ज्यादा सोने से क्या होता है देर तक सोने के नुकसान

अधिकतर लोग खास कर 25 वर्ष तक की आयु के लोग ज्यादा सोना पसंद करते हैं। अधिक सोने के कई नुकसान होते हैं। इस लेख के अंदर हम आपको ज्यादा सोने से होने वाले नुकसान के बारे मे बताएंगे। वैज्ञानिकों के अनुसार एक स्वस्थ इंसान को दिन के अंदर 6 से 8 घंटे ‌‌‌तक सोना चाहिए । यदि कोई इससे कम या अधिक समय तक सोता है तो नुकसानदायी होता है। ‌‌‌लेकिन अधिकतर मामलों के अंदर देखा गया है कि कुछ लोगों को अधिक सोने की आदत भी होती है। वे 12 घंटे तक बिस्तर पर पड़े रहते हैं। जोकि नुकसानदायी है।

‌‌‌जैसा कि आपको पता होगा पूरी नींद लेना जहां फायदे मंद होता है। अच्छी नींद लेने से दिमाग हल्का हो जाता है। और हमारा दिमाग काम भी तेजी से करने लगता है। एक तरह से सोना सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन किसी भी चीज की अति हानिकारक होती है।‌‌‌सोने से दिमाग फ्रेस होता है। और दिमाग के अंदर से गैर जरूरी चीजे हट जाती हैं। और नई चीजों का संचार होता है। इसी वजह से पूरी नींद लेना भी आवश्यक होता है।

‌‌‌यदि वैज्ञानिकों की माने तो दिन के अंदर भी नहीं सोना चाहिए । उनके अनुसार दिन के अंदर सोने से दिमाग के अंदर अच्छी जानकारियां साफ हो जाती हैं। और उनके स्थान पर गलत चीजे दिमाग के अंदर बैठ जाती हैं।लैंकास्टर यूनिवर्सिटी के अंदर हुए एक रिसर्च के अनुसार सोने से दिमाग के अंदर सूचनाओं की कंडिशन बदल जाती है।

‌‌‌कितना सोना चाहिए विज्ञान के अनुसार

जैसा कि आपको पता ही होगा कि 18 से 64 साल के लोगों को 7 से 9 घंटे तक सोना चाहिए । यह कहता है नेशनल स्लीप फाउंडेशन । जब कि यदि आप इससे ज्यादा सोते हैं तो यह ओवर स्लीप के अंदर आता है।‌‌‌इस लिए हम आपको 7 घंटे से कम और 9 घंटे से ज्यादा सोने के बारे मे सजेशन नहीं देंगे । यदि आप इन समय से अधिक या कम सोते हैं तो आपकी हेल्थ के लिए यह सही नहीं है।

एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर शॉन यंगस्टेड ने एक जर्नल  के अंदर बताया कि सबसे कम मृत्यु दर और रुग्णता के लिए सात घंटे अवश्य ही सोना चाहिए। इसके अलावा अन्य रिसर्च कर्ताओं ने सात घंटे सोने को बेहतर दिमागी हेल्थ और दिर्घआयु से जोड़ कर देखा।‌‌‌हालांकि नींद के घंटे कुछ हद तक व्यक्तिपरक हो जाते हैं। कुछ लोग 7 घंटे सोने के बाद अच्छा महसूस करेंगे तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनको कुछ देर और सोने की आवश्यकता होगी । लेकिन 9 घंटे इसमे अधिकतम हैं।

‌‌‌यदि आप कभी कभी 9 घंटे से ज्यादा सोते हैं तो कोई समस्या नहीं है। लेकिन यदि आप रोज 9 घंटे से अधिक समय तक सोते हैं तब आपको परेशानी हो सकती है। और कई प्रकारी बिमारियां पैदा हो सकती हैं। और आपको बतादें कि 2 प्रतिशत जनसंख्या दुनिया के अंदर ऐसी है जो बहुत ज्यादा सोती है।

ज्यादा सोने से क्या होता है

‌‌‌1. ‌‌‌ज्यादा सोने का नुकसान टेंशन और डिप्रेशन

यदि कोई व्यक्ति 9 घंटे से अधिक सोता है। तो उसका दिमाग सुस्त हो जाता है दिमाग के अंदर आलस्य भर जाता है। ऐसी स्थिति मे व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो हो जाता है। उसके अंदर टेंशन पैदा हो जाती है।

‌‌‌अधिक सोने को अवसाद से जोड़कर देखा जाता है। अवसाद से ग्रस्ति लोगों मे 15 प्रतिशत ऐसे होते हैं। जो अधिक सोने की शिकायत करते हैं।हाल ही के अंदर हुए एक रिसर्च के अंदर यह पाया गया कि अधिक या कम सोने वाले लोग अवसाद से ग्रस्ति हो जाते हैं।‌‌‌एक अन्य रिसर्च के अंदर यह पाया गया कि जो लोग 10 घंटे से अधिक सोते थे । उनका खराब मानिसक स्वास्थ्य था।

‌‌‌2. ‌‌‌ज्यादा सोने से गर्भधारण की क्षमता मे कमी

एक वैज्ञानिक शोध के अंदर यह साबित किया गया है कि जो मिलाएं ज्यादा सोती हैं। उनकी गर्भधारण की क्षमता उन महिलाओं से कम हो जाती है जोकि कम सोती हैं। या पूरी पूरी नींद लेती हैं।

कोरियाई महिलाओं पर किये गए एक रिसर्च के अनुसार जो महिलाएं  7 से 8 घंटे तक सोती थी। उन महिलाओं के अंदर गर्भधारण क्षमता 53 प्रतिशत थी। जबकि जो महिलाएं   6 घंटे या उससे कम सोती थी उनके अंदर गर्भधारण की क्षमता 46 प्रतिशत थी। जबकि 8 घंटे से ज्यादा सोने वाली  महिलाओं की गर्भधारण क्षमता 43 प्रतिशत थी। सामान्य सीमा के बाहर या अंदर  सोना हार्मोन और सर्कैडियन चक्रों को प्रभावित कर सकता है,

‌‌‌3. ‌‌‌ज्यादा सोने के नुकसान जल्दी मौत

वैज्ञानिकों के शोध के अंदर यह तथ्य सामने आया है कि अधिक सोने वाले इंसानों की मौत कम सोने वाले इंसानों की तुलना मे जल्दी हो जाती है। यदि प्राचीन हमारे पूर्वजों की बात करें तो वे अधिक समय तक जीवित इसलिए रहते थे क्योंकि वे पूर्ण नींद लेते थे ।‌‌‌2010 के अंदर 16 स्टडी हुई जिसके अंदर यह कहा गया कि अधिक सोने से मौत जल्दी आ जाती है।

‌‌‌4. सोने से बढ़ता है वजन

यदि आप अधिक समय से बिस्तर पर पड़े रहोगे तो आपके शरीर की उर्जा नहीं के बराबर खर्च होगी और ऐसी स्थिति के अंदर आपके शरीर के अंदर अतिरिक्त उर्जा या कैलोरी एकत्रित होती जाएंगी । और यदि आप लम्बें समय तक बिस्तर पर पड़े रहोगे तो आपका वजन बढ़ जाएगा आप मोटापे का ‌‌‌भी शिकार हो सकते हैं।

छह साल के कनाडाई अध्ययन के अंदर एकत्रित किये गए डेटा के अनुसार  नींद और वजन बढ़ने की बीच गहरा संबंध है। छ साल की अवधि के अंदर कम या अधिक सोने वाले लोगों के अंदर 2 किलो तक अधिक वजन प्राप्त हुआ और  अधिक वजन बढ़ने की संभावना भी थी।

‌‌‌5. कई नुकसान

यदि आप अधिक समय तक सोते रहते हैं तो आपका मूड भी अच्छा नहीं रहेगा आप अधिक सुस्त रहेंगे । आलस्य के अंदर रहेंगे । मूड खराब होना पेट दर्द होना सिर दर्द होना जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

‌‌‌6. दिल की बिमारी होने का खतरा

यदि आप अधिक समय तक सोते हैं तो आपको दिल की बिमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। सो आपको एक ही करवट के बल नहीं सोना चाहिए । और अधिक समय तक सोने से बचे ।‌‌‌सन 2012 के अंदर अमरीका के अंदर हुए अध्ययन मे यह कहा गया कि अधिक सोने से लिवर की समस्या भी पैदा हो जाती है। इस शोध के अंदर 3000 लोगों को शामिल किया गया ।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वेक्षण  का प्रयोग करते हुए रिसर्च कर्ताओं ने लंबी नींद और हर्ट रोग के बीच एक संबंध स्थापित किया है। पाया गया कि प्रतिदिन आठ घंटे से अधिक सोने वाले  लोगों मे रक्त प्रवाह कम होने से सीने मे दर्द था और कोरोनरी हृदय रोग होने की संभावना 10% अधिक थी। नर्सों के स्वास्थ्य अध्ययन के आंकड़ों मे 71,000 महिलाओं के डेटा का विष्लेषण मे पाया गया कि 8 घंटे से अधिक सोने वाली महिलाओं के अंदर हर्ट रोग की संभावना 38 प्रतिशत अधिक थी।

ज्यादा सोने से क्या होता है

‌‌‌7. अन्य समस्या

अधिकतर देर तक सोने वाले लोग व्यायाम आदि नहीं कर पाते हैं। जिसकी वजह से उनको पेट मे गैस और कब्ज होने की शिकायत भी अधिक रहती है।

‌‌‌8. ज्यादा सोने के नुकसान सिरदर्द

यदि आप अधिक समय तक सोते हैं तो इसका असर हमारे दिमाग पर पड़ता है और सिरदर्द की समस्या भी पैदा हो सकती है।

‌‌‌9. पीठ के अंदर दर्द

अधिक समय तक सोने से पीठ अकड़ जाती है।और उसके अंदर दर्द होने लगता है। यदि आपकी पीठ के अंदर दर्द होने की शिकायत पहले से ही है तो आपको अधिक समय तक बिस्तर पर नहीं पड़े रहना चाहिए । वरन कम सोना चाहिए।

‌‌‌10.ज्यादा सोने से डायबिटीज का खतरा

वैज्ञानिकों के अनुसार यदि कोई इंसान एक लम्बे समय तक अधिक सोता है तो उसके अंदर type 2 diabetes का खतरा बढ़ जाता है।

glucose tolerance इंसूलीन प्रतिरोध के साथ जुड़ा हुआ है।और टाइप 2 मधुमेह और हृदय रोग  का जोखिम भी पैदा करता है।एक कनाडाई अध्ययन ने छह वर्षों में 276 लोगों की जीवनशैली का अध्ययन किया और पाया कि ग्लूकोज और इंसूलीन का बिगड़ा हुआ स्तर उन लोगों के अंदर अधिक पाया गया जो कम या ज्यादा नींद लेते थे।

11. संज्ञानात्मक प्रदर्शन  प्रभावित होता है

लुमोसिटी ब्रेन-ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म डेटा का प्रयोग करते हुए रिसर्च कर्ताओं ने पाया कि तब संज्ञानात्मक प्रदर्शन चरम पर था जब लोग 7 घंटे तक सोते थे और इससे कम या अधिक सोने पर संज्ञानात्मक परिवर्तन प्रभावित हुआ था। इसके अलावा अधिक या कम सोने पर मैमोरी ‌‌‌सिस्टम के अंदर भी गड़बड़ियां पाई गई।

‌‌‌12. ज्यादा सोने के नुकसान अल्जाइमर रोग

शोधों से संकेत मिलता है कि बहुत कम या बहुत अधिक नींद लेने से अल्जाइमर रोग के जोखिम वाले कारकों में वृद्धि हो जाती है। और एक बड़े स्पैनिश रिसर्च में पाया गया है कि लंबी नींद लेने वालों में डिमेंशिया होने का खतरा बढ़ सकता है।

‌‌‌13. ज्यादा सोने के नुकसान शरीर में सूजन

शरीर में सूजन को साइटोकिन्स के स्तर से नापते हैं। जिसे सीआरपी कहा जाता है।सीआरपी  और नींद के बीच संबंध स्थापित करने के लिए कई रिसर्च भी किये गए हैं।

गोरे पांच से कम और नौ घंटे से अधिक सोते हैं।

लैटिनो नौ घंटे से अधिक सोते हैं।

अफ्रीकी-अमेरिकी पांच और आठ घंटे से कम सोते हैं।

एशियाई नौ घंटे से अधिक सोते हैं।  पांच से छह घंटे सो रहे एशियाई लोगों मे सीआरपी स्तर सबसे कम था, ताइवान  मे हुए एक अन्य रिसर्च के अंदर  यह पाया गया कि  7 घंटे तक सोने वाली महिलाओं की तुलना मे इससे अधिक सोने वाली महिलाओं के अंदर सीआरपी का स्तर 44% अधिक था। एक अन्य रिसर्च ने दिखाया कि अतिरिक्त नींद लेने पर सीआरपी का स्तर 8%  बढ़ गया था।

‌‌‌तो दोस्तों यदि आपको भी अधिक सोने की आदत है तो उसको अभी से त्याग दिजिए । और कोशिश करें । रोजाना 8 घंटे तक सोने की । आप यदि कुछ दिनों तक अभ्यिास करेंगे तो आपको अपने आप अधिक सोने की आदत से छूटकारा मिल जाएगा ।

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