‌‌‌बचपन ‌‌‌की यह 6 गलतियां हर इंसान को बना देती हैं असफल

दोस्तों दुनिया के अंदर सक्सेस हाशिल करना इतना आसान काम नहीं है। बहुत से लोगों को यह लगता है कि हमने बहुत मेहनत की है फिर भी हम कामयाब नहीं हो रहे हैं। उनको लगता है कि उनकी किस्मत ही खराब है। लेकिन वास्तव मे आज का समय ऐसा हो चुका है ‌‌‌कि उल्टी सुल्टी मेहनत करने से ही कुछ नहीं होने वाला है। मेहनत को भी ढंग से करना होगा तभी कामयाबी मिलेगी ।

इस लेख के अंदर हम आपको कुछ ऐसी गलतियों के बारे मे बताने जा रहे हैं जोकि बचपन मे लगभग हर इंसान करता है और बाद मे उसका ‌‌‌हर्जाना उनको भुकतना पड़ता है। ‌‌‌बाद मे हम निराश और हताश होते हैं यह सोच कर कि हम सफल क्यों नहीं हो रहे हैं? तो आइए जान लेते हैं उन गलतियों को ।

‌‌‌1. काई फिक्स टारगेट नहीं

जब तक बच्चा 10 साल का हो जाता है तो उसके पास उसका खुद का कोई फिक्स टारगेट होना चाहिए । लेकिन हमने देखा है कि बहुत से लोग 30 30 साल के हो जाने के बाद भी उनको यह पता नहीं होता है कि उनका टारगेट क्या है ? ऐसी दसा के अंदर वे भटकते रहते हैं। और किसी भी एक चीज पर फोक्स ‌‌‌नहीं कर पाते हैं। जिस वजह से वे असफल हो जाते हैं। जिनका टारगेट कोई नहीं होता है। वे लोग बिखरे हुए पानी की तरह होते हैं। जो एक जगह पर पड़े पड़े बूदबू मारने लगता है। यदि उसी पानी को एकत्रित किया जाए तो वह भी कई काम आ सकता है।

‌‌‌कहने का अर्थ है अपनी सारी एनर्जी को एक जगह पर लगाओगे तो फायदा होगा । वरना कुछ भी फायदा नहीं होगा । और इतना ही नहीं यदि आप बच्चे का टारगेट पहले से ही तय कर देते हैं तो वह उसके अंदर सफल हो जाएगा इसके 100 प्रतिशत चांस हो जाते हैं। सो आप यदि यह गलती कर रहे हैं तो अभी बंद करदें ।

‌‌‌2. व्यर्थ की चीजों के अंदर अपना समय नष्ट करने की गलती

यह गलती हर इंसान बचपन के अंदर करता ही है। बहुत कम लोग समय की कदर करना सीख पाते हैं। जब हम छोटे होते हैं तो हमे समय की कोई कद्र करनी नहीं आती है। बहुत से लोग अपने समय के पालतू के कामों के अंदर नष्ट कर देते हैं। जिसका हर्जाना उनको बाद मे भुकतना ‌‌‌पड़ता है। अधिकतर बच्चे अपना अधिक समय खेलने और मनोरंजन के अंदर नष्ट कर देते हैं। याद रखें मनोरंजन आवश्यक है। लेकिन अति हर चीज की हानिकारक होती है। यदि आप अपने काम को छोड़कर मनोरंजन कर रहे हैं तो यह एक समय नष्ट करना है। आप ऐसे समय को नष्ट कर देते हैं जोकि आपकी लाईफ को सक्सेस बनाने मे ‌‌‌काफी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। ध्यान दें अपने समय को नष्ट ना करें । अपने टारगेट पर ही फोक्स करते रहे हैं।

‌‌‌3. खुद के बेस को इम्प्रूव न करने की गलती

अधिकतर स्टूडेंट किसी विषय के अंदर कमजोर होते हैं तो बाद मे भी वे उस विषय के अंदर कमजोर ही बने रहते हैं। आपने देखा होगा बाद मे उनकी यह कमजोरी उनके लिए काफी मुश्बित की वजह बन जाती है। ‌‌‌क्योंकि कमजोर विषय से हम जितना अधिक दूर भागेंगे । हम उसके अंदर और कमजोर होते जाएंगे । यदि आप किसी विषय के अंदर कमजोर हैं तो आपको निरंतर उस विषय को पढ़कर अपना बेस सुधारना होगा । वरना बाद मे आपका बेस सुधारना काफी मुश्किल हो जाएगा । जो आपकी सफलता के मार्ग मे बड़ा रोड़ा बन जाएगा।

‌‌‌4. अपनी गलतियों से न सीखने की गलती

दोस्तों इंसान गलती करता है। हर इंसान गलती करता है। लेकिन जो इंसान गलती करके गलती को नहीं सुधारता है। ऐसा इंसान वास्तव मे कभी भी आगे नहीं बढ़ सकता । बहुत से लोगों को तो यहां तक पता होता है कि उन्होंने क्या गलती की है। लेकिन फिर भी वे कभी भी अपनी गलती को ‌‌‌सुधारने की कोशिश नहीं करते हैं। जिसका परिणाम यह होता है कि ऐसे इंसान आसानी से सफल भी नहीं हो पाते हैं। दोस्तों गलती करें लेकिन उस गलती को दोबारा ना दौहराएं । ‌‌‌दोस्तों यदि आपको कोई कुछ बताता है और आपको लगता है कि बताने वाला सही कह रहा है। उसके बाद भी आप अपनी गलती को नहीं सुधारते तो आप से बड़ा कोई मूर्ख नहीं है।

‌‌‌5. बिना सोचे समझे फैसले लेने की गलती

यदि आपने देखा होगा कि आप बचपन के अंदर बिना सोचे समझ कुछ भी करने को तैयार हो जाते थे । अपने माता पिता से जिद भी करते थे । बहुत से लोग तो अभी भी बड़े होने के बाद भी बिना सोचे समझे फैसले लेते हैं। जोकि बहुत ही बड़ी गलती है। यदि आप भी बिना सोचे समझे फैसले ‌‌‌लेते हैं तो अपनी आदत को सुधार ले । बहुत से लोग दूसरों की देखा देखी के अंदर ऐसा करते हैं। एक लड़का अपने पापा से बोलता है पापा रमेश तो डॉक्टर का कोर्स कर रहा है। मैं भी वही कर लेता हूं । वास्वत मे यह गलत है। हो सकता है रमेश की इसमे रूचि हो । लेकिन क्या आपकी इसमे रूचि है ? क्या आपने खुद से यह ‌‌‌खुद से पूछा ?

‌‌‌बिना सोचे समझे बहुत से लोग तो फैसले लेकर डिग्री तक कर लेते हैं और उसके बाद उनकी नौकरी लगती नहीं है सो इधर उधर भटकते रहते हैं। और नाकामयाबी का मुंह देखना पड़ता है।

‌‌‌6. खुद को इम्प्रूव न करने की कोशिश

जो इंसान खुद को इम्प्रूव करता रहता है। वह एक दिन आवश्य ही सफल होता है। इम्प्रूव से हमारा मतलब है कि निरंतर कुछ ना कुछ अपने आप के अंदर सुधार करते रहना । दोस्तों यह गलती लगभग हर व्यक्ति करता है। यदि आप भी इस गलती को कर रहे हैं तो आज ही इसे करना बंद करें। ‌‌‌खुद को इम्प्रूव करने की कोशिश हर समय यदि आप करते रहेंगे तो आपको अपने आप ही धीरे धीरे यह एहसास होने लगेगा कि वास्तव मे आप बदल रहे हैं। जिसका एहसास आपको आपके साथी अपने आप ही दिला देगे ।

‌‌‌दोस्तों मुझे यकीन है कि लेख आपको अच्छी तरह से समझ मे आ गया होगा । यदि आपका कोई सवाल है तो नीचे कमेंट करें ।

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