ते नहीं ।

    ————————-

    अगर जीवन मे अकेलापन न हो ,

    तो कोई प्यार का मतलब कैसे जानेगा ।

    ————————-

    मेरे एहसास मे तुम हो ,

    दिल के वास मे तुम हो ,

    दिखते भले ही हम अकेले हैं ,

    मगर हमारे हर एहसास मे तुम हो ।

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    ————————-

    तेरे इश्क ने उम्र भर रूलाया है ,

    कब्रों पर जिंदा सुलाया है ,

    और तू कहती है , मैं माफ करदूं ।

    ————————-

    अगर जीना है , तो अकेले जी लिया कर ,

    वह कहती है , जब मेरी याद आए तो खूब पीलिया कर ।

    ————————-

    इस अकेलेपन  ने जिदंगी को तन्हा कर दिया ,

    जब गए उसके पास प्यार का इजहार करने ,

    तो उसने भी मना कर दिया ।

    ————————-

    खुद को खो दिया मैंने उसके लिए ,

    अकेलेपन और तन्हा जिदंगी देखकर ,

    सब कुछ छोड़ दिया मैंने उसके लिए ।

    ————————-

    क्या पाया था ,

    क्या खोया था ,

    बिछुड़के उससे मैं खूब रोया था ।

    ————————-

    उसको भूलना भी चाहया ,

    मगर भूला ना सके ,

    अकेलेपन के सिवाय ,

    प्यार मे पड़कर कुछ पा ना सके।

    ————————-

    मेहंदी वो भी हाथों की सजा ना सके ,

    अकेला छोड़कर हमें वो भी ,

    खुद की दुनिया बसा ना सके ।

    ————————-

    तन्हाई मे जीने का मन नहीं करता ,

    जिस प्यार मे पसंद नहीं हो ,

    वह प्यार भी हज्म नहीं करता ।

    ————————-

    जीने की चाहत बहुत है ,

    पर अकेलापन खाये जा रहा है ,

    इश्क ना करना किसी से ,

    यह छत पर कोई गाये जा रहा है।

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    ————————-

    तेरे लिए रात भर जागे हम ,

    तेरे लिए सब कुछ छोड़ भागे हम ,

    फिर भी निकले अकेलेपन के धागे हम ।

    ————————-

    मौत का समंदर था ,

    पास हमारे खंजर था ,

    यह अकेलापन और  दर्द भरा मंजर था ।

    ————————-

    मेल कभी नहीं होता है ,

    बादलों और सितारों का ,

    क्या भरोसा तेज बहाव मे

    नदी के किनारों का ।

    ————————-

    अपना कभी अकेला छोड़कर नहीं जाता ,

    दुख और दर्द मे वह कभी दिल के बंधन तोड़कर नहीं जाता ।

    ————————-

    मिट गई दिल की हस्ती ,

    बह कई पानी संग बस्ती ,

    अब वह हमारे अकेलेपन की यादों मे बसती ।

    ————————-

    जो सच का साथ देतें ,

    वो अकेले ही रहते हैं ,

    सच का साथ देने के लिए ,

    जुल्म और सितम सहते हैं।

    ————————-

    दिल मे बसा कर ,

    हम किसी को भूलते नहीं ,

    एक बार अगर बेवफाई के दाग लग गए ,

    तो उम्र भर कभी धुलते नहीं ।

    ————————-

    दिल और जुबान हमेशा सच्ची रखना ,

    फिर चाहे अकेलापन हो या तन्हाई ,

    कभी मत झुकना ।

    ————————-

    अंधकार कभी मिटा नहीं सकता प्रकाश को ,

    यह अकेलापन चाहे जितना आ जाए ,

    मगर मिटा नहीं सकता तेरे एहसास को ।

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    ————————-

    हर किसी की किस्मत चमकती नहीं ,

    अकेलेपन और तन्हाई के बिना ,

    जिदंगी कभी दमकती नहीं ।

    ————————-

    अब तो साये ने भी साथ देना छोड़ दिया ,

    जब से तूने हमारे संग रिश्ता तोड़ दिया ।

    ————————-

    मौत का मंजर है ,

    दिल मे अकेलेपन का खंजर है।

    ————————-

    दिल का हाल कोई पूछता नहीं ,

    अब हमें अकेलेपन के सिवाय कुछ सूझता नहीं ।

    ————————-

    मेरी बातें सुनने वाला कोई बचा न था ,

    मैं शिकार हो गया उस खेल का ,

    जिसको कभी मैंने रचा न था ।

    ————————-

    अकेलापन और तन्हाई इंसान को मार देती हैं ,

    और वो पैसों के लिए हर किसी के साथ रातें गुजार देती हैं।

    ————————-

    जिसे समंदर की आश हो ,

    उसे भला कैसे तालाब का पानी राश हो।

    ————————-

    तेरे जाने का एक तो दिल मे सकून था ,

    मगर अकेलापन भी कुछ जरूर था ।

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    ————————-

    कभी सोचा न था ,

    वह कभी बीच राहों मे छोड़ जाएगी ,

    अकेलापन और तन्हाई से ,

    फिर से रिश्ता जोड़ जाएगी ।

    ————————-

    हर शाम हर पहर तेरा ही ख्याल है ,

    कुछ भी हो मगर यह अकेलापन ,

    बड़ा बेमिशाल है।

    ————————-

    रोये हम खूब तेरी तस्वीर के आगे ,

    मगर क्या करते ,

    सब कुछ बेबस हो जाता है , इस तकदीर के आगे ।

    ————————-

    लोग कहते हैं तेरा कोई जवाब नहीं है ,

    वह कहती थी , तेरे सिवाय और कोई ख्वाब नहीं है ,

    आज पता चला , मेरे नाम की तो ,

    उसकी दुनिया मे कोई किताब नहीं है।

    ————————-

    धीरे धीरे बढ़ते चलो आगे ,

    मगर अकेला पन कहां पीछा छोड़ने वाला था ,

    हम तो इससे खूब भागे ।

    ————————-

    महफ़िल मे नही तो तन्हाई मे फरियाद करोगे ,

    मगर मिल गया तुम्हें हमारे जैसा ,

    तो दुनिया वाले भी नाज करेंगे ।

    ————————-

    तन्हाई जैसी बीमारी का ,

    कभी कोई इलाज नहीं था ,

    बेवफा निकलेगी तू ,

    मुझे इसका अंदाज नहीं था ।

    ————————-

    तन्हाइयों से वर्षों पुराना रिश्ता है मेरा ,

    देखकर तुझे किसी और के संग ,

    आज भी कलेजा पिसता है मेरा ।

    ————————-

    महफिलें विरान हैं ,

    जीवन सुनसान हैं ,

    सब पर अकेलापन मेरहबान हैं।

    ————————-

    हम तो मुहब्बत से खौफ खाते हैं ,

    पता नहीं लोग तन्हाई लेकर क्यों दिल लगाते हैं।

    ————————-

    परिंदे आकाश मे अच्छे लगते हैं ,

    मुहब्बत के किस्से एहसास मे अच्छे लगते हैं ,

    करके देखो अकेलेपन का एहसास ,

    फिर वो हर सांसा मे अच्छे लगते हैं।

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    ————————-

    हम से नाराज होकर दूर जो होगए ,

    लगा ऐसा जैसे सब कुछ खो गए ।

    ————————-

    हर रात को तेरी याद जरूर आती है ,

    अब तो अकेलापन ही हमारा साथी ।

    ————————-

    दिल मेरा बीमार था ,

    मुझे आज बुखार था ,

    दिया उसने अकेला पन हमें ,

    वह आशिक ही बेकार था ।

    ————————-

    तुझे जिदंगी भर याद हम करते रहे ,

    एक यह अकेलापन और ,

    जिदंगी की हर सांस मे मरते रहे ।

    ————————-

    अकेलापन ही तुम्हारा साथी ,

    अकेलापन से ही जिदंगी जगमगाती है ,

    क्या करें किसी से रिश्ता जोड़कर ,

    हर रिश्ते मे वह दर्द दे जाती है।

    ————————-

    दिल की तन्हाई मे फिर से आग लगादी उसने ,

    सोई वर्षों पुरानी मुहब्बत आज जगादी उसने ।

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    ————————-

    दूर से देखने पर हर रिश्ता हसीन लगता है ,

    जब पास आकर देखते हैं , तो वही अकेलापन से

    युक्त गमगीन लगता है।

    ————————-

    मुहब्बत का नाम यूं ही बदनाम है ,

    अकेलापन इसका अंजाम है।

    ————————-

    जिदंगी की राहों मे मिले कई साथी ,

    मगर अंत मे अकेला छोड़कर हो गए जज्बाती ।

    ————————-

    हम नहीं बनना चाहते हैं सिकंदर ,

    हम तो रहना चाहते हैं तेरे दिल के अंदर ।

    ————————-

    वो पास हैं ,

    फिर भी अकेलापन खाये जा रहा है ,

    बीत गई बिना मजा लिये जवानी ,

    और बुढ़ापा आये जा रहा है।

    ————————-

    अकेलेपन के गीत तू गाये जा ,

    रहना है तुझे सदा अकेला ,

    खूब मुस्कुराए जा ।

    ————————-

    अब तेरे संग खूब जी लिये ,

    थोड़ा अकेलापन हमें भी मिल जाता तो अच्छा होता ।

    ————————-

    जिदंगी बीत गई उनका का बोझा ढोने मे ,

    मगर उनको एक पल भी नहीं लगा

    हमसे अलग होने मे ।

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    ————————-

    सीने मे आग तो आज भी है ,

    होंठों पर तेरा सैलाब तो आज भी है ,

    कोई फर्क नहीं पड़ा तेरे होने ना होने का ,

    वर्षों पुराना अकेलापन तो आज भी है।

    ————————-

    अंदाजा नहीं है तुझे मेरे दिल की हालत का ,

    अब अकेलापन और जीवन बचा है जलालत का ।

    ————————-

    अकेलापन धीरे धीरे मुझे भाने लगा ,

    करडाला अकेलेपन ने कुछ ऐसा ,

    कि जमाना मुझे चाहने लगा ।

    ————————-

    जिदंगी के हर मोड़ पर ,

    हम तुझे मिलेंगे ,

    आज भी अकेले हैं ,

    कल भी अकेले मिलेंगे ।

    ————————-

    सुबह से रात ,

    रात से सुबह हो गई ,

    मगर यह जिदंगी ,

    बस इस अकेलेपन के बीच खो गई ।

    ————————-

    जो तेरा न हो सका ,

    वो गैरों का क्या होगा ,

    अगर प्रकाश ही मिट जाए दुनिया मे ,

    तो अंधेरों का क्या होगा ।

    ————————-

    दिल मे अकेलेपन का ,

    एहसास लिये जीये जा रहे हैं ,

    खत्म ही नहीं होता गम तेरी बेवफाई का ,

    इसलिए खूब पीये जा रहे हैं।

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    ————————-

    मत करना शौक मेरे जाने का ,

    दिल मे था अकेलापन ,

    फिर भी काम करते थे ,

    दुनिया को हंसाने का ।

    ————————-

    अगर मरना है , तो शान से मरेंगे ,

    अगर प्यार करना ही है ,

    तो अपनी जान से करेंगे ।

    ————————-

    सितारों के संग लिखेंगे एक कहानी ,

    प्यार तो बहुत किया था ,

    फिर भी अकेलेपन मे बीती जवानी ।

    ————————-

    हर किसी के बस की बात नहीं होती है ,

    अकेलेपन को झेलना ,

    मगर उनको अच्छे से आता है ,

    हर किसी के दिलों से खेलना ।

    ————————-

    दिल भी लगा के देखलिया ,

    उनको हंसाके देखलिया ,

    मगर अकेलापन ने हमे ,

    फिर भी देखलिया ।

    ————————-

    मौत नाम है मेरा ,

    चुपके से आती हूं ,

    कोई ना चाहे ,

    तो भी अकेले ही साथ ले जाती हूं ।

    ————————-

    दिल मे अरमान तो बहुत थे ,

    इस अकेलेपन से परेशान तो बहुत थे ,

    फिर भी उसने हमे छोड़ दिया ,

    उन पर हमारे एहसान तो बहुत थे ।

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    ————————-

    अकेलापन अब हमें सताता है ,

    मुहब्बत का असली मतलब ,

    तो आपको यही बताता है।

    ————————-

    यूं तो दिल के परींदे हैं हम ,

    खाये जा रहा है अकेलापन ,

    बस तेरी आस मे जिंदे हैं हम ।

    ————————-

    सितारा हूं भोर का ,

    कमाल है सब इश्क के शौर का ,

    सबसे बुरा है जनाब ,

    अकेलापन इश्क के दौर का ।

    ————————-

    मौसम भी रंग बदलता है ,

    फिर इंसान क्या चीज है।

    ————————-

    कुछ लोग गेंद से खेलते हैं ,

    तो कुछ दिलों से खेलते हैं ,

    और हम और कुछ नहीं ,

    बस अकेलापन झेलते हैं।

    ————————-

    नादान थी मेरी जिदंगी ,

    हो गई अकेलेपन से बंदगी ।

    ————————-

    अकेलेपन मे हम शायरी लिखने लगे ,

    सालों बाद पता नहीं क्या हुआ ,

    फिर वो छत पर दिखने लगे ।

    ————————-

    जमीं भी गर्म है ,

    आसमां भी गर्म है ,

    अकेलापन तो हर इंसान का धर्म है।

    ————————-

    एक चाहत है , दिल मे तेरे साथ जीने की ,

    वरना पी तो कब का हम लेते उम्र पड़ी है पीने की ।

    ————————-

    कुछ खेल खिलाड़ी खेलते हैं ,

    जिनको नहीं पता प्यार का मतलब भी ,

    ऐसे खेल कुछ अनाड़ी खेलते हैं।

    ————————-

    अकेले आए थे ,

    अकेले जाना है ,

    यहां जो कुछ है ,

    वो सब फसाना है।

    ————————-

    तुझ से मिलने की तमन्ना आज भी है ,

    तेरी चाहत से दूर होगा यह अकेलापन ,

    तुझे अपना बनाने का सपना आज भी है।

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    ————————-

    तेरे लिए बदल जाएंगे हम ,

    तेरे लिए फिसल जाएंगे हम ,

    इस अकेलेपन से निकाल ले हमें ,

    वरना जल जाएंगे हम ।

    ————————-

    अकेलापन भर लिया हमने अपने दामन मे ,

    पता नहीं क्या प्यार करने की सूझी इस मन मे ।

    ————————-

    अकेलापन कोई फूल नहीं है चमन का ,

    प्यार वार कुछ नहीं होता यारो ,

    बस यह वहम है अपने मन का ।

    ————————-

    प्यार से डर नहीं लगता जनाब ,

    हमें तो अकेलेपन से लगता है।

    ————————-

    तुझ से आशिकी की शूरूआत हम करेंगे ,

    और कुछ नहीं , तो कम से कम ,

    अकेलेपन की बरसात हम करेंगे ।

    ————————-

    अकेलापन अंजाम है दिल लगाने का ,

    सिला तो तुझे चुकाना पड़ेगा ऐ इंसान ,

    इस प्यार को फिर से जागाने का ।

    ————————-

    हर वक्त हमें आजमाया मतकर ,

    यूं ही अकेले हैं , सतया मत कर ,

    चुपके चुपके से करते हैं मुहब्बत ,

    ऐ दिल किसी को बताया मत कर ।

    ————————-

    मुहबत कुछ नहीं बस नजरों का कमाल है ,

    जिसने करली मुहबत उसके जीवन मे ,

    अकेलेपन का धमाल है।

    ————————-

    जब वक्त बुरा हो ,

    तो दिल भी धड़कना बंद कर देता है ,

    अगर अकेलेपन को जी लिया है ,

    तो आशिक भी तड़पना बंद कर देता है।

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    ————————-

    तेरे उपर सारी खुशियां वारदी ,

    तेरे इंतजार मे अकेले उम्र गुजारदी ,

    कहकर भइया हमे ,

    तूने प्यार की बुखार सारी उतारदी ।

    ————————-

    कुछ प्यार ख्वाब मे होते हैं ,

    कुछ प्यार किताबों मे होते हैं ,

    और कुछ प्यार हिजाबों मे होते हैं ।

    ————————-

    तेरी मेरी दोस्ती का कोई जवाब नहीं ,

    दोस्त पूछते हैं , हंसाना कैसे बंद कर दिया तूने ,

    रियल जिदंगी है बेटा , यह कोई ख्वाब नहीं ।

    ————————-

    आज तेरी मेरी कहानी का अंत हो गया ,

    जब से छोड़कर गई है तू अकेला रहकर संत हो गया।

    ————————-

    यह जमाना अपने प्यार को दूर करता है ,

    यह जमाना अकेला रहने को मजबूर करता है।

    ————————-

    देखने मे कली बड़ी , वो कचनार है ,

    दिलों मे उसके मुहबत की सरकार है ,

    इश्क मत करना किसी से यारो ,

    वरना अकेलापन फिर से तैयार है।

    ————————-

    पास आकर भी वो दूर हैं हमसे ,

    अकेलापन मे जी लेने को ,

    पता नहीं क्यों मजबूर हैं वो हमसे ।

    ————————-

    अरबों तारों मे एक सितारा है तू ,

    और कुछ नहीं इश्क और अकेलापन का मारा है तू ।

    ————————-

    देर नहीं लगती तकदीर बदलते ,

    इंसान अच्छे लगते हैं अकेले राहों पर चलते ।

    ————————-

    साथ किसी का उम्र भर रह नहीं सकता ,

    आज मैं अकेला हूं ,

    कल तू भी अकेला न होगा ,

    यह मैं कह नहीं सकता ।

    ————————-

    छोटो मोटे तूफानों से कभी घर ढह नहीं सकता ,

    तू इश्क मत करना यार ,

    अगर अकेलापन सह नहीं सकता ।

    ————————-

    मत सुनना कभी दिल की आवाज ,

    वरना अकेलापन करेगा तुझ पर राज ।

    ————————-

    तेरे इश्क ने बस अकेलापन और बस जख्म दिया है ,

    मेरे इश्क को तूने ही तो बदनाम किया है।

    ————————-

    खून की स्याही से कभी ,

    दिल पर लिखते थे नाम तेरा ,

    आज खून ही नहीं बचा ,

    यही हुआ अंजाम मेरा ।

    akelapan dard shayari

    ————————-

    दिल का दर्द दिखाया नहीं जाता ,

    अकेलापन मे रहना सिखाया नहीं जाता ,

    वक्त आने पर इंसान खुद सिखता है।

    ————————-

    लत बुरी है इश्क की शराब से ज्यादा ,

    देखो मेरा हाल अकेलापन मे रह रहकर

    हो गया हूं आधा ।

    ————————-

    लोग कहते हैं ,

    अगर इश्क करो तो निभाया करो ,

    मैं कहता हूं सुख मे हर कोई आता है ,

    दिल मे दर्द हो तो मिलने आया करो ।

    ————————-

    सागर से गहरी हैं तेरी आंखे ,

    जी चाहता है अकेला डूब कर मर जाउं।

    ————————-

    ख्वाब मे तू आती है ,

    इस दिल को बहुत भाती है ,

    मगर इश्क की गली से जान कतराती है।

    ————————-

    तू जान है मेरी ,

    तू पहचान है मेरी ,

    मगर इस अकेलेपन से दिल लगा लिया अब ,

    यह तो शान है मेरी ।

    ————————-

    होंठों पर दिल की बात आने न दी ,

    हम तो अकेले ही कब्र मे दफन हो गए ,

    मगर उसने वो रात आने न दी ।

    ————————-

    जनाजा उठाये फिर रहे हैं ,

    नहीं मिला कोई कब्रिस्तान ,

    अकेले मुस्कुराए फिर रहे हैं।

    akelapan dard shayari

    ————————-

    मुर्दे कभी लौट कर नहीं आते ,

    जिसने किया है तुम से सच्चा इश्क ,

    वो तुम्हें कभी राहों मे छोड़कर नहीं जाते ।

    ————————-

    कुछ  बिक जाते हैं नोटों से ,

    कुछ बिक जाते हैं होंठों से ,

    हम तो अकेले रहते हैं जनाब ,

    क्या फर्क पड़ेगा हमारे वोटों से ।

    ————————-

    रात मे मुहब्बत

    दिन मे लड़ाई ,

    यही है मेरे

    अकेलेपन की सच्चाई ।

    ————————-

    हम जमीं हैं , तो वो दूर का सितारा हैं ,

    हम अकेले हैं , मगर हर कोई उसका सहारा है।

    ————————-

    कोई नहीं पूछता है ,अब दिल का हाल ,

    अकेलेपन ने कर दिया सारा कमाल ।

    ————————-

    तेरी यादें लिए , जीये जा रहे हैं ,

    अकेलेपन मे कुछ नहीं है करने को ,

    तो शराब भी पीये जा रहे हैं।

    ————————-

    दिल का दर्द सुनाया नहीं जाता है ,

    अकेलेपन मे क्या होता है ,

    हर किसी को बताया नहीं जाता ।

    ————————-

    दी जिसने आशिकी की तालिम ,

    अकेलेपन ने उसको बना दिया जालिम ।

    ————————-

    मर्द हैं , तो मर्दानगी दिखाएंगे ,

    आएगा अकेलापन ,

    तो जानगी दिखाएंगे।

    ————————-

    हद से ज्यादा किसी को सताया न करो ,

    अकेलेपन को सहकर मुहब्बत के गुण गाया न करो ।

    ————————-

    ख्वाबों मे भी अकेलापन सताता है ,

    मत करना इश्क किसी से ,

    यह यार तुमको बताता है।

    akelapan.shayari

    ————————-

    अकेलेपन का दर्द हमने काटा है ,

    इश्क मे तो बस घाटा ही घाटा है।

    ————————-

    झूठी मुस्कान है ,

    हल्क मे जान है ,

    और कुछ ना सही ,

    तो अपना अकेलापन महान है।

    ————————-

    सच्चाई छुप जाती है , झूठ की आड़ मे ,

    अकेलापन फिर से नहीं सहना ,

    इश्क जाए भाड़ मे ।

    ————————-

    छुप छुप कर मिला करते थे ,

    बिना सूरज खिला करते थे ,

    जब से आया है अकेलापन ,

    हर दिन खुदा से गिला करते थे ।

    ————————-

    कुछ अकेलेपन की बस्तियां हैं ,

    अकेलेपन से मरे हुए हैं हम ,

    यह हमारी अस्थियां हैं।

    ————————-

    अगर अकेले मर गए ,

    तो अपनी अस्थि गंगा मे बहा देना ,

    कुछ अधिक नहीं करना ,

    बस उस तक एक खबर पहुंचा देना ।

    ————————-

    हमें आज भी इंतजार है , उस सहनाई का ,

    मगर अब क्या करें इस तन्हाई का ।

    ————————-

    लोग हंस रहे हैं , मेरे अकेलेपन पर ,

    क्योंकि बेवफाई के दाग जो लगे हैं इस तन पर ।

    ————————-

    जिसकी सोच पवित्र होती है ,

    उसी की जिदंगी इत्र होती है।

    ————————-

    तू हो तो वक्त पता नहीं कब गुजर जाता है ,

    मगर हो जब अकेलापन , तो यह वक्त

    भी सर पर चढ़ जाता है।

    ————————-

    दुनिया दिल की लुट गई ,

    छोड़कर हमको अकेला ,

    वह भी किसी और से दिल लगाने मे जुट गई।

    ————————-

    सहकर तन्हाई को कभी आराम नहीं मिला ,

    निभाकर मुहब्बत उसकी अंजाम यही मिला ।

    shayari akelapan ki

    ————————-

    मजबूरी मे हमसे जुदा हुई थी वह ,

    आज अकेलापन बस रह गया ,

    कभी खुद से ज्यादा हम पर फिदा हुई थी वह ।

    ————————-

    हर कोई बेवफा नहीं होता ,

    हर कोई छोटी सी बात पर खफा नहीं होता ,

    जिदंगी मे अकेलापन हर दफा नहीं होता ।

    ————————-

    दिल मे जो दो पल के सकून थे ,

    वो इस अकेलेपन ने छीन लिए ।

    ————————-

    हमसे जुदा होकर भी तू रोएगी ,

    फिर नहीं मिलेगा हम जैसा ,

    फिर अकेलेपन मे फिर से हमारी यादों मे खाऐगी ।

    ————————-

    दोस्ती करो तो खुदा के संग करो ,

    यूं झूंठी प्यार मुहब्बत के लिए न जंग करो ।

    ————————-

    गम और अकेलापन ही मिला है तेरी राहों मे ,

    जो कभी मिला करता था ,

    अब वो सकून नहीं रहा तेरी बांहों मे ।

    ————————-

    चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात ,

    मत करना प्यार किसी से ,

    वरना अकेलेपन मे बीतेगी जिदंगी ,

    तू समझ जा मेरी बात ।

    ————————-

    हम मौत का इंतजार करते रह गए ,

    वह आई ही नहीं ,

    और वो विलाप बेकार करते रह गए ।

    ————————-

    कभी अकेलापन है ,

    तो कभी जिदंगी मे जंग है ,

    यही जिदंगी की उमंग है।

    ————————-

    दिल से पूछा न था कभी हाल उसने ,

    इतने दिल कहां थे ,

    आते ही दाग दिया सवाल उसने ।

    ————————-

    अकेले ही तय करना होगा जिदंगी का सफर ,

    कोई साथी नहीं मिलेगा , यही है असली खबर ।

    akelapan shayari sad

    ————————-

    वह आंसू बहाती है रोज कब्र पर मेरी ,

    बोलती है , कैसे छोड़कर अकेला चला गया बेरी ।

    ————————-

    आपके आने से बहार आ जाए ,

    आपके आने से संसार आ जाए ,

    अब तो अकेले जी रहे हैं ,

    आपके आने से फिर से संचार आ जाए ।

    ————————-

    किस्मत के भरोसे हम बैठे नहीं रहते ,

    अकेलापन है जिदंगी मे ,

    वरना यूं कब्र मे लेटे नहीं रहते ।

    ————————-

    समय नहीं है प्यार करने का ,

    और वो कह रही है इंतजार करने का ।

    ————————-

    इश्क और शराब दोनों नशीले हैं ,

    जिसने किया है यह नशा ,

    आज अकेले जंगलों मे उनके कबीले हैं।

    ————————-

    उदासियों का यह मौसम बदल सकता है ,

    टूट पहिया भी चल सकता है ,

    तू अगर आ जाए ,

    तो यह यार फिर से संभल सकता है।

    ————————-

    कुछ कहने को बाकी न था ,

    अकेले जिदंगी जी गए ,

    संग कोई साथी न था ।

    ————————-

    सब कुछ बदल जाता है ,

    जब वक्त बुरा आता है ,

    जान से ज्यादा चाहने वाला भी ,

    छोड़कर चला जाता है।

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    ————————-

    कामयाब का हर कोई होना चाहता है ,

    मगर इंसान वो है ,

    जो नाकामयाब का बोझ ढोना चाहता है।

    ————————-

    हमें मारा तन्हाई ने ,

    उसको मारा अपनी सहनाई नें ,

    उसके दिल की दुनिया भी

    उजाड़ दी आज तेरे भाई ने ।

    ————————-

    अकेलेपन का दर्द मिला तो सहलेंगे ,

    मगर तू साथ नहीं रही तो क्या हुआ ,

    तेरी यादों के संग रह लेंगे ।

    ————————-

    अकेला छोड़ जो तू चली गई,

    बुरा तो हमको भी बहुत लगा था ,

    फिर सोचा चलो अच्छा हुआ ।

    ————————-

    धोखा तुनमे किया ,

    और बेवफा हम हुए ,

    नहीं चाहिए तुमसा कोई ,

    इसलिए तुम्हारी जिदंगी से दफा हम हुए ।

    ————————-

    अकेलापन किसी को भाता नहीं ,

    खुदा ने बनादिया इस रिश्ते को ,

    वरना दिल कोई किसी से लगाता नहीं ।

    ————————-

    अकेलेपन मे खुद से बातें किया करते हैं ,

    तू नहीं है हमारी जिदंगी मे ,

    फिर भी तेरा नाम लेकर जिया करते हैं।

    ————————-

    यूं तो हर मर्ज की दवा प्यार है ,

    मगर अकेलापन इसमे सबसे बेकार है।

    ————————-

    मेरी तन्हाई को कोई मिटा ना सका ,

    प्यार तो बहुतों से किया ,

    मगर कोई निभा ना सका ।

    ————————-

    अक्सर वक्त गुजर जाता है ,

    तेरे संग बातों मे ,

    मगर तारे गिनते रह जाते हैं हम ,

    अक्सर तन्हा रातों मे ।

    ————————-

    जान हो जिसके इरादों मे ,

    वो नहीं आता आशिक की बातो मे ।

    ————————-

    मन तो इश्क का गुलाम है ,

    चाहता है वह हर रोज रंगीन शाम है ,

    मगर इश्क साला तन्हा नाम से बदनाम है।

    ————————-

    ख्वाबों की दुनिया मे खो गए थे ,

    तन से नहीं तो मन से तेरे हो गए थे ,

    जब मिला अकेला पन ,

    तो कब्र मे जाकर सो गए थे ।

    ————————-

    अकेलेपन मे तो खूब रोया करेंगे ,

    जब तक तू साथ है , तेरे संग

    हसीन वादियों मे खोया करेंगे ।

    akelapan.shayari

    ————————-

    विरान जिदंगी मे कभी तेरा सहारा न मिला ,

    तलास करते रहे ,

    मगर तेरे प्यार का कभी किनारा न मिला ।

    ————————-

    तेरे संग है दोस्ती ,

    तेरे संग है प्यार ,

    वर्षों से कर रहे हैं , तेरा इंतजार ।

    ————————-

    कुछ इश्क कमीने होते हैं,

    कुछ इश्क नगीने होते हैं ,

    मगर तन्हाई मे दर्द भरे महिने होते हैं।

    ————————-

    हर शाम को शराब की बोतल लेकर बैठते हैं ,

    मिटाने इस अकेलेपन को ,

    खुले आसमां के नीचे लेटते हैं।

    ————————-

    तेरी बातें अकेले मे खूब चोट करती हैं ,

    तू मेरे लायक नहीं ,

    यह बड़ी कचोट करती हैं।

    ————————-

    मुश्किल होता है , दिवानों को संभाल पाना ,

    मगर उनको अच्छे से आता है ,

    बेगुनाह की इज्जत को उछालपाना ।

    ————————-

    दिन की शूरूआत आंसुओं से होती है ,

    और रात की शुरूआत दासुओं से होती है।

    ————————-

    इश्क मे तन्हाई के सिवाय कोई

    आज तक कुछ पा ना सका ,

    उसका मना कर दिया ,

    और मैं अपनी मुहब्बत छुपा ना सका ।

    ————————-

    इस अकेलेपन ने मुझे जीना सीखाया है ,

    मगर तेरी मुहब्बत ने सिर्फ मुझे पीना सीखाया है।

    ————————-

    खुशी मे तो हर कोई मुस्कुराता है ,

    मगर जो गम मे मुस्कुराए ,

    भला उसको कौन ठुकराता है।

    ————————-

    तेरी मुहब्बत है ,

    तेरा फंसाना है ,

    इश्क कुछ नहीं ,

    यह तन्हाई है ,

    यह सबको बताना है।

    ————————-

    मत कर इजहार अपने प्यार का ,

    वरना दर्शन करेगा तन्हाई के संसार का ।

    ————————-

    दिल मे आग है ,

    मुंह मे प्यार का राग है ,

    यह और कुछ नहीं ,

    तन्हाई का पैगाम है।

    ————————-

    मौत से कोई जीत नहीं पाया ,

    और अकेलेपन से कोई  प्रीत नहीं पाया ।

    ————————-

    अगर दम है तेरे अंदर ,

    तो झुकेगा तेरे आगे समंदर ,

    फिर अकेलापन क्या बिगाड़ सकेगा तेरा धुरधंर ।

    ————————-

    खुद पर भरोशा रखो ,

    सब कुछ मिल जाएगा ,

    अकेलेपन से ना हो परेशान ,

    एक दिन प्यार का फूल खिल जाएगा ।

    ————————-

    सात संमदर पार करके ,

    तेरे लिए मैं आई हूं ,

    तू कहता है फिर भी दूर हूं मैं ,

    देख तेरी सांस सांस मे समाई हूं ।

    ————————-

    दिल के अरमां आंसुओं मे बह गए ,

    अकेले आए थे , अकेले ही रह गए ।

    ————————-

    प्यार है , तो बेवफाई भी होगी ,

    अकेलापन है , तो मलाई भी होगी ,

    अभी तो इश्क किया है ,

    चिंता मत कर जग हंसाई भी होगी ।

    ————————-

    जब तक जान है हमारी रगों मे ,

    तब तक अकेलापन नहीं सता सकता है ,

    मेरी जान दुनिया जंहा की जगहों मे ।

    ————————-

    वह बोली जान बोल कर मत पुकारा करो ,

    कल मैं मर गई तो क्या करोगे ,

    कुछ पल अकेले भी गुजारा करो ।

    ————————-

    वह फिर से रात वाला प्यार करो ना ,

    अकेली हूं मैं , फिर से एतबार करो ना ।

    ————————-

    हम जमीं हैं ,

    तो सितारा तुम हो ,

    हम इंसान भले ही हैं ,

    मगर गुजारा तुम हो ।

    ————————-

    अकेलेपन के सिवाय कुछ नहीं दिया तुमने ,

    मेरी जिदंगी को नर्क से बदतर किया तुमने ।

    ————————-

    पहली बार टकराई जब गर्म से गर्म सांसे ,

    मगर फिर हम रह गए उम्र भर के प्यासे ।

    ————————-

    कुछ चीजें इतिहास बन जाती हैं ,

    कुछ चीजें खास बन जाती हैं ,

    मगर तेरे जैसी परी मिलें ,

    तो वों हमारी सांस बन जाती हैं।

    ————————-

    अंदर तक अकेलेपन को महसूस किया है ,

    हर बार प्यार ने दर्द भरा जूस दिया है ।

    shayari akelapan ki

    ————————-

    तबाही तो तेरी भी होगी ,

    मुझे तबाह कर खुश हो रहा है ,

    एक दिन तन्हाई तो तेरी भी होगी ।

    ————————-

    दिल का दर्द बहुत गहरा है ,

    सर पर अकेलेपन का सहरा है ,

    प्यार मत करना किसी से यार ,

    यह कुआ बहुत गहरा है।

    ————————-

    होठों को होठों से लगालो तुम ,

    प्यार किया है तो निभा लो तुम ,

    एक दिन आएगी तन्हाई ,

    तो तन्हाई मे जीना सीखा दो तुम ।

    ————————-

    जिदंगी मे अगर सकून से जीना है ,

    तो प्यार नाम की शराब कभी नहीं पीना है।

    ————————-

    मेरी खुशी तो खो गई इन तन्हाइयों मे ,

    अब हर वक्त याद आती है तू सहनाइयों मे ।

    ————————-

    वैसे तो वो दूर का सितारा थी ,

    फिर भी वो हमारा गुजारा थी ,

    सोच रहे थे बहुत कुछ पाने को ,

    मगर जिदंगी अकेलेपन मे अब दुबारा थी ।

    ————————-

    कुछ शरीर का बुखार होता है ,

    कुछ प्यार का बुखार होता है ,

    मगर हमारा तो अकेलेपन का संसार होता है ।

    ————————-

    अब तो दीवार से भी बातें करने लगे हैं हम ,

    अब तो प्यार हो गया है अंधेरे से ,

    रोशनी से डरने लगे हैं हम ।

    ————————-

    खुद के अकेलेपन को छिपाते जा रहे हैं ,

    हम खुश हैं यह दुनिया को बताते जा रहे हैं।

    akelapan shayari status

    ————————-

    एक एक आंसू गिराते जा रहे हैं ,

    जब तू नहीं आई लौट कर ,

    तो हम पल पल घबराते जा रहे हैं।

    ————————-

    अकेला तो चांद भी है ,

    फिर हमने साथ रहने का सपना क्यों पाला ।

    ————————-

    दिल का दर्द आंखें बयां करती हैं ,

    कहां मिलेगी ऐसी दुनिया ,

    जो अकेलेपन पर दया करती हैं।

    ————————-

    तू मेरी नहीं हुई ,

    तो किसी और की क्या होगी ,

    एक दिन देख लेना ,

    हमें छोड़कर तुम बहुत पछताओगी ।

    ————————-

    रूठने के लिए मनाने वाला चाहिए ,

    जिदंगी के इस अकेलेपन मे इक

    हंसाने वाला चाहिए ।

    akelapan shayari status

    ————————-

    अब इंतजार करना सीख गए हम ,

    और किसी से तो नहीं ,

    मगर तन्हाइयों से प्यार करना सीख गए हम।

    ————————-

    जो प्यार बिक जाए कागजों के नोट मे ,

    वो अकेले छोड़ कर जाएगा तुझे ,

    इस दुनिया की वोट मे ।

    ————————-

    खामोशी से काट रहे हैं , जिदंगी ,

    अकेलेपन से हो गई है हमारी बंदगी ।

    ————————-

    लिखने का शौक नहीं फिर भी लिखते हैं ,

    अकेले जो ठहरे ।

    कुछ तो करना पड़ता है।

    ————————-

    अकेलेपन मे खूब ख्याल तेरे आते हैं ,

    कटती नहीं है रात ,

    तारे गिन गिन रात बिताते हैं।

    ————————-

    जिदंगी को कभी प्यार मे उलझाना मत ,

    खुद से ज्यादा कभी किसी को चहाना मत ,

    अगर अकेलापन ही रहना सदा जिदंगी मे ,

    तो दोस्त किसी को बनाना मत ।

    ————————-

    कल भी हम तेरे थे ,

    आज भी हम तेरे हैं ,

    मगर तूने ठुकरा दिया हमको ,

    अब अकेलेपन के सहारे हैं।

    ————————-

    दिल लगाने का अंजाम सोच लिया करो ,

    अकेले आए हो तुम अकेले जाओगे ,

    यह हर शाम सोच लिया करो ।

    ————————-

    यूं तो रहते हैं हम इंसानों की भीड़ मे ,

    मगर लग रहा है ऐसा ,

    जैसे पड़ें हैं अकेले सुनसान बीड़ मे ।

    ————————-

    अपने से कोई बात नहीं करता ,

    फ्री मे कोई साथ नहीं करता ,

    यही जिदंगी का उसूल है ,

    बिना वजह कोई बरसात नहीं करता ।

    ————————-

    दिल मे नाम तेरा था ,

    खून खून मे तेरा बसेरा था ,

    जिस दिन दिया अकेलापन तुमने ,

    आंखों के आगे अंधेरा था ।

    ————————-

    मौसम भी बेईमान लगा हमे ,

    वह भी तन्हाई की पहचान लगा हमे ,

    जब दुनिया ने बताया प्यार का सच,

    तो खुदा का एहसान लगा हमे ।

    ————————-

    आशिक मर जाता है ,

    मगर आशिकी नहीं मरती ,

    इंसान डर जाता है ,मगर

    दिल की आवारगी नहीं मरती ।

    ————————-

    काली आंखों वाली ,

    काले कपड़े पहनती है ,

    प्यार मे तो हर कोई मुस्कुराता है ,

    जिदंगी तो अकेलेपन मे सहमती है।

    ————————-

    अब डर नहीं लगता है अंधेरी रातों से ,

    अगर यह अकेलापन नहीं होता ,

    तो हम भी दोस्ती कर लेते अपने जज्बातों से।

    ————————-

    जिदंगी जीनी है तो मस्त रहो ,

    मुहब्बत तो आती जाती रहती है यारो ,

    यूं अकेलेपन मे ना त्रस्त रहो ।

    ————————-

    जिस दिन उतर जाएगा प्यार का बुखार ,

    उस दिन हो जाएगा अपनों से प्यार ।

    ————————-

    दिल से मिटा ना सका ,

    अकेलापन भी तेरे ख्याल को ,

    दिल आज भी याद करता है ,

    तेरी अदाओं के कमाल को ।

    ————————-

    आपके आने से मौसम बदल जाता है ,

    देखकर आपकी अदाओं को ,

    हर कोई  फिसल जाता है।

    ————————-

    जब हम तेरी मुहब्बत मे डूब गए ,

    तो पता चला प्यार नाम की कोई चीज नहीं होती ।

    ————————-

    मुहब्बत दरिया का ठंडा पानी है ,

    जो दिल को एक पल सकून जरूर देता है ,

    मगर फिर वही सकून छीन लेता है।

    ————————-

    कभी महान आशिकों मे हमारा नाम था ,

    जब से तू गई है हमे अकेला छोड़कर ,

    दिल लगाने से रोकना हमारा काम बन गया ।

    ————————-

    अकेलेपन मे खुद से बात करते हैं ,

    वो तो बिन बादल बरसात करते हैं ,

    चलो बहुत कर लिया अब प्यार ,

    फिर से जिदंगी की शूरूआत करते हैं।

    ————————-

    इस मतलबी दुनिया मे ,

    कुछ नहीं है सिवाय अकेलेपन के ,

    इसलिए गुलाम ना बनो यार अपने मन के ।

    ————————-

    आज अकेले बैठे हैं दरिया के पास ,

    याद कर रहें हैं , उन पलों को जो थे खास ।

    ————————-

    तू तो अकेला छोड़कर चली गई ,

    मगर नशा आज भी है तेरे प्यार का ,

    आज हम भी जान गए हैं ,

    मिलना बुछुड़ना दस्तूर है संसार का ।

    ————————-

    अगर लगाना ही है दिल , तो खुदा से लगाओ ,

    इंसानों के पीछे ना अपना वक्त गवाओ ।

    ————————-

    जो जिंदगी गुजर जाती है ,

    फिर वो कभी नहीं लौट कर आती है।

    ————————-

    अकेलापन खत्म होने का नाम नहीं लेता ,

    आज मेरा भी अच्छा भविष्य होता ,

    अगर मैं तेरा नाम नहीं लेता ।

    ————————-

    तन की भूख तो मिट जाती है ,

    मगर मन की भूख कभी नहीं मिटती ,

    इस मन की भूख के मारे फिर रहे हैं अकेले ।

    ————————-

    जब अकेलापन हद से ज्यादा सताने लगा ,

    तो मैं मौत को गले लगाने लगा ।

    ————————-

    धीरे धीरे वो भी हमें चाहने लगी थी ,

    ख्वाबों मे हमारे दिन रात आने लगी थी ,

    अब उसकी याद अकेलेपन मे खूब सताने लगी थी ।

    ————————-

    कुछ रिश्ते दिखाई देते हैं ,

    कुछ रिश्ते सुनाई देते हैं ,

    मगर इस अकेलेपन संग रिश्ते ,

    ना दिखाई देते हैं , ना सुनाई देते हैं।

    ————————-

    आओ अकेले ही दुनिया की सैर करते हैं ,

    साथी नहीं है अपना कोई तो ,

    क्यों मन मे किसी से वैर करते हैं।

    ————————-

    चांद तू बन जा ,

    सितारा मैं बन जाता हूं ,

    शराब तू बन जा ,

    तेरा प्यारा मैं बन जाता हूं।

    ————————-

    जिसकी किस्मत फूट जाती है ,

    उससे सिवाये अकेलेपन के ,

    सारी खुशियां रूठ जाती हैं।

    ————————-

    तू तोड़ना मत इश्क के धागे को ,

    वरना अकेलापन बहुत सताएगा इस अभागे को ।

    ————————-

    इश्क का तिरंगा पहली दफा शान से लहराता है ,

    पर औकता तब पता चलती है ,

    जब दिल मे अकेलापन गहराता है।

    ————————-

    लोग कहते हैं , खूबसूरत लड़की नशीब से मिलती है ,

    मगर ऐसी खूबसूरती का क्या काम जो बेवफा हो ।

    ————————-

    मेरे खून मे है अकेलापन ,

    मेरी फितरत मे है अकेलापन ,

    फिर क्योंना झेलूं यह कसैलापन ।

    ————————-

    डर नहीं लगता है प्यार से जनाब ,

    मगर अकेलेपन से लगता है।

    ————————-

    वर्षों से हम हंसे नहीं थे ,

    किसी के प्यार मे आज तक फंसे नहीं थे ,

    मगर इस अकेलेपन ने हंसना तो दूर ,

    रोना जरूर सीखा दिया ।

    ————————-

    जब से तू गई है ,

    हमने हंसना भी छोड़ दिया ,

    कभी अकेलापन था साथ हमारे ,

    आज उसने भी हमसे रिश्ता तोड़ दिया ।

    ————————-

    जैसा बोवोगे वैसा पाओगे ,

    अगर किसी से दिल लगाओगे ,

    तो अकेलेपन के सिवाय कुछ नहीं पाओगे ।

    ————————-

    मेरे दिल का सकून छीन लिया ,

    मेरे दिल का जनून छीन लिया ,

    इस अकेलेपन ने मेरी जिदंगी

    को तबाह कर दिया ।

    ————————-

    बार बार किस्मत ने आजमाया हमको ,

    अपनों ने खूब सताया हमको ,

    आज इस अकेलेपन ने ,

    जिदंगी का असली मकसद बताया हमको ।

    ————————-

    यह अकेलापन तुझ से दिल लगाने की सजा है ,

    पता नहीं लोग क्यों कहते हैं ,कि इश्क मे मजा है।

    ————————-

    बाहर अकेलापन ,

    अंदर गम का सैलाब था ,

    जिसमे डूब कर मरे हम ,

    वो आशिकों का तालाब था ।

    ————————-

    तेरा धीरे धीरे मुस्कुराना ,

    तेरा यह आंखों का मटकाना ,

    तेरा हद से ज्यादा सताना ,

    आज भी याद आता है।

    ————————-

    खड़े हैं अकेले मौत के मुहाने पर ,

    कोई नहीं आया हमें बचाने यारो ,

    इस ठिकाने पर ।

    ————————-

    थोड़ा अकेलेपन के गम मे भी मुस्कुरा लिया करो ,

    खुशी के गीत नहीं गा सकते ,

    तो गम भरे गीत भी गा लिया करो ।

    ————————-

    अकेलेपन को कभी अपना बनाकर देखो ,

    प्यार का मतलब समझ आ जाएगा ,

    कभी किसी की जिंदगी मे आकर देखो ।

    ————————-

    वक्त के साथ सब कुछ बदल जाता है ,

    वक्त के साथ हर रिश्ता जल जाता है ,

    मगर अकेलापन हमेंशा साथा जाता है।

    ————————-

    पीने का शौक नहीं ,

    गम भुलाने के लिए पीते हैं ,

    यह नादान दिल है अकेला ,

    इसे सुलाने के लिए पीते हैं।

    ————————-

    नहीं चाहिए हमें बनावटी रिश्ते ,

    देखा है कइयों को अकेले ,

    इन झूंठे रिश्तों मे पिसते ।

    ————————-

    मुहब्बत दो धारी तलवार है ,

    करोगे तो भी मरोगे ,

    नहीं करोगे तो भी मरोगे ।

    ————————-

    जंगलो मे खोजता फिरा ,

    दिमाग मे सोचता फिरा ,

    कहां मिलेगा यह अकेलापन ,

    हर किसी से पूछता फिरा ।

    ————————-

    जो कभी चांद तारे तोड़ लाने की बात करते थे ,

    वो आपके नीचे की जमीन तक छीन लेंगे।

    ————————-

    तकलीफ तो बहुत है इस दिल मे ,

    मगर सुनाया नहीं जाता ,

    अकेलापन तो बहुत है जिदंगी मे ,

    मगर बताया नहीं जाता ।

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