चूहा खाने से क्या फायदा होता है? why pepole eat rat meat

इस लेख मे हम बात करने वाले हैं चूहा खाने से क्या फायदा होता है? चूहे खाने के फायदे ‌‌‌दोस्तों दुनिया के अंदर बहुत कुछ अजीबोगरीब होता है। आपने बकरी का मांस , मुर्गे का मांस खाया होगा । लेकिन क्या आपने चूहे का मांस भी खाया है। तो मेरे ख्याल से आपने ऐसा नहीं किया होगा । लेकिन दुनिया के अंदर ऐसे अनेक लोग भी हैं। जो चूहों के मांस को बड़े ही  चाव से खाते हैं। ‌‌‌दुनिया का तो कहना ही क्या है। चीन के अंदर लोग चूहे के मांस को बड़े चाव से खाते हैं।पीछले दिनों एक रेस्तरा के अंदर चूहे का मांस परोशे जाने की सूचना मिली थी। चीन के अंदर चूहें से बना डिश काफी लोकप्रिय है।

‌‌‌अमरीका की फूड एण्ड ड्रग एडमिस्ट्रेशन ने कहा कि पिछले दिनों अमेरिका के अंदर चीन से आए कई सारे चूहों का मांस बेचा गया था। यह लगभग एक मिलियन टन के बराबर था। ‌‌‌चूहों के मांस की बात केवल अमेरिका तक ही सीमित नहीं है। वरन भारत के अंदर भी आसम के बक्सा जिले के अंदर हर सप्ताह के अंदर एक बार चूहे के मांस के लिए स्पैसल सैल का आयोजन किया जाता है। यह बाजार हर सप्ताह संडे को लगता है। और यहां पर चूहे का मांस खरीदने सबसे ज्यादा लोग आते हैं।

‌‌‌चूहे खाने के फायदे

‌‌‌मांस बेचने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि चूहे के मांस के लिए नलबाड़ी और बारपेटा प्रमुख स्त्रोत हैं।आपको बतादें कि यहां पर चूहे का मांस 200 रूपये किलो मे बिकता है। चूहे पकड़ने के लिए चूहों के बिलों के पास रात को पिंजरे लगाए जाते हैं। और उसके बाद ‌‌‌जब चूहे पिंजरे के अंदर फंस जाते हैं तो उनको पकड़कर मांस तैयार किया जाता है।

मई 3, 2013 को चीन के विदेश मंत्रालय ने यह घोषणा की थी की 63 लोगों को चूहे के मांस बेचने के आरोप के अंदर पकड़ा जा चुका है। इस तरह से चीन के अंदर अब तक 900 लोगों को दागी मांस बेचने के आरोप मे पकड़ा जा चुका है।

चूहे खाने वाले लोग

उत्तर-पूर्व भारत की पहाड़ियों के एक दूरदराज के गाँव में हर साल 7 मार्च को एक जनजाति Unying-Aran नामक एक त्यौहार मनाती है। यह काफी अजीब त्यौहार होता है।इसके अंदर विशेष रूप से चूहों के भाग  चूहे के पेट, आंतों, यकृत, वृषण, भ्रूण के साथ एक व्यंजन बनाया जाता है। और उसे बड़े ही चाव से खाया जाता है। ‌‌‌चूहे के पैरों आदि को भी उबालकर नमक मिर्च लगाकर खालिया जाता है।इसके अलावा यहां पर आगंतुक का सत्कार भी चूहे के मांस के द्वारा किया जाता है। फ़िनलैंड के ओलु विश्वविद्यालय के द्वारा किये गए साक्षात्कार के अंदर यहां के लोगों ने बताया की चूहें की पूंछ और पैर काफी स्वादिष्ट होते हैं।

‌‌‌बताया गया कि यह सबसे अच्छा और स्वादिष्ट मांस है। जब कोई खुशी माननी हो ।या पार्टी वैगरह करनी हो तो यह मांस जरूर खाया जाता है।कोई विशेष अवसर पर जश्न मनाने के लिए भी चूहे का मांस खाया जाता है। ‌‌‌इसके अलावा यहां पर जब बेटी और जवांई घर पर आते हैं तो उनको चूहों का मांस खिलाया जाता है।Unying-Aran त्योहार की पहली सुबह हर बच्चों को दो चूहे खाने के लिए उपहार के रूप मे प्राप्त होते हैं। जिस तरह से क्रिसमिस को खिलोने दिये जाते हैं।

‌‌‌हालांकि यह किसी को पता नहीं है कि इन लोगों ने चूहों के प्रति अपना स्वाद कैसे विकसित किया । आम मीट जिनको हम लोग खाते हैं। यह इनको अच्छा नहीं लगता है। हिरण, बकरी और भैंस  जैसे जीव शिकार नहीं करने की वजह से ऐसे ही जंगलों के अंदर घूमते हुए मिल जाते हैं।

‌‌‌यहां पर चूहों को तेल के साथ भूना जाता है। और फिर मशाला वैगरह डाला जाता है। उसके बाद उन्हें बड़े ही चाव से खाया जाता है।

ब्रिटिश टीवी प्रस्तोता स्टीफन गेट्स ने भोजन के बहुत ही असामान्य स्रोतों के  बारे मे दुनिया भर के लोगों को अवगत करवाया है।कैमरून में याउंड शहर के बार उन्होंने एक छोटे से खेत को दिखाया जहां पर विशेष प्रजाति के चूहे रहते हैं। वैसे यह चूहे खाने के अंदर काफी स्वादिष्ट हैं। और इसी वजह से यह आम ‌‌‌सब्जी की तुलना मे काफी महंगे होते हैं।

rat

चूहा का मांस का स्वाद की बात करें तो एक मांस खाने वाले ने बताया कि चूहे का मांस सूअर के मांस के जैसा होता है। किंतु यह लचीला और कोमल होता है। इसे टमाटर के साथ पकाया जाता है। जोकि असाधारण रूप से कोमल और स्वादिष्ट होता है। और रसीला भी होता है। गेट्स जोकि एक चूहों के मांस पर रिसर्च करने वाले थे ।वे बतातें हैं की चूहों के बालों को जलाने की गंध जोकि सबसे बेकार होती है। उसके बाद चूहों की चमड़ी से लेकर सबकुछ स्वादिष्ट होता है।

‌‌‌चूहे खाने का इतिहास

लेखकों के अनुसार चूहों का भोजन के रूप मे प्रयोग वर्षों से होता आ रहा है। नेब्रास्का-लिंकन विश्वविद्यालय द्वारा एक विद्वानों की समीक्षा के अनुसार, चीन में तांग वंश (618-907 ईस्वी) के अंदर चूहे खाये जाते थे ।उस समय की यह रीतियां चीन के अंदर आज भी जारी हैं। लगभग 200 साल पहले तक कियूर – या रैटस एक्सुल्न्स न्यूजीलैंड के माओरी सहित कई पॉलिनेशियन द्वारा खाया जाता था।जीलैंड के ओटागो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता ने बताया कि  दक्षिण द्वीप कियोर का चूहे एक प्रमुख भोजन स्त्रोत था। जिसको सर्दियों के अंदर बहुत उपयोग किया जाता था।

न्यूजीलैंड के एनसाइक्लोपीडिया के अनुसार चूहों को आगंतुओं का प्रमुख भोजन माना जाता था। और इसका इस्तेमाल शादी जैसे समारोह  मे भी किया जाता था।फिलीपींस के इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट के ग्रांट सिंगलन के अनुसार  फिलीपींस के कुछ हिस्सों और इंडोनेशिया, थाईलैंड, घाना, चीन और वियतनाम,कंबोडिया, लाओस, म्यांमार ‌‌‌आदि कुछ ऐसी जगह थी । जहां पर चूहों का निरंतर भोजन किया जाता था।

लाओस के अंदर तो किसान अधिक स्वाद के आधार पर चूहों की विभिन्न प्रजातियों का विभाजन भी कर सकते थे ।सिंगलटन नामक एक रिसर्च कर्ता ने बताया कि वियातनम के अंदर उन्होंने 6 बार चूहों का मांस खाया था। जो खरगोश के स्वाद जैसा लगा था।

एक व्यक्ति मोरम्बुमाला तो स्थानिए चूहों को पकड़कर खाने के लिए तैयार करने का काम करता है।अफ्रीका समुदायों के अंदर तो चूहे खाने का इतिहास बहुत पुराना है। नाइजरिया के अंदर तो विशालकाय चूहा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।

‌‌‌अब यह प्रश्न उठता है कि लोग चूहे क्यों खाते हैं तो भाई इसका वैसे कोई उत्तर नहीं है। लेकिन तमाम राय के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि यह स्वादिष्ट होता है। और कुछ हदतक यह परम्परा का हिस्सा बन गया है।

‌‌‌चूहे खाने के फायदे

वैसे देखा जाए तो चूहे खाने के फायदे के बारे मे मैंने काफी कुछ सर्च किया लेकिन मुझे कहीं पर भी ऐसी कोई सूचना नहीं मिली जिसके अंदर यह कहा गया हो कि चूहे खाने के यह फायदे हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध मे कुछ परिकल्पना जरूर हैं। ‌‌‌जिनके बारे मे हम आपको बताने वाले हैं।

‌‌‌चावल के खेत को बचाने के लिए

 वियतनाम के अंदर रहने वाले किसान चावल की खेती करते हैं। और चावल के खेत के लिए चूहे काफी हानिकारक होते हैं। इस वजह से वे चूहों को कई तरीको से पकड़ते हैं। चूहे पकड़ने के लिए किसान कुत्ते और बिल्ली का प्रयोग करते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा जो प्रयोग किया जाता है ‌‌‌वे खेतों के अंदर बिजली के तार बिछा देते हैं। और करंट लगने के बाद चूहे मारे जाते हैं। हालांकि यह तरीका काफी डेंजर होता है। और इसमे कई व्यक्तियों की भी मौत हो जाती है।

‌‌‌यहां के लोग एक चावल के खेत से लगभग 30 किलो चूहे पकड़ लेते हैं।

‌‌‌यहां पर चूहे अलग अलग आकार के होते हैं।”कुछ चूहे एक ईंट के समान बड़े होते हैं; कुछ अन्य केवल एक सेल फोन जितने बड़े होते हैं।”

‌‌‌एक रिपोर्ट के अनुसार एक साल के अंदर यहां पर  84,000 एकड़ चावल के खेतों में 270,000 चूहों को पकड़ा जा चुका है।

‌‌‌चूहे खाने के फायदे प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत

चूहे खाने के पीछे का एक मकसद यह भी है कि कुछ वेबसाइट के अंदर यह बताया गया है कि चूहे प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत होते हैं। और ग्रामीण ईलाकों के अंदर लोग चूहे को बड़े चाव से चूहे का सूप, तली हुई चूहे, करी चूहे, ग्रील्ड चूहा बनाकर खा जाते हैं।

‌‌‌चूहे खाने के फायदे पीठ का दर्द दूर कर सकता है

यह पीठ दर्द दूर करता है या नहीं यह तो वैज्ञानिक ही जाने लेकिन चूहे खाने वाले लोगों ने चूहे के फायदे के बारे मे यह पूछा गया तो यह कारण भी दिया गया कि यह मांस में कुछ औषधीय गुण पाए जाते हैं। किसानों का मानना है कि मांस सब्जियों और जड़ी-बूटियों के साथ सूप में पकाया जाने पर पीठ का दर्द दूर कर सकता है।

‌‌‌स्वादिष्ट मांस होता है

चूहे के मांस को खाने वाले लोग इसके पीछे यह तर्क देते हैं कि चूहे का मांस असली चिकन जैसा होता है। और यह कुछ कुछ खरगोश के मांस के जैसा होता है। जबकि एक अन्य यूजर ने लिखा कि यह सूअर के मांस के जैसा होता है। लेकिन खाने मे काफी अच्छा होता है।

‌‌‌बिजनेस कर्ता के लिए फायदा

चूहे खाने का फायदा गरीब लोगों को भी मिल रहा है। 200 रूपये किलो भारत के अंदर कुछ जगहों पर चूहे बिकते हैं। जबकि विदेशों के अंदर 2 डॉलर के आस पास इसकी कीमत है। वियतनाम के अंदर तो चूहों को बेचने के लिए विशेष रेस्तरा बने हुए हैं।

‌‌‌गरीब लोगों के भोजन के लिए

बिहार के उत्तरी राज्य मुसहरों जैसी जगहों पर आज भी लोग इतने गरीब हैं कि अपना पेट भरने के लिए चूहे तक को खाना पड़ता है।यह बड़ी कड़वी सच्चाई है। एक न्यूज वेबसाइट के अनुसार यहां के लोगों को काम बहुत कम मिल पाता है। यही वजह है कि यह सारे दिन बैठे रहते हैं और अपनी ‌‌‌भूख मिटाने के लिए चूहे का मांस खाते हैं।‌‌‌वैसे तो सरकार बहुत सी योजनाओं को चलाने के दावे करती रही है। लेकिन इस ईलाके तक आज तक कोई योजना पहुंची ही नहीं है। बस सब कुछ बिचौलिय ही हज्म कर जाते हैं।

‌‌‌पेरिस के अंदर तो ब्राउन चूहों को प्रमुखता से खाया जाता है।फ्रेंको-प्रशिया युद्ध के दौरान बड़ी मात्रा के अंदर चूहों का भोजन किया गया था। लारस गैस्ट्रोनोमिक के अनुसार फ्रांस के कुछ हिस्सों के अंदर आज भी चूहों को खाया जाता है।

पश्चिम अफ्रीका में मे चूहे आहार की एक प्रमुख वस्तु होते हैं। यहां पर विशालकाय चूहा (Cricetomys), बेंत चूहा (Thryonomys), सामान्य घर का चूहा भी खा लिया जाता है।‌‌‌विकिपिडिया के अनुसार दिसंबर 1968 से जून 1970 के बीच अकेले Accra  बाजार में 258, पाउंड -चूहे का मांस बेचा गया था। कहने का मतलब है कि हां चूहों का खाया जा सकता है।

‌‌‌‌‌‌चूहे खाने के फायदे बढ़ती जनसंख्या

भारत ही नहीं दुनिया की जनसंख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। जिसका परिणाम यह हो रहा है। कि लोगों को भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। और यदि जनसंख्या इसी गति से बढ़ती गई तो एक समय ऐसा आ जाएगा । जब खाने के लिए भोजन नहीं रहेगा ।

‌‌‌वैसे तो हमने आपको उपर अनेक ऐसे देशों की सूची बताई है। जिनके अंदर चूहों का मांस काफी लोकप्रिय है।कंबोडिया “चूहा” सीज़न “के चरम पर प्रति दिन 2 टन तक जंगली चूहों को वियतनाम में निर्यात करता है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है की चूहों की व्यवसायिक रूप से खेती करने से दुनिया के अंदर भूखमरी की समस्या ‌‌‌का समाधान हो सकता है। एफएओ के अनुमानों के अनुसार, पृथ्वी पर मानव आबादी 2050 तक 9 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए खाद्य उत्पादकता में 50% वृद्धि की आवश्यकता होगी। और इस कमी को पूरा करने के लिए चूहे मददगार हो सकते हैं।

 चूहों को खाना कम से कम गंदे रसायनों से तैयार किये गए भोजन से तो अच्छा है।पूरे मध्य और दक्षिण अमेरिका में मीट के स्रोतों के रूप में चूहों की कम से कम 11 प्रजातियों का उपयोग खाने के लिए होता है। और अफ्रीका की 3 प्रजातियों को खाया जाता है।दक्षिण अफ्रीका के स्टेलनबॉश विश्वविद्यालय के अनुसार चूहे को एक मिनी पशुधन के रूप मे देखा जा सकता है।

क्या चूहे खाना नुकसानदायक है

दोस्तों ऐसा अक्सर माना जाता है कि चूहे के अंदर एनेक प्रकार की बिमारियों के जिवाणू  रहते हैं। और इससे चूहे का भोजन करना काफी डेंजरस हो सकता है।

‌‌‌चूहे आमतौर पर कई रोगवाहक रखते हैं।वेइल रोग,  बुखार, क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस, वायरल रक्तस्रावी बुखार, क्यू बुखार और हैनटवायरस पल्मोनरी सिंड्रोम आदि।क्यू बुखार के जीवाणू 53 प्रतिशत स्थिति के अंदर केवल जंगली चूहों पर पाये जाते हैं। हालांकि यदि चूहे को परोपर तरीके से पकाया जाता है तो संभव है कि ‌‌‌उसके अंदर मौजूद सारे जीवाणू नष्ट हो जाएं ।

‌‌‌अफ्रिका मे पाये जाते हैं बड़े खाने वाले चूहे

अफ्रिका के अंदर केन चूहों (थायरोनोमिस स्विंडरियनस) नामक चूहे पाये जाते हैं। जिनको यहां के लोग बड़े ही चाव से खाते हैं। यह आम चूहों के जैसे नहीं होते हैं। क्योंकि इनका वजन 10 किलो और लंबाई 61 सेमी तक होती है। जोकि खाने के अंदर काफी स्वादिष्ट ‌‌‌होते हैं। ‌‌‌अफ्रिका के कुछ वैज्ञानिकों ने इसकी समिक्षा करते हुए यह कहा की यह केन चूहा वास्तव मे खेती के लिए अच्छा हो सकता है। यदि किसान इसको पालते हैं तो बाद मे इसके मांस को बेचकर अच्छा पैसा कमा सकते हैं।

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