‌‌‌भैंस का मीट खाने के 12 दमदार फायदे जानें bhes ka meet khane ke fayde

bhes ka meet khane ke fayde भैंस का मीट खाने के फायदे के बारे मे बताने वाले हैं। आइए जानते हैं।जो लोग मांसहारी होते हैं। मीट उनके भोजन का हिस्सा होता है। हालांकि वे शाकहारी खाने को खाते हैं , तो उनको जरा भी अच्छा नहीं लगता है। उनकी पसंद मांसहारी खाना होता है। भारत के अंदर कई तरह के जानवरों के मांस को खाया जाता है , जैसे कि बकरी , पाड़ा , भैंस ,मुर्गी आदि । मांसखाने वाले लोगों का यह कहना होता है , कि मांस काफी स्वदिष्ट होता है , इसलिए उनको काफी अच्छा लगता है। हालांकि शाकहारी  लोग इसको पसंद नहीं करते हैं। आज हम बात करने वाले हैं कि भैंस का मीट खाने से क्या क्या फायदे मिलते हैं। आपको बतादें कि भैंस के मीट को रेड़ मीट के नाम से जाना जाता है।इसके अंदर  प्रोटीन, आयरन, जिंक विटामिन डी और ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि पाये जाते हैं। जोकि काफी उपयोगी होते है।

जैसा कि आपको पता ही है , कि भैंस का मीट हो या फिर कोई दूसरी तरह का मीट अक्सर इन सब चीजों के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। तो यहां पर हम आपको भैंस के मीट खाने के फायदे और नुकसान की बात करेंगे । हालांकि इन सभी चीजों के उपर अक्सर फायदे और नुकसान के बारे मे रिसर्च होती रहती है।

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भैंस के मीट को रेड़ मीट क्यों कहा जाता है ? भैंस का मीट खाने के फायदे

अक्सर आपने सुना होगा  ​, कि भैंस के मीट को रेड ​मीट के नाम से जाना जाता है।इसकी वजह यह है , कि यदि आप उसके कच्चे मीट को देखोगे तो उसका रंग लाल होता है। इसकी वजह से इसको रेड ​मीट के नाम से जाना जाता है।

रेड मीट में मायोग्लोबिन नामक एक प्रोटीन होता है, जो मांस को लाल रंग देता है। मायोग्लोबिन मांसपेशियों में ऑक्सीजन के परिवहन के लिए जिम्मेदार होता है। भैंस के मांस में मायोग्लोबिन की मात्रा अधिक होती है, इसकी वजह से वैज्ञानिक रूप से उसका रंग लाल होता है। तो आप समझ गए होंगे कि भैंस के मीट को लाल मीट के नाम से क्यों जाना जाता है।

भैंस का मीट खाने के फायदे मांसपेशियों के लिए

दोस्तों मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए भैंस का मीट काफी अधिक उपयोगी होता है। इसमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 22 ग्राम प्रोटीन होता है। जोकि मांसपेशियों को मजबूत बनाने का काम करता है। यदि आप भी अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाने के बारे मे विचार कर रहे हैं , तो आप भैंस का मीट खा सकते हैं। यह आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। बहुत सारे लोग खुद को ताकतवर बनाने के लिए भी मीट का सेवन करते हैं।यह आमतौर पर चोटिल मांसपेशियों की मरम्मत कर सकता है। और उसके स्थान पर सही मांसपेशियों को बना सकते हैं। कुल मिलाकर यह एक बहुत ही अच्छी चीज होती है। आप समझ सकते हैं।

आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करता है भैंस का मीट

दोस्तों भैंस का मीट आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करने का काम करता है। इसके अंदर अच्छी मात्रा मे प्रोटीन होता है , जोकि आपको अंदर से पॉवरफुल बनाने का काम करता है। जब शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है , तो उसकी वजह से हम बार बार बीमार पड़ने लग जाते हैं। खास कर सर्दी और जुकाम हमें बहुत अधिक परेशान करती है। इसलिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का बेहतर होना काफी अधिक जरूरी होता है।

हालांकि रोगप्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने के लिए और भी बहुत सारे तरीके हैं। यदि आप मीट का सेवन नहीं करती हैं , तो दूसरे तरीकों का भी प्रयोग कर सकती हैं।

हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर करता है

दोस्तों भैंस का मीट हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर करने का काम करता है। आप इस बात को समझ सकते हैं। यदि आप भी अपनी हड्डी को मजबूत करना चाहते हैं , तो आप रेड मीट या फिर भैंस के मीट का सेवन कर सकते हैं। यह आपके लिए काफी अधिक फायदेमंद रहेगा । आप समझ सकते हैं।

यह हड्डी की कमजोरी और टूटी हुई हड्डी को जोड़ने जैसी समस्याओं के अंदर काम आ सकता है। इसके अंदर मौजूद प्रोटीन आपके लिए और अधिक बेहतर होती है आप समझ सकते हैं।

शरीर मे खून की कमी को दूर करता है

भैंस का मीट खाने से शरीर के अंदर खून की कमी को दूर करने मे काफी हद तक मदद मिलती है। यदि आपके शरीर के अंदर खून की कमी है , तो आपको भैंस का मीट ,खाना चाहिए क्योंकि इसमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 2.5 मिलीग्राम आयरन होता है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन के लिए आवश्यक है।हालांकि इसके कुछ नुकसान भी होते हैं। इसलिए खून को बढ़ाने के चक्कर मे आपको अधिक रेड़ ​मीट का सेवन नहीं करना चाहिए , नहीं तो फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है।

तेजी से घाव भरने मे मदद करता है

भैंस का मीट आपके घाव को तेजी से भरने मे मदद करने का काम करता है। यदि आपको किसी वजह से चोट लगी है। और उसकी वजह से घाव हो गया है , तो भैंस का मीट आपको खाना चाहिए ।इसमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 4 मिलीग्राम जिंक होता है। जोकि आपके घाव को काफी तेजी से भरने मे मदद करने का काम करता है। आप समझ सकते हैं।

यह काफी स्वादिष्ट होता है

कुछ लोग इस तरह के होते हैं , कि उनको अलग अलग तरह के स्वाद काफी अधिक पसंद आते हैं। यदि आपको अलग अलग तरह का स्वाद लेना पसंद है , तो भैंस का मीट आपके लिए काफी अधिक उपयोगी हो सकता है।यह काफी स्वादिष्ट होता है। आप इसको ट्राई कर सकते हैं। और एक अलग तरह के स्वाद का आनन्द ले सकते हैं।

यह शरीर को उर्जा प्रदान करता है

भैंस का मीट शरीर को उर्जा प्रदान करने का कार्य करता है। इसके उपयोग करने से आपके अंदर काफी अच्छी ताकत आती है। और आप कार्य के अंदर तेजी से थकते नहीं है।भैंस का मीट विटामिन बी12 का भी अच्छा स्रोत है। इसमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 2.5 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 होता है। जोकि आपके शरीर के अंदर उर्जा के स्तर को बनाए रखने मे मदद करने का काम करता है।

तंत्रिका तंत्र के कार्य को बेहतर करता है

रेड मीट के बारे मे यह भी कहा जाता है , कि यह तंत्रिका तंत्र के कार्य को बेहतर करने का काम करता है। यह तंत्रिका के कार्य के अंदर किसी तरह की होने वाली रूकावट को दूर करने का काम भी करता है।

मस्तिष्क के कार्य को बेहतर करने मे मदद करता है

भैंस का मीट खाने के फायदे यह भी हैं कि यह आपके दिमाग के कार्य को बेहतर करने का काम करता है। भैंस का मीट विटामिन बी6 का भी अच्छा स्रोत है। इसमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 0.4 मिलीग्राम विटामिन बी6 होता है।यदि आप भी अपने दिमाग के कार्य को बेहतर करना चाहते हैं , तो रेड़ मीट का सेवन कर सकते हैं।

कैंसर से लड़ने मे मदद करता है

भैंस के मीट के बारे मे यह भी कहा जाता है , कि यह सेलेनियम का अच्छा स्त्रोत होता है। यह आपके शरीर के अंदर मौजूद मुक्त कणों को कम करने का काम करता है। जिसका फायदा यह होता है कि आपको कैंसर जैसी बीमारी के कम होने के चांस काफी अधिक बढ़ जाते हैं। आप इस बात को समझ सकते हैं।आजकल आप देख ही रहे हैं , कि कैंसर जैसा रोग किस तेजी से फैल रहा है। जितने सुरक्षित उपाय आप अपना सकते हैं। उतने आपको अपनाने चाहिए । क्योंकि यदि यह रोग किसी को हो जाता है , तो उसके बाद ठीक नहीं होगा ।

थायराइड ग्रंथि के कार्य को बेहतर करता है

रेड मीट थायराइड ग्रंथि के कार्य को बेहतर करने का काम करता है। इस ग्रंथि से जुड़े रोगों से बचाने का काम भी रेड मीट करता है। हालांकि यदि आपको थायराइड ग्रंथि से जुड़ा कोई रोग है , तो फिर रेड मीट के सहारे बैठे नहीं रहना चाहिए । वरन अपने डॉक्टर से भी परामर्श करना चाहिए।

भैंस का मीट खाने के नुकसान

दोस्तों अब तक हमने भैंस के मीट खाने के फायदे के बारे मे जाना अब हम आपको भैंस के मीट खाने के नुकसान के बारे मे बताने वाले हैं। ऐसा नहीं है , कि इससे सिर्फ फायदे ही फायदे होते हैं। असल मे भैंस का मीट खाने से कई सारे नुकसान भी होते हैं , जिसके बारे मे आपको एक बार जरूर ही जान लेना चाहिए ।

अल्जाइमर रोग होने का खतरा

अल्जाइमर एक प्रकार का रोग होता है , जोकि अक्सर बड़ी उम्र के लोगों के अंदर देखने को मिलता है। और इसकी वजह से इंसान को चीजों को याद करने मे परेशानी होती है। समय के साथ यह बदतर होता चला जाता है। भैंस के मीट के बारे मे यह कहा जाता है , कि इसके अंदर आयरन काफी अधिक मात्रा के अंदर होता है। और जब इसका अधिक सेवन किया जाता है , तो आयरन जमा होने लग जाता है , और यह नर्व सेल को डैमेज कर देता है।

अल्जाइमर रोग के लक्षणों में शामिल हैं:

  • याददाश्त में कमी, विशेष रूप से हालिया घटनाओं के लिए
  • सोचने और निर्णय लेने में कठिनाई
  • भाषा और संचार में कठिनाई
  • स्थान और समय का भ्रम
  • व्यक्तित्व और व्यवहार में बदलाव

रेड मीट से दिल की बीमारी का खतरा

रेड मीट में उच्च मात्रा में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल होता है, जोकि धमनियों को सख्त कर सकते है।और इसकी वजह से रक्त प्रवाह बाधित हो सकता है।नाइट्राइट और नाइट्रेट्स रेड मीट के अंदर पाये जाते हैं। यह रक्त धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है।रेड मीट के सेवन और हृदय रोग के जोखिम के बीच संबंध को दिखाने वाले कई अध्ययन किए गए हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग प्रति सप्ताह 180 ग्राम से अधिक रेड मीट खाते थे उनमें उन लोगों की तुलना में हृदय रोग का खतरा 23% अधिक था जो प्रति सप्ताह 50 ग्राम से कम रेड मीट खाते थे।

प्रति सप्ताह 350 ग्राम से कम भैंस के मीट का सेवन करना चाहिए । यह अधिक सुरक्षित रहता है।

भैंस का मीट मोटापे को बढ़ाता है

दोस्तों आपको बतादें कि भैंस का मीट का सेवन मोटापे को बढ़ाने का काम करता है। यदि मोटापा अधिक है , तो इसकी वजह से बहुत सारे रोग आपको देखने को मिल सकते हैं। मीट के अंदर अधिक मात्रा के अंदर फैट होता है , जोकि आपके मोटापे को बढ़ाने का काम करता है। ​यदि आप पहले से ही मोटे हैं , तो आपको इस मीट का सेवन करने से बचना होगा । वरना तो आपका मोटापा और अधिक रोगों को लेकर आएगा । हालांकि यदि आप कम मात्रा के अंदर इसको खाते हैं , तो उतनी अधिक समस्याएं नहीं होगी ।

भैंस के मीट से टाइप टू मधुमेह हो सकता है

रेड मीट में फैट, कोलेस्ट्रॉल और नाइट्रेट्स की मात्रा अधिक होती है। ये सभी कारक टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इस संबंध के अंदर कई सारे रिसर्च भी हुए हैं ।

2022 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग प्रति सप्ताह 100 ग्राम से अधिक रेड मीट खाते हैं, उनमें टाइप 2 मधुमेह विकसित होने का खतरा 19% अधिक देखने को मिला है इसी तरह से  जो लोग प्रति सप्ताह 50 ग्राम से अधिक प्रोसेस्ड मीट खाते हैं, उनमें टाइप 2 मधुमेह विकसित होने का खतरा 50 फीसदी अधिक देखने को मिलता है। हालांकि यदि आप पहले से ही मधुमेह के शिकार हैं , तो फिर आपको रेड़ मीट से दूरी बनाकर रखनी चाहिए । या फिर अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए ।

कैंसर का खतरा बढ़ जाता है

कुछ वैज्ञानिक रिसर्च से यह पता चलता है ,कि रेड मीट का सेवन करने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।रेड मीट के सेवन से कोलन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और पेट के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। तो यदि आप अपने उपर कैंसर के खतरे को कम करना चाहते हैं , तो भैंस के मीट से दूरी बनाकर आपको रखनी चाहिए । आप समझ सकते हैं। वैसे भी आजकल कैंसर के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। एक बार यदि किसी को कैंसर हो जाता है , तो फिर उसका इलाज करना संभव नहीं है।

This post was last modified on January 18, 2024

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