अलेया भूत लाईट का रहस्य

यह लाईट भूतों की लाईट मानी जाती है। पश्चिम बंगाल के दलदली ईलाकों के अंदर कई बार रहस्यमय रोशनी देखे जाने के दावे किये जाते रहे हैं। लोगों का मानना है कि दलदली ईलाकों के अंदर होने वाली यह रोशनी भूतों की है। यह उन मछुआरों के भूत हैं जोकि मछली पकड़ते समय मर गए थे । ‌‌‌लेकिन सच्चाई क्या है। इस बारे मे कोई नहीं जानता है। यह रोशनी रात के अंदर दिखाई देती है। और खास कर दुर्गम स्थानों पर दिखती है। इसे देखकर तो यही लगता है की इन ईलाकों के अंदर यह किसी प्रेत का काम हो सकता है।

‌‌‌क्योंकि भयानक दलदली ईलाकों के अंदर जाना किसी इंसान के बस की बात नहीं होती है। जी हां यह लाईट ऐसे स्थानों पर दिखती है। जहां पर भयानक दलदल है।  यदि वहां पर इंसान चला भी जाता है तो मर जाता है।

अलेया भूत लाईट

  1. ये भूत रोशनी वास्तव में बंगाल तक सीमित नहीं हैं वे यूके, फिनलैंड, एस्टोनिया, लाटविया और अन्य जैसे कई अन्य स्थानों में देखा गया है इसी तरह की रोशनी उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में देखा गया है
  2. ‌‌‌बंगाल के लोगों का कहना है की यह रोशनी उन मछुआरों की प्रेत की है जोकि दलदल के अंदर अपना रास्ता खो चुके हैं। और अब उनकी आत्मा मौत के बाद भटक रही है।
  3. लाटविया, एस्टोनिया, लिथुआनिया, फिनलैंड जैसे देशों में ये रोशनी छिपे खज़ाने के लोककथाओं से जुड़ी हुई हैं। यह व्यापक रूप से इन देशों में माना जाता है कि इन रोशनी वास्तव में छिपे खजाने के स्थान चिन्हित करते हैं।
  4. अमेरिका में, ये रोशनी आमतौर पर रेल पटरियों और सड़क के किनारे श्रमिकों के भूत से जुड़ी होती हैं, जो एक दुर्घटना के कारण ड्यूटी पर मारे गए थे।
  5. स्वीडन की एक अलग कहानी है स्वीडिश लोककथाओं के अनुसार, रोशनी बिना बपतिस्मा वाले लोगों की आत्मा है जो यात्रियों को बपतिस्मा लेने की उम्मीद कर रहे हैं।

 

 

‌‌‌रोशनी देखने के बाद क्या होता है

वहां के लोगों का मानना है कि इस भूतों की रोशनी को देखने के बाद या तो इंसान रास्ता भटक जाता है। या फिर उसकी मौत हो जाती है।  कई लोगों के साथ इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

 

‌‌‌क्या मानते हैं वैज्ञानिक

वहीं वैज्ञानिकों का मानान है कि यह सब भूतों की वजह से नहीं वरन इसके पीछे भी वैज्ञानिक कारण है। वैज्ञानिकों के अनुसार दलदली ईलाकों के अंदर मैथेन गैस बनती है। जोकि किसी अन्य पदार्थ के संपर्क के अंदर आकर जलती है तो रोशनी पैदा होती है।1776 में, एलेज़ेंड्रो वोल्टा ने मीथेन की खोज की। वोल्टा के मुताबिक, एक प्राकृतिक विद्युत घटना जैसे कि बिजली की रोशनी बनाने के लिए मार्श गैस के साथ संपर्क होता है (जिसे अग्नि फातियुस के रूप में जाना जाता है

 

कई आधुनिक स्पष्टीकरण ने आलिया भूत लाइट्स के बारे में विस्तार किया है इग्निशन बिंदु के ठीक ऊपर गरम होते हैं।यह लेकिन बहुत सी हाइड्रोकार्बन जैसे मोम, एसिड, तेल, मीथेन, एल्डिहाइड और अल्कोहल में पाए जाने वाले कोल्ड ज्वाला है।

 

 

 

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