टावर ऑफ लंदन हिस्ट्री history of tower of london in hindi

टावर ऑफ लंदन हिस्ट्री , यदि आप टावर ऑफ लंदन हिस्ट्री

के बारे मे जानना चाहते हैं तो यह लेख आपके लिए ही है।  टॉवर ऑफ लंदन का किला , एक ऐतिहासिक महल है जो मध्य लंदन में टेम्स नदी के उत्तरी तट पर है। यह टॉवर हैलेट्स के लंदन बरो के अंदर है, जिसे टॉवर हिल के रूप में भी जानते हैं। ‌‌‌यह इंग्लैंड के नोर्मन विजय के रूप मे सन 1066 ई के अंदर बनाया गया था। व्हाइट टॉवर ,को  1078 में विलियम द कॉन्करर द्वारा बनाया गया था। ‌‌‌मूल रूप से टॉवर ऑफ लंदन पहले लकड़ी का बनाया गया था। उसके बाद उसे पत्थर का बनाया गया था। इसके लिए टॉवर ऑफ लंदन दो सुधार अभियानों से गुजरता है। विलियम द कॉन्करर ने अपनी पिता की मौत का लाभ उठाते हुए ।

‌‌‌उसने 14 अक्टूबर 1066 की लड़ाई को जीत लिया था। जो उसके लिए इंग्लैड के दरवाजे खोल देती है। उसने लंदन के सभी शहरों पर विजय प्राप्त करने से पहले लंदन के प्रमुख स्थानो पर विजय प्राप्त की थी। ‌‌‌उसके बाद उसने इंलैंड के अंदर बड़ी मात्रा के अंदर महलों का निर्माण करवाया था। इस महल के बारे मे इतिहासकारों का यह कहना है कि यह पहले एक कालकोठरी थी।यह उस समय पूरी तरीके से लकड़ी से बनी हुई थी। और इसके चारो ओर एक खाई बनाई गई थी।

विलियम द कॉन्करर की मौत सन 1087 के अंदर हुई थी। उसके बाद ताज उसके बडे बेटे को दिया गया था।उसने इसके अनेक भागों का पुननिर्माण करवाया था। और इसके अंदर पत्थर लगवाए थे ।विलियम द कॉन्करर  का बेटा विलियम2  था।

1100 के अंदर इसका प्रयोग एक जेल के रूप मे भी किया गया था। हालांकि यह टॉवर ऑफ लंदन प्रारम्भ मे काफी भव्य इतिहास के साथ था। ‌‌‌इसके अंदर राजाओं का निवास हुआ करता था। इन राजाओं मे  किंग्स रिचर्ड I  हेनरी III और 12 वीं और 13 वीं शताब्दी में एडवर्ड  ने यहां पर निवास किया था। ‌‌‌टॉवर ऑफ लंदन की उंचाई 27 मीटर (89 फीट) है। और इसकी मालिक महारानी एलिजाबेथ द्वितीय थी।

‌‌‌टॉवर ऑफ लंदन ने अंग्रेजी शासन काल के अंदर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।इसके अंदर  शस्त्रागार , एक राजकोष बने हुए हैं। और इसे सार्वजनिक रिकॉर्ड कार्यालय और इंग्लैंड के क्राउन ज्वेल्स के घर के रूप मे भी प्रयोग किया गया था। 14 वीं शताब्दी की शुरुआत से चार्ल्स द्वितीय के शासनकाल मे इस टॉवर का प्रयोग राजशासी महल के रूप मे किया गया । और मध्यकाल के अंदर भी इस टॉवर को एक ताकत के रूप मे देख गया था।15 वीं शताब्दी के अंत मे टॉवर ऑफ लंदन को एक जेल के रूप मे प्रयोग किया गया । ‌‌‌उसके बाद टॉवर के अंदर मरमम्त करने के प्रयास हुए लेकिन टॉवर ऑफ लंदन की मरमम्त प्रयास असफल रहे ।

16 वीं शताब्दी के धार्मिक प्रचारकों और 19 वीं सदी के लेखकों द्वारा टॉवर ऑफ लंदन को एक मौत की जगह के रूप मे प्रतिष्ठा मिली थी।

 20 वीं शताब्दी के विश्व युद्धों से पहले टॉवर के अंदर 7 लोगों को मारा भी गया था।

19 वीं शताब्दी के अंदर  रॉयल मिंट जैसे संस्थान टॉवर को छोड़कर अन्य स्थानों पर जाने की वजह ‌‌‌से भी टॉवर ऑफ लंदन लगभग खाली सा हो गया था। एंथोनी साल्विन और जॉन टेलर ने टॉवर  को फिर से सही करने का निर्णय लिया और इसके कई स्थानों पर सफाई भी करवाई थी।

। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्धों में, टॉवर को फिर से एक जेल के रूप में इस्तेमाल किया गया था। युद्व खत्म होने के बाद टॉवर की मरम्मत भी की गई थी। और उसके बाद इसे जनता के लिए फिर से खोला गया था। ‌‌‌अब इसको  लंदन के टॉवर के निवासी और ज्वैल हाउस के कीपर के द्वारा संचालित किया जाता है। संपत्ति की देखभाल चैरिटी हिस्टोरिक रॉयल पलेसेस द्वारा की जाती है। अब इसको  वर्ल्ड हेरिटेज साइट के रूप में संरक्षित किया गया है।

‌‌‌टॉवर ऑफ लंदन ले आउट

टॉवर ऑफ लंदन काफी मजबूत संरचना है।और यह कई यार्ड के अंदर बंटा हुआ है। वैसे टॉवर के विभिन्न भाग काफी बेहतरीन बनावट लिए हुए हैं। आइए जानते हैं इसके विभिन्न भागों के बारे मे । सफेद टॉवर

सफेद टॉवर मध्यकालीन महल  की एक प्रमुख संरचना थी । जिसको डोनजोन के रूप मे भी जाना जाता था।और यह राजा के निवास का प्रमुख स्थान भी था।इतिहासकार एलन ब्राउन के अनुसार सफेद टॉवर अपनी ताकत, ऐश्वर्य और भव्य आवास की वजह से काफी महत्वपूर्ण था।  यह मूल रूप से तीन मंजिला ऊंची थी, जिसमें एक तहखाने का फर्श, एक प्रवेश स्तर और एक ऊपरी मंजिल शामिल थी। प्रवेश, जैसा कि नॉर्मन कीप्स में होता है, जमीन के ऊपर था,   दक्षिण मे एक लकड़ी की सीढ़ी के माध्यम से पहुँचा जा सकता था, जिसे हमले की स्थिति में हटाया जा सकता था।

  यह हेनरी द्वितीय के शासनकाल (1154–1189) के दौरान  प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए टॉवर के दक्षिण की ओर एक अग्रभाग जोड़ा दिया गया था। लेकिन अब यह खत्म हो चुका है। ‌‌‌प्रत्येक मंजिल को 3 कक्षों के अंदर विभाजित किया गया है।पश्चिम मे सबसे बड़ा कमरा और उत्तर के अंदर सबसे छोटा कमरा बना हुआ है।भवन के पश्चिम के अंदर वर्गाकार मीनारें हैं, उत्तर-पूर्व में एक गोल मीनार में एक सर्पिल सीढ़ी बनी हुई है।

‌‌‌सफेद टॉवर को केंटिश चीर-पत्थर  से बनाया गया है।इसके अंदर स्थानिये पत्थरों का भी प्रयोग किया गया था।उत्तरी फ्रांस से केन पत्थर का आयात भी किया गया था। यह टॉवर एक किले के किनारे है। इसके तहखाने का उत्तरी भाग जमीन के नीचे है। ‌‌‌इसके अलावा नीचे के मकानों का प्रयोग भंडारण के रूप मे प्रयोग किया जाता था। और इसके अंदर एक कुआ भी बना हुआ है। इसका अधिकतर ले आउट 18 वीं शताब्दी से ही आता है।हालांकि फर्श के अंदर लकड़ी की वाल्टों की जगह पर इंटों को बदल दिया गया है।

17 वीं शताब्दी के दौरान दक्षिण प्रवेश द्वार को बंद  दिया गया था, और 1973 तक फिर से खोला नहीं गया था। ऊपरी मंजिल की ओर जाने वालों को पूर्व में एक छोटे कक्ष से गुजरना पड़ता था। दक्षिण-पूर्व में सेंट जॉन चैपल बना हुआ है। जिसको 15 ‌‌‌वी शताब्दी के अंदर शीर्ष तल को वर्तमान छत के साथ ‌‌‌जोड़ दिया गया था। ।चैपल की वर्तमान नंगी और असभ्य उपस्थिति इस बात की याद दिलाती है कि यह नॉर्मन काल में कैसा रहा होगा। 13 वीं शताब्दी में, हेनरी III के शासनकाल के दौरान, चैपल को कांच के ग्लास से सजाया गया था।

Innermost ward

अंतरतम वार्ड व्हाइट टॉवर के दक्षिण के अंदर पड़ता है। 12320 से 1230 के बीच इसकी लॉज को पुननिर्मित किया गया था।वेकफील्ड और लैनथॉर्न टावर्स का निर्माण 1220 ई के अंदर हुआ था। जो राजा और रानी के आवास के रूप मे प्रयोग मे लिये जाते थे । हेनरी III के समय इनको शाही कक्षों के रूप मे सजाया गया था।रानी के कक्षों की दीवारों को सफेद किया गया था और चित्रित भी किया गया ।वार्ड के दक्षिण के अंदर एक बड़ा सा हाल बना हुआ है।

‌‌‌यह एक सुरक्षात्मक खाई से घिरा हुआ है। जिसको 1220 ई के अंदर बनाया गया था। इसके अलावा यहां पर एक रसोईघर भी बना हुआ है। ‌‌‌1666 ई के अंदर इसके आस पास की जगह को एकदम से साफ कर दिया गया था।ज्वेल हाउस को ध्वस्त कर दिया गया था।

इनर वार्ड

आंतरिक वार्ड रिचर्ड द लायनहार्ट के शासनकाल के दौरान बनाया गया था।हेनरी III ने वार्ड की पूर्व और उत्तर की दीवारें बनाईं थी। उनके द्वारा बनाए गए 9 टॉवरों के अंदर  सभी आज भी वैसे ही हैं। ‌‌‌इसके दक्षिण पश्चिम कौने के अंदर  बेल, ब्यूचैम्प, डेवर्क्स, फ्लिंट, बाउयर, ब्रिक, मार्टिन, कॉन्स्टेबल, ब्रॉड एरो, सॉल्ट, लैंथोर्न, वेकफील्ड और ब्लडी टॉवर बने हुए है। इनका उपयोग विभिन्न उदेश्यों के लिये किया जाता था।

Bowyer टॉवर एक कार्यशाला थी। और लैनथॉर्न टॉवर का उपयोग रात मे नजर रखने के लिए किया जाता था।

बाहरी वार्ड

‌‌‌एडवर्ड 1 ने तीसरा वार्ड बनाया था।उसी समय लेग्ज माउंट के नाम से जाना जाने वाला गढ महल के उत्तर पश्चिम के अंदर बनाया गया था।ब्रास माउंट, उत्तर-पूर्व कोने में गढ़ बाद का जोड़ था। ‌‌‌महल की नई सीमाओं से परे 50 मीटर गहरा गढ़ा भी था। जो अब खत्म हो चुका है।नई पर्दे की दीवार बनाने की वजह से लंदन टॉवर का पुराना प्रवेश द्वार अवरूद्व हो गया है। बाहर की तरफ दक्षिण पश्चिम कौने मे नया प्रवेश द्वार बनाया गया है। ‌‌‌परिसर के अंदर लायन टॉवर  भी बनाया गया था। जोकि जानवरों के साथ जुड़ा हुआ था। ‌‌‌एडवर्ड ने लंदन टॉवर के दक्षिण के अंदर भी जमीन का विस्तार करके 1275 और 1279 के बीच सेंट थॉमस टॉवर का निर्माण किया जो टेवर्स गेट के नाम से जाना जाता है। ‌‌‌नदी से हमले को सहन करने के लिए भी यहां विशेष व्यवस्था बनी हुई थी।

‌‌‌विश्व युद्व के अंदर लंदन टॉवर की भूमिका

टॉवर ऑफ लंदन ने दोनो विश्व युद्व के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पहले विश्व युद्व के दौरान आठ जर्मन लोगों को जासूसी के आरोप मे मौत की सजा सुनाई गई। टॉवर ने एक अदालत का काम किया । यहीं पर उनको गोली मारी गई थी। ‌‌‌दूसरे विश्व युद्व के दौरान टॉवर ऑफ लंदन को एक जेल के रूप मे उपयोग मे लिया गया था। टॉवर के अंदर अंतिम कैदी रूडोल्फ हेस था। 1941 के अंदर उसको यहां पर रखा गया था। 14 अगस्त 1941 को एक जर्मन जासूस की यहां पर गोली मार कर हत्या करदी गई थी। ‌‌‌23 दिसंबर 1940 ई को जर्मन विमानों ने टॉवर के उपर बंम बारी की थी। जिससे टॉवर का बहुत अधिक नुकसान हुआ था। यह कई जगह से नष्ट हो गया था। उसके बाद 20 वीं शताब्दी के अंदर टॉवर का उपयोग सेना ने कम कर दिया था। और पर्यटकों की इसके अंदर रूचि बढ़ गई थी।

‌‌‌टॉवर ऑफ लंदन का शास्त्रागार के रूप मे प्रयोग

टॉवर ऑफ लंदन की हिस्ट्री के अंदर यह भी आता है कि 1661 ई के अंदर और उससे पहले सैनिकों के हथियारों को यहां पर रखा गया था। यहां पर राजा के सामानों को सुरक्षित करने के लिए एक अलग से मीनार बनी हुई है। जिसके अंदर राजाओं के कपड़े और उनके हथियार ‌‌‌सुरक्षित रूप से रखे हुए है।

‌‌‌दो गुलाबों का युद्व

1455 से 1485 ई के बीच इग्लेंड के अंदर दो गुलाबों की लड़ाई हुई जोकि मूल रूप से एक ग्रहयुद्व था। यह एक तरफ डैक्यू ऑफ लेंकेस्टर था तो दूसरी तरफ डक्यू ऑफ यार्क था।इस युद्व के अंत मे डैक्यू ऑफ लेंकेस्टर ने जीत दर्ज की थी। ‌‌‌उसके बाद 1483 ई के अंदर राजा एडवर्ड 4 की मौत होने के बाद उसका भाई एडवर्ड वी ने यहां पर शासन संभाला लेकिन वह बहुत छोटा था।उसके बाद सन 1483 ई के अंदर राजा रहस्य मय तरीके से गायब हो गए ।1674 ई के अंदर एडवर्ड की हड़ियां मिली थी।जिससे देखकर लगता है किसी ने उसको मार कर गाड़ दिया था।

‌‌‌टॉवर ऑफ लंदन का जेल के रूप मे उपयोग

दोस्तों लगभग 1000 सालों के अंदर यहां पर लगभग 400 लोगो की हत्या की गई थी। टॉवर के नीचे एक तहखाना बना हुआ है। जहां पर कैदियों को रखा जाता था। हालांकि इसके अंदर आम  नागरिकों को कैद नहीं किया जाता था। ‌‌‌इसके अंदर कूलीन वर्ग के लोगों को कैद किया जाता था। जो लोग गुलाब युद्व के अंदर गलत लोगों का साथ दिया था। इसके अलावा जिन पर राज द्रोह का आरोप था।स्कॉटिश विद्रोहियों और फ्रांस के एक राजा को भी यहां पर कैद किया गया था। ‌‌‌पेल्विेनिया के संस्थापक विलियम पेन को यहां पर कैद करके रखा गया था।फ्रांस के राजा के भतीजे डक्यू चार्ल्स को भी यहां पर कैद करके रखा गया था। लेंखक सर वाल्टर रेले ने यहां पर 13 साल काटे थे । ‌‌‌मौत के बाद शरीर को टॉवर के अंदर ही दफना दिया जाता था।


राजकुमार जिनको काट कर लंदन ऑफ टॉवर मे दफनाया गया था।
  • ‌‌‌विलियम हेस्टिंग्स ने एडवर्ड 4 के सिहांसन के लिए 1483 ई के अंदर लड़ाई लड़ी थी।लेकिन उसके बाद एडवर्ड 4 की मौत हो गई और उसके युवा बेटे एडवर्ड वी को राजा घोषित किया गया । उसके बाद एडवर्ड वी को और उसके भाई को गायब कर दिया विलियम हेस्टिंग्स को राज द्रोह के आरोप मे पकड़कर मार दिया गया । ‌‌‌और उसकी लाश को टॉवर ऑफ लंदन के अंदर ही दफना दिया गया था।
  • ‌‌‌ऐनी बोलिन 1536 ई की बात है। यह किंग हेनरी की दूसरी पत्नी थी।उसने अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लिया था। बाद मे वह एक अन्य महिला सीमोर से प्यार करने लगा ।उसके बाद उसे भाई जॉज बोलेन के साथ राजद्रोह के आरोप मे पकड़ लिया ।ऐनी बोलिन की मौत काफी भयानक रही । उसके सिर पर एक तलवार से वार किया गया । जिससे उसकी गर्दन कट कर नीचे गिर गई।
  • ‌‌‌मार्गरेट पोल सेलिबरी 1541 ई  उसने कैथरीन ऑफ एरागॉन के साथ देने की गलती की थी। उसे राज द्रोह के आरोप मे पकड़ लिया गया था।उसे दो साल तक नजरबंद रखा गया । उसके बाद उसका सर कलम करने का आदेश दिया ।‌‌‌दो साल के अंदर वह काफी कमजोर हो गई थी। जब उसे फांसी दी जा रही थी। तो उससे पहले उसे घंसीट कर फांसी वाले स्थान पर लेकर जाया गया । जल्लाद अनुभव हीन था। वह उसकी गर्दन पर वार करने ही वाला था कि वह लॉग से कूद कर भाग गई जल्लाद ने उसका पीछा किया और उसके शरीर पर‌‌‌11 बार वार किया गया था। उसके सर को अलग नहीं किया गया । जिससे वह काफी तड़प तडप कर मरी थी।
  • ‌‌‌कैथरीन हावर्ड 13 फरवरी सन 1942 ई ।कैथरीन किंग हैनरी की पत्नी थी।जोकि काफी सुंदर भी थी।उसने अपनी दादी के यहां पर एक उपेक्षित जीवन जीया था।उसके बाद उसने हेनरी अष्ठम से शादी की थी जो एक बूढ़ा आदमी था। उसका एक युवा थॉमस कुल्फेयर से संबंध था।‌‌‌उसके बाद उसे व्यभीचार के आरोप मे पकड़ लिया गया था। वह तो महल से भाग गई। लेकिन उसके प्रेम का सिर कलम कर दिया गया और उसे पाइक मे दफन कर दिया गया था।
  • ‌‌‌लेड़ी जेन ग्रे 1553 ई से 1554 ई के बीच इंलैंड की महारानी रही थी। लेकिन जुलाई  1553 ई को उसे पद से हटा दिया गया और उसके पति को पकड़ कर सर कलम  कर दिया गया ।लेडी जेन ग्रे की मौत 17 वर्ष की उम्र मे ही हो गई थी।
  • ‌‌‌राबर्ट डेवर्क्स 1566 ई से 1601 के बीच रानी एलिजाबोथ आई का सबसे प्रिय रहा था।वह रानी के साथ हंसी मजाक भी करता था। उसे एक आईलैंड का लिफटेंट नियुक्त किया गया था।लेकिन बाद मे उसने रानी के खिलाफ विद्रोह किया ।जिसकी वजह से उसे पकड़ लिया गया और‌‌‌उसके बाद उसे लंदन टॉवर पर मार दिया गया ।उसके सर पर कुल्हाड़ी से तीन वार किये गए थे ।

‌‌‌इस तरह से लंदन टॉवर के अंदर बहुत से लोगों को मौत के घाट उतारा गया था। शायद उनके बारे मे कोई रिकोर्ड भी नहीं है।

‌‌‌टॉवर ऑफ लंदन और जंगली जानवर

टॉवर ऑफ लंदन के अंदर जंगली जानवर रखने के बारे मे भी जानकारी मिलती है।सबसे पहले किंग जॉन (1166–1216)ने टॉवर के अंदर जगली जानवरों को रखना शूरू किया था।रोमन सम्राट फ्रेडरिक II ने हेनरी के तीनों तेंदुओं की रक्षा की थी।नार्वे के हेकोन का एक ध्रुवी भालू भी यहां पर लाया गया था। जोकि लंदन वासियों का बहुत ध्यान आकर्षित किया । 1254 में, हेनरी तृतीय को मैड्रिड पेरिस द्वारा फ्रांस के लुइस IX से एक अफ्रीकी हाथी प्राप्त हुआ, जो उनके क्रोनिका मेजा में था।। हाथी को 12.2 मीटर (40 फीट) लंबा और 6.1 मीटर (20 फीट) चौड़ा घर बनाने के लिए एक लकड़ी का ढांचा बनाया गया था।


By Gyula Péter, CC BY 3.0, Link

1288 में, एडवर्ड I ने यहां पर एक शैर के जोड़े की देखभाल के लिए आदमियों को नियुक्त किया था।‌‌‌1657 ई के अंदर यहां पर 6 शेर होने का जिक्र मिलता है।उसके बाद लंदन के टॉवर के चिड़िया घर का पतन होने लगा ।1830 में जॉर्ज चतुर्थ की मृत्यु के बाद, चिड़ियाघर को बंद करने का निर्णय लिया गया था।‌‌‌सन1831 तक सभी जानवरों को लंदन के चिड़िया घर के अंदर स्थानान्तरित कर दिया गया था।यह निर्णय तब लिया गया था जब शेर और एक बंदर ने यहां के कुछ लोगों को काट लिया गया था।

‌‌‌1853 ई तक यहां जानवरों के रख रखाव वाले टॉवर को ध्वस्त नहीं किया गया था।1999 में के अंदर यहां पर शेरों के साक्ष्य भी मिले दो बर्बरी शेर की खोपड़ियां मिली थी। इसके अलावा पिंजरे के अवशेष भी मिले थे ।

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This post was last modified on December 9, 2019

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