अपने दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे ? सबसे बेस्ट तरीकों से ट्राई करें

दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे – दोस्तों एक लेख के अंदर हमने यह बताया था कि कुछ वैज्ञानिक यह मानते हैं कि इंसान अपना पूरा दिमाग इस्तेमाल करता है। जबकि कुछ वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि इंसान अपना पूरा दिमाग इस्तेमाल करेगा तो वह भी भगवान बन जाएगा । और सच्चाई क्या है? यह आप खुद भी तय कर सकते हैं।‌‌‌क्या आपको पता है कि हर इंसान के दिमाग के अंदर अनेक क्षमताएं होती हैं। कुछ लोग अपनी क्षमताओं को जाग्रत कर लेते हैं तो कुछ लोग उन्हें जगा नहीं पाते हैं। मानलिजिए आप गणित के अंदर कमजोर हैं और कोई दूसरा व्यक्ति गणित के अंदर होशियार है तो इसका यह मतलब नहीं है कि वह जन्म से पहले ही गणित को ‌‌‌सीखलिया था। वरन इसका मतलब यह है कि उसने आपसे ज्यादा मेहनत की है। और उसे चीजों के बारे मे ज्यादा पता है। इस वजह से वह आप से ज्यादा होशियार है।

दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे

 उसने अपने दिमाग की ताकत को जाग्रत किया है।आज से कुछ साल पहले मुझे भी यही लगता था कि इंसान पैदाईशी जिनियस होता है। लेकिन अब मैं इस चीज को पूरी ‌‌‌तरीके से सच नहीं मानता हूं । हमारा तो अब यह मानना है कि इंसान जन्म लेने के बाद ही सीखता है और उसके बाद ही वह जिनियस बनता है। दोस्तों मैं आपको एक छोटी सी कहानी बतादेता हूं । जिससे आपको यह समझने मे मदद मिलेगी कि इंसान किस तरीके से अपने दिमागी ताकतो को जाग्रत नहीं कर पाता है और उसे यह लगने ‌‌‌लग जाता है कि वह जन्म से ही कमजोर है। दोस्तों जब मैं कक्षा 8 के अंदर पढ़ता था तो मैं अंग्रेजी के अंदर बहुत ही वीक था और अंग्रेजी मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। क्योंकि अंग्रेजी से मेरा पाला नहीं पड़ा था। उसके बाद मैं एक साल फैल हो गया तो मेरे घर वालों ने मुझे किसी दूसरी स्कूल के अंदर डाल ‌‌‌दिया ।

‌‌‌और उसके बाद मेरे बेस को सुधारा गया और आज मेरी अंग्रेजी बहुत अच्छी है। दोस्तों जो स्टूडेंट कभी मुझ से होशियार थे वे आज  मेरे सामने काफी कमजोर महसूस करते हैं। इसका मतलब यह है कि दिमाग सब मे होता है बस उसका इस्तेमाल करना आना चहिए

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मस्तिष्क के 10 प्रतिशत यूज करने का मतलब

दोस्तों हमने आपको यह बताया है कि इंसान अपने दिमाग के हर हिस्से का यूज करता है। यदि इंसान के दिमाग का कोई भी भाग क्षतिग्रस्त हो जाता है तो किसी ना किसी कार्य के अंदर समस्या आने लगती है। एक लेख के अंदर हमने आपको बताया भी है। आपको उसका लिंक नीचे ‌‌‌मिल जाएगा आप उसे पढ़ सकते हैं। दोस्तों हमारा मतलब दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे ? लेख के अंदर यह नहीं है कि आप अपने दिमाग के सभी हिस्सों का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। और वैज्ञानिक सिर्फ यही सिद्व कर पाएं हैं कि इंसान अपने दिमाग के सभी हिस्सों का 100 प्रतिशत उपयोग करता हैं। यहां हम दिमाग ‌‌‌के हिस्सों का नहीं वरन उन क्षमताओं की बात कर रहे हैं उन स्किल की बात कर रहे हैं जिसको आपका दिमाग सीख सकता है। क्या आपका दिमाग बहुत कुछ नहीं सीख सकता है? और क्या आपको कितनी चीजें आती हैं? यदि आपको आने वाली चीजों की तुलना और आपके दिमाग के पास सीखने की क्षमताओं की तुलना करेंगे तो यह बहुत ‌‌‌कम होगा ।

1890 के दशक में हार्वर्ड मनोवैज्ञानिकों विलियम जेम्स और बोरिस सिडिस  ने सबसे पहले बताया कि एक आम इंसान अपने दिमाग की क्षमताओं का केवल 10 प्रतिशत उपयोग करता है और यही सच है। अमेरिकी लेखक लोवेल थॉमस ने भी इसी बात को कहा था। उसके बाद 1970 के दशक में बल्गेरियाई में जन्मे मनोवैज्ञानिक और शिक्षक, जॉर्जी लोज़ानोव ‌‌‌ने यह कहा कि इंसान अपने दिमाग की क्षमता का केवल 5 प्रतिशत उपयोग करता है।

न्यूरोसाइंटिस्ट बैरी बेयरस्टीन ने दस प्रतिशत मिथक का खंडन करते हुए सात प्रकार के साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। लेकिन आपको यहां पर समझ जाना चाहिए कि इंसान के दिमाग की सीखने की क्षमता को दिमाग के पार्ट की कार्यप्रणाली समझ लेना गलत होगा । आप खुद सोच सकते हैं कि दिमाग की सीखने की क्षमता कितनी है ? ‌‌‌और आप खुद कितना सीख पाते हैं? ‌‌‌इस वैज्ञानिक ने सिर्फ यह सिद्व करने का प्रयास किया कि कोई भी कार्य हो दिमाग का हर हिस्सा उसके अंदर काम करता है। लेकिन यह सिद्व नहीं कर पाया कि हमारा दिमाग कितनी चीजे सीख सकता है ? और हम अब कितनी चीजे सीख चुके हैं?

brain power

‌‌‌इस एक्सप्लेंसन को हमारा बताने का मतलब यह है कि आप दिमाग की क्षमता और दिमाग के पार्ट के उपयोग के अंदर कन्फयूज ना हो। और आपको पता चल सके कि दिमाग की क्षमता एक मनोवैज्ञानिक वर्ड है और दिमाग के पार्ट का उपयोग एक बायलॉजीकल  वर्ड है। दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे ? के बारे मे जानने से पहले हम आपको इन सब चीजों को एक बार विस्तार से बता देते हैं। जैसे कि आप कम्प्यूटर का यूज करते हैं। और उसके अंदर प्रोसेसर होता है और रेम भी होती है। ‌‌‌अब यदि आपसे यह कहा जाए कि आपको हर प्रकार के डेटा को अपने कम्पयूटर के अंदर स्टोर करना है। और उनको प्रोसेस करना है । यदि उन डेटा के कलेक्शन की बात करें तो वह बहुत अधिक हो जाएगा । लेकिन हर डेटा के प्रोसेस मे CPU के अंदर के पार्ट काम करेंगे । और आपका डेटा प्रोसेस होता चला जाएगा,

‌‌‌आपका दिमाग एक CPU  है। और उसके अंदर जो डेटा आप स्टोर कर रहे हैं। मतलब आप सीख रहे हैं वो आपके दिमाग की क्षमताएं हैं। आप कितना भी डेटा स्टोर कर सकते हैं। मतलब सीख सकते हैं , इस सीखने की क्षमता को ही यह कहा जाता है कि इंसान अपने दिमाग का केवल 10 प्रतिशत यूज करता है। ‌‌‌इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इंसान अपने दिमाग के पार्ट का 10 प्रतिशत यूज करता है। यह एक बड़ा कन्फयूजन है। जबकि आप खुद भी जानते हैं कि आपका CPU डेटा को प्रोसेस करने मे 100 प्रतिशत यूज होता है। मतलब उसके पार्ट का यूज होता है। ‌‌‌आइए अब जानते है कि आप दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे ?

दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे ? क्या ऐसा हो सकता है?

‌‌‌दोस्तों हम आपको यह बता देना चाहते हैं कि इंसान अपने दिमाग का 100 उपयोग नहीं कर सकता है। दोस्तों इसके पीछे की वजह भी है। हां यदि आप प्रयास करते हैं तो आप अपने दिमाग की क्षमताओं का अधिक से अधिक उपयोग कर सकते हैं। लेकिन उसके बाद भी आप अपने दिमाग का 100 उपयोग नहीं कर सकते हैं। मतलब आप अपने ‌‌‌दिमाग का 100 प्रतिशत उपयोग नहीं कर सकते हैं।

‌‌‌तो दोस्तों ऐसा इसलिए कि क्योंकि इंसान के पास सीखने के लिए अनेक चीजें हैं जिनकी कोई सीमा नहीं है। जबकि हम बहुत सीमाओं से बंधे हुए हैं। इसी वजह से हम चाहकर भी अपने दिमाग का 100 उपयोग नहीं कर सकते हैं।

‌‌‌सीधे से उदाहरण से हम समझे तो इसका मतलब यह है कि एक झुला है और कोई उस पर झूल रहा है । झूला कितनी दूर बाएं दाएं हो सकता है। यह दो चीजों पर निर्भर करता है कि एक तो झूलाने वाले पर और दूसरा उस रस्सी की लंबाई पर । और आप जो स्पेस देख रहे हैं । वह आपके पास झूलने की जगह है।

‌‌‌मतलब आपके दिमाग के साथ भी कुछ ऐसा ही है। आपके दिमाग के पास सीमित सीखने की क्षमताएं हैं ? क्या आप असीमित क्षमताओं को कभी सीख पाओग? नहीं आप असीमित क्षमताओं को नहीं सीख सकते हैं। और आप ज्ञात क्षमताओं को सीख भी लोगे तो अज्ञात क्षमताओं को कैसे सीख पाओगे ।

‌‌‌दोस्तों हम यह नहीं कहते हैं कि आपको अपने दिमाग की क्षमताओं को बढ़ाने का प्रयास नहीं करना चाहिए । वरन आपको अपने दिमाग की क्षमताओं का पूरा उपयोग करना चाहिए ।आपका दिमाग जो सीखउसे सीख लेना चाहिए ।

‌‌‌दिमाग की क्षमताएं दो प्रकार की होती है

दिमाग की नस फटने का इलाज

‌‌‌दिमाग का 100 उपयोग करने से पहले हम आपको बतादें कि दिमाग की क्षमताएं 3प्रकार की होती हैं। और आपको उनके बारे मे भी जान लेना चाहिए ।ताकि आप अपने दिमाग के उपयोग को सही तरीके से कर पाएंगे ।

‌‌‌जाग्रत क्षमताएं

दोस्तों जाग्रत क्षमताएं वह क्षमताएं होती हैं जिनको आप सीख चुके हैं। जैसे आपको फुटबाल खेलना आता है तो यह आपके दिमाग की एक जाग्रत क्षमता है। और इसी प्रकार से दूसरी चीजें जो आपको आती हैं। उनको जाग्रत क्षमताएं कहा जाता है। इसके अलावा जाग्रत क्षमताओं के अंदर भी यह होता है कि वे ‌‌‌कितनी जाग्रत हैं। जैसे यदि किसी इंसान को इंजन का काम पूरा आता है तो यह उसकी एक पूर्ण जाग्रत क्षमता होगी और यदि किसी को कम आता है तो यह एक अपूर्ण जाग्रत क्षमता होगी । ‌‌‌दुनिया के अंदर बहुत से इंसान अपनी पूर्ण जाग्रत क्षमता से बहुत सफल होते हैं। और दोस्तों वैसे किसी क्षमता की सीमा को आंकना बहुत ही मुश्किल होता है।

‌‌‌अजाग्रत क्षमताएं

अजाग्रत क्षमताएं वे क्षमताएं होती हैं। जिनको सीखने के तरीके तो मौजूद होते हैं। लेकिन उसके बाद भी उन्हें हम सीख नहीं पाते हैं। एक इंसान के पास अजाग्रत क्षमताएं बहुत अधिक होती हैं। जैसे कि यदि आपको कम्प्यूटर बनाना नहीं आता है तो यह आपके दिमाग की एक अजाग्रत क्षमता के अंदर ‌‌‌आता है।

‌‌‌अज्ञात क्षमताएं

दोस्तों अज्ञात क्षमताएं वे होती हैं। जिनके बारे मे किसी को भी पता नहीं होते हैं। जैसे कि कोई नया आविष्कार आपके दिमाग की एक अज्ञात क्षमता है। दोस्तों दुनिया के अंदर बहुत सी चीजें अज्ञात हैं। और उनके बारे मे कोई यह नहीं बता सकता है कि कितनी चीजों का भविष्य के अंदर ‌‌‌आविष्कार होगा? और कितनी का नहीं होगा?

दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे ‌‌‌कुछ टिप्स

‌‌‌दोस्तों वैसे तो हम अपने दिमाग का 100 प्रतिशत उपयोग नहीं कर सकते हैं। लेकिन हम आपको यह हिदायत देना चाहेंगे कि आप किसी एक क्षमता के अंदर अपने दिमाग का 100 उपयोग करेंगे तो आप जिंदगी के अंदर काफी ज्यादा सफल हो सकते हैं। इंसान को अपने दिमाग का यूज हर क्षेत्र के अंदर 100 प्रतिशत करने का समय ‌‌‌नहीं होता है। और वैसे भी इंसान का मकसद ही उसको सफल होना होता है। जो किसी एक क्षेत्र के अंदर 100 प्रतिशत दिमाग का यूज करक आसानी से हुआ जा सकता है। ‌‌‌फिर भी यदि आपके पास समय है तो हम आपको कुछ टिप्स बताते हैं। जिसकी मदद से आप अपने दिमाग के उपयोग को बढ़ा सकते हैं।

‌‌‌हर कार्य के अंदर रूचि पैदा करें

दोस्तों आप खुद भी यह जानते हैं कि जब तक किसी कार्य के अंदर आपकी रूचि पैदा नहीं होगा आप उस कार्य को ना तो ढंग से कर सकते हैं और ना ही उसे अच्छे से सीख सकते हैं। दिमाग का 100 उपयोग करने के लिए आपको हर कार्य के अंदर रूचि पैदा करनी होगी । यदि आप यह कर पाते हैं। ‌‌‌तो आपके लिए दिमाग की क्षमताओं को बढ़ाना बहुत आसान हो जाएगा । लेकिन यदि आप ऐसा नहीं कर पाएंगे तो आपके लिए यह काफी मुश्किल हो जाएगा । ‌‌‌इसलिए आप भले ही कोई छोटा काम करें या बड़ा आपको उसके अंदर रूचि अवश्य ही लेनी चाहिए । हम जानते हैं कि यह मुश्किल है किंतु यह असंभव नहीं है। आप इसे कर सकते हैं।

‌‌‌क्या आपने कभी नोटिस नहीं किया कि जब आप कोई बोरिंग काम कर रहे होते हैं तो आपको एक एक मिनट एक घंटा के बराबर लगती है। लेकिन यदि आप किसी भी मजेदार काम को कर रहे होते हैं तो एक घंटा ऐसे लगती है। जैसे एक मिनट हो । यह सब रूचि का ही कमाल होता है। ‌‌‌आपकी रूचि जिस काम के अंदर जितनी अधिक होगी आप उस काम के अंदर और अधिक टि ‌‌क पाएंगे ।

दोस्तों रूचि आपके कार्य के अंदर या सीखने मे आपके दिमाग को और अधिक एक्टीवेट करती है। और इससे आपके सीखने की दर बढ़ती है। और सीखने की दर बढ़ने से इंसान जल्दी सीखता जाता है। जिससे दिमाग की क्षमताओं मे भी तेजी से बढ़ोतरी होती है

‌‌‌निरंतर सीखते चले जाएं

दोस्तों दिमाग का 100 उपयोग  करने के लिए आवश्यक है कि आपको चीजों को निरंतर सीखते चले जाना चाहिए । अक्सर बहुत से लोगों को यह लगता है कि इंसान स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद सब कुछ सीख जाता है। लेकिन यह सच नहीं है और सीखने की कोई उम्र नहीं होती है। यदि आप चीजों को ‌‌‌सीखते चले जाएंगे तो आप दिमाग की कई क्षमताओं का प्रयोग कर पाएंगे ।लेकिन यदि आप चीजों को सीखना बंद करदेंगे तो आप जो सीख चुके हैं। बस उन्हीं चीजों का उपयोग कर पाएंगे ।

क्या आपने देखा है कि कुछ लोग बुढे हो जाने के बाद भी 10 वीं की परीक्षा के अंदर बैठते हैं। उनका यही मानना होता है कि सीखने की ‌‌‌कोई उम्र नहीं होती है। दोस्तों यदि आप चीजों को सीखते रहोगे तो आप अपने दिमाग की ज्यादा से ज्यादा क्षमताओं को जग्रत कर पाओगे । लेकिन ऐसे बहुत से कम लोग हैं जो पूरी उम्र सीखते ही रहते हैं। ‌‌‌और जो पूरी उम्र सीखते रहते हैं। वे जिंदगी के अंदर काफी सफल भी होते हैं। सीखने से आप अपने दिमाग की और शक्तियों को आसानी से जाग्रत कर पाओगे ।

दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे ‌‌‌वर्क समय को बढ़ाकर

‌‌‌आप अपने दिमाग की क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं। अपने वर्क समय को बढ़ाकर दोस्तों वर्क समय का मतलब होता है। वह समय जोकि आप सीखने के लिए देते हैं। मानलिजिए आप रोज 8 घंटे कोई काम सीखते हैं । लेकिन यदि आप काम सीखने के समय को बढ़ाकर 12 घंटे कर देते हैं। तो उसके बाद ‌‌‌आप अपने दिमाग का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।क्या आपको पता है कि दुनिया के अंदर जितने भी बिजनेस मैन हैं वो बहुत कम सोते हैं और ज्यादा से ज्यादा काम करते हैं। और ज्यादा काम करने से उनके दिमाग की क्षमताओं का अधिक उपयोग होता है।

‌‌‌लेकिन यदि आप ज्यादा से ज्यादा शारीरिक काम करके अपने दिमाग की क्षमताओं को बढ़ाने की सोच रहे हैं तो यह असंभव है। ‌‌‌ज्यादा से ज्यादा अपने दिमाग का इस्तेमाल करें और दिमाग का इस्तेमाल करके ही आप क्षमताओं को बढ़ा सकते हैं।

‌‌‌एक स्कूल के अंदर आप देखते होंगे की कुछ स्टूडेंट होशियार होते हैं। और कुछ बहुत अधिक पढ़ने के बाद भी कमजोर होते हैं। क्या आपने ऐसा सोचा है कि यह सब क्यों होता है ? तो दोस्तों कुछ स्टूडेंट को अधिक होशियार होते हैं वो लंबे समय तक पढ़ते हैं। और आज बहुत सा समय अपने काम को सीखने मे खर्च कर चुके ‌‌‌ हैं। इस वजह से वो होशियार हैं। ‌‌‌जबकि जो स्टूडेंट कमजोर हैं वो काफी कम समय अपनी पढ़ाई के अंदर खर्च किया है। और होशियार स्टूडेंट ने अपने दिमाग की अतिरिक्त क्षमताओं को जाग्रत कर लिया है ।

‌‌‌सोच विचार करना सीखें

thoughts

दोस्तों बहुत से लोग आज भी ऐसे हैं। जो किसी काम पर सोच विचार नहीं कर सकते हैं तर्क वितर्क नहीं कर सकते हैं। क्योंकि उनके पास यह क्षमता ही नहीं है।यदि आप तेजी से अपने दिमाग का उपयोग बढ़ाना चाहते हैं तो आपको सोच विचार करने की आदत डाल लेनी चाहिए।

‌‌‌साच विचार करने की क्षमता यदि आपके अंदर है तो फिर आ नए नए कार्यों को और भी बेहतर ढंग से सीख सकते हैं। और ऐसा करने से आपके दिमाग के अंदर और अधिक नया ज्ञान पैदा होगा । आपको तो पता ही है कि नया ज्ञान का पैदा होना तब होता है। जब आप किसी नई क्षमताओं का विकास करते हैं।

‌हर कार्य के अंदर बेस्ट से बेस्ट करने की कोशिश करें

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दोस्तों अक्सर यह देखा गया है कि जब लोग किसी एग्जाम की तैयारी करते हैं तो उनके मन मे पहले से ही नगेटिव विचार रहते हैं कि यार पता नहीं इसके अंदर पास होंगे या नहीं ? और जो लोग कम्पीटिशन का एग्जाम देते हैं। उनको तो और भी डाउट रहता है । ‌‌‌और जब आप यह डाउट रखने लग जाते हैं तो आप किसी भी काम के अंदर बेस्ट नहीं कर पाते हैं। और यदि आप बेस्ट नहीं कर पाएंगे तो फिर आप अपने काम के अंदर बेहतर ढंग से ध्यान नहीं देपाएंगे । बेस्ट करने की सोच रखने का मतलब यह होता है कि आप अपने काम को लेकर सचेत रहेंगे ।

‌‌‌और जब हम बेस्ट करने की कोशिश करते हैं तो चीजों को हमेशा अच्छे से समझने का प्रयास करते हैं। जैसे कि यदि कोई स्टूडेंट गणित के अंदर अच्छे नंबर लाना चाहता है तो फिर वह गणित को अच्छे तरीके से समझेगा और उसके बाद ही कार्य करेगा । ‌‌‌और जब आप किसी भी चीज को अच्छे तरीके से समझते हैं तो इसके लिए आपको अपने दिमाग को ज्यादा खर्च करना पड़ता है। अधिक दिमाग के खर्च से ही तो आपके दिमाग की क्षमताओं का डबल विकास होता है। ‌‌‌इसमे एक तो आप चीजों को सीखते हैं। इसके अलावा किस तरीके से करना चाहिए इस बारे मे आपका दिमाग खुद सीखता है।

‌‌‌अपने दिमाग को ज्यादा से ज्यादा busy रखें

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दोस्तों दिमाग को आप जितना ज्यादा स्तेमाल करेंगे, वह उतना ही बेहतर ढंग से काम करेगा । जिस तरीके से कोई मशीनरी लंबे समय तक कोई उपयोग नहीं करता है तो खराब होने लगती है । और उसके कल पुर्जों के अंदर जंग लग जाता है। यही हाल आपके दिमाग का भी है। ‌‌‌आप अपने दिमाग का जितना अधिक उपयोग करेगे आपका दिमाग उतना ही अच्छा होगा । इस वजह से अपने दिमाग को खाली ना रहने दें । यदि आप कोई पहले सुलझा रहे हैं तो उसके अंदर भी आपका दिमाग और अधिक सक्रिय होता है। गेम खेलने से भी दिमाग तेज होता है। ‌‌‌अपने दिमाग को बिजी रखने का मतलब यह है कि आप अपने दिमाग के हिस्सों का ज्यादा से ज्यादा यूज ले सकें । ‌‌‌इसके अलावा दिमाग को बिजी रखने का एक फायदा यह भी है कि उसके अंदर फालतू के विचार नहीं आते हैं। और यदि उसके अंदर फालतू के विचार आएंगे तो उल्टा दिमाग एक्टीवेट होने की बजाए काम सही से नहीं कर पाएगा।

‌‌‌यह सब कहने का मतलब है कि आप जब अपने दिमाग को बिजी रखेंगे तो कुछ ना कुछ अवश्य ही सीखेंगे ।

‌‌‌लिखने और पढ़ने की आदत डालें

स्टडी करते समय इन बातों का ध्यान अवश्य

दोस्तों भले ही आज आप लोगों ने स्कूल छोड़दी हो और अब आपको यह लगता हो कि पढ़ने लिखने से पीछा छूटा । लेकिन आप गलत सोच रहे हैं। यदि आप अपने दिमाग का 100 उपयोग कैसे करें ? के बारे मे जानना चाहते हैं तो आपको लिखने और पढ़ने की आदत बनाए रखनी चाहिए।

‌‌‌यदि आपके अंदर पढ़ने की आदत है तो आप नई नई किताबें लाकर पढ़ सकते हैं। और उन किताबों को पढ़ने से आपका कोई लोस नहीं होगा वरन आपका ही फायदा होगा । नॉलेज बढेगा और यह आपके कहीं ना कहीं काम तो अवश्य ही आएगा । ‌‌‌एक तरह से आप पढ़कर अपने दिमाग की क्षमताओं का विकास कर रहे हैं।

‌‌‌और जहां तक लिखने की बात है तो लिखने से भी आप चीजों को व्यक्त करना सीखते हैं। दूसरों के सामने अपनी बात को कैसे रखा जाए यह आप लिखने से ही तो सीखेंगे ।

‌‌‌ब्रेन गेम्स खेलें

दोस्तों ब्रेन गेम खेलने से आपके दिमाग के अंदर समस्याओं का समाधान करने की क्षमता का विकास होता है। आज कल इंटरनेट पर अनेक प्रकार के ब्रेन गेम उपलब्ध हैं। आप अपने मोबाइल के अंदर डानलोड कर खेल सकते हैं।‌‌‌जैसे यदि आप पजल गेम खेलते हैं तो आपको उसके अंदर अनेक प्रकार की समस्याओं का समाधान करने के लिए दिमाग लगाना पड़ेगा और जब दिमाग लगाना पड़ेगा तो आप अपने दिमाग की क्षमताओं का विकास कर पाएंगे ।

‌‌‌यदि आप एक टफ गेम को खेलने के लिए चुनेंगे तो उसके अंदर आपको और अधिक दिमाग लगाना पड़ेगा जिससे आपके दिमाग के कई  हिस्से सक्रिय होंगे ।

‌‌‌ध्यान लगाएं

‌‌‌ध्यान लगाएं

‌‌‌दोस्तों आपको पता है कि ध्यान लगाना कितना महत्वपूर्ण है। जब आप ध्यान लगाते हैं तो आप किसी एक चीज पर फोक्स करते हैं। ध्यान लगाने से इंसान की एकाग्रता के अंदर बढ़ोतरी होती है। और यदि कोई इंसान ज्यादा समय तक एकाग्र हो सकता है तो इसका मतलब यह है कि वह चीजों को बहुत जल्दी सीख सकता है।‌‌‌एकाग्रता अधिक  होने की वजह से आप आराम से अपने दिमाग की क्षमता को बढ़ा सकते हैं। इतना तो आप भी जानते हैं कि एकाग्रता हमे चीजों को और अच्छे से समझने मे मदद करती है।

‌‌‌अच्छे से समझने के लिए आप इसको खुद पर लेकर देखिए । कई बार जब आप पढ़ने बैठते हैं तो अचानक से आपके मन मे न जाने क्या क्या विचार आने लग जाते हैं। और आप यह अच्छी तरह से जानते हैं कि आपको यह विचार बहुत प्रभावित करते हैं। यह आपको पढ़ने भी नहीं देते हैं। इस तरह के विचारों का आना यह साबित करता ‌‌‌है कि आपके अंदर एकाग्रता की समस्या है।

‌‌‌आप अपनी एकाग्रता को बढ़ाने और अपने दिमाग का 100 उपयोग करने के लिए रोज सुबह उठकर ध्यान लगाने की कोशिश करें । पहले पहले यह काफी मुश्किल होगा लेकिन उसके बाद आप ध्यान के समय को रोज बढ़ा सकते हैं।‌‌‌जैसे पहले आपने 1 घंटे ध्यान लगाया दूसरे दिन आप समय को 2 घंटे कर सकते हैं। दोस्तों ऐसे बहुत से लोगों को मैंने देखा है जो एक घंटे कहीं पर बैठ भी नहीं सकते हैं। ध्यान लगाना तो बहुत दूर की बात होती है।‌‌‌इस तरह के लोग अपनी दिमाग की क्षमताओं को बहुत कम जाग्रत कर पाते हैं।

‌‌‌दिमाग का 100 उपयोग कैसे करें ? ‌‌‌अच्छे भोजन का प्रयोग कर

food

‌‌‌दोस्तों दिमाग का 100 उपयोग करने के लिए अच्छा भोजन भी बहुत आवश्यक है। जब आपके दिमाग के पास पर्याप्त उर्जा नहीं होती है तो वह बेहतर ढंग से काम नहीं कर पाता है। आपको तो पता ही है कि आपका दिमाग सबसे ज्यादा उर्जा खर्च करता है। और वह उर्जा उसे भोजन से ही मिलती है।‌‌‌आप मैमोरी पॉवर को बढ़ाने वाले फूड खा सकते हैं। यदि आपको नहीं पता कि मैमारी पॉवर बढ़ाने वाले फूड कौन कौनसे होते हैं तो आप इनको नेट पर सर्च कर सकते हैं। जब आप वहां पर सर्च करेंगे तो आपके सामने एक लंबी लिस्ट आ जाएगी ।‌‌‌आप उन फूडस के अंदर से कोई भी सेवन कर सकते हैं। जिससे आपका दिमाग और तेजी से चीजों को सीखेगा ।

‌‌‌हमेशा पॉजिटिवली सोचें

दोस्तों दिमाग का 100 उपयोग करने के लिए आपको चाहिए कि आप हमेशा एक पॉजिटिवली बनें । यदि आप पॉजिटिव नहीं सोचेंगे तो फिर आप अपने दिमाग की क्षमताओं का बेहतर उपयोग कभी नहीं कर पाएंगे । यदि आप खेलने से पहले ही हार मान गए , यदि आप चलने से पहले ही हार मानने लगे तो आप टूट ‌‌‌जाएंगे और आपके अंदर उसके बाद वो उर्जा नहीं रहेगी जोकि होनी चाहिए । अब आप इस कंडिशन को खुद पर लागू करके देखिए । दोस्तों ‌‌‌जब आप किसी काम से निराश होते हैं । और उसके बाद भी आपको वह काम करना पड़ता है तो आप कितना स्लो मोशन से वो काम करते हैं। कितना बुरा आपको लगता है।

‌‌‌ऐसी स्थिति के अंदर आप अपने दिमाग का 100 उपयोग कैसे कर पाएंगे । दिमाग का पूरा उपयोग करने के लिए आवश्यक है कि आपके अंदर सकारात्मकता हो।‌‌‌सच तो यह है कि नकारात्मकता आपके चीजों के सीखने की गति को कम कर देती है। जों कि रिसर्च के अंदर भी साबित हो चुका है। और सकारात्मकता आपके चीजों की सीखने की गति को बढ़ा देती है। यह सब हम यूं ही नहीं कह रहे हैं ।वरन सब रिसर्च से सिद्व हो चुका है।

‌‌‌अपने समय का सही उपयोग करना सीखें

दोस्तों बहुत से लोग अपने समय का सही उपयोग करना भी नहीं जानते हैं। उनको लगता है कि वे जो कर रहे हैं सही है और छोटे मोटे कामों की मदद से वे अपने दिमाग का उपयोग बढ़ा लेंगे । लेकिन दोस्तों किसी भी काम के अंदर सफल होने के लिए आपको समय का सही उपयोग करना आना चाहिए।‌‌‌इस दुनिया के अंदर दो प्रकार के लोग होते हैं। एक वे होते हैं जो अपने दिमाग का 100 उपयोग करना जानते हैं और काफी तेजी से काम करते हुए अपने समय का सही उपयोग करते हैं। और दूसरे वो होते हैं जो अपने समय का कोई ध्यान नहीं रखते हैं। दोस्तों दिमाग के उपयोग को बढ़ाने के लिए समय का बहुत अधिक महत्व ‌‌‌होता है। यदि आपका समय एक बार निकल गया है तो उसके बाद वह वापस नहीं आएगा । उसके बाद आप चाहे कुछ भी करलें ।

‌‌‌एक छोटा बच्चा अपने दिमाग की क्षमताओं का विकास जो उस वक्त कर सकता था । यदि वह बड़ा होने के बाद करेगा तो उसे बहुत समस्याएं होगी और वह दूसरों से पीछे रह जाएगा ।

दिमाग का 100 उपयोग कैसे करे लेख के अंदर हमने आपको अपने दिमाग का उपयोग बढ़ाने के अनेक तरीके बताएं हैं। आप उन तरीकों का उपयोग करेंगे तो आपको आवश्य ही अपने दिमाग के अंदर के परिर्वतन महसूस होंगे और आपको लगेगा कि आप बदल रहे हैं। ‌‌‌यह लेख आपको कैसा लगा नीचे कमेंट करके हमे बताएं ।

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arif khan

‌‌‌हैलो फ्रेंड मेरा नाम arif khan है और मुझे लिखना सबसे अधिक पसंद है। इस ब्लॉग पर मैं अपने विचार शैयर करता हूं । यदि आपको यह ब्लॉग अच्छा लगता है तो कमेंट करें और अपने फ्रेंड के साथ शैयर करें ।‌‌‌मैंने आज से लगभग 10 साल पहले लिखना शूरू किया था। अब रोजाना लिखता रहता हूं । ‌‌‌असल मे मैं अधिकतर जनरल विषयों पर लिखना पसंद करता हूं। और अधिकतर न्यूज और सामान्य विषयों के बारे मे लिखता हूं ।