क्यों petrol कीमत भारत में बढ़ रही है petrol का गणित

पेट्रोल की बढ़ती कीमत ,पेट्रोल की कीमत क्यों बढ़ रही है, जानिए पूरा सच लेख के अंदर

भारत के अंदर पेट्रोल की कीमत तेजी से बढ़ रही है। और इसकी वजह से आम आदमी बहुत परेशान हो चुका है। हालांकि इसका असर अधिक इनकम करने वाले लोगों पर तो नहीं पड़ रहा है। लेकिन जिनकी इनमक फिक्स है। पेट्रोल की कीमत बढ़ने से उनका सारा बजट गड़बड़ा जा रहा है। ‌‌‌जिस तरह से महंगाई बढ़ रही है। उसके अनुसार सैलरी बढ़ नहीं रही है। सरकार आम लोगों के साथ ना ईनसाफी कर रही है। इस लेख के अंदर हम बात करेंगे कि पेट्रोल की कीमत क्यों बढ़ रही है ? इसको कैसे कम किया जा सकता है।

  • अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मे कच्चे तेल की कीमत नहीं बढ़ रही
  • ‌‌‌पेट्रोल की असली कीमत क्या है ?
  • ‌‌‌पेट्रोल इतना महंगा क्यों हो रहा है ?
  • सरकार जानबूझ कर महंगा कर रही है पेट्रोल
  • डीजल का भी यही हाल है
  • ‌‌‌भारत के पेडोसी देश अफगानिस्तान ,बंगलादेश ,चीन मे पेट्रोल की कीमत

‌‌‌विश्व मे पेट्रोल की कीमत कौन निर्धारित करता है

  • ‌GST लगने के बाद पेट्रोल की कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार मे कच्चे तेल की कीमत नहीं बढ़ रही

बाजार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अतंरराष्टिय बाजार के अंदर कच्चे तेल की कीमत के अंदर बढ़ोतरी नहीं हो रही है। कच्चे तेल की कीमत काबू मे हैं। उसके बाद पेट्रोल के दाम क्यों बढ़ रहे हैं ? ‌‌‌यदि पीछले तीन सालों की बात करें तो ऐसा नहीं है कि कच्चे तेल की कीमतों के अंदर बढ़ोतरी ना हुई हो । कच्चे तेल की कीमते तो बढ़ी हैं। सन 2016 के अंदर कच्चे तेल की कीमत 48 डॉलर प्रति बैरल थी । उसके बाद 2018 के अंदर यह 72 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची ।

‌‌‌पेट्रोल की असली कीमत क्या है ?

दोस्तों यदि पेट्रोल की असली कीमत आप जान जाएंगे तो आपका सर चक्करा जाएगा । 19 सितंबर 2017 की बात करें तो पेट्रोल की रियल कीमत 27 रूपये थी ।यह वह कीमत है। जिसके अंदर ट्रांसपोर्ट लागत और टैरिर्फ दर शामिल है। मतलब पेट्रोल हमे 30 रूपये का पड़ता है। जिसमे 2 रूपये ‌‌‌पेट्रोल पंप वालों को जाते हैं। एक बार सोचो की यदि आपको इतना सस्ता पेट्रोल मिल जाए तो क्या होगा ? और पेट्रोल इतना महंगा क्यों है ? इस पर भी आइए चर्चा कर लेते हैं।

‌‌‌पेट्रोल इतना महंगा क्यों हो रहा है ?

दोस्तों जिस दर से पेट्रोल की कीमते बढ़ रही हैं। उससे देखकर हर कोई व्यक्ति के मन मे यही सवाल उठ रहा है कि पेट्रोल इतना महंगा क्यों हो रहा है। इसकी क्या वजह है। तो आइए इसकी असली वजह हम आपको बताते हैं। ‌‌‌दरसअल पेट्रोल के महंगे होने की सबसे बड़ी वजह है । टेक्स लगना । सरकार पेट्रोल पर उसकी कीमत से ज्यादा टेक्स लगा रही है। यही वजह की पेट्रोल डीजल की कीमतों के अंदर बहुत ज्यादा उछाल आ रहा है। आमआदमी परेशान हो रहा है।

‌‌‌ट्रेड पैरिटी लैडेड कास्ट = 27.74

मार्केटिंग कास्ट मार्जिन =2.74

एक्साइज डयूटी =21.48

वैट = 14.99

‌‌‌यह सारे टैक्स जब पेट्रोल पर लग जाते हैं तो पेट्रोल आपको मिलता है। 80 रूपये के आसपास अब सरकार ने टैक्स भी बढ़ा दिये होंगे । यह तो सन 2017 की टेक्स रेट है।

‌‌‌सरकार जानबूझ कर महंगा कर रही है पेट्रोल

कांग्रेस का कहना है कि बिजेपी सरकार जानबूझ कर पेट्रोल को महंगा कर रही है। जबकि बीजेपी का कहना है। कि यदि वह पेट्रोल की कीमत के अंदर कमी करती है। तो इससे सारा सिस्टम गड़बड़ा सकता है। इसके लिए सरकार को टैक्स के अंदर कमी करनी पड़ेगी । जो सरकार करना नहीं ‌‌‌चाहती है। सरकार का कहना है कि ऐसा करने से देस की जीडीपी पर असर पड़ेगा । सरकार का कहना सही है। लेकिन सच अलग है। एकतरफ अमीर और अमीर होते जा रहे हैं जबकि गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारियों की सैलरी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन प्राइवेट कर्मचारियों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। ‌‌‌कहने का मतलब जब तक सिस्टम बदल नहीं जाता । कुछ भी सही नहीं होगा ।

‌‌‌डीजल का भी यही हाल है

पेट्रोल जिस गति से बढ़ रहा है। डीजल भी उसी गति से बढ़ रहा है। यदि डीजल की वर्तमान कीमत की बात करें तो वह 74 रूपये के आस पास है। वर्तमान के अंदर सरकार टैक्स तेजी से बढ़ा रही है। सो डीजल की कीमते भी तेजी से बढ़ रही हैं। यदि आपकी गाड़ी 100 का माईलेज देगी । तब जाके काम चलेगा ‌‌‌डीजल की असली कीमत 40 रूपये के आस पास है। लेकिन इस पर टैक्स वैगर लगने के बाद यह महंगा हो जाता है।

‌‌‌भारत के पेडोसी देश अफगानिस्तान ,बंगलादेश ,चीन मे पेट्रोल की कीमत

अब भारत के अंदर बढ़ते पेट्रोल की कीमतों की वजह से इसकी तुलना दूसरे देशों के पेट्रोल की कीमत से भी होने लगी है। इन देशों के अंदर पेट्रोल की कीमत भारत से कम है। ‌‌‌कई लोग यह तर्क देते हैं कि भारत से गरीब देशों के अंदर पेट्रोल की कीमत कम रहती है। जबकि भारत एक अमीर देश होने के बाद भी पेट्रोल की कीमत अधिक क्यों है ? वहीं कुछ अर्थशास्त्री यह मानते हैं कि सरकार पेट्रोल से मिलने वालें फायदे को खोना नहीं चाहती है। यही वजह है कि पेट्रोल की कीमत कम नहीं हो रही।

  • पाकिस्तान- 51.79
  • नेपाल- 67.46
  • श्रीलंका- 64
  • भूटान- 57.24
  • अफ़ग़ानिस्तान- 47
  • बांग्लादेश- 71.55
  • चीन- 81
  • म्यांमार- 44

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‌‌‌विश्व मे पेट्रोल की कीमत कौन निर्धारित करता है

भारत के अंदर लगभग 80 प्रतिशत तेल का आयात किया जाता है। तेल बैरल के हिसाब से मिलता है। एक बैरल के अंदर 160 लिटर तेल आता है। न्यूनतम खरीद 1000 बैरल होती है। एक बैरल तेल जोकि कच्चा तेल होता है। उसके लगभग 4000 रूपये चुकाने होते हैं।यह कच्चा तेल होता है। इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम ‌‌‌जैसी तेल शोधक कम्पनियां तेल का शोधन करती हैं। यह तेल की कीमत के अंदर अपना शुल्क जोड़ देती हैं। तेल मार्केट के अंदर उतर जाने के बाद इसकी कीमत लगभग 40 रूपये से ज्यादा नहीं होती है। अब शूरू होता है। सरकारों का दखल ‌‌‌उसके बाद पैट्रोल या तेल पर कई सारे उपर बताए टैक्स लग जाते हैं । जिससे तेल या पेट्रोल की कीमत बढ़ जाती है। और बढ़ती भी इतनी है कि तेल की वास्तविक कीमत से भी ज्यादा हो जाती है। दोस्तों दरसअल पैट्रोल की कीमत की बात हम करें तो पेट्रोल की कीमत पर वेट हर राज्य के अंदर अलग अलग लगता है। ‌‌‌यही वजह है कि अलग अलग राज्यों के अंदर पेट्रोल की कीमत अलग अलग होती है।

‌‌‌GST लगने के बाद पेट्रोल की कीमत

दोस्तों अब पूरे देश के अंदर GST लग चुका है। लेकिन अभी भी कुछ चीजे ऐसी हैं। जिनको जीएस्टी के दायरे से बाहर रखा गया है। जिसमे पेट्रोल का नाम प्रमुख रूप से आता है। अब वैसे भी पेट्रोल और डीजल की कीमते आसमां को छूने की वजह से भी इनको GST के अंदर लाने की मांग उठने ‌‌‌लगी है। ताकि पेट्रोल की कीमत कम की जा सके ।

पेट्रोल की कीमत अब इस वजह से अधिक है । क्योंकि पेट्रोल पर बहुत अधिक टैक्स लग रहा है। जबकि GST के अंदर यदि पेट्रोल आ जाता है तो उसके बाद सिर्फ 18% टैक्स ही लगेगा । ‌‌‌जिसकी वजह से अधिक से अधिक पेट्रोल की कीमत 50 रूपये हो जाएगी । लेकिन पेट्रोल पर जीएसटी लगने की उम्मीद ना के बराबर है। कोई भी सरकार अपने खजाने के अंदर घाटा नहीं चाहती है।

‌‌‌सरकार के मुताबिक यदि सरकार पेट्रोल की कीमत के अंदर 1 रूपये की कमी करती है तो उसके खजाने के अंदर 13 हजार करोड़ का सालाना घाटा होगा । और इस घाटे की पूर्ति करने के लिए सरकार के पास कोई दूसरा साधन भी नहीं है।‌‌‌यदि पैट्रोल को जीएसटी के दायरे मे लाया जाता है तो सरकार के खजाने के अंदर लगभग 2लाख करोड़ रूपये की कमी आ सकती है।

पेट्रोल की बढ़ती कीमत ,पेट्रोल की कीमत क्यों बढ़ रही है, पर यह हमारा लेख आपको कैसा लगा कमेंट करके बताएं

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