jyada mobile use karne ke 38 nuksan जिनको जानकर आप हैरान रह जाएंगे

‌‌‌ज्यादा मोबाइल चलाने के नुकसान ,मोबाइल के नुकसान , ‌‌‌ज्यादा मोबइल पर बात करने के नुकसान ,दोस्तों आजकल दुनिया के अंदर हर इंसान मोबाइल का यूज करता है। दुनिया के अंदर लगभग 95 प्रतिशत लोग मोबाइल का यूज करते हैं। और बाकी 5 प्रतिशत लोग इस वजह से मोबाइल का यूज नहीं कर पाते हैं क्योंकि वे यातो आदिवासी हैं या फिर उनको चलाने मे समस्या होती है। 2019 में मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं की संख्या 4.68 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।दुनिया के अंदर मोबाइल यूजर की संख्या सन 2019 तक अरबों के अंदर पहुंच जाने की उम्मीद है। 2016 में, दुनिया भर में अनुमानित 62.9 प्रतिशत आबादी के पास पहले से ही एक मोबाइल फोन था और सन 2019 के अंदर यह 67 प्रतिशत तक बढ़ गया।

चीन ने 2017 में सिर्फ 1.4 बिलियन से अधिक मोबाइल कनेक्शन थे । जबकि भारत के अंदर 1 बिलियन से अधिक कनेक्सन थे ।स्मार्टफोन  की बढ़ती लोकपियता की वजह से अब बाजार के अंदर तेजी से स्मार्टफोन फैल रहा है। 2014 तक, सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं में से लगभग 38 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता थे ।

‌‌‌वही सन 2018 तक यह 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुके थे ।2019 तक 2.7 बिलियन तक र्स्माट फोन उपयोगकर्ताओं की संख्यां पहुंच चुकी है। ‌‌‌उपर दिखाए जाने वाले आंकड़े यह बता रहे हैं कि दुनिया के अंदर तेजी से मोबाइल उपयोगकर्ताओं की संख्या मे बढ़ोतरी होती जा रही है। जिसके अनेक दुष्टप्रभाव भी सामने आ रहे हैं।

ज्यादा मोबाइल चलाने के नुकसान

Table of Contents

jyada mobile use karne ke nuksan ज्यादा मोबाइल चलाने से नुकसान

‌‌‌दोस्तों पूरी दुनिया के अंदर एक बड़ी आबादी मोबाइल फोन का उपयोग करती है। आपको बता दें कि यदि आप रोज एक दो घंटे या 3 घंटे तक मोबाइल यूज मे लेते हो तो इसका कोई खास नुकसान नहीं होता है। लेकिन यदि आप रोजाना घंटों अपने मोबाइल के चिपके रहते हो तो इसके कई सारे नुकसान होते हैं। ‌‌‌ज्यादा मोबाइल चलाने के नुकसान / मोबाइल के नुकसान के बारे मे आइए जानते हैं।

‌‌‌1.मोबाइल फोन के नुकसान ध्यान भंग करना

दोस्तों आपने इस बात को नोटिस किया होगा कि जब से आपके पास मोबाइल आया है। तब से आप के ध्यान भंग करने की घटनाएं बढ़ गई हैं। मानलिजिए आप सोए हुए हैं। और अचानक से आपका फोन बज उठता है। बहुत बार तो फालतू कॉल और मैसेज की वजह से ‌‌‌हम ठीक से सो भी नहीं पाते हैं। इसका एक ही उपाय होता है। या तो अपने फोन को साइलेंट करदें या फिर उसे स्विच ऑफ करदें । कई बार तो खाना खाते हुए ही बीच मे फोन आ जाते हैं। मतलब आपका मोबाइल आपका ध्यान भंग करता है। ‌‌‌यह भी मोबाइल यूज करने का नुकसान है।

‌‌‌2.इंसानों को सामाजिक रूप से दूर कर देता है

मोबाइल के नुकसान यह भी हैं कि यह इंसानों को सामाजिक ना बनाकर एकाकी बना देता है। आजकल लोग मोबाइल के अंदर इतने अधिक खोने लगे हैं कि वे अपना सारा समय मोबाइल मे ही गुजार देते हैं। जिसका नुकसान यह है कि वे दूसरे लोगों से मेलजोल कम कर देते हैं। ‌‌‌ऐसी स्थिति के अंदर यदि उनके परिवार पर कोई समस्या आती है तो दूसरे उसकी मदद नहीं कर पाते हैं क्योंकि वे उसे ठीक से जानते नहीं हैं। इसके अलावा मोबाइल के चक्कर मे कई लोग तो अपने परिवार तक को भूल जाते हैं जोकि बहुत गलत बात है।

‌‌3. mobile ke nuksan खर्च बहुत अधिक आता है

दोस्तों मोबाइल फोन के आजाने से खर्च बहुत अधिक बढ़ चुका है। यदि एक घर के अंदर पांच मोबाइल हैं तो फिर हर फोन मे 35 रूपये का रिचार्ज करवाना पड़ता है। जिससे लगभग 200 रूपये महिने खर्च हो जाता है। इसके अलावा कभी स्मार्ट फोन को अपडेट करवाना पड़ता है। तो कभी उसके अंदर कोई ‌‌‌और समस्या आ जाती है। कुल मिलाकर यह काफी खर्चीला होता है।इसके अलावा मोबाइल रिपेयर करने वाले भी मनचाहा पैसा वसूल करते हैं।

4.स्पैम

मोबाइल मे आजकल स्पैम बहुत अधिक बढ़ चुका है। यदि आपके मोबाइल पर अनचाहे कॉल या मैसेज आते हैं। तो इसका मतलब स्पैम ही है। दोस्तों यह अनचाहे कॉल कई बार इंसान को बहुत परेशान कर देते हैं। और इनका कोई सौल्यूशन भी नहीं निकल कर आता है। ‌‌‌और कई बार यही स्पैम कॉल और मेसेज आपको लूट तक लेते हैं। किसी का मोबाइल हैक करने मे यह बड़ी भूमिका रखते हैं।

‌‌‌5.मोबाइल खोने पर निराशा

आजकल के लोग मोबाइल के इतने अधिक आदी हो चुके हैं। कि यदि एक बार मोबाइल गुम हो जाता है तो फिर वे बिल्कुल ही निराश हो जाते हैं। और उस मोबाइल को ढूंढने के लिए जमीन आसमान एक कर देते हैं। नहीं मिलने पर काफी निराश भी हो जाते हैं। ‌‌‌ऐसा मेरे खुद मे हो जाता है। कई बार क्या होता है कि जब मैं मोबाइल फोन को रखकर भूल जाता हूं तो फिर उसे वापस तलासता हूं और यदि नहीं मिलता है तो काफी परेशान हो जाता हूं । कहने का मतलब है हम इन चीजों के बिना नहीं रह सकते हैं।

‌‌‌6.नो प्राइवेसी

मोबाइल फोन यूज करने का नुकसान यह भी है कि अब मोबाइल आने की वजह से कोई भी प्राइवेसी नहीं रही है। बहुत से लोग मोबाइल की मदद से अपने अपनी गलत तस्वीरे मजाक मजाक के अंदर खींच लेते हैं। लेकिन यदि वे ही तस्वीरें किसी भी गलत हाथों के अंदर पड़ जाती हैं तो फिर बदनामी हो सकती है। ‌‌‌इसी तरीके की एक घटना पीछले दिनों प्रकाश मे आई थी ।घटना के अनुसार पति और पत्नी ने अपने अंतरंग पलों को मोबाइल के अंदर कैद कर लिया था। और दुर्भाग्य से वह मोबाइल गिर गया । उसके बाद वही हुआ जिसका डर था। जिस किसी को वह मोबाइल मिला उसने वे विडियो एडल्ट वेब पर अपलोड कर दिया । ‌‌‌कहने का मतलब है। अब प्राइवेसी नाम की कोई चीज रही ही नहीं है।

‌‌‌7. mobile ke nuksan नींद की समस्याएं

अधिकतर लोगों को मोबाइल नेट का चस्का लग जाता है तो वह बड़ा घातक होता है। बहुत से लोग देर रात तक फेसबुक या किसी दूसरे सोसल मिडिया पर लगे रहते हैं। मतलब वे मोबाइल की वजह से रात को अच्छे से सो भी नहीं पाते हैं। जिसका परिणाम यह होता है कि ‌‌‌वे तनाव और डिप्रेशन के अंदर जा सकते हैं। कम सोना खास कर बच्चों के लिए काफी खतरनाख होता है। यदि वे पूरी नींद नहीं लेते हैं तो उनका दिमाग अच्छे से विकसित नहीं हो पाएगा । ‌‌‌इसके अलावा कोई भी काम हो नींद की कमी सही नहीं होती है। यदि आप स्टूडेंट हो और आप रात के अंदर अच्छे से नहीं सोए हैं तो आप सुबह स्कूल मे सही तरीके से पढ़ नहीं सकते हैं। यदि आप कोई और काम भी करते हैं तो आप वो काम अच्छे से नहीं कर पाओगे ।

‌‌‌8.मोबाइल के नुकसान दूर्घटनाएं

दोस्तों मोबाइल की वजह से अनेक दूर्घटनाएं होती हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जोकि कानों के अंदर इयरफोन लगा लेते हैं। और फिर गाड़ी चलाते हैं। जिससे एक्सीडेंट होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कुछ लोग सड़कर पर ईयर फोन लगाकर चलते हैं। ‌‌‌और इधर उधर कदम रखते हैं। पीछले दिनों एक व्यक्ति कानों के अंदर ईयर फोन लगाकर रेल्वे फाटक को क्रोस कर रहा था । और पटरी पर ट्रेन आ रही थी। उसने ट्रेन की सीटी को नहीं सुना बस क्या था। वह मारा गया । ‌‌‌यह कोई एक घटना नहीं है। इसी प्रकार से एक लड़की अपने पति के साथ बातों मे इतनी मग्न हो गई की बात करते करते वह छत से नीचे जा गिरी । कहने का मतलब है मोबाइल का इस्तेमाल सही तरीके से करना चाहिए।

‌‌‌9. mobile ke nuksan अपराधों मे बढ़ोतरी

दोस्तों आज हर इंसान के पास मोबाइल है। और वह अपने मोबाइल की मदद से अनेक प्रकार की अपराधा वाली फिल्मों को देखते हैं।इन फिल्मों के अंदर अपराधी बनने के तरीकों के बारे मे दिखाया जाता है। कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। जिनमे अपराधी फिल्मी ढंग से अपराध को अंजाम देते हैं। ‌‌‌बड़े ही नहीं बच्चे तो इन फिल्मों से बुरी तरीके से प्रभावित होते हैं। उनके कोरे दिमाग पर इन फिल्मों का प्रभाव अच्छी तरीके से अंकित हो जाता है। जिसका परिणाम यह होता है कि वे फिल्मों के अंदर दिखाए जाने वाले द्रश्यों की तरह ही व्यवहार करने लगते हैं।

‌‌‌टेलिविजन पर प्रवाहित होने वाले धारावाहिक शक्तिमान जोकि अब बंद हो चुका है। की वजह से कई स्कूली छात्र मरे थे ।क्योंकि बच्चों के अंदर यह समझने की ताकत नहीं होती है कि यह सब नकली है रियल मे ऐसा कुछ नहीं है। इसी तरीके से खतरो के खिलाड़ी टीवी धारावाहिक की नकल करने की वजह से भी कई बच्चों ‌‌‌की मौत हो चुकी है। इसी प्रकार से सच का सामना धारावाहिक की वजह से भी कई लोग मर गए। कहने का मतलब है लोग चीजों को समझ नहीं पाते हैं। और एक तरह से टीवी और नेट अपराधों को बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

‌‌‌10.ध्यान एकाग्र करने मे समस्या

दोस्तों यदि आप स्टूडेंट हैं तो आपको स्मार्ट फोन का यूज नहीं करना चाहिए । क्योंकि आपका स्मार्ट फोन आपको बहुत अधिक डिस्टर्ब कर सकता है। बहुत से लोग जो अपने पास स्मार्ट फोन रखते हैं। वे ठीक से पढ़ नहीं पाते हैं। ‌‌‌क्योंकि वे जब भी पढ़ने बैठते हैं उनके मन मे स्मार्ट फोन के अंदर नेट चलाने का विचार आने लग जाता है। और उनका मन भटकता है। जिससे वे चीजों को ‌‌‌अच्छे तरीके से याद रखने मे सक्षम नहीं हो पाते हैं। ‌‌‌हालांकि हर स्टूडेंट के लिए स्मार्ट फोन बुरा नहीं होता है। लेकिन कुछ लोग स्मार्ट फोन को गलत तरीके से यूज मे लेते हैं। क्योंकि कुछ लोग अपने स्मार्ट फोन का सही उपयोग करना जानते हैं।

‌‌‌11.साइबर क्राइम मे बढ़ोतरी

जैसे जैसे मोबाइल का विकास हुआ है। लोग मोबाइल के प्रयोग से पेमेंट वैगरह भी ट्रासफर करने लगे हैं। जिसका नुकसान भी हुआ है। आज साइबर क्राइम एक बड़ा मुददा बन चुका है। ऑनलाइन अनेक ठग बैठे हैं जो कि पैसा ऐंठ लेते हैं और फिर फरार हो जाते हैं।‌‌‌बेचारे लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि वे क्याकरें । पुलिस उनपर कोई कार्यवाही नहीं करती है। क्योंकि उनको शिकायत नहीं मिलती है। अब भला शिकायत करेगा भी कौन 100 यदि आपके लुट जाते हैं तो उनकी शिकायत करने आप क्या पुलिस स्टेशन जाओगे ।‌‌‌नहीं ना , क्योंकि लोग पुलिस पर विश्वास ही नहीं करते हैं।

‌‌‌12.खराब आर्थिक स्तर

आपका स्मार्ट फोन आपके आर्थिक स्तर को भी बहुत अधिक प्रभावित करता है। खास कर इंडिया के अंदर होता यह है कि कमाने वाला एक होता है और मोबाइल फोन का यूज करने वाले बहुत सारे होते हैं। अब हर फोन के लिए अलग अलग रिचार्ज करवाना पड़ता है। जिसका परिणाम होता है कि यह आर्थिक ‌‌‌रूप से कमजोर बनाते हैं। जबकि कुछ लोग तो ऐसे हैं जो मोबाइल लाने के चक्कर मे अपनी दैनिक जरूरतों को ही नजरअंदाज कर देते हैं।

‌‌‌13.रेप और छेड़छाड़ के मामले मे बढ़ोतरी

मोबाइल आने के बाद महिलाओं के प्रति उत्पीड़न काफी बढ़ चुका है।2012 में पूरे भारत में 24,923 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए।2015 के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा रेप हुए हैं। हालांकि मोबाइल की वजह से‌‌‌लड़के कम उम्र मे ही परिपक्व हो जाते हैं और उसके बाद रेप जैसे काम कर देते हैं। या फिर किसी के साथ अनैतिक संबंध बना लेते हैं। अनैतिक संबंध के आंकड़ों की बात करें तो वह निरंतर तेजी से बढ़ रहा है। जो नई टेक्नॉलाजी का ही असर है।

‌‌‌14. mobile ke nuksan अधिक समय खराब

मोबाइल जा यूज करने के नुकसान के अंदर अधिक समय खराब करना भी आता है। अधिकतर लोग अपने लाइफ के कीमती समय को मोबाइल के अंदर खराब कर रहे हैं। उस समय को जिस समय के अंदर उनको अपने लक्ष्य बनाने चाहिए और आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए । उस समय को वे फेसबुक और टविटर पर खराब करते हैं।‌‌‌जिसका परिणाम यह हो रहा है कि उनको बाद मे पछतावा होता है। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और वे एक निम्न दर्जे के कर्मचारी बनकर ही रह जाते हैं।

‌‌‌ज्यादा मोबाइल चलाने के हेल्थ से जुड़े  नुकसान

अब तक हमने मोबाइल चलाने के नुकसान के बारे मे जाना जोकि आम नुकसान थे । जो समाज और परिवार से जुड़े थे । लेकिन मोबाइल चलाने से और भी ऐसे नुकसान होते हैं। जोकि हमारी बोड़ी को प्रभावित करते हैं। और कई बार यह नुकसान इतने बड़े हो जाते हैं की मौत तक हो ‌‌‌जाती है। ‌‌‌अनेक वैज्ञानिक रिसर्च के अंदर यह सिद्व किया जा चुका है कि मोबाइल चलाने से नुकसान होते हैं। खास कर शारिरिक नुकसान आम नुकसानों से बहुत अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। वैज्ञानिकों का तो यहां तक कहना है कि मोबाइल रेडियशन कैंसर भी पैदा कर सकता है।

15.Brain Cancer

दोस्तों Brain Cancer भी मोबाइल यूज करने की वजह से होता है।हर मोबाइल फोन रेडियो आवृत्ति ऊर्जा को पैदा करता है। जोकि गैर-आयनीकरण इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरण होता है। जोकि इसके करीब उतकों के द्वारा अवशोषित किया जा सकता है। ‌‌‌इस एनर्जी की मात्रा कई बातों पर निर्भर करती है। जैसे कि फोन की तकनीक, फोन और उपयोगकर्ता के बीच की दूरी, मोबाइल फोन के उपयोग कर समय  और प्रकार व टावर की दूरी आदि । वैज्ञानिकों के अनुसार अधिक मोबाइल का यूज करने से दिमाग के अंदर बदलाव , नींद पेटर्न मे बदलाव होते हैं। मोबाइल फोन जो विकिरण छोड़ते हैं। वे हमारे दिमाग की कोशिकाओं के अंदर उत्परिवर्तित पैदा करते हैं और इसी से कोशिकाओं की असामान्य बढ़ोतरी होने लग जाती है। ‌‌‌बच्चों को मोबाइल फोन इसलिए नहीं दिया जाना चाहिए क्योंकि उनके  ब्रेन कैंसर होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि उनके अंग अभी विकसित हो रहे होते हैं।

‌‌‌16.ज्यादा मोबाइल यूज करना तनाव का कारण

रिसर्च के अंदर यह पता चला है कि ज्यादा मोबाइल यूज करने से तनाव पैदा होता है।जब लोग धीरे धीरे स्मार्ट फोन के आदी हो जाते हैं तो फिर उनको दूसरे काम करना अच्छा नहीं लगता है। इसके अलावा काम से समय नहीं निकालने की वजह से वे तनाव मे जा सकते हैं। और घर पर समय‌‌‌देने की बजाय वे अपना अधिकतर समय स्मार्ट फोन को देते हैं। जिसका परिणाम होता है कि घर मे भी तनाव बढ़ जाता है। जबकि कुछ लोगों को यह चिंता सताती रहती है कि वे अपने फ्रेंड को आज रिप्लाई नहीं कर पाए ।

ज्यादा मोबाइल यूज करना

‌‌‌17.दर्द की समस्या पैदा होना

यदि आप मोबाइल फोन का प्रयोग लंबे समय तक कर रहे हैं तो आपको दर्द की समस्या पैदा हो सकती है। जैसे यदि आप लगातार अपनी उंगलियों को एक ही स्थिति के अंदर रखते हैं तो उंगलियों मे दर्द हो सकता है।इसके अलावा सैल फोन का यूज करने से कमर दर्द और गर्दन दर्द की दिक्कत हो सकती ‌‌‌इस वजह से अधिक समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए ।

18.दृष्टि की समस्या

एक रिसर्च के अंदर इस बात का पता चला है कि जागने के तुरन्त बाद 90प्रतिशत लोग अपने मोबाइल की जांच करते हैं। जिससे पता चलता है कि हम मोबाइल पर कितने निर्भर हो चुके हैं। इसके अलावा कुछ लोग अंधेरे के अंदर मोबाइल का लंबे समय तक यूज करते हैं।‌‌‌अंधेरे के अंदर तेज स्क्रीन लाइट का प्रयोग करना काफी खतरनाख होता है। और ऐसा करने से आपकी आंख जल्दी ही खराब हो जाती हैं। बेहतर होगा लंबे समय तक रात मे मोबाइल यूज ना करें । इसके अलावा कुछ लोग रात को कम सोते हैं। जिससे आंखों पर लोड बढ़ जाता है जिससे भी आंखे खराब हो सकती हैं।

19.प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर

एक वेबसाइट के अनुसार मोबाइल की चिकनी स्क्रीन पर टायलेट सीट पर पाये जाने वाले रोगाणू होते हैं। जोकि सीधे इंसानों की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करते हैं। और उसे कमजोर बना देते हैं।इस प्रकार से मोबाइल रोगों का खतरा बढ़ा देता है।

20.सोचने की प्रक्रिया में बाधा

यह एक सबसे बड़ी बात है। और मोबाइल यूज करने का नुकसान मे से एक बड़ा नुकसान भी है। आज हम जो कुछ भी करते हैं। वह सब कुछ नेट की मदद से करते हैं। आज से कुछ साल पहले मोबाइल का उपयोग नहीं होता था। तब लोग हर काम अपने दिमाग से करते थे ।‌‌‌लेकिन जैसे जैसे टेक्नॉलाजी का विकास हुआ है। वैसे वैसे हम इस पर निर्भर होते जा रहे हैं। कुल मिलाकर हम यह कह सकते हैं कि अब हम इसके बिना कुछ नहीं कर सकते ।‌‌‌आज छोटे से छोटा काम करना हो सबसे पहले google के पास जाते हैं। और उस पर जानकारी खोजते हैं। उसके बाद ही कोई काम करते हैं।हम खुद की रचात्मक क्षमता का  प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहते हैं।

21.काम के प्रति समर्पण का अभाव

आज जो लोग नेट के आदी हो चुके हैं। उनके अंदर किसी भी काम के प्रति सर्म्पण नहीं रह गया है। वे हर काम को जल्दी से जल्दी खत्म कर देना चाहते हैं। ताकि वे आगे फेसबुक , इंस्टाग्राम वैगरह को चला सके ।‌‌‌जाहिर सी बात है। जब किसी भी काम को संतोषजनक ढंग से नहीं किया जाता है। तब तक वह अच्छे फल नहीं दे पाता है। आजकल बहुत से लोगों के असफल होने के पीछे भी यही कारण है।

22.नोमोफोबिया

नोमोफोबिया फोबिया का ही एक रूप होता है। जब किसी व्यक्ति को मोबाइल से दूर जाने मे डर लगता है तो उसे नोमोफोबिया का नाम दिया जाता है। आपके आस पास भी ऐसे लोग मिल जाएंगे जोकि मोबाइल के बिना एक दिन भी जिंदा नहीं र ह सकते हैं। आजकल के बहुत से लोग मोबाइल के दूर होने के नाम से ही ‌‌‌परेशान हो जाते हैं। यह सब लोग नोमोफोबिया से ग्रस्ति हैं।

23.फैंटम पॉकेट वाइब्रेशन सिंड्रोम

‌‌‌अक्सर हम सभी लोग मोबाइल को पैंट की जेब के अंदर ही रखते हैं। और बहुत बार हमे अपना फोन वाइब्रेट मोड पर रखना होता है। कुछ लोगों को ऐसी स्थिति के अंदर यह लगता है कि उनका फोन वाइब्रेट कर रहा है। लेकिन यह सच नहीं होता है। ऐसा उनके दिमाग मै बैठ जाता है। इस प्रकार के कई केस सामने आ चुके हैं। ‌‌‌इसको फैंटम पॉकेट वाइब्रेशन सिंड्रोम के नाम से जाना जाता है। जिसमे व्यक्ति को भ्रम हो जाता है।

24.बांझपन का जोखिम

रिसर्च के अंदर यह सिद्व हो चुका है कि जो पुरूष अपना मोबाइल फोन जेब के अंदर रखते हैं। उनके अंदर बांझपन पैदा होने की संभावना अधिक हो जाती है। मोबाइल के द्वारा उत्सर्जित विकिरण अंडकोष पर हमला करते हैं। जिससे पुरूष बांझपन के शिकार हो जाते हैं। ‌‌‌इस वजह से बहुत से डॉक्टर मोबाइल को जेब मे नहीं रखने की सलाह देते हैं।

‌‌‌25.ज्यादा मोबाइल यूज करने के नुकसान रोगाणू

दोस्तों एक वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार यदि लोग अपने बिस्तर के पास या तकिये के नीचे मोबाइल फोन रखते हैं तो ऐसा करके वे बहुत अधिक कीटाणुओं को आमंत्रित कर रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे सेल फोन अनहेल्थी हैं। यदि आप भी सेलफोन से हाथ टच करने के ‌‌‌बाद ऐसे ही खाना खा लेते हैं तो आपको बिमारी से ग्रस्ति होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

‌‌‌26.अवसाद

ज्यादा मोबाइल का यूज करना अवसाद की ओर लेकर ज्यादा है। ज्यादा मोबाइल यूज करने से चिंता और तनाव पैदा होते हैं। जो बाद मे अवसाद को पैदा कर सकते हैं।इसके अलावा अवसाद कई तरीके से पैदा हो सकता है। एक न्यूज के अनुसार एक लड़का सिर्फ इस वजह से अवसाद या डिप्रेशन के अंदर चला गया , ‌‌‌क्योंकि उसे फेसबुक पर उचित लाइक नहीं मिला । मतलब किसी भी तरीके का अवसाद इंसान को जकड़ सकता है। और अधिकतर अवसाद मोबाइल से पैदा किये जाते हैं।

‌‌‌27.बहरापन

कुछ लोग एक उच्च क्वालिटी का ईयर फोन यूज मे लेते हैं। जिनकी साउंड क्वालिटी काफी बेहतर होती है। यदि आप उंची डेसिबिल के अंदर संगीत सुनते हैं और आप काफी समय से लगातार ऐसा करते आ रहे हैं तो आपके कानों के टिशू डेमेज हो सकते हैं।‌‌‌मतलब आप स्थाई रूप से बहरे पन के शिकार हो सकते हैं। आज बहरे पन की बिमारी गई लोगों को अपने जाल के अंदर फंसा चुकी है।

28.एलर्जी और संक्रमण

हालांकि प्लास्टिक से एलर्जी होने के चांस नहीं होता है। लेकिन कुछ मोबाइल फोन के अंदर सुंदर दिखने के लिए निकल, क्रोमियम और कोबाल्ट  जैसे तत्वों की एक परत लगाई जाती है। और जब लोग अपने फोन को कान से चिपका कर बात करते हैं तो यह परत त्वचा के साथ रिएक्ट करती है। जिससे एलर्जी ‌‌‌हो जाती है।

29.फिटनेस स्तर मे गिरावट

आजकल के बच्चे और वयस्क बस सुबह उठते ही अपना सैलफोन देखते हैं और उसके बाद उसी से काम र्स्टाट कर देते हैं। उन्हें जिम जाने और बाहर की ताजी हवा खाने से कोई मतलब नहीं होता है। बस फेसबुक से मतलब होता है। डिनर ही फेसबुक पर करते हैं।‌‌‌बाहर ही ताजी हवा नहीं मिलने की वजह से बच्चों  और व्यवस्कों के अंदर अनेक प्रकार की शारीरिक समस्याएं पैदा हो रही हैं।‌‌‌मतलब मोबाइल फोन हमारी फिटनेश को गिरा रहा है। सोचो यदि मोबाइल नहीं होता तो सब लोग सुबह उठने के बाद घूमने अवश्य ही जाते ।

‌‌‌30.गर्भावस्था मे मोबाइल के नुकसान

किसी भी गर्भवति महिला को मोबाइल का इस्तेमाल बहुत ही कम करना चाहिए क्योंकि मोबाइल से रेडियशन निकलता है। जो उसके गर्भ मे विकसित हो रहे शिशु के लिए घातक होता है। संभव है वह रेडियशन शिशु के अंदर अनियंत्रित कोशिकाओं के व्रद्वि कर सकता है। और भी कई  ‌‌‌नकारात्मक प्रभाव पैदा कर कर सकता है।

31.हड्डियों पर बुरा प्रभाव

मोबाइल को कभी भी जेब के अंदर नहीं रखना चाहिए । या अपने शरीर के सटा कर नहीं रखना चाहिए ऐसा करने से हड़ियों पर इसका गलत प्रभाव पड़ता है।  इलेक्ट्रोमेगनेटिक  विकिरण हड़ियों के अंदर लिक्विड को समाप्त कर देते हैं।कुछ लोग कान के पास मोबाइल सटा कर रखते हैं। ऐसा करने से ‌‌‌भी नुकसान होता है।

‌‌‌मोबाइल पर ज्यादा बात करने के नुकसान jayda mobile se baat karne ke nuksan

मोबाइल पर ज्यादा बात करने के नुकसान

‌‌‌वैसे तो हमने आपको मोबाइल के नुकसान के बारे मे उपर बताया है। लेकिन कुछ कॉमन नुकसान जोकि ज्यादा मोबाइल पर बात करने से होते हैं। उन पर हम अलग से प्रकाश डालना उचित समझते हैं ताकि रिडर को अच्छे से समझ मे आ सके । हालांकि हम उन नुकसानों का उल्लेख नहीं करेंगे जो पहले से किये जा चुके हैं।

‌‌‌32.ब्रेन टयूमर का खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन और इससे जुड़ी एक रिसर्च संस्था ने चेतावनी देते हुए कहा है कि रोज जो लोग 30 मिनट से अधिक मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं तो 8 से 10 साल के अंदर उनके अंदर कैंसर पैदा हो जाती है। खास कर ब्रेन कैंसर की संभावना अधिक होती है। ‌‌‌क्योंकि मोबाइल से निकलने वाले रेडियेशन आपके दिमाग के उत्तकों को प्रभावित करते हैं। और इसस उत्तकों की अनियंत्रित बढ़ोतरी होती है। जो कैंसर ही है। यदि आप मोबाइल से लंबे समय तक बात करते हैं या अपने कान के चिपकाकर रखते हैं तो आपके लिए यह बड़ा खतरा है।

‌‌‌33.अशांत दिमाग

एक रिसर्च के अंदर यह पता चला है कि जो लोग अपने लवर से लंबे समय तक बात करते हैं तो उनका दिमाग काफी अशांत रहता है। वे बातों के इतने अधिक आदी हो जाते हैं कि वे फोन नहीं मिलने या फोन नहीं उठाने की वजह से बुरी तरह से अशांत हो जाते हैं और गुस्सा करने लगते हैं। ‌‌‌और दिमाग का अशांत होना कुछ भी गलत करने के लिए जिम्मेदार हो सकता है।‌‌‌और ऐसी स्थिति के अंदर लोग बाद मे अपने पार्टनर से झगड़ते भी हैं।

‌‌‌34.हर काम मे जल्दबाजी

दोस्तों जो लोग लंबे समय तक बाते करते हैं। वे अन्य दूसरे कार्यें के अंदर जल्दबाजी बहुत अधिक करते हैं। जैसे वे खाना खा रहे हैं तो जल्दबाजी करेंगे और या तो कम खाएंगे या फिर बिना चबाए निगल लेंगे । जिससे नुकसान होगा । यदि वे ड्राइव कर रहे हैं तो तेज गति से गाड़ी चलाने की ‌‌‌कोशिश करेंगे । जिससे दूर्घटना होने का खतरा बहुत अधिक हो जाता है।

‌‌‌35.मोबाइल बैटरी का फटना

यदि आप लंबे समय तक बात करते हैं तो इसबात की पूरी संभावना होती है कि आपके मोबाइल की बैटरी भी फट सकती है। कई ऐसे केस सामने आ चुके हैं। जिनके अंदर यह बताया गया था कि जब व्यक्ति लंबे समय तक मोबाइल से बात कर रहा था तो उसकी बैटरी फट गई। लंबी बातों से बैटरी हीट हो जाती है।‌‌‌फट भी सकती है। इस वजह से लंबी बांते नहीं करनी चाहिए।

‌‌‌36.सिरदर्द की शिकायत

बहुत से लोग मोबाइल पर देर रात तक बात करते हैं। और रात को अच्छी तरीके से सो भी नहीं पाते हैं। जिससे कई बार सर भारी हो जाता है। और सिर दर्द की शिकायत भी हो जाती ह। आमतौर पर हम 6 से 8 घंटे सोते हैं। लेकिन जो लोग लंबी बांते करते हैं। वे काफी कम सोते हैं।‌‌‌ऐसी स्थिति के अंदर कई बार तो सिर दर्द काफी गम्भीर हो जाता है। और इसके लिए हमे अस्पताल भी जाना पड़ता है।

‌‌‌37.खराब मूड

अक्सर देर रात तक बात करने वाले लोंगों के साथ यह समस्या होती है। वे पहले तो देर रात तक बात करते रहते हैं। और उसके बाद सुबह जल्दी उठकर काम पर चले जाते हैं। जिसका नुकसान यह होता है कि अच्छी नींद नहीं लेने से ‌‌‌उनका मूड बुरी तरीके से उखड़ा उखड़ा रहता है। और पूरे दिन जम्भाई आती रहती हैं।

‌‌‌38.प्रदर्शन मे गिरावट

एक रिसर्च के अंदर यह बात सामने आई है कि जो लोग देर रात तक बात करते हैं और सुबह काम पर चले जाते हैं उनके प्रदर्शन के अंदर गिरावट आती है। वे काम के अंदर अच्छे से पर्फोम नहीं कर पाते हैं। यह सही भी है जब हम देर रात तक बात करते हैं और सुबह काम पर जाते हैं तो काम पर जाने का ‌‌‌मूड तो नहीं होता है। लेकिन फिर भी जाना पड़ता है। और पूरे दिन नींद परेशान करती रहती है तो पर्र्दशन के अंदर गिरावट तो अपने आप ही आ जाएगी ।

‌‌‌दोस्तों मोबाइल से लंबी बात करने के कुछ खास नुकसान के बारे मे हमने जाना । वैसे मोबाइल के नुकसान के बारे मे उपर ही हम बहुत कुछ बता चुके हैं। वैसे यदि मोबाइल के नुकसानों की बात की जाए तो इसके अंदर सामाजिक नुकसान काफी ज्यादा हैं। जिससे यह साफ होता है कि मोबाइल आने पर लोग सामाजिक रूप से काफी ‌‌‌ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लोग इसके अंदर गलत चीजें देखते हैं और अपना समय खराब करते हैं। जो एक बहुत ही बड़ा नगेटिव पॉइंट बन जाता है।‌‌‌लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मोबाइल का सही उपयोग नहीं किया जाता है। ऐसे अनेक लोग हैं जो मोबाइल का सही यूज भी करते हैं।

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