यह हैं दुनिया सबसे मीठी चीज What is the world’s sweetest subsistence ?

‌‌‌दोस्तों यदि आपसे कोई पूछे कि दुनिया में सबसे मीठी चीज क्या होती है ? तो बहुत से लोग मिठाइयों का नाम गिनाने लग जाएंगे । कुछ लोग यह कहेंगे कि दुनिया की सबसे मीठी चीज जलेबी है तो कुछ लोग यह कहेंगे कि दुनिया की सबसे मीठी चीज रसगुल्ला होता है। या फिर कुछ लोग किसी और मिठाई की बात करेंगे । ‌‌‌यदि हम प्राक्रतिक रूप से दुनिया की सबसे मीठी चीज की बात करें तो वह चीनी ही है। लेकिन सच मे दुनिया की मीठी चीज कोई और है। और हम इस लेख के अंदर उसी के बारे मे बात करने वाले हैं।

‌‌‌इन सबके अलावा हम आपको दुनिया की सबसे मीठी चीजों के बारे मे बताने वाले हैं। इनमे कुछ चीजों के बारे मे तो आप जानते ही होंगे ।लेकिन कुछ ऐसी चीजे हैं जिनके बारे मे आप नहीं जाते हैं। जानने वाली चीजों के अंदर चीन ,गुड़ और शहद आते हैं।

‌‌‌वैसे तो दोस्तों दुनिया के अंदर बहुत सारे सबस्टेंस ऐसे होते हैं जोकि मीठे होते हैं या जिनके अंदर मीठास होता है। लेकिन उन सब के बारे मे हम आपको यहां पर नहीं बता सकते हैं। यदि बात करें चीनी की तो चीनी के जितना मीठा कम ही पदार्थ होते हैं और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है यदि आप ‌‌‌इसका कम मात्रा के अंदर उपयोग करते हैं। अधिकतर मिठाइयों को मीठा करने के लिए चीनी का उपयोग किया जाता है। और यदि कोई मीठाई मीठी है तो वह चीनी से अधिक मीठी नहीं हो सकती क्योंकि उसके अंदर चीनी का ही प्रयोग किया गया है।

‌‌‌मीठा एक तरह का स्वाद होता है जोकि शर्करा युक्त पदार्थों से जुड़ा होता है।सुक्रोज के अलावा अन्य कई यौगिक हैं जो मीठे हैं, और इसमें चीनी अल्कोहल, केटोन्स और एल्डिहाइड शामिल हैं।एसपारटेम और सैकरिन कम मीठे होते हैं।सुक्रोज एक मिठाई का प्रोटोटाइप मॉडल है । अन्य सभी यौगिक इसके सापेक्ष रेट किये जाते ‌‌‌ हैं। फ्रुक्टोज को सुक्रोज की तुलना में 1.7 गुना अधिक मीठा माना जाता है। दुनिया में सबसे मीठी चीज एक प्रोटीन है जिसे थ्यूमेटिन कहा जाता है।

दुनिया की सबसे मीठी चीज थ्युमेटिन duniya ki sabse meethi cheez kya hai Thaumatin

‌‌‌यदि हम बात करें दुनिया की सबसे मीठी चीज की तो इसके अंदर Thaumatin का नाम आता है।यह एक प्रकार का प्रोटीन होता है जोकि स्वाद संसोधन और मीठास विशेषताओं के लिए जाना जाता है।सबसे पहले इसको एक प्रोटीन के मिश्रण के रूप मे खोजा गया था।

‌‌‌दुनिया का सबसे मीठा पदार्थ पश्चिम अफ्रीका से थाउमातोकोकस डैनियल (केटमफे फल) से निकाला गया था।थुमातिन स्वीटनर परिवार से संबंधित कुछ प्रोटीन सुक्रोज की तुलना में 2000 गुना अधिक मीठा हैं। यह पदार्थ भले ही दुनिया का सबसे मीठा यौगिक है लेकिन इसका स्वाद एकदम से अलग है।

‌‌‌इसकी मीठास धीरे धीरे बढ़ती है और लंबे समय तक बनी रहती है।यह यौगिक पानी के अंदर घुलनशील होता है, अम्लिय परिस्थितियों के अंदर स्थिर होता है।जब फल का सेवन किया जाता है तो यह खटटे पदार्थों के स्वाद के अंदर सुधार करता है।

Thaumatococcus daniellii Thaumatin का प्राकृतिक स्रोत होता है और इसके फलों की खेती की जाती है।इसका प्रयोग पेय पदार्थ के रूप मे और खाने के रूप मे भी किया जाता है।पश्चिम अफ्रीका के वर्षावनों के अंदर यह फैला हुआ है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य से सिएरा लियोन तक इसके पेड़ का विस्तार है। सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के अंदर भी अब इसकी खेती शूरू हो चुकी है।

‌‌‌इस का पौधा 13 फीट तक बढ सकता है। और इसके विशाल पते होते हैं।इसके कुछ नरम फल होते हैं फलों के अंदर काले बीज भी होते हैं। इस पौधे या पेड के पीले बैंगनी फूल भी लगते हैं।फल मांसल लाल रंग के अरिल (फल का केंद्रीय भाग जिसमें थुमातिन होता है) द्वारा कवर किया जाता है। मिठास के रूप में इस्तेमाल किए जाने के अलावा, इस पौधे के पत्तों और बीजों के कई औषधीय उपयोग हैं।

‌‌‌टेट और  लाइन ने सन 1970 ई के अंदर इन फलों से थ्यूमिन को निकालना शूरू किया था।इस फल से दो प्रोटन निकले थे जिसको थुमातिन और थुमाटिन  नाम दिया गया था। ‌‌‌इस फल को संयुक्त राज्य अमेरिका में एक स्वादिष्ट बनाने का मसाला एजेंट के रूप मे मान्यता प्राप्त है।

‌‌‌दुनिया का मीठा पदार्थ Lugduname

Lugduname नेचुरल पदार्थ नहीं है दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बतादें कि यह प्रयोगशाला के अंदर विकसित किया गया पदार्थ है।लुगडुनाम (लेट से लुगडुनम) ल्योन के लिए सबसे शक्तिशाली स्वीटनिंग एजेंटों में से एक है। इस पर किये गए रिसर्च के अनुसार यह चीनी से 220,000 से 300,000 गुना मीठा है।

‌‌‌इसको 1996 में फ्रांस के ल्योन विश्वविद्यालय में विकसित किया गया था।इसे खाद्य पदार्थों में उपयोग के लिए अनुमोदित नहीं किया गया है। ‌‌‌यह एक शक्तिशाली मीठास परिवार का हिस्सा है।

सुक्रोज

दोस्तों सुक्रोज के बारे मे तो आप जानते ही होंगे यह सबसे परिचित मिठा रसायन है। और लगभग हर मीठे पदार्थ के अंदर इसका प्रयोग किया जाता है जोकि पौधों से निकलता है। यह एक डिसैकराइड है।इसका आणविक सूत्र C12H22O11 है।

सुक्रोज को निकालने के लिए गन्ना या चुकंदर का प्रयोग किया जाता है।गन्ने को खेतों के अंदर उगाया जाता है और उसके तने को कुचलकर इससे कच्ची चीनी का उत्पादन किया जाता है।कुछ चीनी मिलें कच्ची चीनी को शुद्ध सुक्रोज में भी संसाधित करती हैं।‌‌‌दुनिया के अंदर सन 2017 ई मे 185 मिलियन टन चीनी का उत्पादन किया गया था।

Polyalcohol Molecules

ग्लाइसीर्रिज़िन जो सुक्रोज की तुलना में 30 से 50 गुना अधिक मीठा होता है। ‌‌‌पौधे कई रसायन बनाते हैं जो मीठा स्वाद देते हैं।से कई यौगिकों में ग्लाइकोसाइड होते हैं। Glycyrrhizin Molecule

स्टीविया  का उपयोग व्यावसायिक रूप से स्वीटनर के रूप में किया जाता है। यह झाड़ियों से आता है।यह अमेरिका के अंदर पाया जाता है। और इसका प्रयोग मीठाई के रूप मे प्रयोग किया जाता है।यह एक ग्लूकोज ग्लाइकोसाइड है। ‌‌‌यह भी चीनी से अधिक मीठा है।

Steviol Molecule

‌‌‌कुछ फलों के अंदर मीठे स्वाद वाले प्रोटीन होते हैं। ‌‌‌यह कई हजार गुना मीठे होते हैं।मोनेलिन सुक्रोज की तुलना में 2000 गुना अधिक मीठा है और थ्यूमेटिन I 100,000 गुना अधिक मीठा है।मीठे प्रोटीन मुंह के अंदर अलग अलग प्रकार से व्यवहार कर सकते हैं। जैसे कुछ धीरे धीरे मीठास छोड़ते हैं तो कुछ अलग हो सकते हैं। ‌‌‌प्रोटीन मीठास पकाने पर अपना प्रभाव खो देते हैं।

Saccharine Molecule

Saccharin 1878 में खोजा गया था और यह सुक्रोज की तुलना में 300X अधिक मीठा है। इसका उपयोग घुलनशील के रूप में किया जाता है।

Sodium Cyclamate

सोडियम साइक्लामेट एक और प्रारंभिक स्वीटनर है, जिसे 1937 में खोजा गया था।यह saccharine की तुलना मे 30 से 50 गुना मीठा होता है।

Aspartame Molecule

कई अमिनो एसीड का स्वाद बहुत हल्का मीठा होता है।डाइप्टाइड के मिथाइल एस्टरएस्पार्टेम के रूप में जाना जाता है और सूक्रोज की तुलना में 200 गुना अधिक मीठा होता है। यह 1965 में खोजा गया था। एस्पार्टेम में तीन घटक होते हैं अर्थात् एसपारटिक एसिड, फेनिलएलनिन, और मेथनॉल।

  • ‌‌‌इस पदार्थ के अंदर 57.1% कार्बन, 6.2% हाइड्रोजन, 9.5% नाइट्रोजन, और 27.2% ऑक्सीजन होता है।
  • इसका सूत्र C14H18N2O है।
  • 246-247 .C और के बीच एक पिघलने बिंदु हैं
  • 280 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर विघटित हो जाएगा।
  • ‌‌‌यह पानी के अंदर पानी में थोड़ा घुलनशील है लेकिन वसा या तेल मे घुलनशील नहीं है।

‌‌‌चीनी के जैसे कुछ अन्य मीठे पदार्थ

दोस्तों यदि हम मीठे पदार्थ की बात करें तो हमारे सामने सबसे पहले चीनी ही सामने आती है। लेकिन असल मे बहुत सारे ऐ पदार्थ हैं जो चीनी के जैसे मीठे होते हैं। इन पदार्थों के अंदर दो प्रकार के पदार्थ आते हैं। एक नेचुरल रूप से पाये जाने वाले पदार्थ और दूसरे वे आते हैं।‌‌‌जो नेचुरली रूप से न होकर वैज्ञानिकों के द्वारा बनाए गए हैं।

‌‌‌नेचुरली रूप से पाए जाने वाले चीनी जैसे मीठे पदार्थ

  • Brazzein
  • Curculin
  • Erythritol
  • Glycyrrhizin
  • Glycerol
  • Hydrogenated
  • starch
  • hydrolysates
  • Inulin
  • Isomalt
  • Lactitol
  • Luo han guo
  • Mabinlin
  • Maltitol
  • Maltooligosaccharide
  • Mannitol

‌‌‌आर्टिफिसिलए मीठे पदार्थ के नाम

  • Acesulfame
  • potassium
  • Alitame
  • Aspartame
  • acesulfame
  • Cyclamate
  • Abbott
  • Dulcin
  • Glucin
  • Neohesperidin
  • dihydrochalcone
  • Neotame
  • Saccharin
  • Sucralose

– Food industry मे artificial sweeteners यूज किये जाते हैं

‌‌‌दोस्तों आपको यह जानकर हैरानी होगी कि फूड इंडस्ट्री के अंदर तेजी से कृत्रिम मिठास पैदा करने वाले पदार्थों का प्रयोग बढ़ रहा है।2004 में, 1,649 कृत्रिम रूप से मीठा उत्पाद लॉन्च किए गए। यदि बाजार विश्लेषकों की माने तो आर्टिफिशियल स्वीटनर मार्केट लगभग 8.3% की दर से बढ़ने वाला है।

Aspartame वर्तमान में सबसे लोकप्रिय कृत्रिम स्वीटनर है।इसके प्रयोग होने की वजह से सुक्रालोज़ की कीमत में तीस प्रतिशत की गिरावट होगी।अमेरिकन जर्नल द्वारा बताए गए शोध अध्ययनों के अनुसार अमेरिकी लोगों ने 66% से अधिक कत्रिम मीठास की खपत की है।

‌‌‌आज बहुत से लोग वैकल्पिक मिठास वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं जो उनके लिए फायदे मंद हो सकता है।मधुमेह वाले रोगी चीनी युक्त पदार्थों का सेवन नहीं कर सकते । ऐसी स्थिति के अंदर वे मीठे पदार्थों का सेवन नहीं कर सकते लेकिन मिठास वाले खाद्य उनके रक्त शर्करा के स्तर को बहुत प्रभावित नहीं करता है। यह रक्त शर्करा के स्तर में कम इंसुलिन का उपयोग बनाए रखता है।रिसर्च के अंदर भी इन मीठासों को उपयोगी पाया गया है।

artificial sweeteners यूज करने के कारण

बहुत से लोगों के मन मे यह सवाल भी आ सकता है कि जब नैचुरल स्वीटनेस पदार्थ मौजूद हैं तो फिर artificial sweeteners  का यूज करने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं ? दोस्तों बहुत से ऐसे कारण होते हैं जिनकी वजह से artificial sweeteners  का यूज किया जाता है। आइए ‌‌‌जानते हैं इनके कारणों के बारे मे ।

‌‌‌वजन घटाने मे उपयोगी

artificial sweeteners वजन घटाने मे बहुत उपयोगी होते हैं।यह मीठास अधिक उर्जा को प्रदान करते ही है इसके साथ ही शरीर के अंदर अतिरिक्त केलौरी को भी पैदा नहीं होने देते हैं। जो लोग अपने वजन को कम करने के बारे मे सोच रहे हैं वे इन मीठे पदार्थों का सेवन करते हैं।

‌‌‌आमतौर पर चीनी युक्त खादय पदार्थ दांतों के लिए हानि कारक होते हैं।यह पदार्थ दंत पट्टिका के सूक्ष्म वनस्पतियों द्वारा किण्वित नहीं होते हैं।Xylitol एक ऐसा पदार्थ है जो दांतों के लिए फायदे मंद होता है।आम मीठास को जीवाणू एसिड कचरे मे बदल सकते हैं जो ‌‌‌दांतों की संरचना को खराब कर सकते हैं।

मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी

दोस्तों जिन लोगों को मधुमेह होता है उनके शरीर मे रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करना बहुत जरूरी होता है।चीनी के उपयोग को सीमित करके वे कृत्रिम मिठास के साथ वे चीजों का मजा ले सकते हैं। अक्सर आपने सुना होगा कि बहुत सी चीजों पर सुगर फ्री लिखा रहता है उनके  ‌‌‌अंदर कृत्रिम मिठास का ही प्रयोग किया जाता है।

प्रतिक्रियाशील हाइपोग्लाइसीमिया

प्रतिक्रियाशील हाइपोग्लाइसीमिया  वाले व्यक्तियों के लिए भी कत्रिम मीठास काफी फायदे मंद होता है। प्रतिक्रियाशील व्यक्ति हाइपोग्लाइसीमिया जल्दी से इंसुलिन की अधिकता पैदा करेगा ग्लूकोज को रक्तप्रवाह में अवशोषित करता है।मधुमेह रोगियों की तरह, उन्हें चीनी  सेवन से बचना चाहिए। ‌‌‌ऐसी स्थिति के अंदर लोगों के पास कृत्रिम मीठास चुनने के अलावा और कोई चारा नहीं होता है।

‌‌‌कीमत

कत्रिम मीठास की यदि हम बात करें तो यह चीनी की तुलना मे या फिर दूसरे नेचुरली मीठास की तुलना मे सस्ते होते हैं।इसके अलावा इन मीठास की एक खास बात यह होती है कि यह लंबे समय बाद भी खराब नहीं होते हैं।

artificial sweeteners से हेल्थ से जुड़ी समस्याएं

artificial sweeteners के हेल्थ प्रभावों से जुड़े रिसर्च के अंदर अभी तक पशुओं पर किये गए प्रयोग के अनुसार यह इंसुलीन प्रतिक्रिया को बढ़ाता है लेकिन मानव पर अभी इसके प्रभावों के बारे मे कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। ‌‌‌चूहों पर किये गए रिसर्च मे यह बात सामने आई है कि कत्रिम मीठास इंसुलिन के रिलीज होने से ऊतकों में  ब्लड शुगर जमा हो जाता है। इसके अलावा लगातार कैलोरी की मात्रा में वृद्धि, शरीर के वजन में वृद्धि, और वृद्धि हुई वसा (मोटापा) जैसी समस्याएं चूहों के अंदर देखी गई हैं।

टेक्सास स्वास्थ्य विज्ञान केंद्र विश्वविद्यालय द्वारा 2005 का एक अध्ययन के अंदर कत्रिम मीठास के बुरे प्रभावों को दिखाते हुए कहा गया कि इनकी मदद से वजन में वृद्धि और मोटापा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

artificial sweeteners और सुगर की तुलना मे sweetens

  • Cyclamate      30
  • Aspartame     180
  • Acesulfame K    200
  • Saccharin       300
  • Sucralose      600
  • Alitame       2000
  • Neotame     8000
  • Advantame   20000

Honey

शहद के बारे मे आप जानते ही होंगे । शहद को मधुमख्यिों के द्वारा एकत्रित किया जाता है। शहद का प्रयोग कई प्रकार से किया जाता है। मीठास के रूप मे और दवाइयां बनाने के लिए भी शहद का प्रयोग होता है।

शहद के बारे मे आप जानते ही होंगे । शहद को मधुमख्यिों के द्वारा एकत्रित किया जाता है। शहद का प्रयोग कई प्रकार से किया जाता है। मीठास के रूप मे और दवाइयां बनाने के लिए भी शहद का प्रयोग होता है।यह पोषक तत्वों के रूप मे प्रयोग किया जाता है।यह एंटीसेप्टिक है और जलने और घावों पर लगाया जाता है। यह एक आम सामग्री है कई खांसी मिश्रण, खांसी की बूंदें और क्रीम की तैयारी में उपयोग किया जाता है।

trehalose

ट्रेहलोस को ट्रैपलोज के नाम से भी जाना जाता है।एच.ए.एल.  ने 1832 मे इसको खोजा था।1859 में मार्सेलिन बर्थेलोट ने इसे टेराला मैना से अलग किया।Saccharide स्वीटनिंग एजेंटों में उच्च कैलोरी मान 3600-4000 कैलोरी / ग्राम होता है।saccharide मिठास दुनिया भर की मीठास की आवश्यकताओं को पूरा करती है। ‌‌‌लेकिन इस पदार्थ के प्रयोग से दंत क्षय, हृदय रोग, मोटापा, मधुमेह और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी जैसी बीमारियों  को बढ़ावा मिलता है।इस वजह से Saccharide मिठास की मांग धीरे धीरे कम हो रही है।

Rebiana

यह मीठा और स्वादिष्ट होता है और शून्य केलौरी प्रदान करता है।यह सुक्रोज की तुलना मे 200-300 गुना मीठा होता है।नियंत्रित तापमान और आर्द्रता की स्थिति मे लगभग 2 वर्षों तक स्थिर रहता है। स्टेविया मिठास का उपयोग व्यापक रूप से तरल या ठोस खाद्य पदार्थों, पेय पदार्थों में किया जाता है। जापान के अंदर कई खादय पदार्थों के अंदर स्टेविया मिठास का यूज किया जाता है।

Glycyrrhizin

ग्लाइसीर्रिज़िन एक पेंटासाइक्लिक ट्राइपरपेनॉइड सैपोनिन ग्लाइकोसाइड है। यह पदार्थ कई प्रकार के पौधों की प्रजातियों से पाया जाता है।लिकोरिस पौधा भूमध्यसागरीय का मूल है क्षेत्र और चीन, फ्रांस, इटली, स्पेन, यूएसएसआर, यूएसए, इंग्लैंड और में खेती की जाती है एशिया। भारत में यह श्रीनगर, जम्मू, देहरादून, बारामुला, शीतोष्ण में पाया जाता है। ग्लाइसीरिज़िन का प्रयोग औषधी बनाने मे भी प्रयोग किया जाता है। इससे एंटी अल्सर और एंटी एलर्जी औषधी बनती है।ग्लाइसीर्रिज़िन सुक्रोज की तुलना में 100 गुना अधिक मीठा पाया गया है।

Perillartine

Perillartine पत्तियों और बीज से प्राप्त होने वाला एक वाष्पशील तेल होता है।यह एक स्वदेशी पौधा होता है ,जो भारत ,जापान और दक्षिण पूर्व ऐशिया के अंदर पाया जाता है।पेरेलार्टिन सुक्रोज की तुलना मे 400-2000 बार मीठा है।

Phyllodulcin

हाइड्रेंजिया मैक्रोफ्ला पौधे से प्राप्त किया जाता है।यह पौधा जापान, चीन के अंदर पाया जाता है वहां का मूल है। लेकिन दक्षिण अमेरिका, विशेष रूप से भारत की एक समशीतोष्ण पहाड़ियों में पाया जाता है।यह सुक्रोज की तुलना मे 300 से 400 गुना मीठा होता है।

Monellin

मोनेलिन पश्चिम अफ्रीकी पौधे डायोस्कोरोफिलम के लाल पदार्थ के अंदर मौजूद होता है।यह सुक्रोज की तुलना में लगभग 3000 गुना अधिक मीठा होता है।50ºC से उपर गर्म होने के बाद यह अपना मीठास खो देता है।

Mabinlin

चीनी पौधे के फलों में मैबेलिन का स्वाद चखने वाला पॉलीपेप्टाइड मौजूद होता है।इस प्रोटीन 33 के दो पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाओं से जुड़ा हुआ रहता है।यह सुक्रोज की तुलना मे 100 गुना मीठा होता है।

Pentadin

‌‌‌यह प्रोटीन भी एक पौधे से प्राप्त किया जाता है।उष्णकटिबंधीय अफ्रीका के कुछ देशों के अंदर यह पाया जाता है।सबसे पहले वैन डेर वेल एट अल ने1989 मे इसको अलग किया था। ‌‌‌यह सुक्रोज के लगभग 500 गुना होने का अनुमान है।

xylitol

Xylitol एपोलोल होता है जोकि सुक्रोज के समान मीठा होता है ।यह फलों के अंदर पाया जाता है।इसके सेवन करने से मोटापा कम होता है।मधुमेह के रोगियों के लिए भी यह काफी उपयोगी होता है। और लंबे समय तक इसको स्थिर रखा जा सकता है।

Fructose

‌‌‌यह कई पौधों के अंदर पाया जाने वाला केटोनिक मोनोसैकेराइड है।इसको सुक्रोज बनाने के लिए अक्सर इसे ग्लूकोज के साथ जोड़ा जाता है। फ्रुक्टोज की खोज 1847 में फ्रांसीसी रसायनज्ञ ऑगस्टिन-पियरे डबरुनफुट द्वारा की गई थी। शुद्ध, सूखा फ्रुक्टोज एक मीठा, सफेद, गंधहीन, क्रिस्टलीय ठोस होता है और यह पानी के अंदर घूलनशील होता है।फ्रुक्टोज पेड़,फल ,फूल  और जामुन और ज्यादातर जड़ वाली सब्जियों में पाया जाता है। फ्रुक्टोज को गन्ना, चुकंदर और मक्का से प्राप्त किया जाता है।

Acesulfame K

‌‌‌यह चीनी की तुलना मे चीनी की तुलना में 200 गुना अधिक मीठा होता है।यह शून्य कैलोरी कृत्रिम स्वीटनर है ।यह एक विवादास्पद स्वीटनर है। इसको कई रिसर्च के अंदर कैंसर और हाइपोग्लाइसीमिया जैसी समस्याओं से जोड़ा गया है और इसके स्वाद के बारे मे यह कहा जाता है कि यह कड़वा होता है।

Sucralose

सुक्रालोज़ एक कृत्रिम स्वीटनर और चीनी का विकल्प है। यह चीनी का एक विकल्प है।सुक्रोज के क्लोरीनीकरण द्वारा निर्मित होता है। सुक्रालोज़ सुक्रोज की तुलना में लगभग 320 से 1,000 गुना अधिक मीठा होता है। सुक्रेलोज़ को काफी हद तक शेल्फ-स्थिर और सुरक्षित माना जाता है। 119 डिग्री तापमान के उपर यह टूटना शूरू कर देता है।

दुनिया में सबसे मीठी चीज क्या होती है ? ‌‌‌दोस्तों वैसे बहुत सारे पदार्थ ऐसे होते हैं जोकि चीनी की तुलना मे काफी ज्यादा मीठी होती हैं और उन सभी के बारे मे यहां पर वर्णन करना संभव नहीं है। उपर केवल कुछ महत्वपूर्ण पदार्थों के बारे मे ही बताया गया है। जिनका इस्तेमाल मीठे खाने पीने के पदार्थों मे किया जाता है। लेख के अंदर हमने आपको कई प्रकार के मीठे पदार्थों के बारे मे उपर बताया है। यह लेख आपको कैसा लगा नीचे कमेंट करके बताएं ।

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This post was last modified on November 24, 2019

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