गुस्सा कम करने के लिए 22 जबरदस्त तरीके और मंत्र

‌‌‌ ‌‌‌इस लेख मे हम आपको बताएंगे गुस्सा शांत करने का मंत्र , और गुस्से को कम करने का टोटका व गुस्सा कम करने के उपाय के बारे मे । यदि आप गुस्सा कम करना चाहते हैं तो नीचे तरीके दिए हैं। अपनी समझ के अनुसार चुन सकते हैं। अफसोस की बात तो यह है ,बहुत से लोग हैं ,जो गुस्से को बुरा तो मानते हैं और कम करने का प्रयास भी करते हैं लेकिन कुछ दिन कम कर भी पाते हैं उसके बाद वैसे के वैसे ही हो जाते हैं। ‌‌‌क्योंकि गुस्से को कम करने के टिप्स बताना और उसके बाद उनको खुद के उपर लागू करना दो अलग अलग बाते होती हैं। खैर दोस्तों आपको टिप्स तो हर कोई बता सकता है लेकिन बताने वाला गुस्से से रहित नहीं होता है। और जब वह रहित ही नहीं होता है

तो फिर वह इस बात का परीक्षण सही तरीके से नहीं कर पाता है कि ‌‌‌टिप्स सही तरीके से काम करेंगे या नहीं ?यदि हम आज के समय को देखें तो आपको शांति कहीं भी नहीं मिलेगी । अनेक गुरू घंटाल बैठे हैं ,जो दूसरों को काम ,गुस्से  और लोभ से दूर रहने की सलाह देते हैं लेकिन खुद इन सब से वशीभूत होते हैं।

‌‌‌इसी तरीके से गुस्से  को दूर करने या गुस्से को दूर करने के लिए मेहनत करनी होगी और कोई एक दिन के अंदर ही यह सब नहीं हो जाता है। भले ही आप एक बार अपने गुस्से को शांत कर देते हैं तो कभी यह नहीं समझ लेना चाहिए कि वह आपके अंदर से चला गया है।

‌‌‌बहुत से लोगों को इस प्रकार का वहम हो जाता है। वे एक बार आए अपने गुस्से को दबा देते हैं और उसके बाद सोचते हैं उन्होंने तो गुस्से को जीत लिया है लेकिन गुस्से को जितने के लिए काफी लंबी मेहनत करनी होती है। अक्सर योगी लोग ऐसा करते हैं। और इसमे सालों भी लग जाएं तो कोई आवश्चर्य की बात नहीं होगी।

‌‌‌दोस्तों मैं खुद गुस्से को नष्ट करने का प्रयास कर रहा हूं । और इसके अंदर अभी तक मुझे मेहनत करते हुए 3 महिने से अधिक हो चुका है। हालांकि अभी मैं यह दावा नहीं करता हूं कि यह नष्ट हो गया है। संभव है यह सुप्त अवस्था के अंदर मौजूद हो । ‌‌‌और ऐसा करना आसान नहीं होता है।हर समय आपको यह देखना होता है कि आप क्या कर रहे हैं ? और आप कहीं गुस्सा तो नहीं कर रहे हैं। खुद को पूरे दिन जागरूक रखना बहुत मुश्किल है। क्योंकि हम जागते हुए भी सोते हैं।

‌‌‌गुस्स वैसे भी आजकल के माहौल का अंग बन चुका है।असल मे इंसान चाहे तो अपनी भावनाओं से अलग हो सकता है यही इंसान  को दूसरे जानवरों से अलग बनाती है लेकिन हम अपने गुस्से  और दूसरी भावनाओं से इस प्रकार से चिपके रहते हैं जैसे यह सब कुछ हमारा ही हो ।

‌‌‌कई बार न्यूज आती है कि गुस्से मे अमुक इंसान ने अमुक को मार दिया ऐसा नहीं होना चाहिए था। लेकिन असल मे हम अभी भी जानवर हैं और जब जानवर से इंसान बन जाएंगे तो कुछ भी गलत नहीं होगा । जानवर का मतलब है कि वे अपनी भावनाओं और विचारो से अलग नहीं देख सकते हैं । ‌‌‌क्योंकि उनके पास यह क्षमता नहीं है। लेकिन हमारे पास यह क्षमता होते हुए भी जानवरों की तरह भावनाओं को विचारों के बंधन मे बंधे होते हैं तो फिर हम जानवर के समान ही हुए इसके अंदर कोई शक नहीं है। ‌‌‌खैर आइए अब जानते हैं कि किस तरह से हम अपने गुस्से को काबू के अंदर पा सकते हैं ताकि हम अपने स्वरूप के अंदर स्थिति हो सकें ।

Table of Contents

‌‌‌1.गुस्से को कम करने का टोटका gussa kam karne ke totke

यदि आपके पति को बहुत अधिक क्रोध आता हो आप उनके क्रोध से बहुत अधिक परेशान हो चुकी हैं तो इसके अंदर करना आपको यह है कि आप सूखी डंढल वाली लाल मिर्च को लेना होगा और उसके बाद उसके उतने ही बीज लेना है जितनी की पति की आयु हो उसके बाद  ‌‌‌उनको तब आग मे डालें जब पति घर पर हो लेकिन पति को इस बारे मे कुछ भी नहीं बताना है। इस टोटके से क्रोध शांत हो जाता है।

2.गुस्सा शांत करने का मंत्र gussa kam karne ka mantra

‌‌‌यह एक छोटा सा मंत्र है और इसको आप घर के अंदर रोजाना 21 बार जप करना है। जिस भी इंसान को क्रोध आता है उसे यह मंत्रजपना चाहिए । इसके साथ ही गुस्से को भगाने का मैन्यूअली भी प्रयास करना होगा ।

ॐ शांति प्रशांति सर्व क्रोधोपशमनि स्वाहा

‌‌‌3. ‌‌‌गुस्सा कम करने का उपाय सरल क्रोध का मंत्र

दोस्तों यह भी क्रोध को कम करने का एक मंत्र है।नीचे दिये गए मंत्र का 108 बार 5 माला जाप करना होगा इसके अलावा आपको ध्यान भी करना होगा ।

ॐ गतक्रोधाय नम:

‌‌‌4. क्रोध को कैसे कम करें आकर्षण तिलक ‌‌‌से

दोस्तों आकर्षण तिलक की मदद से भी सामने वाले का क्रोध कम किया जा सकता है। आकर्षण तिलक की अनेक विधियां हैं जैसे सफेद आक को छाया के अंदर सूखाकर कपिला गाय के दूध के अंदर पिसकर तिलक लगाने से आकर्षण होता है और सामने वाला आसानी से क्रोध नहीं करता है।

‌‌‌इसी तरीके से बबूल के पेड़ की जड़ को पानी के अंदर घिस कर तिलक लगाने से सामने वाले इंसान शांत हो जाते हैं।

‌‌‌5.गुस्से  की पहचान कर रोकना

सबसे पहले आपको यह तय करना है कि आपको किन किन चीजों के उपर गुस्से  आता है। हर इंसान के बार कुछ ऐसे विचार होते हैं जिनकी वजह से उसे गुस्से  आ सकता है। आपको उनमे से कुछ विचारों को यहा हो सके तो सभी को एक पन्ने के उपर लिख देना है।

उसके बाद ‌‌‌उस पन्ने को अपने बेड़रूम के सामने की तरफ लगा देना है । और रोजाना सुबह शाम जब भी आपको नजर मिले तो यह ध्यान रखना है कि उन विचारों का समय आये तो गुस्से  को रोक लेना है। जब बार बार यह विचार आपके दिमाग मे रहेंगे तो कुछ ही समय के अंदर आपको इसके अच्छे परीणाम नजर आएंगे । ‌‌‌बहुत से लोग यह तरीका यूज करते हैं।जब आप एक बार आप यह जान जाते हैं कि आपको गुस्से  नहीं करना है तो उसके बाद आप सबसे पहले भयंकर गुस्से  को नष्ट कर देते हैं और उसके बाद सामान्य गुस्से  को किसी दूसरे तरीके से साफ कर सकते हैं।

‌‌‌इस तरीके की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके अंदर आपको किसी भी प्रकार के बोध की कोई खास आवश्यकता नहीं है। बस इतना करना है कि जब गुस्से  आए तो इन विचारों को याद करलें ऐसा करने से गुस्से  अपने आप ही शांत हो जाएगा । 

‌‌‌पहले पहले यह समस्या होगी कि आपको खुद का ही विरोध झेलना होगा और कई बार तो आपको यह भी याद नहीं रहेगा कि आपको गुस्से  नहीं करना है। लेकिन कुछ समय के लिए यदि आप अभियास करोगे तो आपको गुस्से  रोकने मे सफलता मिलेगी ।‌‌‌इस तरीके को मैं कई बार यूज करता हूं हालांकि आजकल मेरा गुस्से  लगभग नहीं रहा है। लेकिन पहले पहले इसका प्रयोग मैंने भी किया था।

‌‌‌6. क्रोध को कम करने का तरीका अपने घर के सदस्यों की मदद लेना

यदि आप अपने गुस्से  पर काबू पाना चाहते हैं तो आपके घर के सदस्य और दोस्त भी इसके अंदर मदद कर सकते हैं।जब एक बार आप यह पूरी तरह से नश्चिय कर लेते हैं कि आपको गुस्से  कम करना है तो उसके बाद आप ‌‌‌अपने घर के सदस्य और दोस्तों को यह बोलें कि जब भी आपको किसी बात पर गुस्से  आए तो वे उसे याद दिलाएंगे । और ऐसी स्थिति के अंदर जब भी आप उनके सामने किसी बात को लेकर गुस्से  करेंगे तो वे आपको याद दिलादेंगे ।‌‌‌लेकिन इस तरीके से आप अपने सम्पूर्ण गुस्से  का नास नहीं कर सकते हैं।लेकिन फिर भी अपने गुस्से  को कंट्रोल करने के लिए काफी बेस्ट तरीका है। ‌‌‌यदि आप मोक्ष की तरफ जाने का विचार नहीं कर रहे हैं तो आपके लिए यह तरीका ठीक रहेगा ।

‌‌‌7.गुस्से  को अंदर दबा लेना

दोस्तों गुस्से  को अपने अंदर दबा लेना भी गुस्से  को कम करने का एक तरीका है। लेकिन यह तरीका अधिक उपयोगी नहीं है। फिर भी गुस्से  को नष्ट करने के लिए अच्छा है। यदि आपको गुस्से  आ जाता है और आप बाहर अपनी उर्जा को नष्ट करने लग जाते हैं तो ‌‌‌इस विधि के अंदर आपको बाहर से पूरी तरह से शांत रहने का अभियास करना होता है। अंदर गुस्से  आता है और आकर शांत हो जाता है।

इसमे सिर्फ आपको ही पता चलता है। आप उस गुस्से  का कुछ करते नहीं हैं वरन बस आप उसे देखते रहते हैं कि मेरे मन मे देखों कैसे गुस्से  आ रहा है।

‌‌‌इस विधि के अंदर आप गुस्से  को करने वाले नहीं होते हैं।बस आप उसको देखने वाले होते हैं और उसको महसूस करने वाले भी नहीं होते हैं। हालांकि इस स्थिति तक जाना कोई आसान काम नहीं होता है लेकिन आप ऐसा कर सकते हैं। ‌‌‌कुछ लोगों को मैंने देखा है कि जब उनको गुस्से  आता है तो वे पहले से अधिक शांत हो जाते हैं और उसके बाद आराम से बैठ जाते हैं और खुद को देखते हैं। यह उसी तरीके से है जब समुद्र के अंदर तुफान आता है तो समुद्र को कोई फर्क नहीं पड़ता है। लहरे उठकर अपने आप ही शांत हो जाती हैं।

‌‌‌आपका गुस्से  भी एक लहर ही तो है।आपको एक समुद्र की भांति बन जाना है। उसके बाद आपका गुस्से  हमेशा हमेशा के लिए शांत हो जाएगा । गुस्से  को शांत करने के लिए यह बहुत अधिक कारगर विधि है।

‌‌‌8.गुस्से को बाहर निकालने की विधि

दोस्तों उपर वाली विधि के अंदर हमने यह देखा कि हम सारे गुस्से को बस अंदर ही रख लेते हैं और बाहर की तरफ पूरी तरह से शून्य हो जाते हैं । और खुद को उस गुस्से से अलग कर लेते हैं। ‌‌‌लेकिन यह विधि थोड़ी अलग है।इसमे जब आपको गुस्सा आए तो अपने सारे गुस्से को बाहर निकाल दीजिए और उसके बाद अंदर से पूरी तरह से खाली हो जाएं । मतलब अंदर शुन्यता आ जानी चाहिए । ‌‌‌उसके बाद यह सोचना चाहिए कि मैं गुस्सा कर ही नहीं सकता हूं । मैंरा स्वरूप सदा शांत और अचल है। 

‌‌‌आपको बतादें कि गुस्से को पूरी तरह से बाहर निकाल देना कोई आसान काम नहीं है।हमारी समस्या यही है कि हम गुस्से को ना तो पूरी तरह से बाहर निकाल पाते हैं और ना ही पूरी तरह से अंदर रख पाते हैं। बीच की स्थिति मैं फंस जाते हैं। और ऐसी स्थिति के अंदर गुस्से को दूर करना कठिन होता है।

‌‌‌यहां पर मैं आपको एक ऐसी महिला के बारे मे बताना चाहूंगा ,जो इस कला के अंदर बहुत ही शानदार तरीके से अभियस्त है। पहली बार मैंने जब उस महिला को देखा जब वह किसी से लड़ रही थी। लेकिन अगले 5 मिनट के अंदर ही वह वापस  अपने दुश्मन के पास बिना किसी कड़वाहट के बात करने लगी । ‌‌‌

जब उससे यह पूछा गया कि यह क्या है तो उसने बहुत ही सुंदर जवाब दिया कि गुस्सा जब आता है तो झगड़ा हो जाता है। कई बार गुस्सा करना जरूरी होता है लेकिन गुस्से के कण अंदर रखना हानिकारक होता है। जिस प्रकार से बीमारी के कण अंदर रह जाते हैं और वो जिंदगी भर परेशान करते हैं उसी प्रकार से गुस्सा तो ‌‌‌उससे भी बूरा है वह मरने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ता है। यह गुस्सा मन का खेल है मेरा नहीं है।मैं खुद शून्य हूं ।

‌‌‌9.गुस्से से पूरी तरह से अलग हो जाना

दोस्तों गुस्से को दूर करने का यह भी एक तरीका है।इसमे  ‌‌‌आपको अपने गुस्से से पूरी तरह से अलग हो जाना होता है।इसके अंदर आपको अपने मन मे एक धारणा सैट करनी होती है कि आप गुस्सा नहीं कर रहे हैं आप गुस्सा कर ही नहीं सकते हैं क्योंकि आप एक आत्मा हैं और गुस्सा करना तो मन का काम होता है।

 इसमे आपको जब आपको गुस्सा आए तो उस गुस्से को दूसरे की भांति देखना ‌‌‌होता है।उस गुस्से के अंदर शामिल होना नहीं होता है। जब भी आपको गुस्सा आए तो आपको उपर दिया हुआ विचार अपने दिमाग के अंदर एक्टीव करना होगा । और इस प्रकार से धीरे धीरे अभियास करते हुए आप गुस्से को कंट्रोल कर सकते हैं।

‌‌‌लेकिन इसमे आपको किसी भी प्रकार से गुस्से मे आकर शारीरिक क्रिया करने से बचना होगा । हालांकि पहले पहले आपके लिए यह काम करना बहुत कठिन हो सकता है लेकिन यदि आप निरंतर अभियास करेंगे तो अवश्य ही कामयाब हो जाएंगे । ‌‌‌इस तरीके की मदद से गुस्से को रोकना थोड़ा कठिन है लेकिन आप हमेशा हमेशा के लिए अपने गुस्से को दूर कर लेते हैं।

‌‌‌10.मन के ढांचे और गुस्से की समझ विकसित करना

दोस्तों गुस्सा क्या है ? और मन किस तरह से काम करता है ? यदि आप इसकी समझ को अच्छी तरीके से विकसित कर लेते हैं तो उसके बाद आपका गुस्सा अपने आप ही दूर हो जाएगा और आपको इसके लिए कोई अधिक प्रयास नहीं करना होगा । यदि आप मोक्ष या निर्वाण की दिसा ‌‌‌ मे काम कर रहे हैं तो आपके लिए यह विधि बहुत ही अधिक उपयोगी होती है।इसमे आप अपने गुस्से को गहराई से जानते हैं तो आपको यह देखकर हंसी आती है कि आप एक मशीन की भांति व्यवहार कर रहे हैं और उसके बाद अपने अंदर फीड हो चुके डेटा को बदल देते हैं। जिसकी वजह से धीरे धीरे आपके अंदर गुस्सा आना बंद हो जाता ‌‌‌ है।

‌‌‌हालांकि इस विधि को करने के लिए आपको काफी लंबा समय लग सकता है क्योंकि इसके अंदर पहले आपको समझ विकसित करनी होती है। उसके बाद अगला काम करना होता है। ‌‌‌यदि आप जल्दी से रिजेल्ट पाना चाहते हैं तो यह विधि आपके लिए नहीं है।लेकिन इस विधि की खास बात तो यह है कि इससे आप अपने पूरे गुस्से को जड़ से ही खत्म कर देते हैं।

‌‌‌11.बाहर और अंदर की शून्यता

‌‌‌दोस्तों बाहर और अंदर की शून्यता को प्राप्त करलेना बहुत ही कठिन होता है और इसके लिए सालों तक अभियास करना पड़ता है। लेकिन इसकी मदद से आप सब कुछ रोक सकते हैं। बाहर की शुन्यता का मतलब यह है कि आप बाहर कि किसी भी चीज से प्रभावित नहीं होते हैं। मेरा मतलब आप के उपर किसी भी विचार या क्रिया ‌‌‌ की मन के अंदर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है।इसी तरीके से आपके अंदर जितने भी विचार होते हैं उनको भी खाली कर देना । पूरे दिन कुछ भी नहीं सोचना ही अंदर का खाली पन कहलाता है । यह स्थिति योगियों के लिए भी दुर्लभ होती है।

‌‌‌इस स्थिति का अभियास सभी को नहीं करना चाहिए । वरन इसका अभियास सिर्फ उन लोगों को करना चाहिए जो योग के मार्ग मे आगे बढ़ना चाहते हैं।

‌‌‌जब हम बाहर और अंदर पूरी तरह से खाली हो जाते हैं तो हम एक पत्थर के समान हो जाते हैं और उसके बाद यदि कोई उसके उपर पेशाब भी कर देता है तो उसे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि उसके साथ बुरा हो गया क्योंकि बुरा और अच्छा मन के गुण हैं । प्रक्रति के गुण हैं और वो खुद प्रक्रति से परे जा चुका है।

‌‌‌12.ध्यान करना

‌‌‌ध्यान गुस्से को कम करने का सबसे बेहतरीन मार्ग मे से एक है।यदि आप रोजाना ध्यान करते हैं तो आपको गुस्सा आना ही बंद हो जाएगा । लेकिन आपको ध्यान का अभियास करना होगा । आप सुबह के समय ध्यान करें तो अधिक बेहतर होगा । आसन लगाएं और किसी एकांत स्थान पर बैठ जाएं ।‌‌‌उसके बाद किसी भी भगवान के स्वरूप पर ध्यान लगाएं और उसी पर ध्यान को तब तक रखें जब तक आप ध्यान मे बैठे रहते हैं। कुछ समय बाद खाली होकर ध्यान करने की कोशिश करें ।

‌‌‌यदि आप लगातार कुछ महिनों तक ध्यान करेंगे तो आपके अंदर आत्मबल विकसित होना शूरू हो जाएगा और उसके बाद आपके मन की एकाग्रता शक्ति बढ़ जाएगी । जिससे आप अपने क्रोध को बहुत ही आसानी से रोक पाएंगे । यह तरीका मैं खुद ट्राई कर चुका हूं । वैसे ध्यान करने का सिर्फ इतना ही फायदा नहीं है। इसके अलावा ‌‌‌भी ध्यान करने के बहुत सारे फायदे होते हैं।

‌‌‌13.गुस्से दिलाने वाली परिस्थितियों से दूर रहना

वैसे यह गुस्से को कम करने का अस्थाई ईलाज है।आपके पास कुछ खास परिस्थितियां हो सकती हैं जिस पर आपका गुस्सा भड़क सकता है। जैसी मेरी वाइफ तब बहुत अधिक गुस्सा हो जाती है जब मैं उसे बोलता हूं कि मैं मर जाउंगा । उसे यह सहन नहीं होता है। उसके बाद ‌‌‌उसका पूरा दिमाग खराब हो जाता है।ऐसी तो अब यदि मैं इस प्रकार के शब्द दूबारा नहीं बोलूंगा तो उसे कोई गुस्सा नहीं आएगा । मतलब आप गुस्से को पैदा करने वाले वातावरण को दूर कर देते हैं।

‌‌‌वातावरण को बदलने का यह कतई मतलब नहीं है कि गुस्सा उस इंसान के अंदर से गायब हो गया है।गुस्सा उस इंसान के अंदर तो रहता ही है। लेकिन वह उसके अंदर एक्टीव नहीं हो पाता है।

‌‌‌14.गुस्से के नुकसान को देखना और उसे रोकना

दोस्तों असल मे गुस्सा हमारे लिए बना है।और हम गुस्से का इस्तेमाल कर सकते हैं। भगवान क्रष्ण गुस्से का इस्तेमाल करते थे । लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे गुस्सा करते थे । गुस्से का इस्तेमाल करने का मतलब यह है कि आप खुद तय करते हो कि गुस्सा कहां ‌‌‌ पर नहीं करना है।

लेकिन हमारे मामले मे यह उल्टा है। अब हम यह तय नहीं करते हैं कि गुस्सा कहां पर करना है बस यह आ जाता है। मतलब गुस्सा हमारे कंट्रोल मे नहीं है और आप जानते ही हैं जो बुरी चीजें कंट्रोल मे नहीं होती वे इंसान के नाश का कारण बनती हैं।

‌‌‌इस तरीके के अंदर आपको गुस्से के नुकसान को समझना है और उसके बाद गुस्से को छोड़ते जाना है। कुछ लोग तार्किक  प्रक्रिया के अंदर विश्वास करते हैं। यह उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी तरीका होता है। इसमे आप गुस्से के नुकसानों को साइंस के अंदर पढ़ सकते हैं।

‌‌‌15.गुस्से की परिस्थितियों को अप्रभावी कर देना

गुस्से को रोकने का एक तरीका यह भी है।इसमे करना यह होता है कि जिन बातों से आपको गुस्सा आता है आपके साथ बार बार वही बातें रोजाना दौहराई  जाती हैं और आपके दिमाग के अंदर एक डेटा सेट किया जाता है कि आपको इन बातों पर गुस्सा नहीं करना है। जैसे किसी ‌‌‌को गाली कोई गाली देदे तो गुस्सा आता है वह उसे सहन नहीं कर सकता है। ऐसी स्थिति के अंदर उसे बार बार इसी परिस्थिति के अंदर रखा जाता है तो गुस्सा अपने आप ही बंद हो जाता है। पहले मुझे किसी दूसरे की दी गाली सुनने पर गुस्सा आता था।

‌‌‌लेकिन एक बार जब मैं एक ऐसी कम्पनी के अंदर गया जहां पर इसी प्रकार के लोग थे तो पहली बार तो मेरे लिए यह काफी असहज का सिस्टम रहा लेकिन उसके बाद सब सही हो गया । इस विधि मे हम गुस्से को काबू करना सीख जाते हैं।

‌‌‌16.अध्यात्मक ‌‌‌कक्षाओं से सीख लेना

यदि आपके शहर के आस पास कोई ऐसे योग गुरू हैं ,जो अध्यात्मक की शिक्षा देते हैं तो आप वहां पर शिक्षा लेने के लिए जा सकते हैं। यह आपके गुस्से को कम करने का और आपके विकास का एक बहुत ही उपयोगी तरीका है।‌‌‌यदि आपके शहर के अंदर कोई योग गुरू नहीं है तो आप youtube  पर देखकर इस मार्ग के अंदर आगे बढ़ सकते हैं। इसके अलावा बहुत सारी किताबें भी मौजूद हैं तो आपको आगे बढ़ा सकती हैं। और यदि आप एक बार योग के फिल्ड मे आगे बढ़ जाते हैं तो गुस्सा तो  आपके पास कभी फटकेगा ही नहीं ।

‌‌‌17.सब कुछ आपका ही अंश है

दोस्तों भगवान क्रष्ण ने यह कहा था कि सब कुछ मेरा ही अंश है। सभी भूतों मे मैं ही हूं । इसका मतलब यह है कि बार से हम जो शरीर की अलग अलग आक्रति देख रहे हैं वह असल मे देखने मे ही अलग दिखती है लेकिन यदि हम अपनी आत्मा का साक्षात्कार करलें तो हमे पता चलेगा कि सब कुछ ‌‌‌हमारा ही अंश है।‌‌‌और यदि आप ऐसा भाव अपने मन के अंदर बैठाते चले जाते हो तो धीरे धीरे आपके अंदर गुस्से की भावना ही कम हो जाएगी । क्योंकि जब सब कुछ आपका ही अंश तो आप किसी के उपर गुस्सा कैसे करोगे ।

‌‌‌हालांकि इस भाव के साथ समस्या यह है कि इसको लंबे समय तक करने की आवश्यकता होती है।

‌‌‌18. ‌‌‌गुस्से को कम करें  अकेले मे चले जाएं

गुस्सा कम करने का यह एक अस्थाई उपचार है। यदि आपको गुस्सा अधिक आता है तो यह एक सरल तरीका है। जब भी आपको लगे कि आप गुस्सा करने वाले हैं तो किसी के सामने ना करें और अकेले मे चले जाएं और वहां पर गुस्सा करें । यदि आप इस प्रकार से करेंगे तो उसके बाद धीरे धीरे ‌‌‌आपका गुस्सा कम होता चला जाएगा ।और एक समय ऐसा आयेगा कि आपके पास गुस्सा जैसी कोई चीज रहेगी ही नहीं ।

‌‌‌19. गुस्से को कम करने का टोटका 10 तक गिने और गुस्सा कम करें

दोस्तों गुस्सा कम करने का यह एक बहुत ही पोपुलर उपाय है। इसके अंदर आपको करना यह होता है कि जब भी आपको गुस्सा आए तो एक से लेकर 10 तक गिने ऐसा करने से गुस्सा कम हो जाएगा । इस संबंध मे मनोवैज्ञानिकों ने कुछ रिसर्च भी किया है। काफी अच्छा परिणाम देखा गया था।

‌‌‌20.गुस्सा आते ही हंसने लगे

दोस्तों गुस्सा कम करने का यह भी एक  जबरदस्त तरीका है। यदि आपको बहुत अधिक गुस्सा आ रहा है या कोई गुस्सा दिलाने की कोशिश कर रहा है तो आपको हंसलेना चाहिए ।‌‌‌यदि आप बार बार ऐसा ही करेंगे तो इसका परिणाम यह होगा कि आपको गुस्सा आना ही बंद हो जाएगा । और यह तरीका बहुत ही आसानी से किया भी जा सकता है।

‌‌‌21. गुस्से को कम करने का टोटका परफयूम का यूज करना

दोस्तों यदि आपको गुस्सा आता है तो आप परफयूम का यूज कर सकते हैं हालांकि केवल परफयूम काम नहीं करेगा लेकिन आपके दिमाग को रिलेक्स कर सकता है। इत्र के अंदर कुछ खास प्रकार की चीजे होती हैं जो आपके दिमाग के अंदर आनन्द पैदा करने वाले हार्मोन को बढ़ाती हैं।‌‌‌और इसका फायदा यह है कि जो कैमिकल गुस्से की वजह से दिमाग के अंदर पैदा हुए थे वे अपने आप ही कम हो जाएंगे ।और आपका गुस्सा भी शांत हो जाएगा ।

‌‌‌22.सर्वागासन

‌‌‌सर्वागासन गुस्से को नियंत्रित करने के लिए एक योगा है।इसको करने के लिए सबसे पहले सीधे जमीन के उपर लेट जाएं और अपने दोनो हाथों को उपर की तरफ उठाएं ।और अपने पैरों को सीधा रखते हुए अपने सिर को उपर की तरफ उठाते हुए 45 ड्रिग्री का कोण बनाने की कोशिश करें ।‌‌‌आप इस योगा को देखने के लिए विड़ियो को देख सकते हैं।

‌‌‌गुस्से को रोकने के लिए कुछ ध्यान देने योग्य बातें

दोस्तों गुस्से को कम करने के उपाय के अंदर हमने कई सारे तरीके बताएं हैं। और आप किसी भी तरीके का प्रयोग कर सकते हैं ,जो आपको सरल लगता है लेकिन जब आप एक तरीके का प्रयोग करें तो उसे सही तरीके से फोलों करें ।‌‌‌तभी आप इस मार्ग के अंदर आगे बढ़ पाएंगे नहीं तो आप अपने गुस्से को काबू मे नहीं कर पाएंगे ।

‌‌‌अपना विवेक विकसित करें

दोस्तों बिना विवेक के आप कोई  भी गुस्सा कम करने की तरीके को प्रयोग करें आप असफल ही होंगे । कारण यह है कि यदि आपके अंदर समझ ही नहीं होगी तो फिर आप गुस्सा दूर कर ही नहीं पाएंगे ।‌‌‌जैसे बहुत से लोग जड़ बद्वि के होते हैं।यदि वे किसी एक चीज को पकड़ लेते हैं तो उसे कभी नहीं छोड़ते हैं।ऐसे लोगों का गुस्सा दूर करना मुश्किल है और ऐसी स्थिति के अंदर सिर्फ गुरू ही उन शिष्यों की मदद कर सकता है।

‌‌‌यदि आप अपनी समझ को विकसित करने मे सफल होते हैं तो उसके बाद ही आप अपने काम के अंदर आगे बढ़ने मे सफल होंगे । समझ विकसित होने का मतलब यह है कि आप सब चीजों को जो आपके दिमाग मे है जब चाहे बदल सकते हैं कोई भी विचार आपके उपर हावी नहीं है।

‌‌‌विधि का अभियास लंबे समय तक करें

दोस्तों भले ही आप गुस्सा कम करने की किसी भी विधि का प्रयोग करते हो लेकिन उसका सही तरीके से अभियास किया जाना भी बहुत अधिक आवश्यक होता  है। एक बार गुस्से को कम कर लेना कोई बड़ी बात नहीं होती है। लेकिन आपको यह हमेशा के लिए शांत करने की आवश्यकता है।‌‌‌इसके लिए आपको एक लंबा अभियास करने की आवश्यकता होगी । आप कुछ समय के लिए करेंगे तो आपको गुस्सा आना काफी कम हो जाएगा ।

‌‌‌गुस्से वाले वातारण से दूर रहने की कोशिश

यदि आप गुस्से पर काम कर रहे हैं तो आपको कुछ समय के लिए गुस्से वाले वातावरण से दूर रहने की आवश्यकता होगी । हालांकि यह विधि के उपर निर्भर करेगा ।‌‌‌यदि आप गुस्से वाले वातारण से दूर रहेंगे तो धीरे धीरे आपके अंदर गुस्सा पैदा होने की भावना जाती रहेगी। हालांकि इसके अंदर भी आपको कुछ वक्त लग सकता है। निर्भर करता है कि आप कितने गुस्सेल हैं।

‌‌‌अपनी योग्यता के अनुसार उपयुक्त विधि का चुनाव करें

वैसे तो हमने उपर अनेक प्रकार की विधियां बताई हैं लेकिन आपको बतादें कि आप अपनी योग्यता के अनुसार उपयुक्त विधि का चुनाव करें । हर इंसान के लिए एक ही विधि उपयुक्त नहीं होती है। और जो विधि आपको सरल लगे आपको उसी का चुनाव करना चाहिए ।

‌‌‌जन्म से सीखे गुस्सा कंट्रोल करना

दोस्तों यदि आप अपने बच्चों को जन्म से ही गुस्से पर कंट्रोल करने की कला को सीखाते हैं तो यह बहुत ही अच्छा उपाय हो जाता है। लेकिन हमारे साथ समस्या यह है कि हम जन्म से गुस्से के बारे मे कोई ध्यान नहीं देते हैं ‌‌‌लेकिन जब यह हमारे उपर हावी होने लग जाता है तो फिर समस्या हो जाती है। और उसके बाद उसे कंट्रोल करने के लिए इधर उधर दौड़ते हैं । तब यह कंट्रोल होता हैं।‌‌‌आप अपने बच्चे को गुस्सेल बनाने की बजाय बिना गुस्सेल बना सकते हैं।

‌‌‌गुस्से का उपयोग करना सीखें

दोस्तों यदि आप गुस्से को पूरी तरह से खत्म कर देते हैं तो उसके बाद आप इस समाज मे रहते हैं तो आपको यह समाज जीने नहीं देगा तो आपको गुस्से के वशीभूत होकर काम नहीं करना है। वरन आपको गुस्से का उपयोग करना आना चाहिए ।‌‌‌महाभारत के अंदर क्रष्ण भगवान को हंसते हुए दिखाया जाता है ।वे हर जगह पर हंसते रहते हैं ऐसा क्यों ? तो इसका एक ही उत्तर है कि वे गुस्से का प्रयोग करते हैं । गुस्सा उनका प्रयोग नहीं करता है।

‌‌‌गुस्से से जुड़ी महात्मा बुद्व की कहानी

दोस्तों महात्मा बुद्व की एक कहानी है जिसके बारे मे हम आपको बताना चाहेंगे । एक बार महात्मा बुद्व अपने कुछ शिष्यों के साथ कहीं पर जा रहे थे तो रस्ते के अंदर जब वे एक गांव से गुजरे तो कुछ लोग उनके पास आए और मिठाइयां खाने के लिए देने लगे ।‌‌‌तब महात्मा बुद्व ने कहा कि मेरा पेट भरा हुआ है और मैं मिठाइयां नहीं लेना चाहता हूं अपने घरवालों को दान करदो । और इसी प्रकार से जब महात्मा बुद्व अगले गांव के अंदर पहुंचे तो वहां पर कुछ लोग महात्मा बुद्व को ‌‌‌गाली देने लगे ।

महात्मा बुद्व गाली को सुनते हुए भी अनसुना कर दिया । उसके बाद महात्मा बुद्व को क्रोध मे ना देखकर वे लोग हैरान रह गए और पूछा आपको क्रोध क्यों नहीं आया तो महात्मा बुद्व बोले की ‌‌‌मैंने तुम्हारी गालियां ली ही नहीं तो फिर मुझे कैसे गुस्सा आ सकता है। और यदि मैंने गालियां नहीं ली हैं तो इसका अर्थ यह है कि यह गालियां तुम्हारे पास ही रह गई हैं।

‌‌‌खैर वो समय अलग था आज का समय कुछ अलग है।यदि आज आप बुराई का प्रतिकार ही नहीं करोगे तो दुष्ट लोग आपको मोक्ष तक पहुंचने ही नहीं देंगे ।उससे पहले ही मौत के घाट उतारदेंगे ।

तनाव से दूर रहें

दोस्तों तनाव गुस्से का बहुत ही बड़ा कारण होता है। और यदि आप तनाव के अंदर रहते हैं तो आप अपने गुस्से को रोक नहीं पाएंगे । आपको रिलेक्स होने का प्रयास करना चाहिए । यदि आप तनाव को खुद दूर नहीं कर पाते हैं तो फिर आपको किसी भी मनोवैज्ञानिक की मदद लेना आवश्यक होगा ।

‌‌‌डॉक्टर से परामर्श करें

यदि आपको बिना कारण ही गुस्सा आता रहता है तो इसके लिए आप अपने डॉक्टर से भी परामर्श कर सकते हैं। क्योंकि कई बार शरीर के अंदर कैमिकल बैलेंस नहीं होने की वजह से ऐसा हो सकता है।

‌‌‌धुम्रपान का सेवन ना करें

दोस्तों जब आप धुम्रपान करते हैं तो आपके विवेक का लोप हो जाता है। और उसके बाद गुस्सा आने लग जाता है। आपने देखा होगा कि गांव और शहर के अंदर कुछ लोग शराब के नसे मे गालिया देते हैं और अपने घरवालों पर पूरे दिन गुस्सा करते रहते हैं। ऐसे लोगों का सबसे पहला ईलाज तो यही करना ‌‌‌होता है कि उनके नशे को छूटाया जाए ।

‌‌‌हालांकि इसके अंदर भी बहुत सारी समस्याएं आ सकती हैं।लेकिन इसके अलावा और कोई चारा नहीं है ऐसे व्यक्तियों को लाइन के उपर लाने का ।‌‌‌हमारे घर के पास मे एक ऐसा व्यक्ति है जो बहुत अधिक शराब पीता है और उसके बाद अपनी पत्नी को मारता है उसके उपर गुस्सा भी करता है। और कई बार हम उनके झगड़े को रोककर आते हैं।‌‌‌इसके अलावा यदि आप तम्बाकू वैगरह भी खाते हैं तो यह भी गुस्से का  कारण हो सकती है।

‌‌‌बाहर की समस्याओं को बाहर ही रखें

दोस्तों इंसान पूरी तरह से मशीन बन चुका है। यदि आपको किसी बाहर किसी ने कुछ कह दिया है तो आप घर के अंदर आते हैं और उसके बाद उस बात का गुस्सा अपने पत्नी और बच्चों के उपर निकालते हैं।‌‌‌ऐसा नहीं होना चाहिए ।यदि ऐसा होता है तो फिर यह पूरी तरह से गलत है। बाहर की समस्याओं को बाहर ही रखें और घर के अंदर अपनी बीवी या परिवार के दूसरे सदस्य के उपर इस बात का गुस्सा ना निकाले तो ही अच्छा होगा ।

‌‌‌सहनशील बने

गुस्सा आने का बड़ा कारण यह है कि आपके अंदर सहनशीलता नहीं है। यदि पति को पत्नी कुछ कह देती है तो पति को बुरा लगता है कि देखों मेरी पत्नी ही मुझे कह रही है लेकिन यदि उस पति को उसका बोस कहता है तो उसके सामने सांस नहीं निकाल सकता ।‌‌‌यदि आपकी पत्नी आपको कुछ कह रही है तो उसको सुनने मे कोई बुराई नहीं है हो सकता है कि वह किसी बात को लेकर गुस्से के अंदर हो और जब गुस्सा कम हो जाएगा तो उसे अपनी गलती का एहसास हो जाएगा ।

‌‌‌आज के समय मे कोई भी सहनशील नहीं है।जिसका परिणाम यह होता है कि गुस्सा आता है और उसके बाद लड़ाई होती है और उसके अंदर कत्ल कर दिये जाते हैं।

‌‌राशी के अनुसार गुस्सा कम करने के उपाय

यदि आप चाहें तो राशी के अनुसार भी गुस्सा कम कर सकते हैं और इसके लिए अलग अलग तरीके हैं। इनके बारे मे नीचे जानकारी दी गई है।

‌‌‌मेष राशी के जातकों के द्वारा गुस्सा कम करने का उपाय

मेष राशी का स्वामी मंगल को माना जाता है।हालांकि इस राशी के जातकों को गुस्सा कम ही आता है लेकिन यदि आता है तो इनको मंगलवार का व्रत करना चाहिए और हनुमाजी की पूजा करनी चाहिए और उनको भोग लगाकर प्रार्थना करनी चाहिए ।

‌‌‌मीन राशी

दोस्तों मीन राशी के जातकों को गुस्से को कम करने के लिए भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए । इसके अलावा भगवान गणेश को भोग लगाना भी आवश्यक होता है।

‌‌‌मकर राशी

मकर राशी के लोगों को भी गुस्सा बहुत अधिक आता है।इन लोगों को माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और दिन के अंदर 108 बार माता लक्ष्मी के मंत्र का जाप करना चाहिए । ऐसा करने से गुस्सा धीरे धीरे कम होता चला जाएगा ।

‌‌‌कुंभ राशी

कुभ राशी के लोग वैसे तो गुस्सा नहीं करते हैं लेकिन इनको अंदर ही अंदर गुस्सा आता है। कुंभ राशी के स्वामी शनी देव को माना गया है। कुंभ राशी के लोगों को शनि के मंत्र का जाप करना चाहिए और उनकी पूजा भी करनी चाहिए ।

‌‌‌धनु राशी

यदि आप एक धुन राशी के जातक हैं तो आपको भगवान क्रष्ण की पूजा करनी चाहिए और उनके मंत्र का जाप करना चाहिए । यदि आप कुछ दिन ऐसा करते हैं तो आपका गुस्सा आना अपने आप ही बंद हो जाएगा ।‌‌‌इसके अलावा गुस्सा कम करने के लिए सुबह प्राणायाम भी आप कर सकते हैं।

‌‌‌तुला

वैसे तो तुलना राशी बहुत ही शांत राशी होती है।और इन राशी वाले लोगों को गुस्सा कम ही आता है लेकिन यदि गुस्सा आता भी है तो अपने गुस्से को शांत करने के लिए और मन को शांत करने के लिए रोजाना अपने माथे पर चंदन का तिलक करें और किसी भी भगवान का मंत्र जाप करें जिसे आप मानते हैं।

‌‌‌कन्या राशी

दोस्तों कन्या राशी का स्वामी शनिदेव होता है। इस राशी के जातकों को शनि का पाठ करना चाहिए और शनिवार के दिन काली वस्तुए का दान कर सकते हैं। इसके अलावा आपको बतादें कि आप हनुमाजी का पाठ भी कर सकते हैं।

‌‌‌सिंह राशी

सिंह राशी का प्रधान गुरू होता है।आपको गुरूवार के दिन पीली वस्तुओं का दान करना चाहिए ।और केसर का तिलक लगाना चाहिए ।इसके अलावा इस राशी के जातक भगवान विष्णु की पूजा करें तो अवश्य ही लाभ मिलेगा ।

‌‌‌कर्क राशी

यदि आपकी राशी कर्क है तो आपको गुस्सा शांत करने के लिए कार्तिकेय की पूजा करनी चाहिए । इसके अलावा आपको रोजाना अपने ईष्ट देव के मंत्र का जाप करना चाहिए । उसके बाद कुछ समय के लिए ध्यान भी लगाना चाहिए ।

‌‌‌मिथुन

मिथुन राशि के जातको मैं वेसे तो शांति का वाश होता है लेकिन आपको बतादें कि इस राशी के जातकों को यदि क्रोध आता है तो माता दुर्गा की पूजा करनी चाहिए और मंत्रों का जाप भी करना चाहिए । इसके लिए सहज जाप करने वाला कोई भी मंत्र आप ले सकते हैं।

वृष

वृष राशी को काफी गुस्सेल माना जाता है।इस राशी के जातकों को भगवान गणेश की प्रतिदिन पूजा करनी चाहिए इसके अलावा गणेश जी को भोग लगाना चाहिए ।ऐसा करने से इनका गुस्सा अपने आप ही कम हो जाएगा ।

आत्मा और मन में होते हैं यह खास भेद आपको पता होना चाहिए ।

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बताएंगे गुस्सा शांत करने का मंत्र , और गुस्से को कम करने का टोटका व गुस्सा कम करने के उपाय लेख आपको कैसा लगा नीचे कमेंट करें

दोस्तों गुस्से को कम करने के लिए हमने आपको कई सारे उपाय बताएं हैं। आप यदि इनमे से बस कुछ उपायों को भी फोलों करलेते हैं। तो हम यकीन के साथ यह कह सकते हैं कि आप अपने गुस्से को कम करने मे सफल हो सकते हैं। मगर अक्सर क्या होता है , कि हम बस सरल से उपायों की तलास करते रहते हैं। लेकिन कोई भी उपाय बोलने मे जितना सरल लगता है। रियल मायेने के अंदर उतना अधिक सरल होता नहीं है। बस आपको प्रयास करना होगा । तभी यह काम करेगा । यदि आप अपने गुस्से को इन उपायों से कम करने मे सफल हो चुके हैं। तो हम खुद को कामयाब मानेंगे।

This post was last modified on February 16, 2024

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