जामुन के फायदे या जामुन की गुठली के फायदे Benefits of Benefits of Jamuns

जामुन का वनस्पतिक नाम सिजिगियम क्यूमिनी है। आम के मौसम के अंदर ही जामुन बाजार के अंदर आने लग जाते हैं। जामुन खास कर ग्रमियों के अंदर आते हैं। और वैसे भी जामुन खाने के कई सारे फायदे इस मौसम मे हमको मिल जाते हैं। एक तो जामुन खाने से लू नहीं लगती है।

‌‌‌इसके अंदर विटामिन बी और आयरन भी होता है। जामुन को नमक मिलाकर खाने से कई रोग जैसे कैंसर और मुंह के छाले दूर हो जाते हैं।जामुन के फायदे या जामुन की गुठली के फायदे

‌‌‌1. जामुन के फायदे मधुमेह के अंदर

‌‌‌जामुन एक ऐसा फल होता है जिसका काफी अधिक फायदा शुगर के रोगी को मिलता है। यह रक्त के अंदर शक्कर की मात्रा को कंट्रोल करता है। डायबिटिज के मरीज को तो जामुन का निरंतर सेवन करना चाहिए । क्योंकि यह उसके लिए काफी फायदे मंद होता है। मधुमेह के रोगी को रोजाना 100 ग्राम जामुन का सेवन करना चाहिए। ‌‌‌जामुन की गुठली ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने मे सक्षम होती है। 100 ग्राम गुंठली को पीस कर पाउडर बनालें और उसका रोजाना सेवन करने से मधुमेह पूरी तरह से खत्म हो जाता है।

‌‌‌2. जामुन के फायदे पेट की समस्याओं मे

‌‌‌यदि आपको पेट से जुड़ी समस्या का सामना हर समय करना पड़ता है तो जामुन आपके लिए फायदे मंद हो सकता है। यदिद आपको अपच की शिकायत रहती है तो सुबह खाना खाने के बाद रोज कुछ जामुन खाने से पेट साफ होता है। और पेट की हर समस्या दूर हो जाती है। पेट मे ऐंठन होने पर जामुन की छाल का काढा बनाकर पीने से यह ठीक ‌‌‌हो जाती है।

‌‌‌3. जामुन के फायदे एनिमिया के अंदर

जामुन हमारे शरीर के अंदर खून की कमी को भी दूर करते हैं। यदि किसी व्यक्ति के अंदर खून की कमी है तो उसे जामुन का सेवन करना चाहिए । जामुन के अंदर कैल्शियम पो‌‌‌टेसियम और आयरन पाए जाते हैं जो शरीर की एंटीबॉयोटिक क्षमता को बढ़ाते हैं । जिससे एनिमिया के अंदर ‌‌‌भी फायदा मिलता है।

‌‌‌4. जामुन के फायदे मसूड़ों के लिए

जामून के पते मसूड़ों के लिए रामबाण है। यदि आपके मसूड़ों से खून आता है तो जामुन की गुंठली को पीस कर थोड़ा नमक मिलाकर मसूड़ों पर लगाने से यह समस्या दूर हो जाती है। यदि मसूड़े सूज गए हैं या अन्य कोई समस्या है तो आप जामुन के पतों को उबालकर उनका कूल्ला करने से ‌‌‌रोग मिट जाते हैं। यदि मुंह के अंदर बांस आ रही है तो आपको जामुन के पत्ते चूसने चाहिए जिससे मुंह से बांस आना बंद हो जाएगी।

‌‌‌5. जामुन के फायदे लीवर के लिए

यदि आपको लीवर के अंदर किसी भी प्रकार की समस्या है तो जामुन का रस इसके लिए फायदे मंद हो जाता है। आपको सुबह शाम जामुन का रस पीना चाहिए । जिससे आपके लीवर की समस्या दूर हो जाएगी ।

‌‌‌6. जामुन के फायदे प्रेगनेंसी के अंदर

गर्भवति महिलाओं के लिए जामुन की छाल काफी फायदे मंद होती है। खास कर अतिसार की समस्या के अंदर । सबसे पहले जामुन की छाल को दो से तीन बार उबाले और उसके बाद इसके अंदर जीरा और धनिया मिलकार इसको दिन मे दो बार सेवन करने से लाभ होता है।

‌‌‌7. जामुन की गुठली के फायदे पत्थरी मे

यदि किसी व्यक्ति को पत्थरी की शिकायत रहती है तो उसे जामुन की गुठली के पाउडर को दही के साथ लेने से पत्थरी की समस्या दूर हो जाती है। यदि जामुन को भी पत्थरी के अंदर खाया जाए तो यह फायदेमंद होता है।

‌‌‌8. गठीया के उपचार मे फायदेमंद

‌‌‌जामुन गठिया के उपचार मे भी फायदे मंद होता है। जामुन की छाल को उबाल कर उसका लेप जोड़ों पर करने से यह काफी फायदा देता है।

‌‌‌9. जामुन की गुठली के फायदे घाव के लिए

कई बार गलती से कोई चोट लग जाती है। ऐसी स्थिति के अंदर घावों को जल्दी बरने के लिए जामुन की गुठली का चूर्ण प्रयोग कर सकते हैं। चूर्ण को घावों के उपर लगाने से घाव आसानी से जल्दी ठीक हो जाते हैं।

‌‌‌10 . त्वचा की रंगत को बढ़ाने मे फायदे मंद

जामुन के बीजो का इस्तेमाल पिंपल्स को हटाने मे किया जाता है। बीजों को पीस कर इनके अंदर थोड़ा सा दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसको सोने से पहले चेहरे पर लगाएं ।इसको काफी दिनों तक चेहरे पर लगाते रहें । ऐसा करने से चेहरे के दाग धब्बे भी आसानी से दूर हो जाएंगे।

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‌‌‌11. आवाज को साफ करने के लिए

जामुन के चूर्ण को रोजाना चाट कर खाने से आवाज का भारीपन दूर हो जाता है और आवाज सूरिली बनती है।

‌‌‌12. बच्चों के लिए जामुन के फायदे

यदि बच्चों को दस्त की समस्या आती है। जामुन की ताजी छाल को बकरी के दूध के अंदर मिलाकर उबालकर दूध पीलाने से लाभ होता है। यदि बच्चे बिस्तर पर पेशाब करते हैं तो जामुन की गुठली का चुर्ण बनाकर पाने के साथ देने से लाभ होता है।

‌‌‌जामुन के नुकसान कैसी स्थिति के अंदर सेवन नहीं करना चाहिए ।

‌‌‌1. अधिक जामुन का सेवन करने से बुखार हो जाता है और गले के अंदर भी समस्या पैदा हो सकती है।

  1. अधिक मात्रा के अंदर जामुन सेवन करने से फेफड़े के अंदर व गले की समस्या पैदा हो सकती है।
  2. सर्जरी के बाद जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए।

4. ‌‌‌जामुन खाने के तुरन्त बाद दूध नहीं पीना चाहिए

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