इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य इच्छाधारी सर्प क्या है? इच्छाधारी नागिन कैसे बने ?

‌‌‌‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य क्या है ? इच्छाधारी नाग नागिन का सच,इच्छाधारी नागिन कैसे बनते है? इन सभी सवालों का जवाब हम इस लेख के अंदर देने की कोशिश करेंगे । इच्छाधारी नाग नागिन के बारे मे अवश्य ही जानते होंगे । आपने फिल्मों कहानियों और नाटकों के अंदर देखा होगा कि एक इच्छाधारी सांप होता है। जो अपना आकार बदल सकता है। वह चाहे जिस रूप के अंदर आ सकता है।‌‌‌और यह इच्छाधारी नाग नागिन काफी शक्तिशाली भी होते हैं। हालांकि जो फिल्मो नाटकों के अंदर दिखाया जाता है। वह पूरी तरह से सच नहीं होता है।

लेकिन यह फिल्में प्राचीन काल के अंदर उल्लेखित कहानियों के आधार पर बनाई जाती हैं। ‌‌‌प्राचीन काल के अंदर ऐसी अनेक कहानियां मिलती हैं। जिनके अंदर इच्छाधारी नाग और नागिन का उल्लेख मिलता है। लेकिन इच्छाधारी नाग और नागिन को आज तक वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किया जा सका है। पहले तक वैज्ञानिक यह मानते थे कि सांप के केवल एक फन ही होता है। लेकिन अब तक 5 फन वाले सांप भी ‌‌‌मिल चुके हैं। इसके अलावा वैज्ञानिकों को उड़ने वाले सांपों के बारे मे भी पता चल चुका है।

इच्छाधारी नागिन सिरियल

‌‌‌हिंदु धर्म के अंदर नाग की पूजा की जाती है। और उसे देवता माना जाता है। कई जगह पर नागों के मंदिर बने हुए हैं। नागपंचमी पर नागों की पूजा होती है।‌‌‌इस वजह से कहना मुश्किल है कि इच्छाधारी नाग नागिन नहीं होते ।‌‌‌वैज्ञानिक भी अब यह मानने लगे हैं कि सांप दुनियां की सबसे रहस्मय प्रजातियों मे से एक है।

Table of Contents

‌‌‌क्या होते हैं इच्छाधारी नाग नागिन ?

दोस्तों पौराणिक कथाओं के अनुसार इच्छाधारी नाग नागिन एक तरह के सांप ही होते हैं। लेकिन वे सामान्य सांपो से अलग होते हैं। उनके अंदर विशेष ताकते होती हैं। यह भगवान शिव के भगत होते हैं।

‌‌‌आइए जानते हैं। इच्छाधारी नाग और नागिन से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में ।

‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन अपना रूप बदल सकते हैं

ऐसा माना जाता है कि इच्छाधारी नाग और नागिन अपना रूप बदल सकते हैं। वे किसी के भी रूप के अंदर आ सकते हैं। और अपनी इच्छा से वापस नाग के अंदर भी बदल सकते हैं। जैसा कि आप फिल्मों के अंदर देखते हैं। वैसे ही यह अपना रूप बदलते हैं। ‌‌‌एक सत्यघटना पत्रिका के अंदर रमा और चौबे नाम के व्यक्ति का उल्ल्ेाख मिलता है। इस पत्रिका के अनुसार रमा और चौबे पीछले जन्म मे इच्छाधारी नाग और नागिन थे । जब वे एक समय इंसानी बच्चे बनकर खैल रहे थे तो एक तांत्रिक ने उनकी इस ताकत को समाप्त कर दिया था । ‌‌‌जिसके बाद वे वापस नाग नागिन के रूप मे नहीं बदल सके । हालांकि इसमे सच्चाई का तो पता नहीं । लेकिन यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि इच्छाधारी नाग नागिन अपना रूप बदल सकते थे ।

‌‌‌इच्छाधारी सांपों के पास मणि होती है

ऐसा माना जाता है कि इच्छाधारी सांप के पास एक मणि होती है। जिसको नाग मणि कहा जाता है। यह केवल इच्छाधारी सांप के पास ही होती है। नागमणि के उपर कई सारी फिल्मे भी बन चुकी है। यदि किसी को यह मणि हाशिल हो जाती है तो वह कुछ भी पा सकता है।

‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन हजारों सालों तक जीवित रहते हैं

ऐसा माना  जाता है। कि इच्छाधारी नाग और नागिन 1000 सालों तक भी इस धरती पर जीवित रहते हैं। उनकी मौत स्वभाविक नहीं होती है। यदि कोई उनको मार देता है तो अलग बात है। लेकिन इनकी उम्र बहुत ज्यादा होती है।

‌‌‌इच्छाधारी नाग और नागिन मे गहरा प्रेम होता है।

अक्सर आपने फिल्मों के अंदर देखा होगा कि नाग और नागिन होते हैं। उनके अंदर गहरा प्रेम होता है। यदि किसी कारण वश नाग की मौत हो जाती है तो नागिन भी तड़प तड़प कर अपनी जान देदेती है। इस संबंध मे हम आपको एक रियल घटना से अवगत कराते हैं। ग्वालियर के अंदर एक प्रेम मंदिर नाम से एक मंदिर है। जिसका निर्माण सन 2015 के अंदर हुआ था।

ग्वालियर नगर के ट्रांसपोर्ट मे गेट नम्बर एक के पास एक नाग की ट्रक के नीचे आ जाने के बाद मौत हो गई। और नागिन बच गई। लेकिन नागिन बच जाने के बाद पूरे दिन वहीं चिपकी रही । वहां से अलग नहीं हुई। उसके बाद ‌‌‌सपेरे को बुलाया गया । सपेरे ने नागिन को सड़क से अलग किया । लेकिन दूसरे दिन नागिन ने भी वहीं पर दम तोड़दिया जहां पर नाग मरा था । उसके बाद वहां पर लोगों ने नाग और नागिन का मंदिर बना दिया था ।

‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य बदला लेती है ‌‌‌ नागिन

आपने फिल्मों के अंदर देखा होगा की नाग की मौत या उसे यदि कोई मार देता है। तो नागिन उसकी मौत का बदला लेने आ जाती है। बहुत से लोग इस बात को सच नहीं मानते होंगे । लेकिन इस संबंध मे मेरे पास कई रियल घटनाएं मौजूद हैं जो इस बात की पुष्टी करती हैं।‌‌‌इस संबंध मे मैं आपको दो घटनाएं बताने की जरूरत समझता हूं ।

‌‌‌जिनमेसे एक तो मेरे दोस्त के साथ घट चुकी है।

एक बार मेरे दोस्त ने बताया कि वह हाड़िया के अंदर मतलब सिमा के पास अपने मौसा के पास गया हुआ था। एक दिन जब वह खेत के अंदर काम कर रहा था । तो उसने दो नाग और नागिन को देखा ।‌‌‌उसने नाग को पीट पीट कर मार डाला लेकिन नागिन भाग गई और कहीं पर छुप गई। उसने ऐसा सुना था कि नाग की मौत के बाद नागिन बदला लेने के लिए आती है।वह जब रात को घर के अंदर सोया जो पास के गांव मे था तो वहां पर नागिन आ धमकी उसकी नींद अचानक से खुली तो देखा नागिन पास खड़ी है। और उसे डसने वाली है।‌‌‌तो उसने रात जैसे तैसे काटी और सुबह अपने गांव आ गई।

श्योपुर की गाँधीनगर बस्ती मध्यप्रदेस की ही एक घटना आपको बतादें।एक 25 साल के युवक की नागिन के काटने से मौत हो गई। इस घटना के अनुसार रामसिंह बैरवां नामक एक व्यक्ति जब दोपहर के अंदर कहीं जा रहा था । तो उसने दो सांपों को देखा जो प्रेम क्रिडा कर रहे थे । तो उसने उसमे से नाग को मार डाला ।‌‌‌उसके बाद जब वह रात को सो रहा था ।तो नागिन ने आकर उसे काट लिया और उसकी मौत हो गई। ऐसी यह कोई एक घटना नहीं है। वरन इतनी सारी घटनाएं हैं जिनकी एक बड़ी लिस्ट तैयार हो सकती है।

‌‌‌इच्छाधारी नाग और नागिन मे लव

आपको बतादें कि बिल्कुल फिल्मों की तरह ही इच्छाधारी नाग और नागिन के अंदर गहरा प्रेम होता है। इस बात की पुष्टी वे घटनाएं करती हैं। जोकि रियल के अंदर घट चुकी हैं। हालांकि यह घटनाएं साधारण नाग की हैं । लेकिन इस इस बात को पुष्टी करने के लिए काफी हैं।

‌‌‌सोहरनपुर के अंदर पीछले दिनों एक घटना घटी थी । एक न्यूज साइट के अनुसार एक नाग और नागिन के जोड़े ने लगभग 4 घंटे तक प्रेम क्रिड़ा की थी। यदि सपेरे को बुलाकर दोनो को अलग नहीं किया जाता तो शायद उनकी प्रेम क्रिड़ा काफी समय और भी चल सकती है।‌‌‌कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इच्छाधारी नाग और नागिन के अंदर काफी गहरा प्रेम होता है।

‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन में होती थी अलग अलग शक्तियां

लेख लिखने से पहले इस संबंध मे हमने गई जगहों पर रिसर्च किया । जिसमे से कई बातें निकलकर सामने आई हैं। आपको यह बतादें कि अधिकतर प्राचीन नाग इच्छाधारी होते थे । और उनके अंदर अलग अलग शक्तियां पाई जाती थी । जैसे शेषनाग भी एक इच्छाधारी नाग है।‌‌‌इसी प्रकार से वासुकी भी एक इच्छाधारी नाग थे । लेकिन यह सामान्य इच्छाधारी नागों से ज्यादा शक्तिशाली थे । पुराणों के अंदर यह भी वर्णन मिलता है कि नाग लोक के अंदर नाग अपना रूप बदलकर रहते थे । जिससे यह साबित हो जाता है कि लगभग सभी सांप प्राचीन के अंदर इच्छाधारी रहे होंगे ।

इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य इच्छाधारी नागिन कैसे बनते है

दोस्तों इच्छाधारी नागिन कैसे बनते हैं? इस बारे मे कोई पुख्ता सबूत नहीं है। इस प्रश्न के हमारे पास सिर्फ तीन उतर हैं। जिनको हम बताना उचित समझते हैं। बाकि सब इतिहास है।

‌‌‌पुराणों के अनुसार जब कोई कोबरा सांप अपने 100 साल पूरे कर लेता है तो वह एक इच्छाधारी नाग बन जाता है। जबकि कहीं पर सांप के 1000 साल पूरे होने के बाद यह कहा गया है कि वह इच्छाधारी नाग बन जाता है। हालांकि यह सिर्फ कहावत है। इस संबंध मे मेरे पास कोई भी प्रमाण या स्टोरी मौजूद नहीं है।‌‌‌हां ऐसा हो सकता है। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। लेकिन फिर भी इच्छाधार नाग नागिन बनने का यह तरिका सटीक फिट नहीं होता है।

‌‌‌प्राचीन काल के अंदर नागवंश एक प्रमुख वंश था। जिसके बारे मे कहा जाता है कि नाग वंश के अंदर पैदा होने वाले महिला और पुरूष इच्छाधारी होते थे। वे अपनी इच्छा से इंसान और सर्प बन सकते थे ।लेकिन यह प्राचीन समय के अंदर प्रचलित रहा होगा । वर्तमान के अंदर यह तरीका मौजूद नहीं है।‌‌‌अगर है भी तो हम इसका प्रमाण या कोई स्टोरी आपको नहीं बता सकते क्योंकि जानकारी नहीं है।

‌‌‌इच्छाधारी नाग बनने का तरीकों के अंदर यह सबसे ज्यादा प्रमाणिक तरीका है। आपको बतादें कि हिंदू धर्म के अंदर जो इंसान मरने के बाद पितर या पितराणी बन जाता है। वह इच्छाधारी होता है। वह अपनी इच्छा से सांप के अंदर बदल सकता है। और अपनी इच्छा से गायब भी हो सकता है। जो महिला पितराणी होती है वह ‌‌‌इच्छाधारी नागिन होती है।

इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य प्राचीन काल में

इच्छाधारी नाग और नागिन का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों के अंदर मिलता है। और वहीं से यह इच्छाधारी नाग नागिन को मूवी और फिल्मों के अंदर उतारा गया है। फिल्मों और नाटकों के अंदर आने के बाद यह सब काफी फेमस हो चुका है।‌‌‌तो आइए एक नजर डालते हैं इच्छाधारी नाग और नागिन के प्राचीन इतिहास के उपर ।

‌‌‌अग्नि पुराण के अनुसार, पृथ्वी के नीचे अंडरवर्ल्ड है। इसमें भी सात क्षेत्रों और उनके नाम अटल, महत्वपूर्ण, सतल, तालाताल, महाताल, रासाताल और पाटाल होते हैं।इस पुराण के अनुसार अंडरवर्ल्ड के अंदर दानव नाग और शेषनाग भी रहते हैं।

वायु पुराण के अनुसारसांप और राक्षस अंडरवर्ल्ड में रहते हैं। अटल लोक राक्षस नमुची द्वारा शासित है, राक्षस महाजंभ द्वारा सतल लोक, राक्षस प्रहलाद द्वारा महत्वपूर्ण लोक दानवस्तल लोक राक्षस काल्नेमी द्वारा। ‌‌‌वायु पुराण के अनुसार महान सांप वासुकी श्रीताल में रहता है।वह दक्षिणी बेटी कद्रू और ऋषि कश्यप का पुत्र था। आमतौर पर, वासुकी और शेश नाग को समानार्थी माना जाता है । शेष नाग पाताल के अंदर रहता है।

‌‌‌आप नागकन्या के बारे मे जानते ही होंगे । नाग कन्याएं वे कन्याएं होती थी जो नाग कुल के अंदर जन्म लेती थी और अपना रूप बदल सकती थी ।उलूपी के बारे मे आपने सुना ही होगा ।उलूपी एक नाग कन्या थी जिसके पिता का नाम राजा कौरव था । वह नागसमुदाय के महाभीम थे ।‌‌‌आपको पता होगा की द्रौपदी के 5 पति थे और उनके अंदर यह नियम निर्धारित था कि एक साल तक यदि द्रौपदी के पास कोई एक भाई है तो दूसरा उसके कमरे मे होते हुए अंदर नहीं जा सकता ।

कहानी के अनुसार यदि कोई प्रवेश करता है तो उसे एक साल तक वनवास भोगना पड़ेगा ।युधिष्ठिर जब द्रौपदी के साथ कमरे के अंदर थे तो एक व्यक्ति अर्जुन के पास आया और बोला उनकी रक्षा करो कोई उनकी गाय चुरा रहा है। अर्जुन उनकी रक्षा करना चाहते थे । लेकिन जब देखा की उनके तीर कमान द्रौपदी के कमरे मे हैं तो उनके मन मे विचार आया कि कुछ भी हो वे धर्म की रक्षा करेंगे । और द्रौपदी के कमरे ‌‌‌से कमान ले आए । उसके बाद अर्जुन को 1 साल का वनवास भोगना पड़ा ।

हरिद्वार मे जब अर्जून गंगा स्नान कर रहे थे  तो सभी नागों को यह पता चला की अर्जून गंगा स्नान कर रहे हैं। और उन्हें अब मार देना चाहिए । नागवंश इस वजह से अर्जून से दुश्मनी रखता था । क्योंकि अर्जून ने अपनी नगरी को बचाने के लिए अनेक नागों का संहार किया था । राजा कौरव की एक बैटी उलूपी थी । जो एक नागकन्या या इच्छाधारी नागिन थी । उसके पति को गुरूड़ ने खालिया था । तब से वह विधवा ही थी । वह जब सुंदर युवती बनकर अर्जुन के पास गयी तो उनको देखकर मोहित होगई। और वह अर्जुन को बेहोश करके नागलोक ले आई।

‌‌‌उसके बाद अर्जुन के होश मे आने का इंतजार करने लगी । ‌‌‌जब अर्जुन होश मे आए तो वह बोली तुम नागलोक के अंदर हो ।मैं तुम से बदला लेने के लिए आई थी । लेकिन अब मैं तुम से विवाह करना चाहती हूं । अर्जुन ने कहा की उसकी पहले ही तीन पत्नी हैं। लेकिन उलूपी बोली उसे चौथी पत्नी बनने से कोई एतराज नहीं है। ‌‌‌उसके बाद दोनों का विवाह हो गया । उसके बाद अर्जुन एक साल तक उलूपी के साथ रहा । उसके बाद जब जाने लगा तो उलूपी ने बताया कि वह उसके बच्चे की मां बनने वाली है।इरावन उनके पुत्र का नाम था । जिसको किन्नर लोग पूजते हैं।

‌‌‌राजतरंगिणी के अनुसार नागकन्या चंद्रलेखा का विवाह एक ब्रहामण युवक के साथ हुआ था । हालांकि इसके बारे मे मुझे कुछ ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है।

‌‌‌देवनारायण का भी नाग कन्य सें विवाह का इतिहास के अंदर उल्लेख मिलता है। एक स्टोरी के अनुसार दो राक्षस शेषनाग के पास जाकर छुप जाते हैं। और भगवान उन राक्षसों को तलासते तलासते शेषनाग के पास आकर पूछते हैं कि क्याआपने दो राक्षसों को देखा है? तब शेषनाग कहते हैं। आप मेरी नागकन्या से विवाह करो उसके ‌‌‌बाद ही मैं आपको उनका पता बताउंगा ।उसके बाद देवनारायण नागकन्या के साथ विवाह करते हैं।

 

‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य घटोत्कच और अहिलवती नागकन्या

आपको बतादें की घटोत्कच भीम और हिडिंबा के पुत्र थे । जिसमे हिडिंबा राक्षस कुल की थी । बाद मे घटोत्कव और अहिलवती का विवाह हुआ । अहिलवती के बारे मे यह कहा जाता है। कि वह एक नागकन्या या इच्छाधारी नागिन थी । ‌‌‌उनके एक पुत्र उत्पन हुआ जिसका हम आजकल खाटुश्यामजी के नाम से पूजते हैं। इनका सही नाम बर्बरीक था।

‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य चीन के अंदर

चीन के अंदर भी इच्छाधारी नाग नागिन की स्टोरी मिलती है। दसॉर्सरर एंड द व्हाइट स्नेक नाम की इस पर एक प्रसिद्व फिल्म भी बन चुकी है। इस स्टोरी के अनुसार जू जियान नामक एक लड़के को  लू डोंगबिन  अमरत्व की गोलिया देने के बारे मे कहते हैं। लेकिन  ‌‌‌वह इन पर विश्वास नहीं करता । फिर जू जियान को एक पुल पर ले जाया जाता है।

और वहां पर जब वह गोलियां खाता है तो उल्टी कर देता है। और गोली नदी के अंदर चली जाती है।और उसे एक सफेद इच्छाधारी नाग खा लेता है। और वह अमर हो जाता है।टेरापिन ‌‌‌नामक एक आत्मा भी झील के अंदर रहती है। जो सफेद सांप से ईर्ष्या करती है। ‌‌‌एक बार एक सपेरा या सांप पकड़ने वाला एक हरे सांप को पकड़कर लेकर पुल से जाता है। सफेद सांप यह देखता है। और वह सुंदर कन्या का रूपधारण करके उस सांप को खरीद लेती है।

‌‌‌ ‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य नागवंश मे इच्छाधारी नागिन

यदि आप नाग जाति के इतिहास पर नजर डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि इच्छाधारी नाग व नागिन का रहस्य वास्तव मे एक सच है। जिसके बारे मे हम नहीं जानते हैं। तो आइए संक्षिप्त के अंदर हम नागजाति के इतिहास के बारे मे भी चर्चा कर लेते हैं।‌‌‌हिंदू धर्म के अंदर नागों की पूजा होती है। भगवान विष्णु के उपर शेषनाग अपना फन फैलये रहता है। इसके अलावा बौद्व और जैन धर्म के अंदर भी शैषनाग है।पुराणों के अनुसार धरती पर पहले ऐसे मनुष्य पाये जाते थे । जिनका आधा शरीर सांप का और आधा इंसान का था । पुराणों के अनुसार यह इंसान का रूप भी धारण कर सकते ‌‌‌थे।

शेषनाग इच्छाधारी
शेषनाग इच्छाधारी

‌‌‌भारत के अंदर महाभारत काल मे नाग जाति असम मणिपुर और कैलाश पर्वत के आस पास रहती थी ।प्राचीनकाल के अंदर मिले सिक्कों मे भी इस बात की पुष्टी होती है। कि आज से 3000 ई पूर्व नागलोक मौजूद था।नागलोक की शूरूआत महर्षि कश्यप से शूरू होती है। महर्षि कश्यप की 13 पत्नियां थी । उनमे से विनता औ कद्रु के साथ वे अधिक प्रेम करते थे ।कद्रु से 1000 नाग पुत्र उत्पन हुए और विनता से गुरूड नामक एक पुत्र उत्पन्न हुआ ।‌‌‌शेष नाग के बाद  वासुकी हुए फिर तक्षक और पिंगला पैदा हुए थे ।वासुकी नाग के पास कैलाश पर्वत के पास ही राज्य था । इसके अलावा तकक्ष पे तक्षशीला बसाया था ।कर्कोटक, ऐरावत, धृतराष्ट्र, अनत, अहि, मनिभद्र, अलापत्र, कम्बल,आदि नागों का उल्लेख भी मिलता है।‌‌‌

यदि हम नाग प्रजाति की बात करें तो आज भी कई नाम प्राचीन नाग प्रजाति के बसाए नामों पर मौजूद हैं।महाराष्ट्र मे नागपुर नागवंशियों ने बसाया था ।नगरधन नामक एक शहर जो नागपुर के पास है। वह भी इन्हीं की देन है।‌‌‌ऐसा माना जाता है कि भारत के अंदर जो नाग जाति है। वह इन्हीं नागों की संतान रही होगी । और इस नाग जाति के अंदर भी ऐसी ताकते रही होगी । जो इनको इच्छाधारी बनाती होंगी ।‌‌‌शेष नाग के बारे मे आप जानते ही होगें ।

शेषनाग के बारे मे यह उल्लेख मिलता है कि यह केवल नाग ही नहीं है। वरन यह इंसान का रूप भी ले सकता था । इस वजह से यह कहा जा सकता है कि शेषनाग भी एक इच्छाधारी सांप था । शेषनाग को अंनत भी कहा जाता है।

‌‌‌वासुकी नाग के बारे मे भी आपने सुना होगा । वासुकी नाग भी एक इच्छाधारी सांप थे ।वासुकी नाग ने अपनी पुत्री जिसको हम एक इच्छाधारी नागिन कह सकते हैं का विवाह जरत्कारु के पुत्र आस्तीक के साथ किया था । ताकि वह नागों की रक्षा कर सके।‌‌‌अबतक के नाग इतिहास के बारे मे पढ़कर हम यह कह सकते हैं की प्राचीन काल के अंदर अनेक ऐसे इच्छाधारी सांप रहे होंगे जोकि विभिन्न जगहों पर अपना राज्य करते होंगे ।

‌‌‌ ‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य नागदेवता के मंदिर

भारत के अंदर नागों को पूजा जाता है। इस वजह से नागों के मंदिर आज भी देखने को मिल जाते हैं।इन मंदिरों के अंदर नागों के चित्र भी मिल जाएंगे । अधिकतर मंदिरों के अंदर नागों को आधे इंसान और आधे नाग के रूप मे चित्रित किया गया है।श्रीनागराज मंदिर केरल के अलप्पुझा जिले के हरीपद गांव मे मन्नारसला नामक एक प्रसिद्व मंदिर है। इस मंदिर के आस पास 3000 से अधिक सांपों के चित्र बने हुए हैं। इस मंदिर के अंदर नागराज और उनकी पत्नी की पूजा होती है।

मजीठा नाग देवता का मंदिर भी काफी प्रसिद्व मंदिर है। यहां पर नागदेवता की पूजा करने हजारों लोग आते हैं। और यहां की रेत को अपने घर के अंदर ले जाते हैं ताकि कोई सांप नुकसान ना पहुंचाए।

‌‌‌उतराखंड के अंदर चमोली जिले में नंदा देवी मार्ग पर एक मंदिर है । जिस मंदिर को सबसे ज्यादा रहस्यमयी मंदिर के तौर पर जाना जाता है। यदि आप इसमंदिर की स्टोरी पढ़ेंगे तो आपको पता चलेगा कि लाटू नामक एक देवता इस मंदिर के अंदर सांप बनकर रहता है।

‌‌‌‌‌‌उतराखंड के अंदर चमोली जिले में नंदा देवी मार्ग पर एक मंदिर है । जिसको काफी रहस्यमय मंदिर के तौर पर जाना जाता है। यह मंदिर केवल बैसाख पूर्णिमा के दिन खुलता है ।इसमंदिर के रहस्य से एक कथा जुड़ी हुई है।‌‌‌कथा के अनुसार लाटू देवता की पूजा इस मंदिर के अंदर की जाती है। ‌‌‌प्राचीन कथाओं के अनुसार जब शिव और पार्वती का विवाह हुआ था तो लाटू पर्वती को सुसुराल पहुंचाने जा रहे थे । बीच मे उनको प्यास लगी तो उन्हें यहां पर दो घड़े पड़े हुए देखे । जिसमेसे एक के अंदर पानी और दूसरे के अंदर शराब थी । लाटू ने शराब पी ली । और उत्पात मचाने लगे ।

‌‌‌जब पार्वती ने देखा तो लाटू को इस मंदिर मे रहने का शाप दे डाला । उसके बाद से लाटू देता सर्प बनकर इस मंदिर मे रहते हैं।

नाग देवता के मंदिर
नाग देवता के मंदिर

इस तरह के नाग देवता के मंदिर भारत के विभिन्न हिस्सों के अंदर फैले हुए हैं। यदि आप इन मंदिरों के अंदर जाकर देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि अधिकतर मंदिरों मे नागदेवता को अर्द इंसान के रूप मे दिखाया गया है।‌‌‌यहां पर नागदेवता के इंन मंदिरों का उल्लेख करने का मतलब यह है कि यह नागदेवता भी इच्छाधारी थे । भले ही वे ज्यादा शक्तिशाली थे । लेकिन इच्छाधारी जरूर थे ।

‌‌‌पितरों को सर्प बनने की शक्ति प्राप्त है

जब बात इच्छाधारी सांपों की आती है। तो इस चीज को बतादेना भी हम उचित समझते हैं। हिंदु धर्म के अंदर जो लोग मौत के बाद पितर बन जाते हैं। उनको भी सर्प बनने की ताकते प्राप्त हो जाती हैं। इस बात को सिद्व करने वाली घटनाएं मौजूद हैं। खुद हमारे साथ और कई ‌‌‌लोगों के साथ इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पितरों के अंदर भी कुछ हद तक इच्छाधारी का गुण पाया जाता है।

 

क्या इच्छाधारी नाग नागिन होते है ?

‌‌‌अब तक आपने इच्छाधारी नाग और नागिन के इतिहास और उनके सच को जाना । लेकिन आपके मन मे यह प्रश्न अभी भी बना हुआ होगा कि क्या इच्छाधारी नागिन होती है ? क्या यह संभव है?अब अंत मे हम इसी प्रश्न पर बात करने वाले हैं ताकि आपको इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य पूरी तरह से समझ मे आ सके ।‌‌‌यह तो आप जानते हैं कि सिक्के के दो पहलू होते हैं। यदि कोई मुझसे यह पूछे कि क्या इच्छाधारी नाग होते हैं ? तो इसके दो उत्तर होगे होते हैं और नहीं होते । इसकी वजह यह है कि इच्छाधारी सर्प को वैज्ञानिक रूप से प्रुफ नहीं किया जा सकता ।

‌‌‌जब आप भगवान को सच मानते हों

यदि आप भगवान को सच मानते हैं और इस बात पर यकीन करते हैं कि दुनिया के अंदर भगवान मौजूद है। तो आपको इस बात पर भी यकीन करना ही पड़ेगा कि दुनिया के अंदर इच्छाधारी नाग मौजूद हैं।‌‌‌यदि आप मानते हैं कि अर्जून सच मे थे तो आपको यह भी मान लेना पड़ेगा कि उसने उलूपी से विवाह किया था । और जब आप यह मान लेते हैं तो इच्छाधारी नाग नागिन के होने को स्वीकार करलेंगे । भारत के अंदर आज कई जगहों पर नागदेवता के मंदिर बने हुए हैं।‌‌‌इननागदेवता की पूजा जो लोग करते हैं। उनको यह पता है कि उनके देवता एक इच्छाधारी सर्प थे । वे वास्तव मे तो सर्प थे । लेकिन एक इंसान का रूप धारण कर सकते थे ।

‌‌‌कई मंदिरों के साथ तो इस प्रकार की कथाएं भी जुड़ी हुई हैं।

‌‌‌जब आप भगवान जैसी चीजों को नहीं मानते हों

कुछ लोग इस बात पर यकीन करते हैं कि विज्ञान अनन्त है। उससे सब कुछ सिद्व किया जा सकता है। ऐसे लोगों को मैं कहना चाहुंगा हर चीज की सीमा होती है। हो सकता है विज्ञान इन चीजों को सिद्व करें । लेकिन यदि आप भगवान को नहीं मानते हैं।‌‌‌तो यह मान लेना पड़ेगा की भारत के अंदर जितने भी भगवानों को मंदिर हैं । वे सब झूठे हैं और वे विश्सवास मात्र हैं। लेकिन इतना मान लेने के बाद यह समझ मे नहीं आएगा कि यदि भगवान विश्वास मात्र है तो झूठ टिका किस पर है। कौन इतना बेवकूफ है जो बिना अपने फायदे के भगवान के आगे भोग लगाएगा । और इतना ‌‌‌ बेवकूफ था जिसने पूरी दुनिया के अंदर भगवान की लम्बी कहानिया बनाई?

‌‌‌ इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य पर ‌‌‌अंतिम शब्द

मैं आपको किन्हीं चीजों को मानने या ना मानने पर नहीं कहता हूं । लेकिन यदि आप एक बार अपने मन को स्वतंत्र करके सोचेंगे तो आपको पता चलेगा कि वास्तव मे कुछ तो प्राचीन काल के अंदर था । जिनके बारे मे इतना कुछ लिखा गया और आज भी ऐसा कुछ है ।‌‌‌जिसको हम स्वीकार ना करें । लेकिन भारत के अंदर हर जगह पर बनी कहानी कोई कल्पना नहीं हो सकती । इसका हकिकत से जरूर कोई ना कोई रिश्ता है।

 

‌‌‌‌‌‌इच्छाधारी नाग नागिन का रहस्य क्या है ? इच्छाधारी नाग नागिन का सच,इच्छाधारी नागिन कैसे बनते है? इस पर जानकारी आपको कैसी लगी

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *