Advantages and disadvantages of mutual funds म्यूचुअल फंड्स के फायदे और नुकसान

म्यूचुअल फंडस क्या होता है। म्यूचुअल फंड को कैसे खरीदा जाता है? और म्यूचुअल फंड के क्या फायदें हैं ? इन सभी बातों पर हम इस लेख के अंदर विस्तार से चर्चा करने वाले हैं। यदि आप म्यूचुअल फंडस खरीदने की सोच रहे हैं तो हमारा यह लेख आपकी मदद कर सकता है। ‌‌‌कई विजिटर ने मुझे ईमेल करके पूछा है कि सर म्यूचुअल फंड क्या होता है और इसको हम कैसे खरीद सकते हैं।

 

म्यूचुअल फंड होता क्या है ?

कई निवेशकों के द्वारा इन्वेस्ट किया गया पैसा ही म्यूचुअल फंड होता है। इस पैसे का प्रयोग फंड मनैजर करता है और वह अपने अनुभव से इसको कई जगहों पर इन्वेस्ट करता ‌‌‌है। जब कई सारे निवेशक मिलकर किसी एक फंड के अंदर निवेश करते हैं तो उसे ईकाई या यूनिट कहते हैं। आइए इस चीज को एक उदाहरण से समझने का प्रयास करते हैं ताकि आपको यह अच्छी तरह से समझ मे आ जाए । मानलिजिए चार दोस्तों ने मिलकर 100 किलो सेब खरीदे । यदि एक किलो सेब का मूल्य 1 रूपया है और एक ‌‌‌दोस्त ने 50 रूपये लगाए दूसरे ने 30 रूपये और एक ने 20 रूपये । अब कुछ दिनों बाद सेब का मूल्य बढ़कर 200 रूपये हो गया तो । अब रिटर्न दुगूना हो गया । पहले दोस्त को 50 रूपये का फायदा हुआ मतलब उसे 100 रूपये मिले दूसरे को 60 और एक और को 40 रूपये मिले ।

‌‌‌निवेशक का मुनाफा या नुकसान उसके द्वारा निवेश की गई राशी पर निर्भर करता है। कर व्यय और अन्य लागत घटाने के बाद मुनाफे को निवेशकों को बांट दिया जाता है।

‌‌‌इसके अतिरिक्त Mutual Fund का सबसे बड़ा फायदा देखें तो लोग अपने पैसे को ऐसे लोगों के हाथों के अंदर देते हैं जिनको मार्केट का पूरा नॉलेज है। जिससे नुकसान होने का खतरा कम होता है।

‌‌‌हाल ही में लोगों को मूचुअल फंड के अंदर sip के द्वारा निवेश करना बहुत अधिक पसंद आ रहा है। इसकी वजह है इसमे रिस्क कम होता है। और जब आप इसमे लंबे समय तक पैसा इन्वेस्ट करते हैं तो फायदा भी बहुत अधिक होता है।

 

Mutual Funds खरीदने के तरीका

Mutual Funds आप दो तरीकों से खरीद सकते हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीद आज कल लोग ऑनलाइन Mutual Funds को खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

ऑफलाइन Mutual Funds खरीदना

इसके लिए आप किसी ऐसी संस्था से Mutual Funds खरीद सकते हैं जो Mutual Funds का वितरक है। ‌‌‌इसके अलावा ट्रांसफर ऐजेंट से भी आप फंड खरीद सकते हैं। कई लोग वितिए सहलाहकार से भी फंड खरीद सकते हैं। लेकिन वैसे देखा जाए तो ऑफलाइन म्यूचुअल खरीदना ज्यादा अच्छा नहीं माना जाता है। सो हमारा सुझाव तो यही है कि आप केवल ऑनलाइन ही म्यूचुअल फंड खरीदें ।

Online Mutual Funds खरीदना

‌‌‌ऑनलाइन म्यूचुअल फंड भी आप खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको एसेट मैनेजमेंट कम्पनी की वेबसाइट पर जाना होता है। आप एचडिएफसी म्यूचुअल फंड की वेबसाइट से भी खरीद सकते हैं। आप इन वेबसाइट से किसी भी प्रकार की मदद भी ले सकते हैं।

‌‌‌इसके अलावा आप किसी ब्रोकर से भी म्यूचुअल फंड खरीद सकते हैं। कई प्रकार के ब्रोकर के एप उपलब्ध हैं। जैसे angle brocker sharkhan app आदि आप को इन पर म्यूचुअल फंड खरीदने के लिए अकाउंट बनाना होता है। बाद मे अपने कार्ड से पेमेंट कर देना होता है। यह आपके डिमेट अकाउंट मे आ जाता है।

Mutual Funds की कुछ फोमरमलटिज

म्यूचुअल फंड खरीदने के लिए कुछ औपचारिकताएं भी पूरी करनी होती है। इसके लिए आपको kyc करना होता है। इसमे आप यदि ऑनलाइन फंड खरीदते हैं तो अपने निवास स्थान का पता आधार कार्ड नम्बर अपने पैनकार्ड नम्बर आदि देना होता है।

‌‌‌आज से ही अपना निवेश स्टार्ट कर दिजिए । ताकि आप भी अपने सपनो को साकार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड के अंदर यदि आप आज निवेश करेंगे तो कल आपको बहुत काम आएंगे । आपके पास अतिरिक्त पैसे हैं और और आप अमीर इंसान नहीं हैं तो एक बार ट्राय करें हो सकता है आपकी किस्मत ही बदल जाए हार न माने । ‌‌‌हार भी जाएंगे तो कम से कम आपको इस बात का तो अफसोस नहीं होगा कि आपने प्रयास नहीं किया ।

सच ही थॉमस एडिसन ने कहा था मैं 1000 बार असफल हुआ इसका मतलब यह नहीं कि मैंने कुछ सीखा नहीं । मैं 1000 ऐसे तरीके जानता हूं जो बल्ब बनाने मे काम नहीं करते हैं।

Mutual Funds के फायदे

म्यूचुअल फंड के कई सारे फायदे होते हैं। इन फायदों के बारे मे हम विस्तार से चर्चा करने वाले हैं। ताकि आप को म्यूचुअल फंड की अच्छी समझ आ सके ।

यह प्रोफेशनल मैनैजमेंट के द्वारा मैनेज किया जाता है

दोस्तों म्यूचुअल फंड के अंदर आप सिर्फ पैसा लगता हैं। उसके अंदर आप पैसा ‌‌‌केवल एक्सपिरियंस लोग ही इन्वेस्ट करते हैं। जिससे आपको नुकसान होने की संभावना भी कम हो जाती है। ‌‌‌यह वे लोग होते हैं जिनको बाजार की अच्छी समझ होती है।

अलग अलग जगहों पर निवेश

यह निवेशक सारे पैसा का निवेश किसी एक कम्पनी के शेयर खरीदने के लिए नहीं करते हैं। मतलब वे कई जगहों पर टुकड़ों के अंदर पैसा इन्वेस्ट करते हैं। जिसका फायदा यह रहता है कि एक जगह नुकसान होता है तो दूसरी जगह पर ‌‌‌फायदा भी होता है। ऐसा करने से रिस्क कम हो जाता है। यह निवेश का अच्छा विकल्प है।

अच्छा रिटर्न की संभावना

यदि आप अपने पैसे को लंबे समय तक इन्वेस्ट करते हैं तो आपको अच्छा रिटर्न मिलता है। लंबे समय तक पैसा इन्वेस्ट करके आप करोड़पति तक बन सकते हैं और ऐसे हम लोग काम करके पैसा अर्जित

‌‌‌आसानी से नहीं कर सकते हैं। यदि आप अच्छा पैसा कमाना चाहते हैं तो शेयर बाजार के अंदर इन्वेस्ट करें ।

‌‌‌कम पैसों के अंदर निवेश

आप म्यूचुअल फंड के अंदर 500 रूपये से भी निवेश शूरू कर सकते हैं। इसका यह बहुत बड़ा फायदा है। क्योंकि अधिकतर गरीब लोग भी म्यूचुअल फंड के अंदर पैसा आसानी से इन्वेस्ट कर सकते हैं। इसमे आप अपने साम्र्र्थ्थ के अनुसार पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं।

‌‌‌टेक्स छूट का लाभ

आप इसके अंदर निवेश करके टेक्स छूट का लाभ भी उठा सकते हैं। यह भी म्यूचुअल फंड का अच्छा फायदा है।

‌‌‌लचीला पन

ऐसा नहीं है कि म्यूचुअल फंड के अंदर पैसा लगाने के बाद आप इससे अलग नहीं हो सकते । आप जब चाहें तब अपना पैसा वापस पा सकते हैं। मतलब इसके अंदर लचीला पन है कोई अनिवार्यता नहीं हैं कि आपको पैसा इन्वेस्ट करना ही पडेगा ।

‌‌‌कानूनी व्यवस्था

यदि इसमे आपके साथ कुछ भी गलत होता है तो आप के लिए पूरी कानूनी व्यवस्था मौजूद है। आपको इसमे पूरा न्याय भी मिलता है।

Mutual Funds के नुकसान

‌‌‌जैसा कि आपको पता ही होगा कि हर स्कीम के अंदर नुकसान और फायदे होते हैं। उसी तरह से म्यूचअल फंड के भी अपने फायदे हैं। और अपने नुकसान भी हैं। हमने फायदों की बात तो करल लेकिन केवल फायदों के बारे जानलेने से कुछ कुछ नहीं होगा । वरन आपको म्यूचअल फंड के नुकसान के बारे मे भी जान लेना चाहिए ।

‌‌‌क्रेडिट रिस्क

आपको बतादें कि यदि आप डेट के अंदर निवेश करते हैं तो आपका पैसा डूब भी सकता है। कर्ज लेने वाली कम्पनी यदि कर्ज नहीं चुका पाती है और दिवालिया हो जाती है तो आपका पैसा डूब जाता है। लेकिन सिक्योरिटी के अंदर क्रेडिट रिस्क नहीं होता है।

लिक्विडिटी रिस्क

खरीददार नहीं मिलने को लिक्विडिटी रिस्क कहा जाता है। खास कर अचल संपतियों के अंदर निवेश मे यह रिस्क ज्यादा आता है। लॉक पिरियड के अंदर आपका फंड कैस मे नहीं बदल पाता है। सो इस रिस्क को कम करने के लिए अलग अलग जगहों पर निवेश करें ।

‌‌‌री इन्वेसटमेंट रिस्क

लंबी अवधि मे पैसा इन्वेस्ट किया गया है तो री इन्वेस्टमेंट रिस्क ज्यादा होता है। ऐसी स्थिति के अंदर नियम शर्तें बदल जाती हैं और रिटर्न समय बदल जाता है।

‌‌‌बाजार के उतार चढ़ाव के रिस्क

बाजार के उतार चढ़ाव से भी निवेशक को नुकसान हो सकता है।सो सोच समझ का निवेश करें । इसके अलावा बहुत सारे अन्य भी रिस्क नहीं होते है। लेकिन रिस्क तो हर चीज के अंदर होता । रिस्क के डर से काम नहीं छोड़ा जा सकता । कम पैसे से निवेश करें । रिस्क भी अपने आप कम ‌‌‌हो जाएगा ।

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