सूर्य की उम्र कितनी होती है ? सूर्य मरने के बाद कैसा दिखेगा ?

सूर्य  धरती के लिए बहुत महत्वपुर्ण है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सूर्य की मदद से ही  इस धरती पर जीवन संभव है। यदि सूर्य को कुछ समय अपनी स्थिति से हटा दिया जाए तो प्रलय आ सकता है। क्योंकि सूर्य की वजह से ही धरती और बाकी ग्रह अपनी कक्ष के अंदर टिके हुए हैं। ‌‌‌इसके अलावा सूर्य के प्रकाश की मदद से ही पेड़ पौधे भोजन बनाते हैं। और ऑक्सिजन को मुक्त करते हैं। यदि सूर्य नहीं होगा तो पेड़ पौधे मर जाएंगे और ऑक्सिजन नहीं होने की वजह से इंसान भी खत्म हो जाएंगे। ‌‌‌इस लेख के अंदर हम आपको सूर्य की उम्र के बारे मे पूरे विस्तार से बताने वाले हैं। जिससे आपको पता चलेगा कि सूर्य कि उम्र कितनी बाकी है? और अब तक सूर्य को कितना समय हो चुका है।

सूर्य का दृश्यमान हिस्सा लगभग 10,000 डिग्री फ़ारेनहाइट (5,500 डिग्री सेल्सियस)  के आस पास है। जबकि हमारे सूर्य का तापमान 15 मिलियन सी के आस पास पहुंच जाता है। जोकि परमाणुओं प्रक्रियाओं की वजह से पैदा होती है। नासा के अनुसार सुर्य जितनी उर्जा निकालने के लिए  एक सैंकिड के अंदर 100 बिलियन ‌‌‌डायनामाइट का विस्फोट करना होगा । ‌‌‌हमारी आकाशगंगा के अंदर सूर्य 100 बिलियन सितारों के अंदर एक है। सितारों की एक पीढ़ी का हिस्सा जिसे generation के रूप में जाना जाता है, जो कि हीलियम की तुलना में भारी तत्वों में अपेक्षाकृत समृद्ध हैं।

‌‌‌सूर्य की उम्र कितनी है और इसे कैसे ज्ञात करते हैं ?

हमारा सूर्य 4,500,000,000 वर्ष पुराना है । और सूर्य की उम्र ज्ञात करने के लिए वैज्ञानिक पूरे शौर मंड की आयु को देखते हैं। क्योंकि यह सारे एक समय ही आए थे । ‌‌‌सूर्य की उम्र ज्ञात करने के लिए सबसे पहले अंतरिक्ष के अंदर सबसे पुरानी चीजों को तलास किया जाता है।और इस मामले के अंदर चंद्रमा की चटटाने सबसे अच्छी हैं। जिनकी मदद से सूर्य की उम्र का अनुमान लगाया गया है। ‌‌‌आमतौर पर वैज्ञानिक यह मानते हैं कि सूर्य जैसे तारे लगभग 10 बिलियन वर्ष तक चलते हैं और उसके बाद नष्ट हो जाते हैं।

‌‌‌वैसे देखा जाए तो सूर्य की उम्र ज्ञात करने का कोई एक तरीका नहीं है। वरन इसके कई सारे तरीके हैं। जिसमे एक तरीका है सूर्य की उम्र का अनुमान उल्कापिंडों के रेडियोधर्मी डेटिंग  की आयु से भी लगाया जा सकता है।‌‌‌इस बात की संभावना है कि सूर्य, ग्रह, क्षुद्रग्रह आदि एक इकाई के रूप में बने। इसलिए सूर्य की उम्र उल्कापिंड की उम्र के करीब होनी चाहिए, जो रेडियोधर्मी डेटिंग की विधि का उपयोग से पता चलती है।

पृथ्वी से भी सूर्य की उम्र के सबूत मिलते हैं।पृथ्वी की सबसे पुरानी चट्टानें भी लगभग 4.6 बिलियन वर्ष पुरानी हैं। और आस्ट्रेलिया के अंदर सबसे पुराने जिवाश्म 3.5 बिलियन वर्ष पुराने हैं। इन सब की मौजूदगी इस बात के संकेत देता है कि धरती पर 3.5 बिलियन वर्ष  पहले भी जीवन था।

सूर्य की उम्र कितनी होती है ?

‌‌‌सूर्य का जन्म 4.6 बिलियन साल पहले हुआ था। कई वैज्ञानिकों का विश्वास है कि सूर्य विशालकाय गैसों से बना हुआ है। जो गैस के घने बादल और नेबुला के नाम से जाना जाता है।जैसे ही नेबुला अपने गुरूत्वाकर्षण की वजह से ढहा ।वह तेजी से घूमने लगा और सामग्री को केंद्र की और खींच लिया। ‌‌‌सूर्य अब भी 5 अरब वर्षों के लिए है। या कहें कि सूर्य की उम्र  5 अरब साल है।उसके बाद सूर्य नष्ट हो जाएगा । और प्रलय आ जाएगा ।सूर्य उसके बाद सफेद बौना बनकर रह जाएगा और इसके अंदर से प्रकाश निकलना बंद हो जाएगा । अब यह मंद और शांत हो जाएगा।

‌‌‌सूर्य मरने के बाद कैसा दिखाई देगा ?

सूर्य की उम्र कितनी होती है ? के बारे मे हमने जाना आइए अब जान लेते हैं

लगभग 5 बिलियन साल बाद हमारा सूर्य भी मर जाएगा । जब इसमे से हाइड्रोजन की आपूर्ति बंद हो जाएगी । तब यह लाल विशालकाय तारा बन जाएगा और बाद मे काले बौना बनकर रह जाएगा ।‌‌‌लेकिन सूर्य मौत के बाद यह कैसा दिखेगा यह वैज्ञानिकों के लिए आज भी एक पहेली बना हुआ है। किसी भी तारे का जीवनकाल उसकी लंबाई और आकार पर निर्भर करता है। नासा के अनुसार हमारा सूर्य लगभग 1.4 मिलियन किलोमीटर लंबा है। और धरती से 109 गुना बड़ा है।‌‌‌ अब तक सूर्य का आधा जीवन ही शेष बचा हुआ है।

हाइड्रोजन आपूर्ति कम हो जाएगी तो यह अपने भारी तत्वों का प्रयोग करना शूरू कर देगा और इस दौरान वह अशांत और अस्थिर अवस्था के अंदर आ जाएगा ।भारी मात्रा में तारकीय पदार्थ अंतरिक्ष में पहुंच जाएंगे। उसके बाद हमारा सूर्य सिकुड़ जाएगा और एक काले बौना तारा बन जाएगा । यह दिखाई देगा या नहीं यह तो अपने आप‌‌‌ मे एक पहेली है। अब हमारा सूर्य शीतल और सफैद हो जाएगा । इसके अंदर धूल और गैस के बादल होंगे ।मरने वाले सितारों का अनुमानित 90 प्रतिशत एक धूल प्रभामंडल का उत्सर्जन करता है, जो हजारों वर्षों तक रहता है।

‌‌‌लेकिन कुछ दशकों पहले एक मॉडल ने सुझाव दिया की सूर्य को उज्जवल होने के लिए एक द्रव्यमान की आवश्यकता होगी । जो बादल को उत्पन्न करेगा ।विशाल नेबुलास  जोकि आकाश गंगा के अंदर चमकते थे । वे आसानी से  चमकते धूल के बादल पैदा कर सकते थे ।

   रिसर्च  के अनुसार, इन तारों को दृश्यमान बादलों का उत्पादन करने में सक्षम नहीं होना चाहिए था। हालांकि यह एक रहस्य था। लेकिन बाद मे एक एक अन्य रिसर्च के अंदर इस मुददे को सुलझा लिया गया कि expanding red giants  के दौरान नेबुला बनाने वाली धूल और गैस को बाहर निकाल दिया जाता है। और यह तेज गर्मी करते हैं।हीटिंग  नेबुला को प्रकट करने के लिए संभव बनादेगी।

‌‌‌बाद मे वैज्ञानिकों ने पाया कि सूरज के द्रव्यमान से 1.1 गुना कम द्रव्यमान वाले सितारे भी नेबुला का उत्पादन करते हैं।

नेबुलास  क्या होते हैं ?

नेबुलास एक तरह से धूल और धुंए के बादल होते हैं। हमारी आकाश गंगा के बाहर कई सारे नेबुला हैं। आमतौर पर यह काले और सफेद होते हैं। हमारा सूर्य जब नष्ट हो जाएगा तो इसी तरह का एक नेबुलास बन जाएगा । ‌‌‌आमतौर पर जो तारे मरते हैं वे एक नेबुला के अंदर बदल जाते हैं। और इनका यह धुंआ और धूल अंतरिक्ष के अंदर करोड़ों सालों तक मौजूद रहता है।

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