बिच्छू और सर्प का जहर उतारने का मंत्र

‌‌‌बिच्छू का जहर उतारने का मंत्र और सप का जहर उतारने का मंत्र पर इस लेख के अंदर हम विस्तार से चर्चा करेंगे ।दोस्तों कई बार काम करते वक्त हम ध्यान नहीं दे पाते हैं। इस वजह से सांप या बिंच्छू हमे खा जाता है। बिंच्छू खाने के बाद दर्द भी बहुत होता है। यहां तक कि आदमी को चैन से रहना बहुत अधिक मुश्किल होता है। बिंच्छू खाने के बाद तो जहां पर बिंच्छू खाता है। ‌‌‌वहां पर बहुत अधिक दर्द होता है। और सांप खाने के बाद यदि व्यक्ति का तुरन्त उपचार नहीं किया जाए तो इंसान की मौत भी हो सकती है।सांप खाने का स्थान पिला पड़ जाता है। और जिस इंसान को सांप खाता है। उसे बहुत अधिक नींद आती है।

‌‌‌हालांकि कुछ व्यक्तियों को बिच्छू खाने का असर नहीं होता है। उनको बस एक बार मामूली सा दर्द होता है। उसके बाद बस ऐसा महसूस होता है। जैसे उन्हें कुछ खाया ही नहीं हो । मतलब उनकी बोडी के अंदर बिच्छू से भी ज्यादा ताकतवर जहर होता है। कहा भी है जहर जहर को काटता है।

बिच्छू झाड़ने का मंत्र

दोस्तों यहां पर हम आपको कई बिच्छू जहर या बिच्छू झाड़ने के मंत्र के बारे मे बताने वाले हैं। आपको जो अच्छा लगे उसका प्रयोग कर सकते हैं। इनका प्रयोग करने से पहले आपको इनको एक बार सिद्व करलेने की आवश्यकता होगी ।

ॐ नमो समुन्द्र।

समुन्द्र में कमल।

कमल में विषहर।

बिच्छू कहूं तेरी जात।

गरुड़ कहे मेरी अठारह जात।

छह काला

छह कांवरा।

छह कूँ कूँ बान

उतर रे उतर नहीं तो गरुड़ पंख हँकारे आन।

सर्वत्र बिसन मिलाई

उतर रे बिच्छू उतर

मेरी भक्ति।

गुरु कि शक्ति।

फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

‌‌‌सबसे पहले इस मंत्र को 108 बार जाप करें । उसके बाद शुद्व पानी लेकर इस मंत्र को घाव पर हाथ रखकर सात बार जाप करें । बिच्छू का जहर उतर जाएगा ।

बिच्छू झाड़ने का मंत्र -2

‌‌‌जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि बिच्छू का जहर उतारने के मंत्र बहुत सारे होते हैं। जिनमेसे कुछ मंत्रों का हम यहां पर उल्लेख कर रहे हैं। आपकी सुविधा के लिए । आपको जो मंत्र सरल लगे प्रयोग लें । ध्यानदें हम इस लेख के अंदर मंत्रों से बिच्छू का जहर कैसे उतारें इस बात पर चर्चा कर रहें हैं।

ॐ नमो आदेश गुरु का,काला बिच्छू कंकरीयाला,

सोना का डंक ,रुपे का भाला,उतरे तो उतारूँ,

चढ़े तो मारूं।नीलकंठ मोर ,गरुड़ का आयेगा,

मोर खायेगा तोड़ ,जा रे बिच्छू डंक छोड़,

मेरी भक्ति ,गुरु की शक्ति फुरो मन्त्र ,ईश्वरो वाचा।

‌‌‌नीम की डाल लेकर इस मंत्र का 108 बार जाप करना है। कैसा भी विषैला बिच्छू क्योंना हो जहर आसानी से उतर जाएगा ।

बिच्छू झाड़ने का मंत्र -3

‌‌‌यदि आपको किसी जहरिले बिच्छू ने काट लिया है और आप उस बिच्छू का जहर उतारना चाहते हैं तो उसका एक प्रभावशाली मंत्र इस प्रकार है।

‌‌‌ धाय विसा देर

इस मंत्र का प्रयोग करने से पहले इसको भी सिद्व करना होता है। सबसे पहले इस मंत्र को ग्रहण काल के अंदर सवा लाख बार जप करके सिद्व करलें । उसके बाद आप इस मंत्र को बिच्छू उतारने के मंत्र के रूप मे प्रयोग करने के लिए जोर जोर से बोलें । और रोगी को हाथ पैर पटकने के लिए कहें । उसके बाद ‌‌‌रोगी का जहर उतर जाएगा ।

‌‌‌बिच्छू का जहर उतारने के शाबर मंत्र

बिच्छू

दोस्तों आप शाबर मंत्र की मदद से भी बिच्छू का जहर उतार सकते हैं। इस मंत्र को प्रयोग करने से पहले सिद्व करना होता है। बिच्छू के मंत्र को सिद्व करने के लिए आपको सबसे पहले इस मंत्र का एक लाख बार जप करना होगा । उसके बाद आपको 10 हजार आहूतियां देनी होगी । तब ‌‌‌यह मंत्र सिद्व हो जाएगा । उसके बाद आप इसको कहीं पर भी बिच्छू का जहर उतारने के रूप मे प्रयोग कर सकते हैं। यह मंत्र इस प्रकार है।

‌‌‌पर्वत उपर सुरही गाई। कारी गाई की चमरी पूंछी

तेकरे गोबरे बिछी बियाई। बिछी तोरे कर अटठारह जाति

छ कारी छ पियारी छ भुमाधारी छ रतन पवारी छ कूं हूं कूं हूं छारि

उतरू बिछी हाड हाड पोर पोर । कस मारे लील कंठ मर मार

‌‌‌महादेव की दुहाई गौरा पार्वती की दुहाई। अनीत टेहरी शडार बन छाई ।

उतरहिं बोछी हनुमंत की आज्ञा दुहाई हनुमंत की ।

सर्प विष उतारने का मंत्र

‌‌‌यदि किसी को सांप खा जाता है। तो उसका उपचार मंत्र से भी किया जा सकता है। और ऐसा बहुत से लोग करते हैं। लेकिन मैं आपको बतादूं कि आप खुद यह सब रिस्क ना लें । यह केवल आपके नॉलेज के लिए है तो आइए जान लेते हैं। सर्प का जहर उतारने का मत्र

‌‌‌इस मंत्र को काली मिर्च पर 108 बार जप करें । आप इसका प्रयोग पानी पर भी कर सकते हैं। आप काली मिर्च रोगी को चबाने के लिए कह सकते हैं। यदि आप पानी का यूज करते हैं तो पानी को रोगी के मुंह पर डाल सकते हैं।

‌‌‌यह मंत्र कुछ इस प्रकार है।

ॐ नमो पर्वताग्रे रथो आंती,

विटबड़ा कोटि तन्य बीरडर पंचनशपनं

पुरमुरी अंसडी तनय तक्षक नागिनी आण,रुद्रिणी आण,

गरुड़ की आण। शेषनाग की आण,

विष उड़नति,फुरु फुरु फुरु ॐ डाकू रडती,

भरडा भरडती विष तू दंती उदकान

सर्प विष उतारने का मंत्र थप्पड़मार तरीका

‌‌‌दोस्तों सर्प का जहर उतारने का यह तरीका काफी मजेदार होता है। इस तरीके के अंदर सबसे पहले आपको नीचे दिया हुआ मंत्र 10 हजार बार किसी अमावस्या को बोलकर सिद्व कर लेना है। उसके बाद जो व्यक्ति आपको यह सूचना दें कि अमुख व्यक्तिे सांप ने काट लिया है। उसी को एक दो थप्पड मारें और यह मंत्र बोलें

‌‌‌उसके बाद आप इस मंत्र का जाप रोगी के पास पहुंच कर भी करें । रोगी को भी थप्पड मारें और मंत्र पढ़ें । ध्यानदें केवल मंत्रों के भरोसे ना रहें ।रोगी जल्दी सही हो जाए इसके लिए आप उसे डॉक्टर के पास अवश्य लेकर जाएं ।

‌‌‌थर पटक धसनि धसनि सार , उपरे धसनि विष नीचे जाय

काहे विष तू इतना रिसाय , क्रोध तो तोर होय पानी

हमरे थप्पड तोर नहीं ठिकाना , आज्ञा देवी मनसा माई।

आज्ञा विषहरि राई दुहाई।

‌‌‌दोस्तों यह थे सांप और बिच्छू का जहर उतारने के मंत्र । आपको हम पहले ही बता चुके हैं कि केवल मंत्रों के भरोसे मे ना रहें । रोगी को डॉक्टर के पास अवश्य लेकर जाएं। अगले लेख के अंदर हम आपको सांप भगाने के मंत्रों के बारे मे बताने वाले हैं। कई बार घर मे सांप दिख जाता है। उसको भगाने के लिए यह मंत्र ‌‌‌आपके लिए उपयोगी होंगे ।

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