पिग्मी जनजाति कहाँ पाई जाती है? pygmy lifespan and history

दुनिया के अंदर अनेक रहस्य मय जनजातियों का वास है। यदि आप उनकी प्रथाओं और परम्पराओं को अच्छे से जान लेंगे तो आपको आश्चर्य होगा ।पिग्मी जनजाति अफ्रीकी Pygmies जिनको कहा जाता है। यह जगंलों के अंदर निवास करने वाली जनजाति है।‌‌‌यह जनजाति मध्य अफ्रिका के अंदर जंगलों के अंदर रहती है। एक आदिवासी जातीयता का एक समूह है, जो परंपरागत रूप से रहता है। यह मध्य अफ्रिका के मूल निवासी हैं।अफ्रीकी Pygmies को मोटे तौर पर भौगोलिक समूहों में विभाजित किया जाता है। जिनमे से प्रमुख हैं।

  • पश्चिमी बम्बेंगा या म्बेंगा (कैमरून, गैबॉन, कांगो गणराज्य, मध्य अफ्रीकी गणराज्य)
  • कांगो बेसिन (DRC) के पूर्वी बंबुति या एमबीटी  केंद्रीय और दक्षिणी बटवा या ट्वा (रवांडा, बुरुंडी, DRC, तंजानिया, युगांडा, जाम्बिया, अंगोला और नामीबिया)

19 वीं शताब्दी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड में  पिग्मी जनजाति की पहली उपस्थिति को दर्ज किया गया था। जोकि एक छोटे से क्षेत्र के अंदर रहती थी। हालांकि बाद मे हुए परिर्वतनों की वजह से यह जनजाति काफी प्रभावित भी हुई थी।

‌‌‌अब अधिकांश Pygmy समूह आंशिक रूप से ग्रामीण हैं और आंशिक रूप से यह आदिवासी हैं।यह सब मिलकर अन्य ग्रामीणों के साथ खेती भी करते हैं। बिना खेती के केवल जंगल मे गुजारा नहीं कर पाते हैं। 2016 में मध्य अफ्रीकी जंगलों में रहने वाले कुल 900,000 Pygmies का अनुमान लगाया गया था, इस संख्या का लगभग 60% लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में है।इस संख्या के अंदर दक्षिणी ट्वे आबादी को शामिल नहीं किया गया है। जोकि आंशिक रूप से जंगल के बाहर रहते हैं।

‌‌‌पिग्मी महिला अपने बच्चे के साथ

By Max Chiswick – Own work, CC BY-SA 4.0, Link

Pygmy शब्द का प्रयोग ग्रीक पौराणिक कथाओं के अंदर बौने लोंगों के लिए प्रयोग मे लिया जाता था।1806 ई के अंदर पिग्मी शब्द का प्रयोग छोटे अफ्रिकी शिकारी कुत्तों के लिए भी इस्तेमाल किया गया था।1860 दशक के अंदर कोई भी इन जनजाति के होने पर विश्वास नहीं करता था।जार्ज अगस्ट श्वेफफार्थ का द हार्ट ऑफ पुस्तक जोकि सन 1873 ई के अंदर प्रकाशित हुई थी उसके अंदर पिग्मी शब्द का प्रयोग बौने लोगों के लिये किया गया था।

अफ्रीकी Pygmies को मध्यपाषाण युग के समय एकत्रित शिकारी लोगों का वंशज माना जाता है।पश्चिम अफ्रीकी और पूर्व अफ्रिकी के वंश से कांगो Pygmies के गहरे अलगाव के प्रमाण 2010 के दशक में पाया गया था। ऐसा माना जाता है। कि लगभग 5000 साल पहले सारे एक ही थे । लेकिन बाद मे इनका विस्थापन हो गया था।

  • Pygmies को अफ्रीकी महाद्वीप के पहले निवासी के रूप मे जाना जाता है।राजा पेपी द्वितीय के खोजकर्ता, हरकुफ की कब्र के उपर पिग्मी लोगों का सबसे पहला संदर्भ मिलता है। 2250 ईसा पूर्व के अंदर हरकुफ के द्वारा भेजे गए एक पत्र के अंदर इसका उल्लेख भी है।
  • लगभग 200 साल पहले राजा इसेसी के शासनकाल के दौरान मिस्र में लाई गई एक प्याजी के संदर्भ मौजूद हैं।
  • इसके अलावा Pygmies के अधिक पौराणिक संदर्भ होमर, हेरोडोटस और अरस्तू के ग्रीक साहित्य के अंदर भी मिलते हैं।
  • अरस्तू ने भी पैगीज़ के बारे में लिखा, कि बौने पुरूष एक कल्पना नहीं है वे नील नदी के पास रहते हैं। और उनके मकान जमीन के अंदर बने हुए हैं।
  • सितंबर 1906 में, वह ब्रोंक्स चिड़ियाघर के अंदर एक पिंगी को मंकी के पिंजरे के अंदर बद कर दिया जिसने 40 हजार आगंतु को आकर्षित किया था। ‌‌‌और उसके बाद 1916 के मार्च में ओटा बेंगा को सामान्य जीवन जीने में मदद करने के प्रयास विफल हो गए, उसने अपने मेजबान परिवार से बंदूक उधार ली, जंगल में चला गया जहां पर उसने खुद को गोली मार ली।
  • पूरे मध्य अफ्रीका में कई अफ्रीकी पम्मी जनजातियाँ हैं, जिनमें मबूटी, आका, बाबेंज़ेल, बाका, इफे, ट्वा आदि प्रमुख हैं। वैसे इनमे से अधिकांश जनजातियां लगभग सारे काम करती हैं। यह ग्रामिणों के साथ मिलकर खेती भी करती हैं और इसके अलावा शिकार करना , मछली पकड़ने का काम भी करती हैं।

Pygmies की प्रमुख भाषाएं

Pygmy लोग कौनसी भाषाएं बोलते हैं ? इस संबंध मे अभी भी रहस्य बना हुआ है। यह पुख्ता कोई नहीं बता सका है कि यह लोग कौनसी भाषाएं बोलते हैं। लेकिन मेरिट रूहलेन लिखती है कि “अफ्रीकी पैग़म्बरी या तो नीलो-सहारन या नाइजर-कोर्डोफ़ानियन परिवारों से संबंधित भाषाएं बोलते हैं।‌‌‌ऐसा माना जाता है कि प्रागैतिहासिक काल के अंदर सहजीवन के अंदर रहकर इन लोगों ने इन दोनो भाषाओं को अपनाया है।भाषाई साक्ष्य के अनुसार यह लोग बका और बटू भाषी शब्दावली का प्रयोग करते हैं।एक अन्य परिकल्पना के अनुसार यह लोग शिकारी-समूह के प्रत्यक्ष वंशज हैं जोकि केंद्रीय सूडानिक, उबांगियन और बंटू भाषाओं को अपनाया है।

कांगो बेसिन में कम से कम 350,000 की संख्या के अंदर पिग्मी पाये जाते हैं जोकि उबांगियन भाषा ,सुडानिक भाषा भी बोलते हैं। वैसे देखा जाए तो पिग्मी लोगों की भाषाएं अब तेजी से बदल रही हैं। और वे आस पड़ोस की नए प्रचलित भाषाओं को सीख रहे हैं। पूर्व-आधुनिक दोनों के रूप मे अक्सर पिग्मी लोगों को माना जाता है। और यह माना जाना सही भी है।Pygmy की खुद की भाषाएं होती हैं। और वे ग्रामिणों की बंटू भाषा भी बोलते हैं। लेकिन यह ज्ञात नहीं है कि वे खुद कोनसी भाषा बोलते हैं।

‌‌‌पिग्मी का छोटा कद आज भी रहस्य है

वैसे देखा जाए तो पिग्मी की छोटी हाईट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने काफी पेरशान किया है। एक ऐवरेज पिग्मी की हाईट 4 फिट 11 इंच होती है। मतलब 150 Cm. ‌‌‌पिग्मी के कम कद के पीछे वैज्ञानिक कई प्रकार के तर्क देते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार अफ्रीकी पिग्मी शिकारी होते हैं। इस वजह से वे सूर्य के प्रकाश मे काफी कम निकलते हैं। और सूर्य का प्रकाश उनके शरीर तक नहीं पहुंचने की वजह से शरीर मे विटामिन डी की कमी हो जाती है।कैल्शियम मे बढ़ोतरी होने की वजह से कंकाल कम हो जाता है।इसके अलावा  प्रोटीन युक्त खाद्य स्रोतों की संभावित कम उपलब्धता,भूमध्यरेखीय और उष्णकटिबंधीय गर्मी और आर्द्रता आदि शामिल हैं।

पिग्मी जनजाति music

 सिम्हा अरोम, लुइस सरनो, कॉलिन टर्नबुल  जैसे रिसर्च कर्ताओं ने पिग्मी लोगों के संगीत के बारे मे विशेष रिसर्च किया है। इनके अनुसार पिग्मी लोग संगीत गायन भी करते हैं। और यह इनके मनोरंजन का एक अच्छा साधन भी है।‌‌‌हमारी तरह यह कई प्रकार के संगीत का प्रयोग करते हैं ।जैसे कहानियां संगीत ,अध्यात्मिक संगीत और शब्द गायन प्रमुख है। यह संगीत के दौरान कई प्रकार के वाध्य यंत्रों का प्रयोग करते हैं। जैसे धनुष वीणा (आईटा), एनकोम्बी (वीणा झरे) और लिंबिंदी (एक स्ट्रिंग धनुष  आदि ।

Liquindi

यह एक तरह से पानी का ढोलक कहा जा सकता है। जिसको पिग्मी महिलाएं करती हैं। वे पानी के अंदर खड़ी होकर विशेष तरीके से अपने हाथों से एक सुर के अंदर आवाज पैदा करती हैं। कुल मिलाकर यह एक ढोलक जैसा होता है।

Hindewhu

यह सीटी बजाने की एक विशेष शैली होती है।इसका प्रयोग अधिकतर युवा समुह करते हैं। यह एक तरह से हमारे यहां पर सीटी बजाने के जैसा ही होता है।

अफ्रीका में नरभक्षण और पिग्मी

कांगो गणराज्य में, जहां Pygmies की 2% आबादी रहती है, कई Pygmies Bantu स्वामी के दास के रूप मे रहते हैं। Pygmies लोग भले ही कुछ भी करने जाएं । भले ही वे मछली पकड़ते हो या कोई और काम करते हो उनको अपेन बंटू स्वामी के दास के रूप मे रहना ही पड़ता है। Bantus लोग इसके लिए पिग्मी को कुछ प्रदान भी करते हैं। हालांकि मानवाधिकार आयोग की वजह से पिग्मी लोगों की सुरक्षा के लिए कांगों संसद के अंदर एक कानून पास किया जा रहा है।

By Internet Archive Book Imageshttps://www.flickr.com/photos/internetarchivebookimages/18162268531/Source book page: https://archive.org/stream/americanmuseumjo15amer/#page/n471/mode/1up, No restrictions, Link

2003 में सिनाफ़ासी माकेलो ने संयुक्त राष्ट्र के स्वदेशी पीपुल्स फोरम को यह बताया कि कांगो गृह युद्ध के दौरान उनके लोगों को खाया गया था। और मैकेलो  ने कहा कि नरभक्षण को अवैध घोषित किया जाना चाहिए और उनके लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए।

अल्पसंख्यक अधिकार समूह इंटरनेशनल के अनुसार सामूहिक हत्याओं, नरभक्षण और Pygmies के बलात्कार के व्यापक सबूत हैं और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से आग्रह किया है कि वे pygmies के खिलाफ विनाश की एक मुहिम की जांच करें। हालांकि इस काम के लिए मूवमेंट ऑफ लिबरेशन ऑफ कांगो को जिम्मेदार माना गया।

2013 के अंदर उत्तरी कटंगा प्रांत में, पैगी बाटवा लोग, जिन्हें लुबा लोग अक्सर शोषण करते हैं और दास बना लेते हैं। ‌‌‌पीछले दिनों पेरसी लोगों ने क्यूबा के गांवों पर हमला किया और इस संघर्ष के दौरान कम से कम 30 लोग मारे गए थे । हालांकि इन लोगों के पास लड़ने के लिए कोई गन वैगरह नहीं होती है। वरन यह बस तीर कमान और कुल्हाड़ी से ही लड़ते हैं।

Pygmy जनजाति के साथ भेदभाव

Pygmy जनजाति को हमेशा गांवों के अंदर रहने वाले Bantu  लोग हमेशा से ही हीन समझते हैं। और अधिकारियों के द्वारा भी उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। पिग्मी को Bantu  लोग अपना दास बनाकर रखते हैं। और उन्हें सबसे कम वेतन वाली नौकरी दी जाती है। Pygmies लोगों के साथ अफ्रिका के अंदर बुरी तरह से भेदभाव किया जाता है। अक्सर उनको उनकी जमीन से बेदखल किया जाता है।

और उनको शिक्षा देने से वंचित किया जाता है। उनको राज्य का नागरिक भी नहीं माना जाता है। सरकार की नीतियों और बहुराष्ट्रीय निगमों ने वनों की कटाई को तेज कर दिया है। जिसके परिणामस्वरूप इनके रहने की समस्याएं भी पैदा हो गई हैं।मध्य अफ्रीका के वर्षा-वन में लगभग 500,000 Pygmies बचे हुए हैं। अब इन लोगों के अंदर गरीबी बढ़ रही है। और इनका संस्कृति जीवन पूरी तरह से नष्ट हो रहा है।

‌‌‌वनो की कटाई होने की वजह से पिग्मी लोगों को गांवों के अंदर धखेल दिया जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप वे वहां पर शिवरों के अंदर रहते हैं। ऐसे शिवरों के अंदर अक्सर पिग्मी महिलाओं का यौन शोषण होता है। और इस पर प्रतिबंध लगाने वाला कोई भी नहीं है। इसके अलावा एचआईवी  जैसी समस्या भी इन लोगों मे ‌‌‌तेजी से बढ़ रही है। हालांकि यहां पर अस्पताल सुविधाएं हैं। लेकिन यह लोग इतने गरीब हैं कि इन सुविधाओं का भुकतान नहीं कर सकते हैं।

Baka Pygmies

Baka Pygmies कैमरून, कांगो और गैबॉन के वर्षा वनों में निवास करती है । इनकी सटीक जनसंख्या का कोई अनुमान नहीं है। लेकिन इतना कहा जा सकता है कि यह 5000 से 28000 के लगभग हो सकती है।बंटू किसानों के साथ भी यह लोग रहते हैं। और बंटू भाषाएं भी बोलते हैं। आमतौर पर कुछ पिग्मी फ्रेंच भाषा को ‌‌‌बोलते हैं।

By Embassy of the United States of America to Cameroon. – http://yaounde.usembassy.gov/., Public Domain, Link

‌‌‌बाका पिंग्मी और उनकी जीवन शैली

बाका आमतौर पर एकल परिवार के रूप मे रहते हैं और यह झोपड़ियों के अंदर रहते हैं। जिनको मुंगुलु के नाम से जाना जाता है।यह शाखाओं और पतियों से बना हुआ होता है।यह महिलाओं के द्वारा बनाया जाता है। यह एक आयताकार घर होता है। बाका लोग शिकार करना सबसे ज्यादा पंसद करते हैं। कई बाका लोग मछली भी पकड़ते हैं। और बहुत सारे बाका जंगल के अंदर शिकार करते हैं। वे शिकार के लिए धनुष और जहरीली दवाओं का इस्तेमाल भी करते हैं।इसके अलावा बाका को पौधों के बारे मे भी जानकारी होती है।

खाद्य आपूर्ति के हिसाब से बाका पिग्मी अपना स्थान बदलते रहते हैं। यदि उन्हें कहीं पर शिविर नहीं लगाया है तो फिर वे वहां पर अधिक समय तक नहीं रूकते हैं। बारिश के मौसम के दौरान वे एक स्वादिष्ट तेल को बनाने के लिए आम वैगरह की खोज करने के लिए लंबे अभियान पर जाते हैं।

‌‌‌बाका लोगों का सामाजिक जीवन

बाका पिग्मी के अंदर महिलाएं और पुरूषों दोनों की अपनी परिभाषित भूमिकाएं होती हैं। महिलाएं झोंपड़िया बनाती हैं। और जब पुरूष शिकार करने जाते हैं तो उनकी मदद करने के लिए मछलियों के लिए छोटे तालाब बनाते हैं। बका के लोगों के अंदर कोई स्थाई विवाह सम्मारोह नहीं होता है। युगल सबसे पहले रेत के घर बनाते हैं और फिर इनको अपने इच्िछत माता पिता के लिए उपहार लाते हैं। आमतौर पर बाद मे वे साथ रहने लगते हैं । लेकिन बच्चे ना होने तक दोनो को पति पत्नी नहीं माना जाता है। इनके अंदर बहुविवाह की परम्परा नहीं  है।

‌‌‌बाका लोग संगीत के मामले के अंदर भी काफी आगे हैं।ये लोग नृत्य के साथ, चिकित्सा अनुष्ठान, दीक्षा अनुष्ठान, समूह खेल मे भी शामिल होते हैं।बांसुरी, फर्श पर खड़े धनुष और संगीतमय धनुष ,बेलनाकार ड्रम और वीणा-झीर आदि का प्रयोग करते हैं। यूरोपीय संगीतकारों  की मदद से बाका का एक एल्बम भी रिलिज किया गया है।

मर्दानगी दीक्षा का संस्कार बाका पिग्मी पुरूष का एक पवित्र हिस्सा है। नृवंशविज्ञानी मौरो कैंपागनोली  को इस दीक्षा के अंदर भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ था। इस दीक्षा के अंदर  महिला और पुरूष साथ साथ साथ रहते हैं और बहुत कम भोजन करते हैं। खतरनाक संस्कार  के अंदर पुरूष बाका को आत्मा से भी मिलना ‌‌‌होता है।

‌‌‌बाका पिग्मी का धर्म

बाका लोग धार्मिेक होते हैं। वे कोम्बा नामक एक देवता को मानते हैं और सब निर्माता उसी को बताते हैं।हालांकि वे इसकी सक्रिय रूप से पूजा नहीं करते हैं। लेकिन  जंगल की आत्मा, जेंगी की वे सक्रिय रूप से पूजा करते हैं। जेंगी  पुरुष संस्कार की अध्यक्षता करता है।और यही पुरूषों की ‌‌‌रक्षा करता है।

Mbuti पिग्मी

Mbuti पिग्मी  अफ्रिका के कांगो क्षेत्र के अंदर निवास करती है।यह इटुरी जंगल में के अंदर रहती है। और 15 से 60 लोग इनके समूह मे रहते हैं।मबूटी की आबादी लगभग 30,000 से 40,000 लोगों की अनुमानित है।इटुरी का जंगल एक उष्णकटिबंधीय वन है। जोकि लगभग 27,000 वर्ग मील के अंदर फैला हुआ है। सालाना 50 से 70 इंच  तक वर्षा होती है।शुष्क मौसम केवल 2 महिनों तक ही रहता है। सूखा भी खाद्य आपूर्ति को प्रभावित करता है।

‌‌‌रहन सहन

मबूटी लोग पारम्परिक रूप से जीवन का गुजारा करते हैं। यह लोग यह बैंडों के अंदर रहते हैं। जिनमे गोलाकार अस्थायी झोंपड़ियां होती हैं।यह ठंडों से बनाई हुई और पतों से ढ़की हुई रहती हैं।मबूटी पिग्मी को जंगल मे मिलने खाले खाध्य पदार्थों के बारे मे काफी कुछ जानकारी होती है। ‌‌‌वे जाल और धनुष की मदद से शिकार करते हैं। वे अक्सर शुष्क मौसम के अंदर शिकार करते हैं। क्योंकि गिले मौसम मे जाल अप्रभावी होते हैं।

सामाजिक संरचना ‌‌‌और धर्म

मबूटी  लोगों के बीच किसी तरह का कोई शासक या राजनेतिक संगठन नहीं है। यह लोग  समतावादी होते हैं। इनमे पुरूष और महिलाएं दोनों को समान अधिकार प्राप्त होता है। निर्णय सबकी आम सहमति से ही होते हैं। ‌‌‌जबकि बात करें शिकार की तो पुरूष धनुष और तीर के साथ शिकार करते हैं। जबकि महिलाएं और बच्चे जाल की मदद से अधिक शिकार कर सकती हैं।महिला और पुरुष दोनों बच्चों की देखभाल करते हैं। महिलाओं को खाना पकाने, सफाई करने, झोपड़ी की मरम्मत करने और पानी प्राप्त करने का काम दिया जाता है।

Mbuti के अंदर विवाह एक सामान्य परम्परा होती है।पारस्परिक विनिमय के आधार पर विवाह होता है। पुरूष अपनी बहन या बेटी बदले मे देता है। और उसके बदले दूसरी महिला को लेता है। यहां पर देहज जैसा कुछ नहीं है। बहुविवाह प्रचलित है।

मबूटी स्थानिय ग्रामिणों के साथ व्यापक रूप से संपर्क रखते हैं।कृषि उत्पादों और उपकरणों के लिए मांस, शहद, और जानवरों की खाल जैसी चीजें वे बाजारों मे बेच देते हैं। और हिंसक अपराधों के लिए अदालतों मे भी जाते हैं। मबूटी प्रमुख समारोहों और त्योहारों में भाग लेते हैं।

‌‌‌यदि हम धर्म की बात करें तो यह लोग खुद को जंगल का बच्चा‌‌‌ बताते हैं। इनके अध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मोलिमो  है। जोकि भौतिक रूप से एक वाद्ययंत्र है।इसको लकड़ी और पुराने ड्रेनपाइप से भी बनाया जाता है।

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