duniya ka ant kab hoga duniya ke ant kee bhavishyavaaniyaan

‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणी,धरती कब खत्म होगी,पृथ्वी का अंत कब होगा,दुनिया का अंत सारे प्रश्नों का उत्तर जानने के लिए पढ़े यह लेख

 

दोस्तों दुनिया का अंत तो होगा यह तय है । लेकिन कब और कैसे दुनिया का अंत होगा इस बारे मे कोई नहीं जानता है। जो चीज बनी है। उसका अंत होना तो तय है । समय समय पर अनेक ज्योतिषचार्य और विद्वानों ने दुनिया के अंत की भविष्यवाणी भी की ‌‌‌हैं। लेकिन अनेक बार यह भविष्यवाणी गलत भी साबित हुई हैं। इस लेख के अंदर हम आपको बताने वाले हैं दुनिया के अंत की कुछ खास भविष्यवाणियों के बारे मे ।

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‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणी माया सभ्यता

‌‌‌माया सभ्यता के बारे मे ज्यादा जानकारी तो नहीं है। लेकिन कहा जाता है की माया सभ्यता का शासक पुरूष होता था । जिसको साहसी होना अनिवार्य था । कहा जाता है कि सिहांसन पर बैठते समय मानव बली भी दी जाती थी

माया सभ्यता मैक्सिको की सबसे महत्वपूर्ण सभ्यता थी ।इसका आरम्भ1500 ई पूर्व हुआ था । और यह 300 से 900 ईं पूर्व अपने उन्नती के शिखर पर थी । इसका पतन 16 वी शताब्दी के अंदर हुआ था । 21 दिसम्बर 2012 के अंदर माया सभ्यता का कंलेडर खत्म होता है। जिसको लेकर कई Scientists ने दावा किया की अब दुनिया खत्म हो जाएगी । भारत के अंदर तो लोग अपनी अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए भी जुट गए । लेकिन यह बात गलत साबित हुई ।

माया सभ्यता का कलैंडर 2012 को समाप्त हुआ । इसका मतलब बाद मे लोगों ने यह लगाया कि यह माया सभ्यता ‌‌‌के अंत का अनुमान मात्र था ।

‌‌‌‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणी बाबा वेंगा 5059

बाबा वेंगा का मूल नाम वेंगेलिया पांडेवा है। वे बुल्गारिया के अंदर पैदा हुई थी । उसने 12 साल तक एक सामान्य जिंदगी जी । उसके बाद वह एक तूफान के अंदर गायब हो गई। और उसके काफी दिनों बाद वह अपने परिवार से मिली । उसकी आंखों की रोशनी जा चुकी थी । लेकिन उसके अंदर एक अदभुत ताकत ‌‌‌भी आ गई। वे अब भविष्यवाणी कर सकती थी । उसने कई सारी भविष्यवाणी की जोकि सच साबित हुई।1996 में उनकी 85 साल की उम्र मे उनकी मौत हो गई। उनकी की 100 से अधिक भविष्यवाणी हैं। बाबा वेंगा के अनुसार 5079 के अंदर दुनिया समाप्त हो जाएगी । यह भविष्यवाणी कितनी सच है। यह तो समय ही बताएगा ।

‌‌‌1980 के अंदर बाबा वेंगा ने  2000 में रशियन न्यूक्लियर सबमरीन डूबने के बारे मे भविष्यवाणी की थी ।जोकि पूरी तरह से सच साबित हुई ।उसके बाद वेंगा ने 1989 के अंदर अमेरिका मे आतंकी हमले की भविष्यवाणी की जो सच साबित हुई। इन भविष्यवाणियों को देखकर तो लगता है कि बाबा वेंगा कि दुनिया के अंत ‌‌‌को लेकर की गई भविष्यवाणी भी सच साबित होगी ।

‌‌‌‌‌‌‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणी लियोनार्दो दा विंची

लिओनार्दो दा विंची का जन्म इटली के फलोरेंस के अंदर हुआ था । वे एक

अवैध पुत्र थे । लेकिन उनके अंदर कई सारी प्रतिभाएं भी मौजूद थी ।वे एक प्रसिद्व चित्रकार मूर्ति कार और स्वर्णकार थे । मोनालिसा की पेंटिंग उन्हीं की बनाई हुई है। उन्होंने 4006 के अंदर एक बाढ़ आएगी और ‌‌‌उसके अंदर पूरी दुनिया खत्म हो जाएगी ।

‌‌‌‌‌‌‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणी मार्शल एप्लव्हाइट 1997

मार्शल अमरीका के धर्म संस्थापक थे । जिन्होंने भविष्यवाणी की थी कि सन 1997 के अंदर दुनिया समाप्त हो जाएगी । उनके अनुसार धरती से कोई ऐसी चीज टकराएगी जिसे नासा नहीं देख सकेगा । उनकी भविष्यवाणी गलत साबित हुई। बाद मे उन्होंने सुसाइड कर लिया था ।

 

‌‌‌न्यूटन की भविष्यवाणी

न्यूटन इंगलैंड के एक महान वैज्ञानिक थे जिन्होंने गुरूत्वाकर्षण का सिद्वांत प्रतिपादित किया था । वे दार्शनिक ज्योतिषी और गण्तिज्ञ भी थे ।1690 के दशक में न्यूटन ने अनेक धार्मिक शोध कार्य भी किये थे ।जो बाइबल से जुड़े हुए थे । न्यूटन की पांडूलियों पर विवाद भी हुआ था । न्यूटन तब अधिक मसहूर हो गए । जब उनके गुरूत्वाकर्षण के सिद्वांत को मान्यता मिल गई। न्यूटन एक अच्छे गणित के ज्ञाता भी थे । उन्होंने गणित से जुड़े अनेक सिद्वांतों को प्रतिपादित किया था ।
न्यूटन का जन्म उनके पिता की मौत के 3 माह बाद हुआ । जब वे 3 साल के थे तब उनकी मां ने दूसरी शादी करली । उनके दादा ने उनको ‌‌‌पाला था । इस दुनिया का अंत 2060 के अंदर दुनिया खत्म हो जाएगी । न्यूटन ने ऐसे ही ऐसा नहीं कहा था । वरन इसका कोई वैज्ञानिक आधार भी था ।

‌‌‌‌‌‌‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणी चेन ताओ टू वे 25 मार्च 1988

ताइवान के गुरू ने ईसाई और बोद्व धर्म को आधार मानकर यह भविष्यवाणी की थी की 25 मार्च 1988 को पूरी दुनिया समाप्त हो जाएगी । उस समय मिडिया के अंदर इन खबरों को प्रमुखता से प्रकाशिकत किया गया । लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं ।

‌‌‌‌‌‌‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणी स्टीफन विलियम होकिंग

स्टीफन विश्व प्रसिद्व भौतिक वैज्ञानिक थे । 14 मार्च 2018 की सुबह अपने घर कैंब्रिज में ‘हॉकिंग की मृत्यु हो गई थी। उनके अनुसार मानव सभ्यता 1000 साल तक जीवित रहेगी । उसके बाद नष्ट हो जाएगी । उन्होने कहा कि 1000 साल के अंदर ही मानव सभ्यता को दूसरे ग्रह पर ‌‌‌बस्तियां बसा लेनी चाहिए ताकि वह अपना अस्तित्व ना खो सके ।

‌‌‌दुनिया के अंत की भविष्यवाणियां पुराणों के अंदर

पुराणों के अंदर भी दुनियां के अंत का वर्णन किया गया है। पुराणों मे दुनिया के उदभव का भी वर्णन किया गया है। पुराणों के अंदर दुनिया के अंत के बारे मे विस्तार से समझाया गया है। बताया गया है कि जब जब धरती पर प्रलय आता है तो भगवान विष्णु ‌‌‌अवतार लेते हैं। कलयुग के अंदर जब दुनियां का अंत होगा तो भगवान क्लिक के रूप मे अवतार लेंगे ।

‌‌‌धर्म ग्रंथों के अंदर बताया गया है कि जैसे जैसे कलयुग आएगा । वैसे वैसे धर्म सत्य सदाचार का लोप होता जाएगा । चारों और अराजकता का सम्राज्य हो जाएगा ।इस समय इंसान की आयु 20 से 30 साल की हो जाएगी । धरती पर भूकंप आएगें । जमीन का उपजाउपन खत्म हो जाएगा । इंसान गधों के जैसे हो जाएंगे । कोई इंसान घरों ‌‌‌के अंदर नहीं रहेंगे । सब तरफ हाहाकार मच जाएगा । उसके बाद भगवान विष्णु कल्कि अवतार के रूप मे धरती पर आएंगे ।

‌‌‌महाभारत के अंदर भी दुनिया के अंत का उल्लेख मिलता है। उसके अनुसार कलयुग के अंदर धरती का तापमान बढ़ जाएगा । सब कुछ सूख जाएगा । फिर लगातार बारिश होगी । और दुनियां पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी । उसके बाद फिर से पानी के अंदर जीवन की उत्पति होगी।

‌‌‌धरती की उत्पति के काल

ग्रंथों के अंदर धरती की उत्पति से लेकर अंत को काल के अंदर विभाजित किया गया है।

 गर्भकाल

इस काल के अंदर धरती पूरी तरह से पानी के अंदर डूबी हुई थी । पानी के अंदर ही एक कोशिकिये जीवों का जन्म हुआ था ।जो नर और मादा के बीच के थे । उसके बाद जीवन क्रम का विकास हुआ ।

शैशव काल

इस काल के अंदर भी धरती जल के अंदर डूबी हुई थी । इस काल मे पानी के अंदर रेगने वाले जीव और जलिये जीवों का विकास हुआ था ।

 कुमार काल

इस काल के अंदर मानवों की उत्पति नहीं हुई थी । वरन मानव रूपी वानरों की उत्पति हो चुकी थी । धरती पर इस समय इंसानों के अलावा अनेक जीवों की उत्पति हो चुकी थी

युवा काल

इस काल के अंदर इंसानों की उत्पति हुई। इंसान समाज के अंदर रहने लगे बुद्विमान इंसानों ने अनेक आष्किार किये और अनेक सुविधाओं को पैदा किया ।

 प्रौढ़ काल

वर्तमान के अंदर प्रौढ़ काल चल रहा है। इस काल के अंदर इंसान बहुत आलसी हो चुके होंगे । और सब तरफ विज्ञान का वर्चर्स्व बढ़ जाएगा । ‌‌‌भगवान के प्रति विश्वास कम हो जाएगा । आलसी क्रूर मानव धरती का नाश करेंगे ।

वृद्ध काल

इस काल के अंदर यह माना जाता है कि धरती पर दुखी जीव रहेंगे  ।आयु बहुत कम होगी । इंसान का जीवन पूरी तरह से बरबाद हो जाएगा । चारो ओर त्राही त्राही मच जाएगी ।

जीर्ण काल

इस काल के अंदर धरती पर तूफान आएंगे । सुनामी आएंगी । धरती का ताप बहुत अधिक बढ़ जाएगा । इंसान खत्म होने लगेंगे । धरती का अंत हो जाएगा ।

‌‌‌कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि सारी भविष्यवाणियों के अंदर कुछ का समय निकल चुका है। कुछ का अभी बाकी है । कौनसी भविष्यवाणी सच होती है कोई पता नहीं ।

 

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