जीवन मे चमत्कार हो जाएगा नीम करोली बाबा के इस मंत्र से

neem karoli baba mantra  नीम करोली बाबा मंत्र ,नीब करौरी बाबा के बारे मे आप सभी अच्छी तरह से जानते ही है। और आपने इनका नाम कई बार सुना ही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।इनका जन्म स्थान ग्राम अकबरपुर जिला फ़िरोज़ाबाद उत्तर प्रदेश है जो किहिरनगाँव से 500 मीटर दूरी पर है।ऐसा माना जाता है कि जब वे 17 वर्ष की आयु के हुए थे तो उनको सारी ‌‌‌चीजों का ज्ञान हो चुका था। इतनी कम उम्र के अंदर वे इतना अधिक जानते थे कि उनको सब कुछ पता था और वीर हनुमानजी उनके गुरू थे । और इसकी वजह से उन्होंने कई सारे चमत्कार भी किये थे । इसके बारे मे आपने कई बार सुना ही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । ‌‌‌आपको बतादें कि नीम करोली बाबा को 20 वीं शताब्दी का एक महान संत माना जाता है। और उन्होंने अपने जीवन के अंदर कई तरह के चमत्कार किये थे । इसकी वजह से वे काफी अधिक प्रसिद्ध हो गए थे । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं।

‌‌‌नीम करोली बाबा के मंत्र के बारे मे हम आपको बताने वाले हैं। यदि आप इस मंत्र का जाप करते हैं तो उसके बाद आपको नीम करोली बाबा का आशीर्वाद प्राप्त होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं।

Table of Contents

neem karoli baba mantra नीम करोली बाबा मंत्र

मैं हूँ बुद्धि मलीन अति, श्रद्धा भक्ति विहीन ।

करू विनय कछु आपकी, होउ सब ही विधि दीन।।

श्रद्धा के यह पुष्प कछु। चरणन धरि सम्हार।।

कृपासिंधु गुरुदेव प्रभु। करि लीजे स्वीकार।।

‌‌‌दोस्तों उपर नीम करोली बाबा का मंत्र दिया गया है। यदि आपको यह जाप करना है । तो इसकी वजह से काफी अधिक फायदा होगा । और आपको नीम करोली बाबा का आशीर्वाद प्राप्त होगा । आप इस बात को समझ सकते है। इसके अलावा भी नीम करोली बाबा का मंत्र जाप करने के कई सारे फायदे आपको मिल सकते हैं।

नीम करोली बाबा के मंत्र का जाप कैसे करें ? neem karoli baba mantra

दोस्तों यदि आप नीम करोली बाबा के मंत्र का जाप करना चाहते हैं , तो यह काफी आसान है। इसके अंदर आपको करना यह है कि आप रोजाना चलते फिरते मंत्र का जाप कर सकते हैं। और यदि आपके अंदर भक्ति है , तो आपको नीम करोली बाबा की कृपा अपने आप ही प्राप्त हो जाएगी । लेकिन आपको इस मंत्र का जाप अशुद्ध अवस्थाओं के अंदर नहीं करना चाहिए । नहीं तो कोई फायदा नहीं होगा । और पाप भी लगेगा ।

neem karoli baba mantra नीम करोली बाबा चालिसा

दोहा –

मैं हूँ बुद्धि मलीन अति, श्रद्धा भक्ति विहीन ।

करू विनय कछु आपकी, होउ सब ही विधि दीन।।

चौपाई –

जय जय नीम करोली बाबा , कृपा करहु आवे सदभावा।।

कैसे मैं तव स्तुति बखानू ।नाम ग्राम कछु मैं नही जानू।।

जापे कृपा दृष्टि तुम करहु। रोग शोक दुख दारिद हरहु।।

तुम्हरे रुप लोग नही जाने। जापे कृपा करहु सोई भाने।।

करि दे अरपन सब तन मन धन | पावे सुख आलौकिक सोई जन।।

दरस परस प्रभु जो तव करई। सुख संपत्ति तिनके घर भरई।।

जै जै संत भक्त सुखदायक। रिद्धि सिद्धि सब संपत्ति दायक।।

तुम ही विष्णु राम श्रीकृष्ण। विचरत पूर्ण कारन हित तृष्णा।।

जै जै जै जै श्री भगवंता। तुम हो साक्षात भगवंता।।

कही विभीषण ने जो वानी। परम सत्य करि अब मैं मानी।।

बिनु हरि कृपा मिलहिं नही संता। सो करि कृपा करहिं दुःख अंता।।

सोई भरोस मेरे उर आयो । जा दिन प्रभु दर्शन मैं पायो।।

जो सुमिरै तुमको उर माही । ताकी विपत्ति नष्ट ह्वे जाई।।

जय जय जय गुरुदेव हमारे। सबहि भाँति हम भये तिहारे।।

हम पर कृपा शीघ्र अब करहु। परम शांति दे दुख सब हरहु।।

रोक शोक दुःख सब मिट जावे। जपे राम रामहि को ध्यावे।।

जा विधि होइ परम कल्याना । सोई विधि आपु देहु वारदाना।।

सबहि भाँति हरि ही को पूजे। राग द्वेष द्वन्दन सो जूझे।।

करें सदा संतन कि सेवा। तुम सब विधी सब लायक देवा।।

सब कुछ दे हमको निस्तारो । भवसागर से पार उतारो।।

मैं प्रभु शरण तिहारी आयो। सब पुण्यन को फल है पायो।।

जय जय जय गुरु देव तुम्हारी। बार बार जाऊ बलिहारी।।

सर्वत्र सदा घर घर की जानो । रखो सुखों ही नित खानों।।

भेष वस्त्र हैं, सदा ऐसे। जाने नहीं कोई साधु जैसे।।

ऐसी है प्रभु रहनी तुम्हारी । वाणी कहो रहस्यमय भारी।।

नास्तिक हूँ आस्तिक ह्वे जाए। जब स्वामी चेटक दिखलावे।।

सब ही धरमन के अनुनायी। तुम्हे मनावे शीश झुकाई ।।

नही कोउ स्वारथ नही कोई इच्छा। वितरण कर देउ भक्तन भिक्षा।।

केही विधि प्रभु मैं तुम्हे मनाऊ। जासो कृपा प्रसाद तव पाऊं।।

साधु सुजन के तुम रखवारे। भक्तन के हो सदा सहारे।।

दुष्टऊ शरण आनी जब परई । पूरण इच्छा उनकी करई।।

यह संतन करि सहज सुभाउ। सुनि आश्चर्य करई जनि काउ।।

ऐसी करहु आप दया।निर्मल हो जाए मन और काया।।

धर्म कर्म में रुचि हो जावे। जो जन नित तव स्तुति गावे।।

आवे सदगुन तापे भारी। सुख संपत्ति सोई पावे सारी।।

होइ तासु सब पूरण कामा। अंत समय पावे विश्रामा।।

चारी पदारथ है, जग माही। तव कृपा प्रसाद कछु दुर्लभ नाही।।

त्राहि त्राहि मैं शरण तिहारी । हरहु सकल मम विपदा भारी।।

धन्य धन्य बढ़ भाग्य हमारो। पावे दरस परस तव न्यारो।।

कर्महीन अरु बुद्धि विहीना। तव प्रसाद कछु वर्णन कीन्हा।।

दोहा-

श्रद्धा के यह पुष्प कछु। चरणन धरि सम्हार।।

कृपासिंधु गुरुदेव प्रभु। करि लीजे स्वीकार।।

‌‌‌नीम करोली बाबा का जन्म स्थान कहां पर है ?

दोस्तों यदि हम नीम करोली बाबा के जन्म स्थान की बात करें तो आपको बतादें कि नीम करोली बाबा के जन्म स्थान आश्रम उत्तराखंड की हिमालय के अंदर पड़ता है। यह यह आश्रमम इन नैनीताल से अल्मोड़ा जाने वाले मार्ग पर देखने को मिलता है, जिस की समुद्र तल से ऊंचाई 14 किलोमीटर है। ‌‌‌यदि आपको यहां पर जाना है तो आप जा सकते हैं। कई लोग यहां पर जाते हैं और आप भी जा सकते हैं।

‌‌‌नीम करोली बाबा का बचपन

दोस्तों आपको बतादें कि नीम करोली बाबा के बचपन का नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा  था और उनका जो जन्म है वह फिरोजाबाद के अंदर हुआ था।और यह उत्तर प्रदेश के अंदर पड़ता है। माना जाता है कि उनका जन्म सन 1900 के अंदर हुआ था।इनके पिता का नाम दुर्गाप्रसाद शर्मा था।

‌‌‌आपको बतादें कि नीम करोली बाबा का विवाह मात्र 11 साल की उम्र के अंदर हुआ था और उसके विवाह के बाद उन्होनें अपने घर को छोड़ दिया था।और उसके बाद वे गुजरात चले गए थे और वहां पर 10 से 15 साल एक साधु के रूप मे उन्होंने व्यतीत किये थे ।इसके बाद जब इनके पिता को इनके बारे मे पता चला तो

‌‌‌उसके बाद उनके पिता आए और उन्होंने नीम करोली बाबा से कहा कि  उनको इस तरह से घर छोड़कर नहीं आना चाहिए । और उसके बाद उन्होंने अपने पिता के साथ घर जाने का निश्चय किया वे घर गए और कुछ समय तक अपने घर पर रहे लेकिन बाद मे उन्होंने फिर घर का त्याग कर दिया और साधु के वेश के अंदर ‌‌‌जीवन को व्यतीत करने लगे ।नीम करोली बाबा ने उत्तराखंड के अंतर्गत अपना एक तपोस्थली बनाया था । और उसके बाद वहां पर वे हनुमानजी की पूजा करने लगे । और लोगों ने माना की वे एक बहुत बड़े हनुमान भगत थे । जिन्होंने अपने जीवन के अंदर कई तरह के चमत्कार भी किये थे ।

‌‌‌हालांकि अब हमारे बीच नीम करोली बाबा नहीं हैं लेकिन उनके द्धारा बनाया गया आश्रम आज भी हमारे बीच है जहां पर आज भी मेला लगता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।इनके 3 संतान हुई। जिनमे से 2 पुत्र और 1 पुत्री हुए लेकिन उन्होंने अपने ग्रहस्थ जीवन पर अधिक ध्यान नहीं दिया अपना अधिकतर समय इन्होंने साधना के अंदर लगाया और लोगो के कल्याण के लिए ही काम करते रहे । इसके बारे मे आपको अधिक बताने की जरूरत नहीं है। आप इस बात को समझ सकते है।

नीम करोली बाबा के चमत्कार

नीम करोली बाबा के बारे मे यदि हम बात करते हैं तो आपको बतादें कि उन्होंने अपने जीवन के अंदर अनेक तरह के चमत्कार किये थे । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और हम यहां पर उनके द्धारा किये गए चमत्कार के बारे मे बताने वाले हैं तो आइए जानते हैं। इन सभी चमत्कारो के बारे ‌‌‌ मे विस्तार से इसके बारे मे।तो इस तरह की कई सारी कहानियां मौजूद हैं जिनके बारे मे हम आपसे बात करने वाले हैं।

‌‌‌जब पानी घी के अंदर बदल गया

दोस्तों बाबा नीम करोली के धाम ,कैंची धाम में हमेशा ही भंडारा चलता रहता है और वहां पर सब लोग फ्री के अंदर भोजन करते हैं। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और यहां पर भगतगण आते रहते हैं। एक बार की बात है । भंडारे के अंदर घी कम पड़ गया था। तो सेवक काफी अधिक परेशान हो ‌‌‌ गए । उसके बाद उनको जब कोई हल नहीं सूझा तो वे नीम करोली बाबा के पास गए और अपनी समस्या बताई तो बाबा ने कहा कि पानी को आप उस घी के अंदर डालदो पानी क्या घी से कम है। उसके बाद सेवकों ने ऐसा ही किया और पानी घी के अंदर बदल गया ।

‌‌‌नीम करोली बाबा के इस तरह के सिस्टम को देखने के बाद हर कोई हैरान रह गया । यह बाबा का एक चमत्कार था । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और आप इस बात को समझ सकते है। और यही आपके लिए सही होगा ।

‌‌‌जब एक विदेशी बन गया था नीम करोली बाबा का सेवक

दोस्तों कहा जाता है कि एक बार रिचर्ड अल्पर्ट नामक अंग्रेज ,जो हारवर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर थे । और वे मनोविज्ञान के उपर काम करते थे । और एलएसडी  पर वे रिसर्च कर रहे थे । और अध्यात्म के अंदर भी उनकी काफी गहरी रूचि थी । और एक बार वे नीम ‌‌‌ करोली बाबा से मिले और उनको बहुत सारी एलएसडी  की गोलियां दी और उन्होंने यह भूल करदी की नीम करोली बाबा साधारण हैं। लेकिन इतनी अधिक गोलियां खा लेने के बाद भी नीम करोली बाबा को कुछ भी नहीं हुआ था। उसके बाद वे भी नीम करोली बाबा के शिष्य बन गए और उनका नाम रखा गया राम दास । उन्होंने बाबा के‌‌‌ चमत्कारों पर एक बुक miracle of love लिखी थी। और उसके बाद उन्होंनें लिखा कि नशा करने से कुछ भी नहीं होता है। यदि आपको नशा करना है तो अध्यात्म से करना चाहिए । इस नशे के अंदर जो मजा है वह किसी के अंदर भी नहीं है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌जब नीम करोली बाबा ने पिलाई गर्म चाय

दोस्तों यह बात है प्रयाग के सन् 1966 के कुम्भ मेले में महाराज का कैम्प के अंदर कुछ साधु आपस मे बात कर रहे थे । और काफी ठंडा मौसम है यदि गर्मा गर्म चाय मिल जाए तो क्या कहना । उसके बाद किसी ने कहा कि नीम करोली बाबा के पास ऐसी शक्ति है कि यदि उनको दिल ‌‌‌ से कोई याद करता है तो वे हर जगह पर प्रकट हो सकते है। लेकिन कुछ साधुओं को यकीन नहीं हुआ । उनको लग रहा था कि शारीरिक रूप से कोई इंसान इस तरह से नहीं कर सकता है। लेकिन उसके बाद कुछ अन्य साधुओं ने कहा कि क्योंना एक बार इसको टेस्ट करके देखा जाए ।

‌‌‌और उसके बाद साधुओं ने नीम करोली बाबा का नाम कई बार पुकारा और उसके बाद नीम करोली बाबा सचमुच प्रकट हो गए । और पूछा गर्मा गर्म चाय पीयेंगे । यह देखकर सब साधु हैरान रह गए और सबने मिलकर गर्मा गर्म चाय को पिया ।

‌‌‌इस तरह से हम कह सकते हैं कि यह नीम करोली बाबा का सबसे बड़ा चमत्कार था । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते है। इस तरह से नीम करोली बाबा के बहुत सारे चमत्कार हैं जिसके बारे मे भी हम आपको बताने वाले हैं।

‌‌‌कुवे का पानी मीठा हो गया नीम करोली बाबा का चमत्कार

दोस्तों बाबा नीम करौली जी का जन्म फर्रुखाबाद में हुवा था। और वहीं पर एक कुंआ था । उस कुंए का पानी काफी अधिक खारा था । एक बार किसी ने बाबा से कहा कि कुंए का पानी बहुत अधिक खारा है जिसको कोई सही ढंग से पी भी नहीं सकता है। उसके बाद क्या था ‌‌‌बाबा ने कहा कि इस कुंए के अंदर एक बोरी चीनी आपको डाल देनी चाहिए और उसके बाद एक बोरी चीनी को कुंए के अंदर डाल दिया गया जिससे कि कुंए का पानी मीठा हो गया ।‌‌‌ एक तरह से यह भी नीम करोली बाबा का चमत्कार था । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। यही आपके लिए सही होगा ।

‌‌‌जब बाबा ने रेलगाड़ी को चलने से ही रोक दिया

दोस्तों प्राचीन काल की बात है।जब बाबा यात्रा पर थे और यात्रा के अंदर वे टिकट लेकर नहीं बैठे थे । क्योंकि भारत के अंदर साधु संयासी की कभी भी कोई टिकट नहीं गलती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।और यात्रा के बीच मे टिकट चैक करने वाला आया तो ‌‌‌उसने देखा कि टिकट नहीं है तो फिर उसने नीम करोली बाबा को ट्रेन से नीचे उतार दिया । उसके बाद क्या था बाबा ने कुछ भी नहीं कहा और फिर वहीं पर अपना टिमटा गाड़ कर बैठ गए ।और उसके बाद सारे स्टाफ ने जोर मार लिया लेकिन ट्रेन वहां से चलने के लिए भी तैयार नहीं हो पाई । उसके बाद किसी ने सुझाव‌‌‌ दिया कि यह सब नीम करोली बाबा की वजह से हुआ है तो फिर बाबा को फिर से विशेष कोच के अंदर बैठाया गया और उसके बाद ट्रेन भी चल पड़ी । उसके बाद ही रेल्वे नें वहां पर बाबा लक्ष्मण दास पूरी स्टेशन को बनाया गया । इस तरह से आप समझ सकते हैं। यह बाबा नीम करोली का बड़ा चमत्कार था।

‌‌‌जब गुफा गायब  हो गई

दोस्तों यह भी एक तरह से चमत्कार की घटना थी इसके अंदर यह कहा गया कि एक बार वे रात के अंदर कहीं पर यात्रा कर रहे थे और रस्ता भटक गए । उनको एक गुफा दिखाई दी वे उस गुफा के अंदर चले गए । और वहां पर नीम करोली बाबा बैठे हुए थे ।‌‌‌और उन्होंने उसे भोजन करवाया और कहा कि बेटा तू रस्ता भटक गया है उस तरफ जा और उसके बाद मे कुछ ही कदम पर चला था तो पीछे मुड़कर देखा तो वहां पर कोई भी गुफा नहीं थी । यह एक तरह का चमत्कार था।  यह नीम करोली बाबा का चमत्कार था।‌‌‌इस तरह के बहुत सारे चमत्कार नीम करोली बाबा ने किये हैं।

‌‌‌जब नीम करोली बाबा ने बचाये थे प्राण

दोस्तों यह भी एक तरह की सुनी सुनाई कहानी है। और कहा जाता है कि  एक बार अल्मोड़ा के दिवाकर पंत की तबियत काफी अधिक खराब थी और वे पहाड़ों पर रहते थे ।रात होने की वजह से उनको डॉक्टर के पास लेकर जाना संभव नहीं था । ऐसा लग रहा था कि वे काफी जल्दी ही मर जाएंगे

‌‌‌इस तरह की चिंता किये उनकी पत्नी रोए जा रही थी । और किसी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें ।अचानक उनकी पत्नी को लगा की नीम करोली बाबा उनके कंधे को पकड़ कर हिला रहे हैं । और फिर उनको एक दवा पिलाने के लिए कहा । उनकी पत्नी काफी अधिक परेशान थी तो उन्होंने उसी दवा को अपने ‌‌‌हाथों मे लिया और पिलादी । उसकी वजह से उनकी हालत काफी अधिक बिगड़ने लगी और उसके बाद परिवार वाले पत्नी को ही उल्टा कोसने लगे ।उसके बाद उनको सुबह होने के बाद डॉक्टर के पास लेकर जाया गया तो डॉक्टर ने दवा की शीशी को देखा और कहा कि इस दवा का नाम कोरोमाइन  है। आपने यह दवा को पिलाकर काफी अच्छा ‌‌‌ काम किया इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। और इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌इस तरह से नीम करोली बाबा ने एक मरीज की जान को बचा दिया था। इसके अलावा भी नीम करोली बाबा ने बहुत सारे चमत्कार किये थे । इसके बारे मे भी हम आपको बताने वाले हैं। तो आइए इसके बारे मे आपको बताने वाले हैं।

‌‌‌जब बाबा ने करवाए शिव दर्शन

दोस्तों पूरन दा भगवान शिव के भक्त थे और शिव की पूजा अर्चना बहुत अधिक करते थे । उन्होंने घर का त्याग कर दिया था और उसके बाद वे बाबा के पीछे ही घुमते रहते थे । एक बार की बात है।भगवान शिव का पूजा हो रहा था वहां पर बाबा आए और पूछा तूने हैड़ाखान के बाबा देखें है ‌‌‌तो उसके बाद पूरन दा ने कहा उन्होंने नहीं देखा है। उसके बाद बाबा जी ने अपना कंबल हटाया और फिर पूरन दा ने उनके हर्ट मे भगवान शिव के साक्षात दर्शन किये इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं। इस तरह से हम कह सकते हैं कि बाबा काफी अधिक चमत्कारी थे । इसके बारे मे आपको पता ‌‌‌ इन घटनाओं से चल ही गया होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए ।

‌‌‌बाबा के स्पर्श से बत्ती जल उठी

दोस्तों यह बात काफी पुरानी है। इस कथा के अनुसार एक बार एक बार माई बाबा के आश्रम के अंदर पूजा करने के लिए आई थी। उसके बाद बाबा आश्रम के अंदर नहीं मिले वे बाहर बैठे थे । तो माई उनके पास ही पूजा करने के लिए आने लगी । तो बाबा ने हाथ हिलाकर उनको वापस जाने के लिए

‌‌‌कह दिया लेकिन उसके बाद भी वे बाबा के पास आ गई और उसके बाद माचिस लाना भूल गई ।इस परेशानी को देखकर बाबा ने रूई की बनी बत्ती को अपने हाथ मे लिया और उसके बाद उसको जला दिया । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । यह बाबा का काफी बड़ा चमत्कार था । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । ‌‌‌और आप इस बात को समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा ।

‌‌‌जब बाबा ने की अकाल मौत से रक्षा

दोस्तों अकाल मौत कोई भी मरना नहीं  चाहता है लेकिन उसके बाद भी अकाल मौत आ ही जाती है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और आप इस बात को समझ सकते हैं। तो एक बार की बात है श्री आऱ . के. जोशी ( रब्बु ) की पत्नी रेखा का वर्ष 1975 में मेरठ मे एक मेजर आपरेशन हुआ था।

‌‌‌और वह मर चुकी थी। उसके बाद उसने देखा कि उसे कोई लेकर जा रहा है। उसके बाद उसने आवाज सुनी जिसके अंदर यह कहा गया था कि इसे क्यों लेकर आये हो । उसके बाद उसके प्राण  फिर से आ गए । यह एक अच्छा तरीका था । और बाबा ने उस महिला को अकाल मौत से बचा लिया था।

‌‌‌इस तरह से यह बाबा का काफी बड़ा चमत्कार था।

कुमाऊ रेजिमेंट के मेजर सुनंदा  बाबाजी के विशेष भगत हुआ करते थे । वे एक बार कैंची धाम गए और वहां पर बाबा की पूजा अर्चना की और उसके बाद बिना प्रसाद को लिए हुए ही । वापस आ गए । और उसके बाद क्या हुआ की रस्ते मे उनको नीम करोली बाबा बैठे दिखाई दिए । उन्होंने अपनी कार को रोका और पूछा कि आप पहले तो ‌‌‌ आश्रम के अंदर थे । अचानक यहां पर कैसे आ गए । तो बाबा ने अपने कमल से आम निकाले और उनको दिया और बोला की आप आश्रम के अंदर गए थे । लेकिन बिना प्रसाद लिए ही वापस आ गए । जिसकी वजह से उनको यहां पर आना पड़ा ।

‌‌‌जब बाबा ने रोक दी थी बारिश

दोस्तों कहा जाता है कि एक बार हनुमानगढ़ी के मन्दिर का निर्माण कार्य चल रहा था तो उसके बाद काफी भयंकर वर्षा होने लगी और उसके बाद क्या हुआ कि काम करने मे काफी अधिक परेशानी होने लगी । तो फिर बाबा बाहर आए और पता नहीं क्या कुछ बोला कि बारिश एक दम से रूक गई और उसके ‌‌‌बाद आसमा साफ हो गया । इस तरह से बाबा का यह एक और चमत्कार था । आप इस बात को समझ सकते हैं। और इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । यही आपके लिए सही होगा । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और यही आपके लिए सही था।

‌‌‌जब बाबा ने बचाया मौत से

श्री सूरज नारायण मेहरोत्रा, डाइरेक्टर जेल इन्डस्ट्रीज उत्तर प्रदेश की पत्नी एक बार दिल की बीमारी ‘एन्जिना पैक्टोरिस’ से पिड़ित थी। और उसके बाद भगतों ने बाबा से आकार कहा कि यदि उनको कुछ हो जाता है तो फिर हमारे लिए कौन खाना बनाएगा । उसके बाद बाबा वहां पर गए और अपने पैर के अंगूठे को उनके माथे पर ‌‌‌ रख दिया और उसके बाद क्या था । उस महिला ने कुछ समय बाद ही आंख खोल ली और फिर बाबा ने उनको प्रसाद खाने के लिए कहा । बाबा कुछ दिन उस महिला के घर पर रहे और वह ठीक हो जाने के बाद बाबा वहां से चले गए । इस तरह से बाबा ने बहुत ही अधिक चमत्कार का काम किया । ‌‌‌आप इस बात को समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा ।

‌‌‌गले के कैंसर को ठीक किया बाबा ने

दोस्तों यह बात है सन 2020 की । अभी बाबा भौतिक शरीर के अंदर नहीं है। एक बार कैंची धाम के अंदर एक लड़की का फोन आया और उसने कहा कि उनके पिता गले के कैंसर से झूझ रहे हैं। और डॉक्टर कह रहे हैं कि ऑपरेशन काफी जटिल है। और उसके बाद दो दिन बाद लड़की ने बताया कि ‌‌‌अब डॉक्टरों ने कह दिया है कि ऑपरेशन करने की कोई भी जरूरत नहीं है। सब कुछ ठीक ऐसे ही हो जाएगा । आप इस बात को समझ सकते हैं। और इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बा को समझ सकते हैं।

‌‌‌इस तरह से नीम करोली बाबा के इतने अधिक चमत्कार हैं कि उनके बारे मे गिनाया ही नहीं जा सकता है। इनके चमत्कारों पर एक बुक भी लिखी जा चुकी है।

‌‌‌बाबा के शरीर पर अनेक सर्प का लौटना

दोस्तों एक बार की बात है बाबा गुफा के अंदर तपस्या करने जा रहे थे तो उनके अनेक भगत गण थे । बाबा ने अपने भगतों से यह कहा कि जब वे तपस्या कर रहे हैं तो कोई भी गुफा के अंदर ना आए । तो एक भगत ने इस बात को अनसुना कर दिया । और वह गुफा ‌‌‌के अंदर चला गया तो उसने देखा कि बाबा के शरीर पर अनेक तरह के सांप लौट रहे हैं। जिसकी वजह से वह काफी अधिक घबरा गया और मूच्रि्छत हो गया । इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए उसके बाद बाबा ने उस भगत के सर पर हाथ फेरा और फिर सही हो गया ।

नीम करोली बाबा मार्क जुकरबर्ग Neem Karoli Baba Mark Zuckerberg

मार्क जुकरबर्ग  के बारे मे कौन नहीं जानता है। मार्क जुकरबर्ग जब नरेंद्र मोदी से मिले थे तो उन्होंने मोदी को इसके बारे मे बताया था।मार्क जुकरबर्ग की कंपनी जब काफी परेशानी से गुजर रही थी तो तब वे अपने गुरु एवं एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स से अपनी परेशानी बताई। ‌‌‌उन्होंने मार्क को भारत के एक मंदिर के अंदर जाने के बारे मे कहा । और कहां कि वहां पर जाने पर तुम्हारी समस्या हल हो सकती है।

फिर भी मार्क कैंची धाम के अंदर गए और वहां पर उनका एक दिन का रूकने का प्लान था लेकिन उसके बाद  भी वे वहां पर 4 दिन तक रूके । और जब यह खबर मिडिया के अंदर फैली तो उसके बाद पता चला कि मार्क सच मे आश्रम के अंदर आए थे । और उसके बाद मार्क की कंपनी काफी अच्छे से चलने लगी । कहा जाता है कि उसके बाद ‌‌‌मार्क को पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा ।

फेसबुक के संस्थापक, सीईओ और अध्यक्ष जुकरबर्ग ग्रह पर सबसे धनी लोगों में से एक हैं। मार्च 2018 में, जुकरबर्ग की अनुमानित संपत्ति 72.6 बिलियन डॉलर थी। यह उन्हें दुनिया का छठा सबसे अमीर व्यक्ति और संयुक्त राज्य अमेरिका का चौथा सबसे अमीर व्यक्ति बनाता है।

जुकरबर्ग का जन्म 14 फरवरी 1984 को डॉब्स फेरी, न्यूयॉर्क में हुआ था। वह सैंडी और एडवर्ड जुकरबर्ग के बेटे हैं। उन्होंने फेसबुक में काम करना तब शुरू किया जब वह महज 19 साल के थे। सबसे पहले, उनके पास फेसबुक की वेबसाइट के लिए सॉफ्टवेयर पर काम करने के लिए केवल अंशकालिक नौकरी थी। हालाँकि, वहाँ काम करने के दो साल बाद, जुकरबर्ग ने एक ऐसी वेबसाइट बनाने का फैसला किया, जहाँ लोग एक-दूसरे से जुड़ सकें। इस वेबसाइट को फेसबुक के नाम से जाना जाने लगा।

नीम करोली बाबा स्टीव जॉब्स

स्टीव जॉब्स के बारे मे तो आप जानते ही हैं। कहा जाता है कि एप्पल कंपनी की स्थापना करने से पहले स्टीव जॉब्स बाबा के आश्रम के अंदर आए थे । और उस समय बाबा ध्यान मे या फिर साधना मे होने की वजह से उनको बाबा के दर्शन नहीं हो सके । वे लगभग महिने भर वहां पर रहे थे । और उसके ‌‌‌वे अपने देश गए और एप्पल कंपनी की स्थापना की थी। कंपनी काफी सक्सेस होने लगी । और उसके बाद स्टीव जॉब्स फिर से यहां पर आने के बारे मे विचार किया लेकिन वे इसके अंदर सफल नहीं हो सके । क्योंकि उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी । ‌‌‌इस बात को आप अच्छी तरह से समझ सकते हैं। और यही आपके लिए सही होगा ।

जूलिया रॉबर्ट्स नीम करोली बाबा

हॉलीवुड की बड़ी मशहूर अभिनेत्री जूलिया रोबर्ट  भी बाबा को काफी अधिक मानती है। और अभिनेत्री ने बताया कि एक बार उन्होंने बाबा की तस्वीर को देखा था । उसके बाद से ही वे बाबा की भगत बन चुकी है। हालांकि वे आ़श्रम के अंदर कई बार आ चुकी है लेकिन कभी भी बाबा से नहीं मिली है। ‌‌‌इस तरह से देश विदेश के कई लोग ऐसे हैं जोकि बाबा के भगत बन चुके हैं। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । और यह लोग बाबा के आश्रम के अंदर समय समय पर दर्शन करने के लिए आते हैं इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए और आप इस बात को समझ सकते हैं।

‌‌‌नीम करोली बाबा की मौत कैसे हुए

जैसा कि आपको पता ही होगा कि सत्पुरूषों को अपनी मौत का आभाष हो जाता है। ऐसा ही बाबा के साथ ही हुआ था । उनको पता चल गया था कि अब वे सिर्फ कुछ ही दिनों के मेहमान हैं तो उसके बाद 9 सितम्बर 1973 को बाबा ने वृन्दावन आश्रम के अंदर पूरी तरह से चक्कर लगाया और उसके बाद ‌‌‌माता दुर्गा के दर्शन किये और हनुमानजी की पूजा की । उसके बाद उन्होंने जो कंबल ओढ़ रखा था । उसको वहीं पर फेंक दिया और फिर भक्तों ने वो कम्बल वापस उन्हें ओढ़ाया, हमेशा बाबा कैंची धाम से वृन्दावन टैक्सी से जाते थे और उसके बाद उन्होंने ट्रेन से जाने को चुना ।

‌‌‌उसके बाद जब बाबा मधुरा पहुंचे तो उनकी तबियत काफी ठीक नहीं लग रही थी तो उन्होंने पानी पीने की इच्छा को जाहिर किया और उसके बाद भगतों ने उनको पानी पिलाया फिर वहीं पर बाबा बेहोश हो गए ।राम कृष्ण लोहिया अस्पताल में बाबा नीम करोली को भर्ती कराया गया । और वहां पर उनको ऑक्सीजन दी गई।

‌‌‌लेकिन उसके बाद भी बाबा ने ऑक्सीजन को लेने से मना कर दिया और फिर उनका ब्लड टेस्ट हुआ लेकिन मरने से पहले बाबा ने तीन बार  हे जगदीश हे जगदीश हे जगदीश का जाप किया और उसके बाद उनका भौतिक शरीर ठंडा हो चुका था।11 सितम्बर 1973, पुरे भारत और विश्व में खबर फ़ैल गयी।नीम करोली बाबा के बारे मे आप जान ही चुके हैं। तो नीम करोली बाबा आमतौर पर एक महान संत हुआ करते थे । नीम करोली बाबा के मंत्र को यदि आप जाप करते हैं , तो इससे काफी अधिक फायदा होगा । बहुत से लोग बाबा नीम करोली के मंत्र का जाप करते हैं। यदि आप भी जाप करते हैं। तो आपको इसके अनुभव के बारे मे हमें एक बार बताना चाहिए । ताकि दूसरे लोग भी मदद ले सकें।

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This post was last modified on October 4, 2023

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