प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने के नुकसान health effect of plastic bottle

दोस्तों हम सभी लोग प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीतें हैं। चाय और दूध भी पीते हैं। जो हमारी सेहत के लिए बड़ा खतरा है। इस लेख के अंदर हम जानेंगे कि प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने के नुकसान के बारे में । अक्सर हम जब ट्रेन के अंदर सफर करते हैं। या ‌‌‌खेत के अंदर पानी ले जाना हो तो प्लास्टिक की बोतल का यूज ही करते हैं। रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप के उपर आपको 20 रूपये के अंदर प्लास्टिक की बोतल मे पानी बेचते हुए दुकानदार मिल जाएंगे ।‌‌‌आपकी जानकारी के लिए बतादें कि plastic bottle के अंदर कई सारे खतरनाक रासायन होते हैं। जो पानी के साथ मिलकर जब हम उस पानी को पीते हैं तो वे हमारे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।‌‌‌प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने के नुकसान

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 ‌‌‌प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने के नुकसान    कब्ज और पेट गैस की समस्या

दोस्तों plastic bottle के अंदर BPA नामक रसायन होता है। जोकि हमारी पाचन क्रिया को प्रभावित करता है। जिससे खाना अच्छे से पच नहीं पाता है। और पेट गैसे व बब्ज जैसी समस्या पैदा हो जाती है। और वैसे भी आजकल तो अधिकतर लोग कब्ज और पेट गैस के शिकार हो रहे हैं। ‌‌‌इसकी वजह भी कहीं ना कहीं गलत खानपान ही तो है।

‌‌‌दिमाग को कमजोर करती है

plastic bottle के अंदर मौजूद रसायन दिमाग की कमजोरी को बढ़ा देता है। जिससे यादाश्त कमजोर होने लग जाती है। लम्बे समय तक plastic bottle के अंदर पानी पीने से दिमाग के अंदर भूलने की बिमारी भी पैदा हो सकती है।

‌‌‌जन्मदोष

जब एक प्रेगनेंट महिला प्लास्टिक की बोतल का प्रयोग पानी पीने के लिए करती है । तो बोतल के कैमिकल्स उसके शरीर के अंदर चले जाते हैं। और वे बच्चे को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे बच्चे के अंदर कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। जैसे कैंसर वैगरह ।

 ‌‌‌ प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने के नुकसान गर्भपात का खतरा

प्लास्टिक की बोतल के अंदर पानी पीने से गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है। एक रिसर्च के अनुसार उन महिलाओं को प्लास्टिक की बोतल के अंदर पानी नहीं पीना चाहिए । जिनको बार बार गर्भपात हो रहा हो ।

‌‌‌दूषित पानी से बिमारियां

कई बार हम क्या करते हैं कि जल्दी मे होते हैं और घर के अंदर से एक प्लास्टिक की बोतल उठाते हैं और यह नहीं देखते हैं कि वह साफ है या नहीं ? बस उसे भरकर चल देते हैं। यदि आप भी ऐसा करते हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है। बोतल के अंदर पड़ी गंदगी आपके पेट मे जाकर अनेक ‌‌‌बिमारियां पैदा कर सकती है।

‌‌‌कैंसर होने का अधिक खतरा

एक वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने से कैंसर होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। कई बार जब हम बोतल को धूप के अंदर रख देते हैं तो बोतल गर्म हो जाती है। और उसके अंदर मौजूद deoxygenated पिघल जाता है। और पानी के अंदर घुल जाता है। जब हम वह पानी ‌‌‌पीते हैं तो यह कैमिकल हमारे शरीर के अंदर पहुंच कर शरीर के सैल्स को प्रभावित करता है। कुल मिलाकर यह ब्रेस्ट कैंसर के लिए अधिक जिम्मेदार होता है।

हार्मोन व्यवधान और प्रजननता को प्रभावित करता है

वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार प्लास्टिक की बोतल के अंदर पानी पीने से महिलाओं और पुरूषों की प्रजनन क्षमताओं पर असर पड़ता है। जिसकी वजह से हार्मोन असंतुल भी पैदा हो सकता है। जैसे कुछ हार्मोन का स्तर कम हो सकता है तो कुछ का अधिक हो सकता है।एस्ट्रोजन गर्भ धारण करने की क्षमता को कम ‌‌‌करदेता है।‌‌‌न्यूयॉर्क के अंदर की गई एक स्टड़ी के अंदर 5000 लोगों को शामिल किया गया । उनमे से वे लोग शामिल थे । जोकि प्लास्टिक की बोतलों के अंदर पानी पीते थे । उनके यूरीन की जांच की गई तो पता चला कि वे सभी हार्मोंन की समस्या झूझ रहे थे ।

BPA जहर शरीर के अंगों को प्रभावित करता है।

आमतौर पर प्लास्टिक की बोतलों के लिए यह कहा जाता है कि यह BPA मुक्त हैं। लेकिन वास्तव मे ऐसा नहीं होता है। रिसर्च के अंदर प्रमाणित हुआ है। की प्लास्टिक बोतल के कैमिक्लस हमारे पूरे शरीर के अंदर घूमते हैं । जोरक्त फिल्टर, और गुर्दे मूत्र फिल्टर ‌‌‌आदि को नुकसान पहुंचाते हैं। यह भी एक प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने का नुकसान है।

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यदि हाल ही के अंदर मोटापा एक महावारी के जैसे हो गया है। 25 प्रतिशत पुरूष और 30 प्रतिशत महिलाएं आज मोटापे का शिकार हैं। उनके शरीर के अंदर वसा संग्रहित हो रही है। कुल मिलाकर इसका एक बड़ा रिजन यह भी हो सकता है कि वे सब प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीते हों । मोटापे ‌‌‌की दर 19 साल के बच्चों की पीछले सालों की तुलना मे 3 गुना बढ़ चुकी है।

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प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने के नुकसान  पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती है

प्लास्टिक की बोतल के अंदर पानी पीने से हमारे शरीर को तो नुकसान होता ही है। इसके अलावा यह पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाती है। बोलत का नविनिकरण बहुत कम किया जाता है। केवल 20 प्रतिशत बोतल ही रिसाइकल होती हैं। बाकी जमीन के अंदर दब जाती हैं। ‌‌‌

प्लास्टिक जमीन के अंदर गलती नहीं है। वरन हजारों सालों तक वैसे ही पड़ी रहती है। यह जमीन को बंजर भी बना देती है। जिसकी वजह से जमीन बादमे किसी काम की नहीं रहती है। और वैसे भी भारत के अंदर प्लास्टिक का बहुत अधिक यूज किया जाता है। खास कर प्लास्टिक की थैलियां पर्यावरण को बहुत अधिक नुकसान ‌‌‌पहुंचाती हैं।

‌‌‌प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने के नुकसान जमीन को बंजर बना रही हैं

प्लास्टिक की बोलल के अंदर पानी पीने का नुकसान केवल हमारे स्वास्थ्य पर ही नहीं पड़ रहा है। वरन इनका नुकसान फसलों की पैदावार पर भी पड़ रहा है। आपको पता होगा कि प्लास्टिक की बोतले प्लास्टिक की थैली वैगरह

‌‌‌उपयोग करने के बाद कहीं पर डाल दिया जाता है। इन प्लास्टिक की चीजों को जमीन भी गला नहीं पाती है। और जिस जमीन के अंदर यह प्लास्टिक का कचरा जमा हो जाता है। वह बाद मे अपना उपजाउपन खो देती है। और फिर उसमे कोई पैदावार भी नहीं होती है।हर मिनट दुनिया भर में एक लाख प्लास्टिक की बोतलें खरीदी जाती हैं और 2021 तक यह संख्या 20% अधिक तक पहुंच जाएगी, जिससे पर्यावरणीय संकट पैदा होगा कुछ प्रचारक भविष्यवाणी जलवायु परिवर्तन के रूप में गंभीर होंगे।‌‌‌हर सेंकिंड लगभग 20,000  बोतले खरीदी जा रही हैं। प्लास्टिक बोतलों की खरीद चीन और ऐसिया देशों के अंदर सबसे ज्यादा फैली हुई है।

दुनिया भर में 2016 में 480 अरब से अधिक प्लास्टिक पीने की बोतलें बेची गईं, जो एक दशक पहले लगभग 300 अरब थीं।यूरोमोनीटर इंटरनेशनल की वैश्विक पैकेजिंग रुझान रिपोर्ट के सबसे अद्यतित अनुमानों के मुताबिक, 2021 तक यह व्यापार 583.3 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा।

शीतल पेय और पानी के लिए उपयोग की जाने वाली अधिकांश प्लास्टिक की बोतलें पॉलीथीन टीरेफेथलेट  से बनाई जाती हैं, जो अत्यधिक पुन: प्रयोज्य है । लेकिन इन बोतलों को रिसाइकिल करने के प्रयास नाकाम साबित हुए हैं।

2016 में खरीदी गई आधे से कम बोतलों को रीसाइक्लिंग के लिए एकत्र किया गया था और एकत्रित लोगों में से केवल 7% नई बोतलों में बदल गए थे। इसके बजाय अधिकांश प्लास्टिक की बोतलें लैंडफिल या समुद्र में फेंक दी जाती हैं।

एलन मैक आर्थर फाउंडेशन के शोध के मुताबिक, समुद्र के पक्षियों, मछली और अन्य जीवों द्वारा प्रत्येक वर्ष दुनिया के महासागरों में 5 मीटर और 13 मीटर टन  के बीच में लीक किया जाता है, और 2050 तक समुद्र में वजन से अधिक प्लास्टिक होगा।

बेल्जियम में गेन्ट विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने हाल ही में उन लोगों की गणना की जो समुद्री भोजन खाते हैं, हर साल वे प्लास्टिक के 11,000 छोटे टुकड़े तक खाते हैं।

‌‌‌प्लास्टिक की बोतलों के मामले मे चीन सबसे आगे है।2015 में, चीन के उपभोक्ताओं ने 68.4 अरब बोतलों की पानी खरीदी और 2016 में यह 5.4 अरब डॉलर तक 73.8 अरब बोतलों तक पहुंच गई।

 

‌‌‌प्लास्टिक बोतल के नुकसान पानी मे प्लास्टिक के कण

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की समीक्षा के चलते 25 9 पानी की बोतलों के एक नए अध्ययन में प्लास्टिक के छोटे टुकड़े 90 प्रतिशत से अधिक पाए गए हैं।शोधकर्ताओं ने नौ देशों – अमेरिका, चीन, ब्राजील, भारत, इंडोनेशिया, मेक्सिको, लेबनान, केन्या और थाईलैंड से पानी की बोतलों का विश्लेषण किया – और पाया कि 93 प्रतिशत ने कम से कम माइक्रोप्र्लास्टिक्स से दूषित होने का संकेत दिया है,

‌‌‌वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक की बोतल के अंदर तैरते प्लास्टिक कणों की पहचान करने के लिए

नाइल रेड नामक एक डाई का इस्तेमाल किया, शोधकर्ताओं ने प्रति लीटर पानी के 10 प्लास्टिक कणों का औसत पाया, और प्रति लीटर 314 कण जिन्हें वे प्लास्टिक मानते हैं, लेकिन सकारात्मक रूप से पहचान नहीं सकते क्योंकि वे बहुत छोटे हैं।‌‌‌इन बोतलों के अंदर केवल 17 पानी की बोतले ऐसी थी जिनके अंदर प्लास्टिक के कण नहीं मिले । इस स्टड़ी के अंदर अलग अलग ब्रांड के प्लास्टिक की बोतलों का परीक्षण किया गया । यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह कण पानी के अंदर कहां से आ रहे हैं ?

‌‌‌आपको बतादें कि अकेले 2016 में लगभग 500 अरब प्लास्टिक की बोतलें दुनिया भर में बेची गईं-

 

 

‌‌‌BPA क्या होता है ?

‌‌‌BPA एक विशेष प्रकार का रसायन होता है। जिसको Bisphenol कहा जाता है। यह अधिकतर ठोस वस्तुओं के अंदर पाया जाता है। इसका यूज 1957 के अंदर से ही व्यवसाय के अंदर किया जाने लगा था ।BPA की मदद से plastic bottle , toy ,cd,dvd वैगरह बनाए जाते हैं। ‌‌‌सन 2011 के अंदर10 billion pounds BPA का उत्पादन किया गया था ।जोकि बहुत ज्यादा है।BPA एक डेंजर कैमिकल होता है। जोकि बोड़ी को नुकसान पहुंचाता है। जैसाकि आप जान ही चुके हैं।

BPA free plastic bottle

यदि आप नहीं चाहते हैं कि आपको plastic bottle के अंदर पानी पीने से कोई समस्या पैदा हो तो आपको BPA free plastic bottle खरीद लेनी चाहिए । आपको बतादें कि यह बोतल आपके शरीर पर कोई भी गलत प्रभाव नहीं डालती हैं। लेकिन यह महंगी आती है।

आपइसको bpa free water bottle ‌‌‌से खरीद सकते हैं। आपके इसके लिए 1500 रूपये तक देने पड़ सकते हैं। लेकिन यह काफी अच्छी क्वालिटी की बोतल आती है। आप यदि एक बार 1500 रूपये अदा कर देते हैं तो फिर आप इस बोतल का प्रयोग लंबे समय तक कर सकते हैं।

BPA free bottle के साथ समस्याएं

ऐसा नहीं है कि लोग यह नहीं जानते हैं कि plastic bottle मे पानी पीने के नुकसान होते हैं। लेकिन फिर भी उनको पानी पीने के लिए बोतल ही इस्तेमाल करनी पड़ती है। इसके अलावा उनके पास और कोई आप्सन नहीं है। जो बोतल के समान हल्का और सूटेबल हो । यदि हम BPA ‌‌‌मुक्त बोतल की बात करें तो वह बहुत ज्यादा महंगी आती है। आम इंसान इसे खरीदना नहीं चाहता है।

Stainless Steel Water Bottle का यूज करें

यदि आप ज्यादा महंगी बोतल नहीं खरीद सकते हैं तो आप स्टील की बोतल का उयोग पानी पीने के लिए या कई और चीजों के लिए कर सकते हैं। इसमे आपको किसी प्रकार का कोई भी रिस्क भी नहीं है। और आपको यह मार्केट के अंदर 250 रूपय तक आसानी से मिल जाती है। इसका यूज आप ‌‌‌सफर के दौरान भी कर सकते हैं।

तो दोस्तो प्लास्टिक की बोतल मे पानी पीने के नुकसान पर लिखा गया हमारा यह लेख आपको कैसा लगा कमेंट करें ।

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