किस का इतिहास और किस की उत्पत्ति कैसे हुई जानिए रोचक तथ्य

दोस्तों आप किस के बारे मे तो जानते ही होंगे । आप आप यह भी जानते होंगे कि किस कितने प्रकार का होता है? आपने किस के कई प्रकारों के बारे मे पढ़ा होगा । किस लगभग हर तरह के लोग करते हैं। इतना ही नहीं जानवर भी इंसानों की तरह  किस करते हैं। ‌‌‌किस करने के जहां अनेक फायदे हैं। वहीं किस करने के नुकसान भी हैं। इस लेख के अंदर हम किस के इतिहास के बारे मे जानेंगे और किस से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों पर भी बात करेंगे । तो दोस्तों आइए जानते हैं किस का इतिहास क्या रहा । किस करना कैसे आरम्भ हुआ था।

kissing

‌‌‌दोस्तों एक किस कई चीजों को व्यक्त करता है। यदि प्रेमी प्रेमिका किस करते हैं तो यह उनके दोनों के बीच प्यार व्यक्त करता है। वहीं माता और बच्चे का किस दोनों के बीच वात्सलय प्रकट करता है। इसके अलावा किस प्रेम , आकर्षण , सम्मान ,दोस्ती और भाई चारे को भी व्यक्त करता है।

‌‌‌किस का सबसे पहले उल्लेख

यह सही सही ज्ञात नहीं हो पाया है कि किस का इतिहास कहां से शूरू हुआ । हालांकि इस बारे मे अनुमान भी लगाया गया है।मानव विज्ञानियों के अनुसार किस की उत्पति दो तरीकों से हुई होगी । पहली यह हो सकती है कि यह एक सहज प्रक्रिया है। और दूसरा ऐसा भी हो सकता है। माताओं ‌‌‌के द्वारा अपने शिशु को खिलाये जाने वाले भोजन के परिणाम स्वरूप किस की उत्पति हुई होगी।किस का उल्लेख वेदों के अंदर भी मिलता है।लगभग 3,500 साल पहले भी लोग किस करते थे ।

सुमेरियन कविता के अंदर भी किस का उल्लेख मिलता है। वहीं किस का उल्लेख  न्यू किंगडम के  प्राचीन मिस्र के प्रेम काव्य में मिलता है, जो डेयर एल-मदीना में खुदाई की गई पिप्परी पर पाया गया है।

साइरोपेडिया (370 ईसा पूर्व) में साइरस द ग्रेट के अंदर होंठों पर किस करने के बारे मे लिखा था।यह उस समय का एक फारसी रिवाज था।हेरोडोटस ने 5 वीं शताब्दी के अंदर लिखा था कि

जब दो पर्सियन मिलते  थे तो वे एक दूसरे का सम्मान और असमान को व्यक्त करने के लिए एक दूसरे का मुख चुमते थे । ‌‌‌उसके बाद किस के बारे मे  हिंदू महाकाव्य महाभारत में वर्णित किया गया था।वहीं पर कुछ विद्वानों का मानना है कि 326 ईसा पूर्व में सिकंदर महान और उनकी सेना द्वारा उत्तरी भारत में पंजाब के कुछ हिस्सों पर विजय प्राप्त करने के बाद खुशी को व्यक्त करने के लिए किस का प्रयोग किया था। ‌‌‌जो बाद मे भारत के अन्य हिस्सों के अंदर फैल गया था।

रोमनों ने किस करने की आदत को यूरोप और उत्तरी अफ्रिका के अंदर फैलाने मे मदद की थी।रोमन लोग किस के बारे मे पहले से ही जानते थे और वे इस बारे मे बात भी करते थे । हाथ या गाल को चूमना ऑस्क्यूलम कहलाता था। मुंह बंद करके होठों पर kiss को बेसियम कहा जाता था, जिसका उपयोग रिश्तेदारों के बीच किया जाता था। जुनून के एक kiss  को एक सुआवियम कहा जाता था।

उन्नीसवीं शताब्दी के अंदर किस का अध्ययन शूरू हुआ था । किस के बारे मे सेरेस लोम्ब्रोसो, अर्नेस्ट क्रॉले, चार्ल्स डार्विन, एडवर्ड बर्नेट टाइलर जैसे वैज्ञानिकों ने अध्ययन किया था।

किस की उत्पत्ति कैसे हुई?

‌‌‌किस की उत्पति कैसे हुई ? इस बारे मे अभी तक कोई सर्व मान्य सिद्वांत नजर नहीं आ रहा है।दुनिया की कई वैदिक संस्क्रति के अंदर किस करने के कोई प्रमाण नहीं मिलते हैं। ब्राज़ील के मेहिनाकू जन जाति तो किस करने को गलत मानती है। ‌‌‌फिर भी किस का आज जो चल बना है। उसके पीछे कोई ना कोई वजह रही होगी । इस संबंध मे आइए विभिन्न संभावनाओं पर विचार करते हैं कि किस की उत्पति कैसे हुई होगी ।

‌‌‌किस की उत्पति जानवरों से हुई है

हम बात नहीं कर रहें हैं सिर्फ एक प्रकार के किस की । वरन हम बात कर रहे हैं , सभी प्रकार के किस की । दोस्तों कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि इंसानों ने जानवरों से किस करना सीखा है। वैसे देखा जाए तो यह बहुत हद तक सही है। दुनिया के बहुत सारे जीव जंतु किस करते हैं।

 ‌‌‌चिड़िया और चीड़े आपस मे संबंध बनाते हैं तो किस करते देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं गाय बछ़ड़े को किस करती देखी जा सकती है। इसी तरह से आपको कई जानवरों के अंदर नर और मादा किस करते देखे जा सकते हैं। बोनोबो के अंदर किसिंग की प्रवति सबसे ज्यादा होती है। जब दो बोनोबो आपस मे मिलते हैं तो किस करते हैं। और इंसान भी इन्हीं का करीबी है। इस वजह से इंसान ने किस करना जानवरों से सीखा होगा । इंसान भी जानवरों से ही पैदा हुआ है तो संभव है वह किस को बहुत पहले से ही जानता हो । ‌‌‌और हमारे पास इसके कोई प्रमाण उपलब्ध ना हों ।

किस की उत्पति किस एक सहज व्यवहार

‌‌‌कुछ वैज्ञानिक किस को एक सहज व्यवहार की भी संज्ञा देते हैं। उनके अनुसार किस तब से है। जब से इंसान और जानवर पैदा हुए होंगे । इंसान के पैदा होने से पहले ही किस प्रयोग किया जाता था। इस वजह से किस एक सहज व्यवहार है। सज व्यवहार का मतलब आम व्यवहार है। ‌‌‌हालांकि हर वैज्ञानिक इस बात से संतुष्ट नहीं हैं।

‌‌‌ किस की उत्पति शरीर से निकलने वाली गंध

वैज्ञानिक अध्ययन के अंदर यह साफ हो चुका है। कि हर प्राणी के शरीर से एक विशेष प्रकार की गंध निकलती है। इस वजह से एक इंसान दूसरे इंसान को या एक जानवर दूसरे जानवर की ओर आकर्षित होता है।जगली सूअर और यहां तक इंसानों के अंदर भी यह पाया जाता है।‌‌‌इस गंध से जीव एक दूसरे के नजदीग आए होंगे और बाद के किसिंग की प्रव्रति पैदा हो गई होगी । हालांकि किस करने के पीछे के रजिन को गंध की मदद से ठीक तरीके से नहीं समझाया जा सकता ।

‌‌‌ किस की उत्पति अट्रेक्सन ‌‌‌से

मूल रूप से बात करें तो यह संभव है कि किस की उत्पति जानवरों और इंसानों के अंदर शारीरिक संबंधों की वजह से हुई होगी । आपको बतादें कि एक जीव को दूसरे जीव के नजदीग लाने के लिए अनेक कैमिकल काम करते हैं। और इन वजहों एक नर और मादा एक दूसरे की नजदीग आए होंगे तो । ‌‌‌एक दूसरे को स्पर्श किया इस वजह से उन्हें और अच्छा महसूस हुआ । जब वे एक दूसरे का मुख को चुमा तो तो उन्हें काफी अच्छा लगा होगा । या कहें कि मादा के शरीर के अंदर काफी उत्तेजना पैदा हुई होगी ।

मतलब किस का विकास संबंधों के विकास के साथ या कुछ समय बाद हुआ होगा । ‌‌‌यदि हम इस थ्योरी को माने तो संभव है कि लवर के किस का विकास जानवरों के अंदर पहले हुआ होगा और बाद मे माता पिता अपने बच्चें को प्रेम से किस करने लगे होंगे । कुल मिलाकर यह एक संभावना है कि इंसानों के अंदर किस प्रकार के किस का विकास पहले हुआ इस संबंध मे कुछ स्पष्ट नहीं है।

‌‌‌ किस की उत्पति मुंह से मुंह मे भोजन ‌‌‌से

कुछ वैज्ञानिक यह भी मानते हैं कि किस की उत्पति मुंह से मुंह के अंदर भोजन कराने से हुई है। दुनियां के अंदर कुछ ऐसी संस्क्रतियां भी हैं। जिनके अंदर माताएं अपने बच्चों के मुंह मे अपने मुंह से खाना देती हैं। इससे संभव है कि किस का विकास हुआ होगा । लेकिन यह मात्र आधा सत्य है।

‌‌‌भारतियों ने सीखाया किस के बारे में

अधिकतर मानव शास्त्री यह कहते हैं कि यूरोपियन लोगों को कामुख किस के बारे मे नहीं पता था। सबसे पहले भारतियों ने इस किस के बारे मे लोगों को बताया था। और बाद मे इसका प्रयोग सब करने लगे थे।

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