रैन्समवेयर वायरस क्या है कैसे बचाए अपने system को hack होने से

‌‌‌रैन्समवेयर वायरस का नाम तो आपने भी सुना होगा । एक रिर्पोट के मुताबिक सिर्फ छ महिनों के अंदर 27000 अटैक हुए हैं। मतलब हर 10 मिनट के अंदर एक अटैक हो रहा है। इस वक्त दुनिया के अंदर रैन्समवेयर नामक एक वायरस का आतंक मचा हुआ है।‌‌‌कुछ विषेशज्ञों का मानना है कि यह तो शूरूआती दौर है। लगातार हैकर सिस्टम को हैक करने के नए नए तरीके निकाल रहे हैं। जिसकी वजह से आने वाले वक्त के अंदर हैकिंग के मामले कम होते नजर नहीं आ रहे हैं।

 

‌‌‌दोस्तों इस लेख के अंदर हम जानेंगे रैन्समवेयर वायरस क्या है ? और आप अपने कम्यूटर को इससे कैसे बचा सकते हैं ? और यह कम्यूटर को कैसे लॉक कर देता है ?

‌‌‌क्या है रैन्समवेयर

‌‌‌क्या है रैन्समवेयर

यह एक कम्यूटर वायरस होता है। यह भी अन्य वायरस की तरह ही है। लेकिन इसकी एक खास बात इसको अन्य वायरस से अलग कर देती है। यह आपके कम्यूटर के अंदर घुस कर आपके कम्यूटर को लॉक कर देता है। यह आपके कम्यूटर को पूरी तरह से लॉक कर देता है। यह आपके डेटा को नष्ट कर देता है। ‌‌‌आप कम्प्यूटर को रिर्स्टाट करके या ब्राउजर के केसच कलीन करके इससे छूटकारा नहीं पाया जा सकता ।

‌‌‌रैन्समवेयर दो प्रकार के होते हैं। पहला एनक्रिप्टिंग और स्क्रीन लॉकिंग रैन्समवेयर

‌‌‌रैन्समवेयर क्या करता है ?

दोस्तों रैन्समवेयर वायरस यदि किसी कम्यूटर पर अटैक करता है तो वह पूरी तरह से लॉक हो जाता है।‌‌‌मान लिजिए किसी यूजर के कम्प्यूटर को संक्रमित करना है तो उसके ईमेल एड्रस पर एक मेल भेजा जाता है। जैसे ही यूजर उस मेल के अंदर दी गई लिंक पर से होकर जाता है। उसके कम्प्यूटर के अंदर एक स्पेशल फाइल डाउनलोड हो जाती है। और उसे इस बात का पता भी नहीं चल पाता है। उसके बाद वह वायरस अपने सर्वर से ‌‌‌कनेक्ट हो जाता है और कुछ डेटा को डाउनलोड कर लेता है। उसके बाद वह अपना काम करने लग जाता है।

जब कम्यूटर को बूट किया जाता है तो मैसेज आता है कि आपका कम्यूटर हैक हो चुका है। यदि आप अपने डेटा को बचाना चाहते हो तो आपको इतनी रकम दैनी होगी । ‌‌‌ऐसी स्थिति के अंदर आपसे 40$ तक की मांग की जा सकती है। वहीं अमेरिका के अंदर 300$ तक मांग की जाती है। इसके अंदर समय भी दिया जाता है । यदि तय समय तक पैसा नहीं चुकाया जाता है तो रकम डबल हो जाती है। फिर भी यदि कोई पैसा नहीं चुकाता तो उसकी कम्यूटर के सारे डेटा डिलिट कर दिये जाते ।

‌‌‌रैन्समवेयर अटैक और दुनिया

एक रिर्पोट के अनुसार पूरी दुनिया के दो लाख से अधिक कम्यूटर इसकी चपैट मे आ चुके हैं। और इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। चीन जापान और अमेरिका जैसे देशों के कई सरकारी कम्यूटर को हैक किये जा चुके हैं। वहीं चीन भी इसके अटैक से बच नहीं सका है। लोगों को का यह भी कहना ‌‌‌है कि फिरौती की रकम देने के बाद हैकर सिस्टम से अपना वायरस हटा देते हैं और कम्यूटर सही तरीके से चलने लग जाता है।

‌‌‌कौनसा सिस्टम सबसे अधिक खतरे मे हैं ?

एक अंग्रेजी समाचार के अनुसार रैन्समवेयर ने अभी तक उन कम्यूटर पर अटैक नहीं किया है जोकि विडों एक्सपी का यूज कर रहे हैं। वहीं यदि आप विंडो एक्सपी का प्रयोग सूरक्षा प्रणाली के साथ करते हैं तो आपको इसका खतरा कम है। दूसरे देशों की तुलना मे भारत के अंदर ‌‌‌आटेड डेट वर्जन विंडों और विदाउट एंटी वायरस व वाले कम्यूटर यूज किये जाते हैं। इस वजह से इसका खतरा यहां पर सबसे ज्यादा है। ‌‌‌ऎपल के फोन भी इस खतरे के अंदर आ चुके हैं । लेकिन अभी तक ऎपल के किसी भी मोबाइल को हैक नहीं किया जा सका है।

‌‌‌रैन्समवेयर अटैक से बचने के तरीके

  1. अपनी फाईलों का नियमित अपने पैनड्राइव के अंदर बैकअप लेना ना भूलें
  1. यदि आपकी कोई वेबसाइट है तो उसके अंदर टूफेक्टर अर्थोराइजेशन इनेबल करें
  1. किसी भी अनजान व्यक्ति के भेजे ईमेल की फाईलों को बिल्कुल भी ना खोलेंगे
  1. यदि आप पूराने वर्जन का विंडो ‌‌‌का प्रयोग करते हैं तो उसे तुरन्त अपडेट करें । और अपने कम्यूटर के अंदर एंटीवायरस का प्रयोग करें । वैसे एंटीवायरस रैन्समवेयर को डिटेक्ट नहीं कर पाता है। लेकिन इससे काफी फायदा होता है।

‌‌‌5.एक से दूसरे मोबाइल के जुड़कर डेटा ट्रांसफर करने से

  1. कोई इन्फेक्टेड प्रोग्राम नेट से डाउनलोड करने पर

‌‌‌कमप्यूटर हैक हो जाने पर क्या करें

सबसे पहले आप यह निश्चित करें कि आपके सिस्टम पर अटैक हुआ है कि नहीं ? यदि आपको लगता है कि अटैक हो चुका है तो अपने डेटा का आपने जो पहले बैकअप ले रखा है। यदि वह आपके पास सेफ है तो विंड़ों को फार्मेट कर दें । व फिर से नई विंडों का इंस्टॉल करें । इसके ‌‌‌अलावा यदि हैकर फिरौती मांगते हैं तो उनको बिल्कुल भी फिरौती ना दें । यदि आपका डेटाबेस नष्ट किये जाने की धमकी दे रहे हैं तो डरें नहीं । आप बाद मे भी अपना डेटा वापस ला सकते हैं।

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