पुष्पक विमान और उसके रहस्य in hindi

यह पौराणिक महाकाव्य रामायण के अंदर वर्णित एक विमान हुआ करता था । इस विमान का प्रयोग लंका के राजा रावण करता था । सीता हरण के समय रावण ने इसी विमान का प्रयोग किया था । पुष्पक विमान की अनेक विशेषताएं थी । जिनकी चर्चा हम इस लेख के अंदर करने वाले हैं। ‌‌‌रावण को मारने के बाद राम लक्ष्मण और विभिषण इसी विमान के अंदर अयोध्या आए थे ।

‌‌‌किसने बनाया था पुष्पक विमान

‌‌‌वैसे इस विमान का निर्माण विश्वकर्मा ने ब्रह्मा के लिए किया था । लेकिन रावण के भाई कुबेर ने तपस्या करके इस विमान को प्राप्त कर लिया था ।पुष्पक विमान धन के देवता कुबेर के पास हुआ करता था । लेकिन रावण ने इस विमान को और कुबरे की नगरी लंका पुरी को बलपूर्वक छीन लिया था । पुष्पक विमान का निर्माण अंगिरा ऋषि ने किया था और इसकी सजावट को विश्वकर्मा के द्वारा किया गया था। प्राचीन ग्रंथों के अंदर ‌‌‌ऐसे अनेक विमानों का उल्लेख मिलता है। विमान मुख्य रूप से दो प्रकार के होते थे । एक मानव द्वारा बनाए गए विमान जोकि आम होते थे । दूसरे विशेष विमान होते थे । जिनके अंदर कुछ खास ताकते मौजूद होती थी । प्राचीन ग्रंथों के अंदर कई तरह के विमानों के युद्वों का वर्णन भी मिलता है।

पुष्पक विमान

‌‌‌पुष्पक विमान के कुछ विशेष गुण

पुष्पक विमान एक खास प्रकार का विमान हुआ करता था । जिसके अंदर कुछ खास ताकते मौजूद थी । आइए उन खास ताकतों के बारे मे भी इस लेख के अंदर चर्चा कर लेते हैं।

पुष्पक विमान मन की गति से उड़ता था

पुष्पक विमान के बारे मे यह कहा जाता है कि यह मन की गति से उड़ता ‌‌‌इसका स्वामी अपने मन से इस विमान को पूरी तरह से कंट्रोल कर सकता था । इसकी गति को मन से नियंत्रित किया जाता था ।

 

‌‌‌यह भूमी पर भी चल सकता था

पुष्पक विमान के अंदर अनेक विशेषताएं थी । उनमे से एक थी कि वह आकाश के अंदर उड़ने के साथ साथ भूमी पर भी चल सकता था । यह एक गाड़ी की तरह भी काम आता था ।

पुष्पक विमान को छोटा बड़ा किया जा सकता था

पुष्पक विमान केवल एक आकार के अंदर ही नहीं रहता था । ‌‌‌वरन उसका आकार भी बदल सकता था । वह विमान आवश्यकता अनुसार बड़ा और छोटा हो सकता था। और उस पर वजन को भी उस हिसाब से कम या ज्यादा किया जा सकता था ।

‌‌‌रावण के वध के उपरांत पुष्पक विमान को भगवान राम ने कुबेर को वापस लौटा दिया था ।

‌‌‌पुष्पक विमान की बनावट

पुष्पक विमान की बनावट बहुत ही सुंदर थी यह जब आकाश के अंदर उड़ता था तो स्वर्ण मेघ के समान लगता था । इसके चारों और हीरे और सोना को जड़ा गया था ।इसके आगे एक हंस का चित्र बहुत ही सुंदर ढंग से कोरा गया था ।इस विमान के उपर हाथी के आकार को भी उकेरा गया था । जो देखने मे बहुत ‌‌‌सुंदर लगता था ।‌‌‌यह विमान रावण के महल के पास खड़ा रहता था । जिसको देखकर एक बार तो हनुमानजी भी आश्चर्यचकित हो गए थे । पुष्पक विमान के अलावा रावण के पास अन्य कई विमान थे । लेकिन कोई भी विमान पुष्पक का मुकाबला नहीं कर सकता था ।

 

अफगानिस्तान में मिला महाभारतकालीन विमान

एक वेबसाईट की रिपोर्ट के मुताबिक अफगानिस्तान की एक गुफा के अंदर एक बहुत पुराना विमान मिला है। यह विमान बहुत पुराना है। यह 5000 साल पुराना विमान है। जोकि एक टाइम वेल के अंदर फंसा हुआ था । टाइमवेल एक विशेष प्रकार का इलेक्ट्रो मैग्नेटिक क्षेत्र होता ‌‌‌जिसमे रहने वाली वस्तु सुरक्षित रहती है। और उसके पास जाने वाले हर इंसान गायब हो जाते हैं।रूसी रिपोर्ट दिसम्बर 2010 के अंदर पेश हुई थी जिसके अंदर यह कहा गया था कि विमान के 4 पहिये लगे हुए हैं।

‌‌‌इसके अंदर कई सारे घातक हथियार लगे हुए थे । जिनका प्रयोग दुश्मनों पर हमला करने के लिए किया जाता था । जब कमांडों कुछ दूर से इस विमान का निरक्षण किया जा रहा था तो इसका टाइम वेल सक्रिय हो गया और कई कमांडो गायब हो गए ।

‌‌‌वैज्ञानिकों के मता अनुसार टाइम वेल एक सर्पिलाकार आकाश गंगा की तरह होता है। जिसके संपर्क के अंदर आते ही जानवर ऐसे गायब हो जाते हैं। जैसे थे ही नहीं अब तक यहां पर 40 जर्मन डॉक्स की भी मौत हो चुकी है।

‌‌‌इससे पहले कुछ लोगों का दावा है कि चीनियों को संस्क्रत के अंदर कुछ दस्तावेज भी मिले थे । जिनको अनुवाद के लिए चंडीगढ भेजा गया था । उसके बारे मे यह कहा जाता है कि वे इस विमान से संबंधित हो सकते हैं।

‌‌‌इंका संभ्यता के खंड़रों के अंदर कुछ ऐसे चित्र भी मिले हैं। जिन मे मनुष्य के उपर पंख दिखाए गए हैं।मध्य अमेरिका के अंदर कुछ ऐसे आक्रति मिले हैं जो विमानों से मिलती हैं। कुल मिलाकर ऐसा कहा जा सकता है की प्रचाीन लोग कुछ ऐसी चीजों के बारे मे जानते थे जो अब तक हम नहीं जानते ।

 

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